CBI Raid Punjab OSD का एक बड़ा ऐक्शन मंगलवार को देखने को मिला। CBI ने मोहाली के फेज 11 में एक घर पर छापा मारा है। यह घर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD (Officer on Special Duty) रजबीर सिंह घुमान के भाई गुरकिरपाल सिंह थिंद का है। छापे का सीधा कनेक्शन तबादलों और पोस्टिंग में खेल खेलने के आरोपों से है।
अभी CBI ने आधिकारिक तौर पर यह साफ नहीं किया है कि वह क्या ढूंढ रही थी या घर से कुछ बरामद हुआ है या नहीं। लेकिन और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी। यह छापा हाई कोर्ट के एक बड़े फैसले के बाद हुआ है, जिसने पूरे राजनीतिक तंत्र को हिला कर रख दिया है।
🔍 यह भी पढ़ें- ED Raid Mohali: TDI Infratech के दफ्तर पर तीसरे दिन भी छापा, ₹6 करोड़ का खेल बेनकाब
‘5 अक्टूबर का हाई कोर्ट आदेश: CBI को दिया गया फैसला’
देखा जाए तो, यह पूरा एक्शन पिछले हफ्ते 5 अक्टूबर के पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश के बाद हुआ है। अदालत ने CBI को सीधा आदेश दिया कि वह FIR दर्ज करे और इन आरोपों की जांच करे।
साथ ही, कोर्ट ने CBI से 2 महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा है। इसके अलावा पंजाब सरकार और पुलिस को भी कहा गया कि वह पूरा सहयोग दें ताकि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी रहे। दिलचस्प बात यह है कि जांच की निष्पक्षता को लेकर कोर्ट को शक था, इसीलिए मामला CBI के हवाले किया गया।
‘रात 1:42 बजे सुप्रीम कोर्ट की दौड़: क्यों घबराई सरकार?’
हाई कोर्ट के आदेश के बाद पंजाब सरकार चुप नहीं बैठी। उसने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी। और इसका तरीका भी काफी चौंकाने वाला था। पंजाब सरकार ने हाई कोर्ट के आदेश के कुछ ही घंटों बाद, यानी मंगलवार रात 1:42 बजे SLP (Special Leave Petition) दायर कर दी।
सुप्रीम कोर्ट में यह मामला चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्य कांत की बेंच के सामने लाया गया। पंजाब सरकार की तरफ से सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने तर्क दिया कि ये आरोप विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सामने आए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हाई कोर्ट का यह आदेश संघीय ढांचे में दखल देता है। हालांकि, CJI ने कहा है कि इस मामले की सुनवाई बुधवार या गुरुवार को होगी।
‘तबादलों में खेल और मिडिलमैन का कनेक्शन’
अब असली सवाल यह है कि आखिर ये आरोप क्या हैं? समझने वाली बात यह है कि मामले में एक मिडिलमैन का जिक्र है, जिसका नाम नितिन गोहल है। एनफोर्समेंट डायरेक्ट्रेट (ED) ने अपनी जानकारी में बताया था कि नितिन गोहल उन लोगों के बीच मिडिलमैन का काम कर रहा था जो सरकार से फायदा चाहते थे और OSD घुमान के बीच।
इन फायदों में क्या शामिल था?
- मनमाने तबादले और पोस्टिंग।
- गोपनीय सरकारी दस्तावेजों तक पहुंच।
- आयुध लाइसेंस दिलवाने में मदद।
अगर गौर करें तो, यह सिर्फ एक छोटा घोटाला नहीं है, बल्कि सत्ता के गलियारों से जुड़ी एक बड़ी रैकेट का अंदाजा दे रहा है।
‘पुलिस की दिल्ली देरी और PIL का रास्ता’
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि ED ने यह जानकारी पंजाब पुलिस को 3 अगस्त को ही दे दी थी। लेकिन पुलिस क्या कर रही थी? वह सिर्फ एक प्रारंभिक जांच (Preliminary Inquiry) कर रही थी। पुलिस ने देरी के लिए ED के दस्तावेजों की साफ कॉपी न मिलने का बहाना बनाया।
सबसे बड़ी बात, OSD घुमान को भी इस प्रारंभिक जांच में बुलाया ही नहीं गया। यह देखकर हाई कोर्ट का धैर्य टूट गया। चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की बेंच ने कहा कि ED की जानकारी साफ इशारा कर रही है कि एक ऊंचे सरकारी पद की शामिलता वाले गंभीर अपराध हुए हैं। अदालत ने साफ कहा कि अब सिर्फ प्रारंभिक जांच नहीं चलेगी, बल्कि FIR दर्ज होनी चाहिए और सही जांच होनी चाहिए।
इसी देरी के चलते, एडवोकेट निखिल सराफ ने हाई कोर्ट में PIL दायर की, जिसके बाद ये पूरा मामला सामने आया। घुमान और उनके साथियों ने इन आरोपों को खारिज कर चुके हैं और इन्हें बेबुनियाद बताया है। लेकिन CBI का यह छापा इशारा कर रहा है कि मामला इतना आसान नहीं है।
| क्रम | घटना का सिलसिला |
|---|---|
| 1 | 3 अगस्त: ED ने पंजाब पुलिस को जानकारी साझा की |
| 2 | पुलिस ने प्रारंभिक जांच शुरू की, OSD को नहीं बुलाया |
| 3 | एडवोकेट निखिल सराफ ने हाई कोर्ट में PIL दायर की |
| 4 | 5 अक्टूबर: हाई कोर्ट ने CBI जांच और FIR का आदेश दिया |
| 5 | रात 1:42 बजे: पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में SLP दायर की |
| 6 | मंगलवार: CBI की मोहाली छापे की कार्रवाई |
जानें पूरा मामला
CBI ने मोहाली के फेज 11 में पंजाब CM भगवंत मान के OSD रजबीर सिंह घुमान के भाई के घर पर छापा मारा है। यह छापा तबादलों और पोस्टिंग में खेल खेलने के आरोपों पर हुआ है। हाई कोर्ट ने 5 अक्टूबर को CBI जांच का आदेश दिया था, जिसे लेकर पंजाब सरकार ने रात 1:42 बजे सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। ED की रिपोर्ट में मिडिलमैन नितिन गोहल के जरिए आयुध लाइसेंस और गोपनीय दस्तावेज तक पहुंच का खुलासा हुआ है।
मुख्य बातें (Key Points)
- CBI ने OSD रजबीर सिंह घुमान के भाई के मोहाली घर पर छापा मारा।
- आरोप: तबादलों, पोस्टिंग में खेल, गोपनीय दस्तावेजों तक पहुंच और आयुध लाइसेंस दिलवाना।
- हाई कोर्ट ने 5 अक्टूबर को 2 महीने के अंदर CBI रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया।
- पंजाब सरकार ने रात 1:42 बजे सुप्रीम कोर्ट में SLP दायर कर हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी।











