Chandigarh Extra Coach: दीपावली और छठ पर उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे से राहत की खबर आई है। रेलवे बोर्ड ने त्योहारों की भीड़ और लंबी वेटिंग को देखते हुए लंबी दूरी की ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाने का फैसला किया है।
इसके तहत अभी 18 कोच वाली ट्रेनों में 2 से 4 कोच और जोड़े जाएंगे। चंडीगढ़, अंबाला और कालका से चलने वाली कई गाड़ियां इस फैसले के दायरे में हैं।
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‘वेटिंग 400 तक पहुंची, जनरल डिब्बों में भी पैर रखने की जगह नहीं’
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, उत्तर भारत से यूपी-बिहार जाने वाली कई ट्रेनें लगभग फुल हो चुकी हैं। कुछ ट्रेनों में वेटिंग 300 से 400 तक पहुंच गई है।
सामान्य श्रेणी के डिब्बों का हाल भी अलग नहीं है, वहां भी भारी भीड़ है। जो परिवार महीनों से घर जाने का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए यह वेटिंग लिस्ट किसी बड़ी चिंता से कम नहीं थी। अतिरिक्त कोच इसी दबाव को कम करने की कोशिश हैं।
‘अंबाला मंडल की किन ट्रेनों में बढ़ेंगे कोच’
अंबाला मंडल के अनुसार चंडीगढ़, अंबाला और कालका से चलने वाली कई ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाने की योजना है। नीचे इन ट्रेनों की सूची एक नज़र में है।
| क्रम | ट्रेन का नाम |
|---|---|
| 1 | चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस |
| 2 | चंडीगढ़-पाटलिपुत्र एक्सप्रेस |
| 3 | अंबाला-बरौनी एक्सप्रेस |
| 4 | अमृतसर-जयनगर शहीद एक्सप्रेस |
| 5 | कालका-हावड़ा मेल |
| 6 | चंडीगढ़-गोरखपुर एक्सप्रेस |
‘एक कोच यानी 80 कन्फर्म बर्थ: गणित समझिए’
रेलवे के मुताबिक, एक अतिरिक्त स्लीपर कोच लगने से करीब 80 यात्रियों को कन्फर्म बर्थ मिल सकती है। तीन कोच जुड़ें तो यह आंकड़ा करीब 240 तक पहुंच जाता है। इससे वेटिंग लिस्ट कम करने में मदद मिलेगी।
| कोच की स्थिति | अनुमानित कन्फर्म बर्थ |
|---|---|
| 1 अतिरिक्त स्लीपर कोच | करीब 80 |
| 3 अतिरिक्त कोच | करीब 240 |
रेलवे ने LHB कोच वाली ट्रेनों में 22 और ICF कोच वाली ट्रेनों में 24 कोच तक करने का लक्ष्य रखा है। हालांकि अंतिम संख्या ट्रेन की संरचना और उपलब्ध क्षमता देखकर तय होगी।
‘त्योहार में तीन गुना भीड़: मुख्यालय को भेजी गई सूची’
अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों में यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों से करीब तीन गुना तक बढ़ जाती है। इसी वजह से अतिरिक्त कोचों की सूची तैयार करके मुख्यालय भेज दी गई है। अब मंजूरी का इंतजार है।
‘क्या कहता है गणित: राहत कितनी बड़ी, कितनी अधूरी’
देखा जाए तो आंकड़े दोनों तरफ इशारा करते हैं। तीन अतिरिक्त कोच से करीब 240 सीटें मिलेंगी, जबकि कुछ ट्रेनों की वेटिंग 300 से 400 है। यानी वेटिंग काफी घटेगी, पर हर यात्री को सीट मिल जाए, यह पक्का नहीं है।
दिलचस्प बात यह है कि राहत सबसे ज्यादा उन्हीं को मिलेगी जो जल्दी टिकट देखेंगे। आम यात्री के लिए सलाह यही है कि बढ़े हुए कोच की जानकारी पर नजर रखें। कई बार वेटिंग टिकट वाले का नाम इन्हीं कोचों से कन्फर्म हो जाता है।
‘क्या है पृष्ठभूमि’
हर साल दीपावली और छठ पर पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में काम करने वाले बड़ी संख्या में लोग यूपी-बिहार अपने घर जाते हैं। भीड़ और वेटिंग से निपटने के लिए रेलवे ने इस बार पहले ही अतिरिक्त कोचों की योजना बनाकर मुख्यालय को भेज दी है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- रेलवे बोर्ड ने 18 कोच वाली ट्रेनों में 2 से 4 अतिरिक्त कोच जोड़ने का फैसला किया है।
- चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ समेत 6 ट्रेनों में कोच बढ़ाने की योजना है।
- एक अतिरिक्त स्लीपर कोच से करीब 80 और तीन कोच से करीब 240 यात्रियों को सीट मिल सकती है।
- LHB ट्रेनों में 22 और ICF ट्रेनों में 24 कोच तक का लक्ष्य है, सूची मुख्यालय भेजी जा चुकी है।













