Amit Shah Jalandhar Rally को लेकर बुधवार की सुबह जालंधर में जो माहौल बना, वह राजनीति और दहशत : दोनों का अजीब मिश्रण था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज पंजाब के करीब पचास ऐसे दुखी परिवारों से मिलने वाले हैं, जिनके घरों के चिराग नशे की भेंट चढ़ गए। और ठीक इसी दिन, रैली शुरू होने से चंद घंटे पहले, शहर को बम से उड़ाने की धमकी वाला एक ईमेल आ गया।
देखा जाए तो एक ही दिन में पंजाब ने दो तस्वीरें देखीं। एक तरफ वो मांएं-बाप, जिन्होंने अपने कमाऊ बेटे खो दिए। दूसरी तरफ सुरक्षा एजेंसियों की भागदौड़, बम निरोधक दस्ते और चप्पे-चप्पे पर तैनात पुलिस।
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‘पचास परिवार, पचास अधूरी कहानियां’
पंजाब भाजपा ने जालंधर में करीब पचास ऐसे परिवारों को बुलाया है, जिनके एक से ज्यादा कमाऊ सदस्य नशे की वजह से दुनिया छोड़ गए। सिर्फ एक नहीं : एक से ज्यादा। यही बात इस पूरे आयोजन को भावुक बना देती है।
गृह मंत्री रैली को संबोधित करने से पहले इन परिवारों के साथ आमने-सामने बैठेंगे। उनकी बात सुनेंगे। यह जानने की कोशिश करेंगे कि आखिर उन घरों में हुआ क्या था। इन परिवारों के लिए रैली स्थल पर अलग से टेंट का प्रबंध किया गया है, ताकि बातचीत भीड़-भाड़ से दूर हो सके।
समझने वाली बात यह है कि भाजपा की सीनियर लीडरशिप चाहती है कि केंद्र सरकार ऐसे परिवारों की आर्थिक मदद का ऐलान करे, जिनके पूरे के पूरे घर ही उजड़ गए हैं। यानी मुद्दा सिर्फ भाषण तक सीमित नहीं रहने वाला।
‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा का समापन और चुनावी संदेश’
आज पंजाब भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब’ यात्रा का समापन है। इसी मौके पर जालंधर में यह बड़ी रैली हो रही है। अगर गौर करें तो टाइमिंग अपने आप में बहुत कुछ कह जाती है : आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों से ठीक पहले नशे जैसे संवेदनशील मुद्दे पर इतना बड़ा शक्ति प्रदर्शन।
रैली में अमित शाह पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर नशे के मुद्दे पर ताबड़तोड़ हमले बोल सकते हैं। नशे के संदर्भ में किसी नए कार्यक्रम का ऐलान भी संभव है।
दिलचस्प बात यह है कि पंजाब के बहुसंख्यक भाजपा नेता चाहते हैं कि किसानी के लिए भी कोई बड़ा ऐलान हो। यहां ध्यान देने वाली बात यह भी है कि आज की रैली में पंजाब की अमन-कानून व्यवस्था की गूंज पड़ सकती है।
‘सुबह 7:07 बजे आया वो ईमेल, जिसने हिला दिया जालंधर’
और बस यहीं से शुरू हुई असली हलचल। जालंधर के कई निजी स्कूलों को सुबह 7:07 बजे एक सनसनीखेज ईमेल मिला। उसमें शहर की अलग-अलग जगहों पर आईईडी (IED) बम धमाके करने की धमकी दी गई थी : वह भी समय तय करके।
इस ईमेल की जिम्मेदारी ‘खालिस्तान आर्मी’ ने ली है। ईमेल में दावा किया गया कि अमित शाह की रैली की स्टेज और रैली स्थल की ओर लोगों को ले जा रही बसों में बम फिट किए गए हैं।
| तय किया गया समय | निशाने पर बताई गई जगह |
