LIVE | ...
गुरूवार, 27 अगस्त 2026
🏅 सोना ... | 🥈 चांदी ...
The News Air
📈 NIFTY 50 ... | 🏦 NIFTY BANK ...
No Result
View All Result
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - Nepal China Border Flash Flood: 2000 फीट ग्लेशियर टूटा, 157 की मौत, भारत अलर्ट

Nepal China Border Flash Flood: 2000 फीट ग्लेशियर टूटा, 157 की मौत, भारत अलर्ट

नेपाल-चीन सीमा पर रसुवा में 5200 मीटर ऊंचाई से ग्लेशियर गिरने से भयंकर बाढ़, 100+ भारतीय लापता, बिहार-UP में हाई अलर्ट, PM मोदी ने की मदद की पेशकश

अभिनव कश्यप by अभिनव कश्यप
गुरूवार, 27 अगस्त 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, राष्ट्रीय
A A
0
Nepal China Border Flash Flood
104
SHARES
691
VIEWS
ShareShareShareShareShare

Nepal China Border Flash Flood ने पूरे नेपाल में तबाही मचा दी है। 26 अगस्त 2025 की सुबह 9 बजे नेपाल-तिब्बत सीमा पर रसुवा जिले में 2000 फीट चौड़ा ग्लेशियर अचानक टूट गया। 5200 मीटर की ऊंचाई से लगभग 1 किलोमीटर नीचे गिरे इस बर्फ के तोड़े ने ऐसा विनाशकारी फ्लैश फ्लड पैदा किया कि पूरा इमीग्रेशन ऑफिस, सैकड़ों गाड़ियां और गांव के गांव पलक झपकते ही बह गए। अब तक 157 लोगों की मौत हो चुकी है और 500 से ज्यादा लोग लापता हैं, जिनमें 100 से ज्यादा भारतीय शामिल हैं। यह ‘बम विस्फोट’ जैसी आवाज के साथ आया और इसे अमेरिकी भूकंप मॉनिटरिंग ने पहले 4.4 तीव्रता का भूकंप समझ लिया था।

🔍 यह भी पढ़ें- India Rejects Nepal Objection: Lipulekh Pass विवाद में भारत का सख्त रुख!

26 अगस्त सुबह 9 बजे: जब 2000 फीट का ग्लेशियर टूटा

देखा जाए तो यह सिर्फ एक साधारण बाढ़ नहीं थी। 26 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे नेपाल-चीन बॉर्डर पर स्थित तिब्बत क्षेत्र में हिमालयन रीजन के पर्वतों में से एक विशाल ग्लेशियर का 2000 फीट चौड़ा हिस्सा अचानक टूट गया। यह ग्लेशियर 5200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित था और जब यह टूटा तो लगभग 1 किलोमीटर नीचे घाटी में आकर गिरा।

दिलचस्प बात यह है कि इस घटना से इतना बड़ा कंपन हुआ कि USGS (यूएस अर्थक्वेक मॉनिटरिंग) ने पहले इसे 4.4 मैग्नीट्यूड का भूकंप बताया था। लेकिन बाद में पता चला कि यह भूकंप नहीं बल्कि इतना बड़ा avalanche था कि भूकंप जैसा महसूस हुआ। इस घटना की तुलना एक बम विस्फोट से की जा रही है।

🔍 यह भी पढ़ें- Nepal Flash Floods: ISRO की सैटेलाइट तस्वीरों से खुला हादसे का राज, 175 की मौत

रसुवा जिला: काठमांडू के ठीक ऊपर का स्ट्रैटेजिक पॉइंट

रसुवा जिला काठमांडू के ठीक उत्तर में स्थित एक पहाड़ी जिला है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यह इलाका सिर्फ भौगोलिक रूप से ही नहीं बल्कि रणनीतिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण है। यह नेपाल और चीन के बीच का प्रमुख व्यापार मार्ग है। यहीं से trade, tourism, pilgrimage, hydro power – सब कुछ प्रभावित होता है।

अगर गौर करें तो इस बाढ़ ने सिर्फ गांवों और इंफ्रास्ट्रक्चर को ही नष्ट नहीं किया, बल्कि नेपाल-चीन के बीच के critical economic और transport corridor को भी काफी नुकसान पहुंचाया है।

🔍 यह भी पढ़ें- बड़ा संकट! Nepal Tea Crisis में फंसे 3000 किसान, भारत के नए नियम बने वजह

‘वॉल ऑफ वाटर’: जब बर्फ, पत्थर और मलबा एक साथ बहा

समझने वाली बात यह है कि यह कोई सामान्य नदी में आई बाढ़ नहीं थी। इसे ‘Ice-Rock Avalanche Triggered Flash Flood’ कहा जा रहा है। जब 2000 फीट चौड़ा ग्लेशियर टूटा तो उसमें सिर्फ बर्फ और पानी ही नहीं था, बल्कि बड़े-बड़े पत्थर, मिट्टी, पेड़, गाड़ियां – सब कुछ शामिल हो गया।

यह ‘वॉल ऑफ वाटर’ (पानी की दीवार) की तरह था जो अचानक से आया और सब कुछ चुटकियों में बहा ले गया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे इमीग्रेशन ऑफिस पूरी तरह पानी में डूब गया। यहां कोई चेतावनी नहीं मिली, कोई वक्त नहीं मिला – बस अचानक से यह विनाशकारी बाढ़ आ गई।

भोते कोसी और त्रिशूली: हिमालयन रिवर सिस्टम का हिस्सा

यह बाढ़ कई नदियों में फैल गई। प्रमुख रूप से भोते कोसी नदी और त्रिशूली नदी प्रणाली प्रभावित हुई। ये नदियां हिमालयन रिवर सिस्टम का हिस्सा हैं जो तिब्बत में शुरू होती हैं।

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि भोते कोसी तिब्बत में शुरू होती है और आगे चलकर सनकोशी नदी से मिलती है। त्रिशूली नदी मध्य नेपाल में नारायणी नदी प्रणाली की प्रमुख सहायक नदी है।

देखा जाए तो ऊपर से शुरू हुई यह बाढ़ अलग-अलग नदी प्रणालियों में फैल गई और अंततः यह पानी भारत की तरफ बहता है। इसीलिए भारत में भी अलर्ट जारी किया गया है।

यह भी पढे़ं 👇

Wheat Export Ban

Wheat Export Ban Removed: गेहूं निर्यात पर 4 साल का प्रतिबंध हटा, रोटी महंगी होगी?

