Captain Amrinder Singh Politics: पंजाब की राजनीति में एक बार फिर अटकलों का दौर शुरू हो गया था कि क्या पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस में वापस लौटने वाले हैं? लेकिन उनकी बेटी जयइंदर कौर ने आज साफ शब्दों में कह दिया कि उनके पिता भाजपा में ही रहेंगे, कांग्रेस में नहीं जाएंगे।
पंजाब भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष जयइंदर कौर ने आज यहां मीडिया द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि कैप्टन भाजपा में हैं और भाजपा में ही रहेंगे।
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PM मोदी पर सवाल से शुरू हुई अटकलें
देखा जाए तो, कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 15 अगस्त के दौरान लाल किले से आजादी के भाषण के संदर्भ पर लेख लिखा गया था।
इस लेख का मुख्य सवाल था कि ‘दिमागी नक्सली’ की स्पष्ट भाषा क्या है? क्योंकि प्रधानमंत्री ने भाषण में कहा था कि हथियारबंद नक्सलवाद काफी कमजोर हो गया है, परंतु देश में कुछ ‘दिमागी नक्सली’ मौजूद हैं।
अगर गौर करें, तो इस तरह के लेख से बड़े पैमाने पर यह चर्चा भारू पड़ गई कि कैप्टन अगले समय कांग्रेस का हिस्सा होंगे।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि पिछले समय राहुल गांधी ने भी कैप्टन को याद किया था।
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जयइंदर कौर ने कांग्रेस पर मढ़ा दोष
लेकिन आज जयइंदर कौर ने कांग्रेस पर दोष मढ़ते हुए कहा कि दो-तीन महीने पहले भी ऐसी अफवाह उठाई गई थी और अब दो दिनों से फिर कांग्रेस ऐसी शरारत कर रही है।
दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि कांग्रेस के पास सिवाए आपसी लड़ाई के कोई और मुद्दा नहीं है।
उन्होंने कहा: “ऐसी कोई बात नहीं है। कैप्टन अमरिंदर सिंह और हम भाजपा में हैं और भाजपा में ही राजनीति करेंगे।”
समझने वाली बात है कि यह बयान बेहद स्पष्ट और दो-टूक है।
| राजनीतिक घटनाक्रम | विवरण |
|---|---|
| कैप्टन का पद | पूर्व मुख्यमंत्री, पंजाब |
| वर्तमान पार्टी | भारतीय जनता पार्टी (BJP) |
| कांग्रेस छोड़ी | 2021 |
| बेटी का पद | पंजाब BJP महिला मोर्चा अध्यक्ष |
| अफवाह | कांग्रेस में वापसी |
| स्पष्टीकरण | जयइंदर कौर – BJP में ही रहेंगे |
कैप्टन अभी भी चुप, राजनीतिक विश्लेषकों की नजर
हालांकि इस पूरे मामले पर कैप्टन अमरिंदर सिंह चुप ही हैं। उन्होंने अभी तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है।
चिंता का विषय या कहें राजनीतिक माहिरों के लिए दिलचस्पी की बात यह है कि सियासी विशेषज्ञ कैप्टन के मोदी के प्रति उठाए गए सवाल को राजनीतिक साहस के रूप में भी ले रहे हैं।
कुछ विश्लेषकों का मानना है कि:
• कैप्टन अभी भी स्वतंत्र विचारक हैं
• वे अंधभक्ति में विश्वास नहीं रखते
• भाजपा में रहते हुए भी वे अपनी बात रख सकते हैं
• यह उनकी राजनीतिक परिपक्वता का संकेत है
लेकिन कुछ का यह भी मानना है कि:
• यह कांग्रेस के लिए संदेश हो सकता है
• कैप्टन शायद अपनी शर्तों पर बातचीत चाहते हों
• 2027 के चुनाव से पहले समीकरण बदल सकते हैं
कैप्टन की राजनीतिक यात्रा
इससे साफ होता है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह की राजनीतिक यात्रा हमेशा से रोचक रही है:
कांग्रेस में दशकों तक रहे
दो बार मुख्यमंत्री बने (2002-2007 और 2017-2021)
2021 में कांग्रेस छोड़ी – पार्टी के अंदर आंतरिक कलह के बाद
अपनी पार्टी बनाई – पंजाब लोक कांग्रेस
भाजपा से गठबंधन किया
2022 में भाजपा में विलय – पंजाब लोक कांग्रेस का भाजपा में विलय
राहत की बात यह है कि कम से कम अभी के लिए तो स्थिति स्पष्ट हो गई है। कैप्टन भाजपा में ही बने रहेंगे।
पंजाब की राजनीति में क्या असर?
सवाल उठता है कि अगर कैप्टन भाजपा में हैं तो 2027 के विधानसभा चुनावों में उनकी क्या भूमिका होगी?
• क्या वे मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे?
• क्या भाजपा उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देगी?
• अकाली दल के साथ गठबंधन में उनकी क्या स्थिति होगी?
ये सभी सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं। आने वाले महीनों में इनके जवाब मिलेंगे।
मुख्य बातें (Key Points)
• जयइंदर कौर ने साफ किया – कैप्टन अमरिंदर सिंह भाजपा में हैं और भाजपा में ही रहेंगे
• कांग्रेस पर शरारत करने का आरोप, कहा – उनके पास आपसी लड़ाई के अलावा कोई मुद्दा नहीं
• कैप्टन ने PM मोदी के ‘दिमागी नक्सली’ टिप्पणी पर सवाल उठाए थे, तब शुरू हुई अफवाहें
• राहुल गांधी ने हाल में कैप्टन को याद किया था, जिससे अटकलें तेज हुईं
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