Bikram Singh Majithia Drug Case SIT Summons: पंजाब के 6,000 करोड़ रुपये के ड्रग रैकेट की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने एक बड़ा कदम उठाया है। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को SIT ने 5 अक्टूबर को पेश होने के लिए समन जारी किया है। इसी मामले में ड्रग रैकेट के मुख्य आरोपी जगदीश भोला को भी उसी दिन तलब किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक जांच टीम पहली बार दोनों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ कर सकती है। यह पूछताछ इस पूरे मामले में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।
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‘2013 में उठा था मजीठिया का नाम’
देखा जाए तो इस मामले की जड़ें 2013-14 तक जाती हैं। जगदीश भोला ड्रग रैकेट में जब जांच शुरू हुई, तब पहली बार मजीठिया का नाम इस नेटवर्क से जोड़ा गया। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी जांच में इस मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग रैकेट के नेटवर्क को 6,000 करोड़ रुपये तक का बताया।
दिलचस्प बात यह है कि 2014 में जगदीश भोला ने खुद मजीठिया का नाम सामने लिया था। और बस यहीं से शुरू हुई असली राजनीतिक और कानूनी लड़ाई।
‘NDPS Act के तहत 2021 में दर्ज हुआ केस’
पंजाब पुलिस की एंटी-ड्रग स्पेशल टास्क फोर्स ने 2018 में एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की थी। उसी रिपोर्ट की सिफारिश के आधार पर दिसंबर 2021 में मजीठिया के खिलाफ NDPS (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances) Act के तहत मामला दर्ज किया गया। यह कानून नशीले पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़े अपराधों से निपटने के लिए बनाया गया है, जिसमें कड़ी सजा का प्रावधान है।
समझने वाली बात यह है कि NDPS Act के तहत मामला दर्ज होना अपने आप में बेहद गंभीर है। इस कानून में जमानत मिलना भी आसान नहीं होता।
‘5 अक्टूबर: क्यों अहम है यह तारीख?’
अगर गौर करें तो 5 अक्टूबर की यह तारीख इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि SIT पहली बार दोनों पक्षों को एक साथ बिठाकर उनके बयानों का मिलान करना चाहती है। एक तरफ मजीठिया हैं जो राजनीतिक रूप से प्रभावशाली हैं, दूसरी तरफ भोला हैं जो इस रैकेट के मुख्य सूत्रधार माने जाते हैं। दोनों के बयानों में क्या अंतर है, यह SIT के लिए जांच की दिशा तय करने में मददगार होगा।
चिंता का विषय यह है कि अगर इस पूछताछ में कोई नया खुलासा होता है, तो पंजाब की राजनीति में एक और भूचाल आ सकता है।
‘क्या है आगे का रास्ता?’
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यह मामला सिर्फ एक नेता की कानूनी लड़ाई नहीं है। यह पंजाब में नशे की जड़ों और उसके राजनीतिक संरक्षण की पूरी कहानी से जुड़ा है। 5 अक्टूबर को होने वाली पूछताछ यह तय करेगी कि आगे की जांच किस दिशा में जाती है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- SIT ने बिक्रम सिंह मजीठिया और जगदीश भोला को 5 अक्टूबर को तलब किया।
- 6,000 करोड़ के ड्रग रैकेट में पहली बार आमने-सामने पूछताछ हो सकती है।
- मजीठिया का नाम 2013-14 में जगदीश भोला ड्रग केस में पहली बार आया था।
- ED ने इस नेटवर्क को 6,000 करोड़ रुपये का बताया था।
- दिसंबर 2021 में NDPS Act के तहत मजीठिया के खिलाफ केस दर्ज हुआ।