|---|---|
| सुबह 11:11 बजे | जालंधर के स्कूल |
| दोपहर 12:11 बजे | श्री देवी तालाब मंदिर |
| दोपहर 2:11 बजे | अदालत कॉम्प्लेक्स |
| दोपहर 3:11 बजे | एक दफ्तर |
धमकी मिलते ही पुलिस और जांच एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गईं। चिंता का विषय यही है कि निशाने पर स्कूल और मंदिर जैसी जगहें बताई गईं, जहां आम लोग और बच्चे रोज पहुंचते हैं।
‘अमृतसर के स्कूलों में भी दहशत, छुट्टी करनी पड़ी’
उधर अमृतसर में भी कुछ शिक्षण संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी वाले ई-मेल मिले। चीफ खालसा दीवान के प्रबंध अधीन चल रहे श्री गुरु हरिकृष्ण पब्लिक स्कूल, जी.टी. रोड को यह ई-मेल सुबह करीब 7 बजे मिला।
प्रबंधकों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और एहतियात के तौर पर बच्चों की छुट्टी कर दी गई। शहर के कुछ और निजी स्कूलों को भी इसी तरह के ई-मेल मिले हैं। बताने योग्य है कि इससे पहले भी कई बार ऐसे धमकी भरे ई-मेल शिक्षण संस्थानों को मिल चुके हैं।
‘स्वागती बोर्डों के बीच लगे सवाल पूछते होर्डिंग्स’
राजनीतिक मोर्चे पर भी तस्वीर कम दिलचस्प नहीं। अमित शाह के दौरे वाले दिन ही शहर के मुख्य चौकों और सड़कों पर भाजपा सरकार से तीखे सवाल पूछते कई होर्डिंग्स लगा दिए गए।
एक तरफ भाजपा के स्वागती बोर्ड, और ठीक उनके बीच में ये विरोधी होर्डिंग्स : इसी बात ने भाजपा लीडरशिप की चिंताएं बढ़ा दीं। इनमें गुजरात सीमा से पंजाब आ रहे नशे की सप्लाई रोकने में केंद्र की नाकामी पर सवाल उठाए गए।
एक होर्डिंग पर पंजाबी में लिखा है, “भाजपा को सवाल: पंजाब में भाजपा गुजरात से नशे की तस्करी क्यों करवा रही है?” अमित शाह की तस्वीर वाले एक और बोर्ड पर लिखा गया, “भाजपा पंजाब का पानी हरियाणा और राजस्थान को क्यों देना चाहती है?”
इन बोर्डों पर किसी पार्टी या व्यक्ति का नाम नहीं लिखा गया। फिलहाल नगर निगम या पुलिस प्रशासन ने इन्हें हटाने की कोई कार्रवाई नहीं की। ये होर्डिंग्स पठानकोट, अमृतसर, लुधियाना, कपूरथला और आसपास के शहरों को जालंधर से जोड़ने वाले नेशनल हाईवे पर जगह-जगह लगे हैं।
‘काली झंडियों का ऐलान और घर में ही नजरबंदी’
इसी बीच एक और घटनाक्रम। ‘मुस्लिम ऑर्गेनाइजेशन पंजाब’ ने अमित शाह के दौरे के दौरान काली झंडियां दिखाकर रोष प्रदर्शन का ऐलान किया था। पंजाब पुलिस ने सुबह ही संगठन के प्रमुख नेताओं को उनके घरों में नजरबंद कर दिया।
जानकारी के अनुसार सुबह पंजाब पुलिस के पांच कर्मचारी संगठन के जनरल सेक्रेटरी मजहर आलम के घर पहुंचे और उन्हें घर के अंदर ही नजरबंद कर दिया।
बीते दिन मजहर आलम ने आरोप लगाया था कि केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों के कारण मुस्लिम समुदाय को हर स्तर पर दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। उन्होंने मस्जिदों, मदरसों और दरगाहों को गैर-कानूनी करार देकर रातों-रात बुलडोजर चलाने, मुस्लिम शरीयत कानून में दखलअंदाजी, मोब लिंचिंग, पैगंबर मोहम्मद साहिब की शान में कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों और वोटों की चोरी जैसे मुद्दों का जिक्र किया था। उन्होंने साफ किया था कि उनका संगठन जम्हूरी (लोकतांत्रिक) तरीके से रोष दर्ज करवाएगा।
