LIVE | ...
मंगलवार, 1 सितम्बर 2026
🏅 सोना ... | 🥈 चांदी ...
The News Air
📈 NIFTY 50 ... | 🏦 NIFTY BANK ...
No Result
View All Result
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - Farmers Protest: मोहाली में SKM का 7 दिन का पक्का धरना शुरू

Farmers Protest: मोहाली में SKM का 7 दिन का पक्का धरना शुरू

संयुक्त किसान मोर्चा ने चंडीगढ़-मोहाली सड़क पर डाला डेरा, एमएसपी गारंटी से लेकर पानी के अधिकार तक कई मांगें उठाईं

Ajay Kumar by Ajay Kumar
मंगलवार, 1 सितम्बर 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, पंजाब
A A
0
Farmers Protest, SKM Mohali Dharna,
104
SHARES
691
VIEWS
ShareShareShareShareShare

Farmers Protest को लेकर पंजाब में एक बार फिर किसान सड़कों पर उतर आए हैं। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने 1 सितंबर से 7 सितंबर तक मोहाली को चंडीगढ़ से जोड़ने वाली सड़क पर सात दिन का पक्का मोर्चा शुरू कर दिया है। देखा जाए तो यह सिर्फ एक स्थानीय धरना नहीं, बल्कि केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ एक बड़ा संदेश है।

सेक्टर 48-सी इलाके में आईसर टी-प्वाइंट से ट्रिब्यून चौक की ओर जाने वाली सड़क पर किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ डेरा डाल चुके हैं। खाने-पीने का सामान और जरूरी सप्लाई लेकर पहुंचे किसानों का इरादा साफ है – या तो मांगें मानो, या फिर आंदोलन जारी रहेगा।

🔍 यह भी पढ़ें- Farmers Protest: किसानी मांगों को लेकर पंजाब भर में टोल प्लाजा परची मुक्त

32 किसान संगठनों की ताकत

इस आंदोलन की खासियत यह है कि इसमें 32 किसान संगठन एक मंच पर आए हैं। भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल), भारतीय किसान यूनियन (डकौंदा), कीर्ति किसान यूनियन, भारतीय किसान यूनियन (सिद्धूपुर) और पंजाब किसान यूनियन जैसे बड़े नाम इस मोर्चे का हिस्सा हैं। दिलचस्प बात यह है कि बीकेयू एकता उग्राहां, हालांकि सहयोगी सदस्य है, लेकिन डिप्टी कमिश्नरों के दफ्तरों के बाहर अलग से प्रदर्शन कर रही है।

अगर गौर करें तो यह एकता 2020-21 के किसान आंदोलन की याद दिलाती है, जब किसानों ने तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाला था। आज भी वही जज्बा, वही एकजुटता नजर आ रही है।

🔍 यह भी पढ़ें- Farmers Motorcycle March: किसानों का मोटरसाइकिल मार्च आज, चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

मांगों की लंबी फेहरिस्त

किसानों की मांगें सिर्फ फसलों की कीमतों तक सीमित नहीं हैं। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि ये मांगें कृषि, अर्थव्यवस्था और पंजाब के अधिकारों से जुड़ी हैं।

एमएसपी की कानूनी गारंटी: यह आंदोलन का सबसे बड़ा मुद्दा है। किसान चाहते हैं कि MSP (Minimum Support Price) को स्वामीनाथन आयोग के फॉर्मूले C2 + 50 के आधार पर तय किया जाए और इसे कानूनी रूप से लागू किया जाए। समझने वाली बात यह है कि फिलहाल MSP सिर्फ एक घोषणा है, कानूनी अधिकार नहीं। किसान चाहते हैं कि अगर कोई व्यापारी MSP से कम दाम देता है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई हो सके।

यह भी पढे़ं 👇

Punjab IAS Transfer

Punjab Police Transfers: 20 बड़े अधिकारियों के तबादले, देखें पूरी लिस्ट

मंगलवार, 1 सितम्बर 2026
Punjabi University Fees

Punjabi University Fees: छात्रों की जीत, फीस बढ़ोतरी पूरी वापस

मंगलवार, 1 सितम्बर 2026
PM Modi

PM Modi Video: विदेश में छुट्टी और शादी से बचो, स्वदेशी अपनाओ

मंगलवार, 1 सितम्बर 2026
ATF Price Hike

ATF Price Hike: हवाई सफर हुआ महंगा, 6.28 रुपये बढ़ी कीमत

मंगलवार, 1 सितम्बर 2026

पंजाब के पानी के अधिकार: पंजाब की नदियों के पानी की बंटवारे से जुड़े पुराने समझौतों को रद्द करने की मांग की गई है। किसान चाहते हैं कि पंजाब विधानसभा इस मुद्दे पर विशेष सत्र बुलाए। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) में पंजाब के अधिकारों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

पूरा कर्ज माफी: किसानों और खेतिहर मजदूरों दोनों के कर्जों को पूरी तरह माफ करने की मांग है। देखा जाए तो पंजाब के किसान कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं और आत्महत्याओं की खबरें आम हो गई हैं।

FTA विरोध: असली चिंता क्या है?

