Enforcement Directorate (ED) ने 5 करोड़ रुपये के हाई-प्रोफाइल रिश्वतखोरी मामले में Punjab के मुख्यमंत्री के साढ़ू अमरिंदर सिंह ग्रेवाल को पूछताछ के लिए दिल्ली तलब किया है। आज इसी मामले की जांच के तहत CBI की टीमों ने मुख्यमंत्री के ओएसडी (OSD) राजबीर सिंह घुम्मन के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है।
देखा जाए तो इस कार्रवाई के बाद से ही राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अमरिंदर सिंह ग्रेवाल को 9 अक्टूबर को दिल्ली स्थित ईडी कार्यालय में पेश होने का निर्देश दिया गया है। इससे पहले जांच एजेंसी ने उन्हें 7 अक्टूबर के लिए समन भेजा था: लेकिन ग्रेवाल ने निजी कारणों का हवाला देते हुए थोड़ा अतिरिक्त समय दिए जाने की मांग की थी: जिसे स्वीकार करते हुए नई तारीख तय की गई।
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‘पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े तार और 5 करोड़ की रिश्वत का दावा’
समझने वाली बात यह है कि अमरिंदर सिंह ग्रेवाल पंजाबी सिनेमा जगत की एक जानी-मानी शख्सियत हैं। वह ‘मैसर्स ईस्ट सनशाइन प्रोडक्शंस प्राइवेट लिमिटेड’ (M/s East Sunshine Productions Private Limited) नाम की कंपनी से जुड़े हुए हैं। उनके पास विदेशों में फिल्म निर्माण और फिल्मों को रिलीज करने का एक बड़ा कारोबारी नेटवर्क मौजूद है।
लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि जिस 5 करोड़ रुपये के रिश्वतखोरी विवाद में उनका नाम सामने आया है: उसकी जड़ें Amritsar में दर्ज रेप के एक आपराधिक मामले से जुड़ी हुई हैं। आरोप है कि इस गंभीर कानूनी मामले को रफा-दफा करने और आरोपियों को राहत दिलाने के एवज में 5 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रिश्वत मांगी गई थी।
मामले से जुड़े मुख्य किरदार और कार्रवाई का विवरण
| पक्ष / अधिकारी | पद / पहचान | मामले में भूमिका / कार्रवाई |
| अमरिंदर सिंह ग्रेवाल | फिल्म निर्माता (CM के साढ़ू) | 5 करोड़ रिश्वत मांगने का आरोप: ED ने 9 अक्टूबर को दिल्ली बुलाया |
| राजबीर सिंह घुम्मन | मुख्यमंत्री के ओएसडी (OSD) | आवास व व्यावसायिक ठिकानों पर CBI की छापेमारी |
| डॉ. गुरप्रीत कौर मान | मुख्यमंत्री की पत्नी | आरोपों का खंडन: पूर्व जज को भेजा लीगल नोटिस |
| जस्टिस रणजीत सिंह | पंजाब-हरियाणा HC के पूर्व जज | रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगाए |
| NHRC | राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग | पंजाब के मुख्य सचिव व DGP से मांगी रिपोर्ट |
‘पूर्व जज के आरोप: कानूनी नोटिस और मानवाधिकार आयोग का एक्शन’
अगर गौर करें तो इस पूरे मामले में मोड़ तब आया जब पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस रणजीत सिंह ने मुख्यमंत्री की पत्नी पर रिश्वत मांगने का सीधा आरोप लगा दिया। इन सनसनीखेज आरोपों के तुरंत बाद डॉ. गुरप्रीत कौर मान ने सामने आकर सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया और अपनी छवि धूमिल करने के प्रयास में पूर्व जज को बाकायदा एक कानूनी नोटिस भी थमा दिया।
और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी। जब विवाद काफी बढ़ गया: तो National Human Rights Commission (NHRC) ने मामले से जुड़ी शिकायत पर कड़ा संज्ञान लिया। मानवाधिकार आयोग ने तुरंत कदम उठाते हुए पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को नोटिस जारी कर दिया और इस पूरे प्रकरण पर की गई अब तक की कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट तलब कर ली।
‘जांच एजेंसियों के रडार पर क्यों आया यह मामला?’
अगर गहराई से देखें तो यह कोई साधारण रिश्वत का मामला नहीं है। इसमें राज्य के सबसे बड़े संवैधानिक पद से जुड़े लोगों और रिश्तेदारों के नाम शामिल होने के कारण जांच एजेंसियां फूंक-फूंक कर कदम रख रही हैं। ईडी के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री की पत्नी से जुड़े इस विवाद की कड़ियों को जोड़ने के लिए अमरिंदर सिंह ग्रेवाल से पूछताछ बेहद जरूरी हो गई है।
दूसरी ओर: सीबीआई द्वारा मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन के ठिकानों पर एक साथ की जा रही छापेमारी से यह स्पष्ट होता है कि केंद्रीय एजेंसियां अब डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों को हासिल करने में जुटी हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि 9 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाली पूछताछ में क्या नए तथ्य निकलकर सामने आते हैं।
‘जानें क्या है पूरा मामला’
इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि अमृतसर के एक रेप केस से शुरू होती है। आरोप लगे थे कि केस को समाप्त करने के लिए 5 करोड़ रुपये की लेन-देन की बात हुई: जिसमें अमरिंदर सिंह ग्रेवाल की कथित भूमिका की बात कही गई। इसके बाद पूर्व जज द्वारा लगाए गए आरोपों और मानवाधिकार आयोग में पहुंची शिकायत ने इसे एक बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक मुद्दा बना दिया। अब ईडी और सीबीआई दोनों एजेंसियां अलग-अलग कोणों से इस मामले की जांच में जुटी हैं।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
ED का समन: ईडी ने 5 करोड़ रुपये के रिश्वत मामले में पंजाब CM के रिश्तेदार अमरिंदर सिंह ग्रेवाल को 9 अक्टूबर को दिल्ली पूछताछ के लिए बुलाया।
CBI की रेड: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने पंजाब CM के OSD राजबीर सिंह घुम्मन के ठिकानों पर छापेमारी शुरू की।
अमृतसर केस से जुड़ाव: यह विवाद अमृतसर में दर्ज एक रेप केस को निपटाने के लिए मांगी गई 5 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत से जुड़ा है।
मानवाधिकार आयोग का रुख: NHRC ने मामले का संज्ञान लेते हुए पंजाब के मुख्य सचिव और DGP से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।












