Bihar Flood 2024: बिहार में बाढ़ के कारण लगभग 29.13 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। नदियों में पानी का स्तर बढ़ने से 13 जिलों में बड़े क्षेत्र जलमग्न हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री समरत चौधरी ने वैशाली और सारण में बाढ़ पीड़ितों के लिए बनाए गए राहत कैंपों का जायजा लेने के बाद अधिकारियों को तुरंत राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
देखा जाए तो, हर साल की तरह इस बार भी बिहार में बाढ़ ने तबाही मचाई है। लेकिन इस बार प्रभावित लोगों की संख्या काफी अधिक है।
🔍 यह भी पढ़ें- Ration Card Update Bihar 2026: बंद राशन कार्ड होगा चालू, नए कार्ड के लिए आवेदन शुरू
190 सामुदायिक रसोई और 1429 नावें सेवा में
अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न बाढ़ प्रभावित जिलों में 190 सामुदायिक रसोई चलाई जा रही हैं। राहत और बचाव कार्यों के लिए 1429 नावें सेवा में लगाई गई हैं।
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कुछ सामुदायिक रसोइयों का निरीक्षण किया और स्थानीय प्रशासन को नदी के बांधों की लगातार निगरानी और संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने के निर्देश दिए।
🔍 यह भी पढ़ें- Ration Card Bihar 2026: नया राशन कार्ड बनवाने का मौका, ऑनलाइन आवेदन शुरू
| बाढ़ राहत कार्य | संख्या/विवरण |
|---|---|
| प्रभावित लोग | 29.13 लाख |
| प्रभावित जिले | 13 |
| प्रभावित ब्लॉक | 77 |
| प्रभावित ग्राम पंचायतें | 438 |
| सामुदायिक रसोई | 190 |
| राहत नावें | 1,429 |
पटना में गंगा खतरे के निशान से ऊपर
अगर गौर करें, तो पटना में गांधी घाट और हथीदाह में गंगा नदी में पानी का स्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के कारण अधिकारियों ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है।
राज्य में सितंबर महीने में अब तक 75.9 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य से 45% अधिक है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि अधिकारियों ने लोगों को नदियों के पास न जाने की सलाह दी है।
पटना के गांधी घाट में आज गंगा 50.41 मीटर पर बह रही थी, जो खतरे के निशान से 1.57 मीटर ऊपर है।
13 जिलों के 438 ग्राम पंचायतें जलमग्न
आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, विभिन्न नदियों में पानी का स्तर बढ़ने के कारण निम्न जिले प्रभावित हैं:
• पटना
• भोजपुर
• सारण
• वैशाली
• भागलपुर
• बेगूसराय
• बक्सर
• समस्तीपुर
• मुंगेर
• कटिहार
• लखीसराय
• खगड़िया
• अरवल
इन जिलों के 77 ब्लॉकों की 438 ग्राम पंचायतों में लगभग 29.13 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
दिलचस्प बात यह है कि हर साल बिहार में बाढ़ आती है, लेकिन स्थायी समाधान अभी तक नहीं निकल पाया।
तेजस्वी यादव ने PM को लिखा पत्र – 5000 करोड़ की मांग
बिहार विधानसभा में विरोधी धड़ के नेता तेजस्वी यादव ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और स्थिति से निपटने के लिए राज्य को 5000 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता देने की मांग की है।
यादव ने पत्र में आरोप लगाया कि वित्तीय रूप से दिवालिया हो चुकी बिहार सरकार जवाबी कार्रवाई, रोकथाम और उचित उपाय करने में असफल रही है। बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए लापरवाह रही है।
समझने वाली बात है कि यह केवल राजनीतिक बयानबाजी नहीं है। बिहार की सरकार वास्तव में वित्तीय संकट से जूझ रही है और बड़े पैमाने पर राहत कार्य के लिए केंद्रीय सहायता जरूरी है।
प्रशांत किशोर ने भी उठाया सवाल
इसी दौरान जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर ने कहा कि बाढ़ हर साल राज्य में तबाही मचाते हैं और लाखों लोग बेघर होते हैं, परंतु सरकार उनके हालात सुधारने की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही।
चिंता का विषय यह है कि बिहार में बाढ़ एक वार्षिक समस्या बन चुकी है, लेकिन दीर्घकालिक समाधान पर कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।
क्यों हर साल आती है बिहार में बाढ़?
इससे साफ होता है कि बिहार की भौगोलिक स्थिति ही ऐसी है कि बाढ़ आना स्वाभाविक है:
• नेपाल से आने वाली नदियां – कोसी, गंडक, बागमती आदि
• समतल भूभाग – पानी का निकास धीमा
• पुराने और कमजोर बांध
• नदियों में गाद जमाव – जल धारण क्षमता कम
• जलवायु परिवर्तन – अनियमित और अत्यधिक बारिश
लेकिन सवाल उठता है – क्या स्थायी समाधान संभव नहीं है?
विशेषज्ञों का मानना है कि निम्न उपाय किए जा सकते हैं:
• नदियों की नियमित सफाई (desilting)
• आधुनिक बाढ़ पूर्वानुमान प्रणाली
• मजबूत तटबंध निर्माण
• नेपाल के साथ समन्वित जल प्रबंधन
• जल संचयन क्षेत्रों का विकास
राहत की बात यह होनी चाहिए कि सरकार इन उपायों पर तेजी से काम करे, लेकिन अफसोस की बात यह है कि राजनीतिक इच्छाशक्ति और धन की कमी के कारण बड़े प्रोजेक्ट अटके रहते हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
• बिहार में बाढ़ से 29.13 लाख लोग प्रभावित, 13 जिलों के 77 ब्लॉकों की 438 ग्राम पंचायतें जलमग्न
• 190 सामुदायिक रसोई चल रही हैं, 1429 नावें राहत और बचाव कार्यों में लगाई गईं
• पटना के गांधी घाट में गंगा खतरे के निशान से 1.57 मीटर ऊपर, सितंबर में सामान्य से 45% अधिक बारिश
• तेजस्वी यादव ने PM को पत्र लिखकर बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और 5000 करोड़ रुपए की सहायता की मांग की