इस आंदोलन के केंद्र में अमेरिका के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) का विरोध है। किसानों का तर्क है कि सस्ते कृषि उत्पादों का आयात घरेलू फसलों की कीमतों पर नीचे की ओर दबाव डालेगा। इससे साफ होता है कि किसान अंतरराष्ट्रीय बाजार की प्रतिस्पर्धा से चिंतित हैं।

यूरोपीय देशों के साथ भी FTA का विरोध किया जा रहा है। किसान संगठनों का कहना है कि व्यापारिक समझौते खेती और सहायक ग्रामीण कारोबारों को बड़ी आयात प्रतिस्पर्धा के सामने ला सकते हैं।

बिजली और बीज कानून: नया विवाद

SKM ने बिजली बिल 2025 और बीज बिल 2025 को वापस लेने की मांग की है। उनका तर्क है कि प्रस्तावित बदलाव किसानों के खर्चों, कृषि इनपुट्स तक पहुंच और खेती नीति के व्यापक ढांचे के लिए प्रभावी हो सकते हैं। यूनियनों ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2024 को वापस लेने के अलावा डैम सेफ्टी एक्ट को रद्द करने की भी मांग की है।

गन्ने का भाव और पेंशन की मांग

किसानों ने गन्ने का भाव 500 रुपये प्रति क्विंटल तय करने की मांग की है। इसके साथ ही एक ऐसी प्रणाली की मांग की गई है जिसके तहत निजी क्षेत्र की मिलें एक ही काउंटर के जरिए भुगतान करें, जो सहकारी क्षेत्र की मिलों द्वारा अपनाए गए प्रबंधों के समान हो।

दिलचस्प बात यह है कि किसान सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि खेतिहर मजदूरों और ग्रामीण कारीगरों के लिए भी 10,000 रुपये प्रति माह पेंशन की मांग कर रहे हैं। यह दर्शाता है कि आंदोलन का दायरा व्यापक सामाजिक सुरक्षा जाल तक फैला है।

रणनीतिक स्थान: ट्रैफिक पर असर

यह स्थान रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। यह सड़क मोहाली को चंडीगढ़ और एयरपोर्ट कॉरिडोर से जोड़ती है। इसका मतलब है कि एक बड़ी लामबंदी का दोनों शहरों के बीच आवाजाही पर तुरंत प्रभाव पड़ेगा।

नतीजतन, मोहाली पुलिस ने 1 सितंबर से आईसर चौक से फेज 11 के बेस्टेक मॉल और आगे जगतपुरा के जरिए चंडीगढ़ जाने वाली सड़क को बंद करने का ऐलान किया है। पुलिस ने चंडीगढ़ पहुंचने के लिए आईसर चौक से तीन वैकल्पिक रूट सुझाए हैं।

ट्रैफिक डायवर्जन: यात्रियों के लिए सलाह

मोहाली पुलिस द्वारा जारी ट्रैफिक एडवाइजरी के अनुसार प्रभावित हिस्सा हर किस्म के वाहनों के लिए बंद रहेगा। पूर्व मार्ग पर फेडन बैरियर से चंडीगढ़ साइड की ओर जाने वाली सड़क के हिस्से पर वाहनों की आवाजाही को मोड़ दिया गया है।

और बस यहीं से शुरू हुई असली चुनौती – आम लोगों के लिए। ऑफिस जाने वाले, स्कूल-कॉलेज जाने वाले, सभी को वैकल्पिक रास्ते अपनाने होंगे। सवाल उठता है कि क्या प्रशासन इस स्थिति को संभाल पाएगा?

पिछले आंदोलनों की गूंज

जमीनी मोर्गेज बैंकों के कामकाज और एरोट्रोपोलिस प्रोजेक्ट के लिए जमीन की प्रस्तावित प्राप्ti समेत खास मुद्दों पर मोहाली में हाल ही में और भी किसान प्रदर्शन हुए हैं। हालांकि, उन मुद्दों को मौजूदा सात दिनों के SKM मोर्चे के साथ नहीं मिलाना चाहिए। यह एक अलग और व्यापक आंदोलन है।

आगे क्या होगा?

7 सितंबर तक जारी रहने वाले इस मोर्चे के बाद क्या होगा, यह देखना दिलचस्प होगा। अगर सरकार मांगें नहीं मानती, तो क्या यह आंदोलन और तेज होगा? क्या यह 2020-21 जैसे लंबे आंदोलन में बदल सकता है?

समझने वाली बात यह है कि किसान अब पहले से ज्यादा संगठित और जागरूक हैं। सोशल मीडिया के जमाने में उनकी आवाज पहले से ज्यादा तेजी से फैलती है। सरकार को इस मुद्दे को गंभीरता से लेना होगा, वरना स्थिति हाथ से निकल सकती है।


मुख्य बातें (Key Points):

• संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने 1-7 सितंबर तक मोहाली-चंडीगढ़ सड़क पर पक्का मोर्चा शुरू किया
• 32 किसान संगठन एक मंच पर, मुख्य मांगें – MSP की कानूनी गारंटी, पंजाब के पानी के अधिकार, FTA विरोध
• प्रस्तावित FTA का विरोध केंद्र में, किसानों को डर है कि सस्ते आयात से घरेलू फसलों की कीमतें गिरेंगी
• ट्रैफिक डायवर्जन लागू, मोहाली पुलिस ने वैकल्पिक रूट सुझाए, आम जनता को परेशानी होगी


FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: SKM का धरना कब तक चलेगा?

