चंडीगढ़, 16 सितंबर (The News Air) अमन अरोड़ा की अध्यक्षता में पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) राज्य के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बड़े स्तर पर राहत कार्य चला रही है, जबकि अन्य राजनीतिक पार्टियाँ निचले स्तर की राजनीति और अपनी शोहरत के लिए फोटो खिंचवाने में व्यस्त हैं।
यह कहते हुए कि “पंजाब के लोगों को ड्रामेबाज़ी की नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई की ज़रूरत है”, श्री अमन अरोड़ा ने सवाल किया कि अब जबकि पंजाब के लोगों को ज़मीनी स्तर पर कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं की ज़रूरत है तो ये लोग कहाँ गायब हैं? उन्होंने कहा कि दरअसल ये नेता इस समय अपनी शोहरत के लिए फोटो खिंचवाने और अपनी लग्ज़री गाड़ियों में बैठकर केवल सर्वेक्षण का दिखावा करने में व्यस्त हैं। इसके विपरीत ‘आप’ के 29,560 वालंटियर बाढ़ के पानी में उतरकर सरकारी मशीनरी और सामाजिक-धार्मिक संगठनों के सहयोग से लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यही अंतर है ‘आम आदमी’ की पार्टी और ‘खास आदमियों’ की पार्टियों में।
श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि ज़मीनी स्तर पर काम कर रहे ‘आप’ के वालंटियर पार्टी की अटूट प्रतिबद्धता और व्यापक पहुँच का प्रमाण हैं। ‘आप’ वालंटियरों की इस आर्मी में पार्टी के मुख्य विंग के 24,000 वालंटियर, महिला विंग के 2,000 वालंटियर, किसान विंग के 1,200 समर्पित किसान, युवा विंग के 1,560 नौजवान नेता और कारोबारी विंग के 800 वालंटियर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ग्राउंड ज़ीरो पर काम कर रहा ‘आप’ का यह नेटवर्क बड़े स्तर पर राहत कार्यों को सुनिश्चित कर रहा है।
श्री अरोड़ा ने ज़ोर देकर कहा कि यह सिर्फ़ एक संख्या नहीं बल्कि इस भयंकर संकट का सामना करने के लिए पंजाब की चढ़दी कला (आशावादी भावना) की झलक है। उन्होंने कहा कि सेवा में लगे ‘आप’ वालंटियर मोर्चे की पहली कतार के सिपाही हैं, जो ज़मीनी स्तर पर ज़रूरी वस्तुओं का वितरण, बचाव और राहत कार्य सुनिश्चित करते हुए सरकारी अमले के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ज़मीनी स्तर पर बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुँचाने के लिए पूरी मेहनत कर रहे ‘आप’ के वालंटियरों के सामने विपक्ष की नाकामी और मौकापरस्ती साफ झलक रही है। उन्होंने कहा कि आपदा के समय लोगों को दूर खड़े होकर खोखले भाषण देने वाले नेताओं की नहीं बल्कि ऐसे वालंटियरों की ज़रूरत होती है जो उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हों और ‘आप’ की आर्मी इसी सोच के साथ काम कर रही है।