”आप’ के सवाल : भाषण नहीं, नतीजे चाहिए’
आम आदमी पार्टी पंजाब के प्रवक्ता नील गर्ग ने दौरे से पहले ही सवालों की बौछार कर दी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार नशों के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है, लेकिन नशे की रोकथाम सिर्फ किसी एक सूबे की नहीं, बल्कि पूरे देश की जिम्मेदारी है।
गर्ग ने सीधा सवाल पूछा : बीएसएफ (BSF) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) जैसी केंद्रीय एजेंसियां किसके अधीन काम करती हैं? उन्होंने पूछा कि अंतरराज्यीय नशा-सप्लाई चेन तोड़ने के लिए केंद्रीय एजेंसियों ने अब तक क्या किया और सरहदों से हो रही तस्करी रोकने में केंद्र के नतीजे क्या रहे?
‘आप’ नेता का कहना था कि पंजाब को भाषणों की नहीं, ठोस जवाबों और नतीजों की जरूरत है। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार पंजाब पर आरोप लगाने की बजाय सप्लाई चेन तोड़ने का स्पष्ट रोडमैप दे।
‘आम आदमी की जेब और जिंदगी पर क्या असर’
अब सवाल उठता है कि इस सबका आम पंजाबी पर असर क्या? सीधा-सा है। अगर केंद्र नशा पीड़ित परिवारों की मदद का ऐलान करता है, तो उन घरों को राहत मिल सकती है जहां कमाने वाला ही नहीं बचा।
वहीं बम धमकी का असर तुरंत दिखा : अमृतसर में बच्चों की छुट्टी करनी पड़ी और जालंधर में लोगों की आवाजाही पर सीधा फर्क पड़ा। इससे साफ होता है कि सुरक्षा और सियासत, दोनों का बोझ आखिर में आम आदमी ही उठाता है।
‘जानें पूरा मामला’
पंजाब भाजपा ने नशे के मुद्दे पर पूरे राज्य में ‘नशा मुक्त पंजाब’ यात्रा निकाली थी, जिसका समापन आज जालंधर में अमित शाह की रैली से हो रहा है। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले यह भाजपा का बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है। रैली से पहले बम धमकी, विरोधी होर्डिंग्स, मुस्लिम संगठन के नेताओं की नजरबंदी और ‘आप’ के तीखे सवालों ने इस दिन को पंजाब की राजनीति का सबसे चर्चित दिन बना दिया है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- अमित शाह जालंधर में करीब 50 नशा पीड़ित परिवारों से अलग टेंट में आमने-सामने मिलेंगे, इनके एक से ज्यादा कमाऊ सदस्य नशे से जान गंवा चुके हैं।
- सुबह 7:07 बजे स्कूलों को मिले ईमेल में स्कूल, श्री देवी तालाब मंदिर, अदालत कॉम्प्लेक्स और एक दफ्तर में IED धमाकों की धमकी, जिम्मेदारी ‘खालिस्तान आर्मी’ ने ली।
- शहर के चौकों और हाईवे पर नशा तस्करी और पंजाब के पानी को लेकर केंद्र से सवाल पूछते होर्डिंग्स लगे, जिन्हें अभी तक हटाया नहीं गया।
- काली झंडियां दिखाने का ऐलान करने पर मुस्लिम ऑर्गेनाइजेशन पंजाब के जनरल सेक्रेटरी मजहर आलम समेत नेता घरों में नजरबंद।













