Punjab AAP MLA BJP में शामिल होने की खबर ने पंजाब की सियासत में हलचल तेज कर दी है। पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका देते हुए उसके तीन बागी विधायकों ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ले ली है। इनमें अमृतसर नॉर्थ से विधायक और पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह, समाना से पूर्व मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा और सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा शामिल हैं। तीनों नेताओं ने दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
देखा जाए तो यह सियासी घटनाक्रम आम आदमी पार्टी द्वारा 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करने के तुरंत बाद हुआ है। पिछले दो दिनों के भीतर तीनों विधायकों ने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। दिल्ली में बीजेपी के पंजाब प्रभारी सतीश पूनिया और प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने तीनों नेताओं को पार्टी का पटका पहनाकर उनका स्वागत किया।
🔍 यह भी पढ़ें- Punjab SC Scholarship Scheme: 2.70 लाख विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
‘माई-बाप कल्चर खत्म करने की कही बात’
हैरान करने वाली बात यह है कि अमृतसर नॉर्थ से विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने न सिर्फ पार्टी छोड़ी, बल्कि पंजाब विधानसभा की सदस्यता से भी अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने पंजाब विधानसभा अध्यक्ष को भेजे अपने पत्र में लिखा कि राजनीति में उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि उन्होंने ‘माई-बाप कल्चर’ को खत्म किया और जनता को ही अपना प्रेरणा स्रोत माना।
अगर गौर करें तो कुंवर विजय प्रताप के 2022 में विधायक बनने के बाद से ही अपनी ही सरकार से मतभेद शुरू हो गए थे। वे बरगाड़ी बेअदबी और बहबल कलां गोलीकांड मामलों में न्याय की मांग को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और अपनी सरकार की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठाते रहे थे। जून 2025 में पार्टी ने उन्हें 5 साल के लिए सस्पेंड भी कर दिया था।
तीन बागी विधायकों का पूरा ब्योरा
इन्हीं तीनों नेताओं के इस्तीफे के बाद पंजाब में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी नेता डॉ. सुभाष शर्मा ने सोशल मीडिया पर चुटकी लेते हुए लिखा कि चुनाव आचार संहिता लगने से पहले ही ‘झाड़ू’ बिखरना शुरू हो गया है।
| विधायक का नाम | विधानसभा सीट | पूर्व पद/पृष्ठभूमि | बीजेपी में शामिल होने का कारण/पृष्ठभूमि |
|---|---|---|---|
| कुंवर विजय प्रताप सिंह | अमृतसर नॉर्थ | पूर्व आईपीएस, पूर्व चेयरमैन | बेअदबी मामलों पर सरकार से मतभेद, सस्पेंडेड |
| चेतन सिंह जौड़ामाजरा | समाना | पूर्व कैबिनेट मंत्री | हलका इंचार्ज बदले जाने से नाराजगी |
| हरमीत सिंह पठानमाजरा | सनौर | विधायक | आपराधिक मामलों का विवाद, सस्पेंडेड |
‘आप कराएगी सदस्यता रद्द’
दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी ने भी पलटवार करते हुए सख्त रुख अपनाया है। पार्टी के पंजाब अध्यक्ष अमन अरोड़ा और राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल तक पहुंचे इस्तीफों के बीच पार्टी ने साफ किया है कि वह समाना और सनौर के विधायकों की विधानसभा सदस्यता रद्द कराने के लिए स्पीकर से मांग करेगी।
समझने वाली बात यह है कि आप प्रवक्ता के अनुसार, पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते इन दोनों विधायकों को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका था। ऐसे में दूसरी पार्टी में शामिल होने पर दल-बदल कानून के तहत उनकी सदस्यता रद्द करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
नाराजगी और इस्तीफे की वजह
दिलचस्प बात यह है कि समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा आम आदमी पार्टी सरकार में मंत्री रह चुके थे, लेकिन हाल ही में पार्टी ने पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को उनकी सीट पर हलका इंचार्ज बना दिया था, जिससे वे नाराज चल रहे थे।
वहीं सनौर विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा पर भी हाल के महीनों में कानूनी विवाद चले थे। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि विधायकों के बागी होने से मालवा और माझा दोनों क्षेत्रों में आम आदमी पार्टी के चुनावी समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।
विशेषज्ञ विश्लेषण
पत्रकारिता के दृष्टिकोण से देखें तो पंजाब चुनाव से ठीक पहले तीन मौजूदा विधायकों का बीजेपी में जाना आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा सकता है। विशेष रूप से कुंवर विजय प्रताप सिंह का इस्तीफा, जो बेअदबी के संवेदनशील मुद्दे पर लगातार अपनी ही सरकार को घेरते रहे हैं, पार्टी की अंदरूनी खींचतान को उजागर करता है। हालांकि, बीजेपी के लिए इन नेताओं का आना पंजाब में अपनी पैठ मजबूत करने का जरिया बन सकता है, लेकिन बीजेपी के पास पहले से मौजूद कैडर के साथ इन बागी नेताओं का तालमेल बैठाना एक बड़ी चुनौती होगी।
जानें पूरा मामला
पंजाब में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज होते ही राजनीतिक उठापटक का दौर शुरू हो चुका है। आम आदमी पार्टी द्वारा 40 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी किए जाने के बाद पार्टी के अंदर असंतोष उभरकर सामने आया। दो दिनों के भीतर पूर्व मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा, सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और अमृतसर से पूर्व आईपीएस विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने आम आदमी पार्टी को अलविदा कह दिया।
इसके बाद तीनों बागी नेताओं ने नई दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में सतीश पूनिया और केवल सिंह ढिल्लों की मौजूदगी में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की। कुंवर विजय प्रताप ने विधानसभा से भी इस्तीफा दे दिया है, जबकि आप पार्टी ने बाकी दोनों विधायकों की सदस्यता अयोग्य घोषित करवाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष के पास जाने की घोषणा की है।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब में AAP के 3 बागी विधायक कुंवर विजय प्रताप, चेतन सिंह जौड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा BJP में शामिल।
- दिल्ली बीजेपी दफ्तर में सतीश पूनिया और केवल सिंह ढिल्लों ने तीनों नेताओं का स्वागत किया।
- कुंवर विजय प्रताप ने विधानसभा की सदस्यता और आप की प्राथमिक सदस्यता दोनों से इस्तीफा दिया।
- आम आदमी पार्टी ने बागी विधायकों की विधानसभा सदस्यता रद्द करवाने के लिए स्पीकर के पास जाने का ऐलान किया।













