PM Modi Video में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देशवासियों से एक खास अपील की। Instagram पर एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि अगर लोग स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर जोर देते रहे, तो आजादी के 100वें साल में युवाओं को एक विकसित भारत मिलेगा। देखा जाए तो यह सिर्फ एक राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का एक रोडमैप है।
पीएम मोदी ने 7.8 फीसदी की जीडीपी विकास दर के लिए देशवासियों की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि जंगों, अस्थिरता और सप्लाई चेन के व्यवधान के बावजूद हासिल की गई है।
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विदेश में छुट्टी, शादी और सोना: क्यों कहा ना?
प्रधानमंत्री ने लोगों से विदेशों में छुट्टियां न मनाने, शादी बाहर न करने या जरूरत से ज्यादा सोना न खरीदने के लिए कहा। दिलचस्प बात यह है कि यह अपील सीधे तौर पर भारत के विदेशी मुद्रा भंडार और Current Account Deficit से जुड़ी है।
अगर गौर करें तो हर साल भारतीय विदेशों में छुट्टियों पर अरबों डॉलर खर्च करते हैं। यह पैसा देश से बाहर चला जाता है। इसी तरह, विदेशों में शादियां करना या जरूरत से ज्यादा सोना आयात करना भी देश की अर्थव्यवस्था पर बोझ डालता है।
समझने वाली बात यह है कि सोना भारत का दूसरा सबसे बड़ा आयात है (पहला कच्चा तेल है)। हर साल 30-40 अरब डॉलर का सोना आयात होता है। अगर यह आयात कम हो जाए, तो रुपये की कीमत मजबूत होगी।
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7.8% जीडीपी ग्रोथ: बड़ी उपलब्धि
पीएम मोदी ने कहा, “मैं देश के लोगों को 7.8 फीसदी जीडीपी वाधे के लिए बधाई देना चाहता हूं। यह उनके सामूहिक संकल्प और प्रयासों के कारण संभव हुआ है। हर तरफ टकराव, जंगें और अस्थिरता के बावजूद भारत ने यह मील का पत्थर हासिल किया है।”
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि वित्तीय साल 2026-27 की पहली तिमाही में GDP की वृद्धि दर पिछली तिमाही के 8.6 फीसदी के मुकाबले कुछ कम रही। लेकिन जब टकराव भड़का और ऊर्जा बाजार प्रभावित हुए, तो उस समय की उम्मीदों से यह काफी ऊपर रही।
पश्चिमी एशिया में जंग के कारण आर्थिक मंदी की चिंताओं के बावजूद लचीलापन दिखाते हुए, अप्रैल-जून तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था उम्मीद से ज्यादा 7.8 फीसदी की रफ्तार से बढ़ी।
नकारात्मकता फैलाने वालों पर निशाना
पीएम मोदी ने कहा कि भारत में कुछ लोग नकारात्मकता और झूठ फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन देश फिर भी आगे बढ़ा है। इसका साफ संकेत विपक्ष की ओर था, जो सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते रहे हैं।
उन्होंने कहा, “हमें अपने विकास की रफ्तार बनाए रखनी होगी। हमें आगे बढ़ना होगा। और इसके लिए हमें आत्मनिर्भर बनना चाहिए। नौजवानों के सपनों को साकार करने के लिए हमारी कड़ी मेहनत की जरूरत है।”
सरकार की नीतियां: साफ इरादा
मोदी ने कहा कि उनकी सरकार की नीतियां अच्छी हैं, इरादा साफ है और यही कारण है कि देश तरक्की की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। देखा जाए तो पिछले कुछ सालों में Make in India, Atmanirbhar Bharat जैसी योजनाओं ने देश में मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट दिया है।
Production Linked Incentive (PLI) स्कीम के तहत मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा जैसे सेक्टर में घरेलू उत्पादन बढ़ा है। इससे साफ होता है कि सरकार विदेशी निर्भरता कम करने की दिशा में काम कर रही है।
कोविड के बाद की रिकवरी
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2020 की कोविड महामारी के बाद कहीं भी स्थिरता नहीं रही, लेकिन भारत ने अच्छी तरह तरक्की की है। दरअसल, कोविड के दौरान जब दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं नकारात्मक वृद्धि दर दिखा रही थीं, तब भी भारत ने अपना संतुलन बनाए रखा।
सवाल उठता है कि भारत ने यह कैसे किया? जवाब है – सही नीतियां, समय पर राहत पैकेज, और डिजिटल इंडिया की मजबूत नींव। UPI, Direct Benefit Transfer जैसी सुविधाओं ने जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
विकसित भारत का सपना
पीएम मोदी ने कहा कि अगर लोग स्वदेशी अपनाते रहे, तो 2047 में आजादी के 100वें साल में युवाओं को एक विकसित भारत मिलेगा। यह सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि एक ठोस विजन है।
विकसित भारत का मतलब है – गरीबी मुक्त, शिक्षित, स्वस्थ, और आर्थिक रूप से समृद्ध देश। इसके लिए जरूरी है कि हर भारतीय अपनी जिम्मेदारी समझे और विदेशी उत्पादों की जगह देशी उत्पादों को प्राथमिकता दे।
मुख्य बातें (Key Points):
• पीएम मोदी ने 7.8% GDP वृद्धि के लिए देशवासियों की सराहना की, बावजूद वैश्विक अस्थिरता के
• विदेश में छुट्टी, शादी और बेवजह सोना खरीदने से बचने की अपील, Current Account Deficit कम करने के लिए
• स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर जोर, 2047 में विकसित भारत का लक्ष्य
• कोविड के बाद भी भारत ने बेहतर रिकवरी दिखाई, नीतियां साफ और इरादा मजबूत