उत्तर: संयुक्त किसान मोर्चा का यह धरना 1 सितंबर से शुरू होकर 7 सितंबर तक चलेगा। हालांकि, अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और बढ़ सकता है।

प्रश्न 2: MSP की कानूनी गारंटी का क्या मतलब है?

उत्तर: किसान चाहते हैं कि MSP सिर्फ घोषणा न रहे, बल्कि एक कानून बने। अगर कोई व्यापारी MSP से कम दाम देता है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई हो सके। C2+50 फॉर्मूले के आधार पर MSP तय हो।

प्रश्न 3: FTA का किसानों पर क्या असर होगा?

उत्तर: किसानों का मानना है कि अमेरिका और यूरोपीय देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते से सस्ते कृषि उत्पादों का आयात बढ़ेगा, जिससे घरेलू फसलों की कीमतें गिरेंगी और भारतीय किसान कम प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे।

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

1 सितंबर का इतिहास: जब बदल गई दुनिया की दिशा, जानें वो बड़ी घटनाएं

Next Post

ATF Price Hike: हवाई सफर हुआ महंगा, 6.28 रुपये बढ़ी कीमत

Ajay Kumar

Ajay Kumar

पत्रकारिता में एक दशक से अधिक का ठोस अनुभव रखने वाले अजय कुमार 'शोर से ज़्यादा सार' की पत्रकारिता पर दृढ़ विश्वास करते हैं। वर्तमान में वे The News Air में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं, जहां वे समाचारों की रणनीति, लेखन, तथ्य-सत्यापन (Fact-Checking) और सटीक प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं।पत्रकारिता का सफर और अनुभव - अजय कुमार का करियर ग्राउंड ज़ीरो की रिपोर्टिंग से लेकर न्यूज़ डेस्क के कुशल प्रबंधन तक विस्तृत है। The News Air में पिछले 3 वर्षों से नेतृत्व करने से पहले, उन्होंने 'दैनिक जागरण' और 'सिटी न्यूज़' जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। पत्रकारिता में उनकी मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि ने उनके काम करने के तरीके को बेहद व्यावहारिक और तथ्य-आधारित बनाया है।विशेषज्ञता और कार्यक्षेत्र (Expertise & Beats) - वे जटिल राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को सरल भाषा, स्पष्ट तथ्यों और निष्पक्ष तरीके से पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं। उनकी पत्रकारिता की मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है:राजनीतिक कवरेज: लोकसभा चुनावों और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की ग्राउंड और डेस्क रिपोर्टिंग।कानूनी और संसदीय खबरें: संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों की नियमित और रियल-टाइम कवरेज।खोजी पत्रकारिता: ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ रिपोर्टिंग के जरिए अंदरूनी खबरों की पड़ताल।विश्वसनीयता और डिजिटल योगदान (Trust & Authority) - सटीक और प्रामाणिक ख़बरों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें पाठकों के बीच एक विश्वसनीय पत्रकार बनाती है। डिजिटल न्यूज़ इकोसिस्टम को बेहतर बनाने और फेक न्यूज़ से लड़ने की दिशा में, अजय कुमार गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

Related Posts

Punjab IAS Transfer

Punjab Police Transfers: 20 बड़े अधिकारियों के तबादले, देखें पूरी लिस्ट

मंगलवार, 1 सितम्बर 2026
Punjabi University Fees

Punjabi University Fees: छात्रों की जीत, फीस बढ़ोतरी पूरी वापस

मंगलवार, 1 सितम्बर 2026
PM Modi

PM Modi Video: विदेश में छुट्टी और शादी से बचो, स्वदेशी अपनाओ

मंगलवार, 1 सितम्बर 2026
ATF Price Hike

ATF Price Hike: हवाई सफर हुआ महंगा, 6.28 रुपये बढ़ी कीमत

मंगलवार, 1 सितम्बर 2026
September 1 Historical Events

1 सितंबर का इतिहास: जब बदल गई दुनिया की दिशा, जानें वो बड़ी घटनाएं

मंगलवार, 1 सितम्बर 2026
September 2026 Weather Alert

September 2026 Weather Alert: IMD ने दी चेतावनी, सामान्य से कम बारिश की संभावना

मंगलवार, 1 सितम्बर 2026
Next Post
ATF Price Hike

ATF Price Hike: हवाई सफर हुआ महंगा, 6.28 रुपये बढ़ी कीमत

PM Modi

PM Modi Video: विदेश में छुट्टी और शादी से बचो, स्वदेशी अपनाओ

Punjabi University Fees

Punjabi University Fees: छात्रों की जीत, फीस बढ़ोतरी पूरी वापस

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।