गुरूवार, 27 अगस्त 2026
Nepal Floods Chandigarh Alert

Nepal Floods Chandigarh Alert: प्रशासन ने लापता लोगों की जानकारी मांगी, कंट्रोल रूम सेटअप

गुरूवार, 27 अगस्त 2026
Punjab Bandh

Punjab Bandh: CM Mann की मीटिंग रद्द, बीएमसी चौक पर कर्मचारियों का हंगामा

गुरूवार, 27 अगस्त 2026
Iran Oman Hormuz Strait Deal

Iran Oman Hormuz Strait Deal: अमेरिका की सहमति पर निर्भर, 45 शिप ब्लैकलिस्ट

गुरूवार, 27 अगस्त 2026
157 मौतें, 500+ लापता: असली संख्या अभी पता नहीं

अब तक 157 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। लेकिन समझने वाली बात यह है कि असली संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है। करीब 500 से ज्यादा लोग लापता हैं – इनमें स्थानीय लोग भी हैं और पर्यटक भी।

हर 2-4 घंटे में जब नए अपडेट आ रहे हैं, तो मृतकों की संख्या में 50-60 का इजाफा हो रहा है। दिलचस्प बात यह है कि जब तक लाशें नहीं मिलतीं, तब तक उन्हें आधिकारिक रूप से मृत घोषित नहीं किया जाता। इसलिए जैसे-जैसे शव बरामद होंगे, यह आंकड़ा बढ़ता जाएगा।

100+ भारतीय लापता: कैलाश मानसरोवर यात्री भी शामिल

Nepal China Border Flash Flood में 100 से ज्यादा भारतीय लापता बताए जा रहे हैं। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि रसुवा जिला एक बड़ा ट्रेडिंग सेंटर है। यहां व्यापार होता है, पर्यटक आते हैं।

खास बात यह है कि कई भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए इस रास्ते से गुजर रहे थे। तीर्थयात्री, व्यापारी और पर्यटक – सभी इस आपदा में फंस गए।

Nepal China Border Flash Flood: सेकंड फ्लड का खतरा भी

अगर गौर करें तो एक और बड़ा खतरा है – सेकंड फ्लड का। क्या होता है कि जब इतनी बड़ी मात्रा में बाढ़ आती है तो इसमें बड़े-बड़े पत्थर और चट्टानें होती हैं। कई बार किसी जगह पर ये पत्थर इकट्ठा होकर पानी को रोक देते हैं।

फिर जब ऊपर से और पानी का दबाव बढ़ता है, तो यह बांध भी टूट जाता है और अचानक से दूसरी बाढ़ आ जाती है। अधिकारियों ने इसी खतरे को देखते हुए चेतावनी दी है कि लोग सतर्क रहें।

बिहार और उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट

समझने वाली बात यह है कि नेपाल में आई यह बाढ़ भारत को भी प्रभावित कर सकती है। खासकर बिहार में गंडक नदी और कोसी नदी के किनारे बसे इलाकों में खतरा है।

इसीलिए भारत में बिहार और उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। अधिकारी लगातार नदियों के जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं।

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि ये नेपाल से निकलने वाली नदियां अंततः इंडो-गंगा के मैदानों में आती हैं। इसलिए ऊपर से अचानक आया पानी नीचे भारतीय इलाकों में भी बाढ़ ला सकता है।

क्लाइमेट चेंज की भूमिका: हिमालय तेजी से गर्म हो रहा

अगर गौर करें तो सीधे तौर पर यह नहीं कहा जा सकता कि यह बाढ़ सिर्फ क्लाइमेट चेंज की वजह से आई। लेकिन हां, क्लाइमेट चेंज एक बेहद महत्वपूर्ण कारक है जो ऐसी घटनाओं को बढ़ावा देता है।

हिंदू कुश हिमालय तेजी से गर्म हो रहा है। जब तापमान बढ़ता है तो ग्लेशियर जो पहले मजबूती से जमे थे, वे ढीले होने लगते हैं। फिर ऐसी घटनाएं होती हैं।

देखा जाए तो क्लाइमेट चेंज ऐसी परिस्थितियां बनाता है जो इस तरह की विनाशकारी घटनाओं को संभव बनाती हैं। ग्लेशियर पिघलना, अचानक टूटना – ये सब बढ़ती गर्मी के प्रभाव हैं।

PM Modi की तुरंत प्रतिक्रिया: भारत मदद के लिए तैयार

Nepal China Border Flash Flood की खबर मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तुरंत नेपाल के प्रधानमंत्री बरन शाह से बातचीत की। पहले तो उन्होंने संवेदना व्यक्त की और फिर कहा कि “India is ready to provide all possible humanitarian assistance.”

नेपाल के प्रधानमंत्री बरन शाह ने भी इसे स्वीकार किया और ट्वीट किया: “We deeply appreciate your warm words of solidarity and your generous offer of assistance to Nepal during this difficult time.”

यह दोनों देशों के बीच की दोस्ती और सॉलिडेरिटी को दिखाता है। मुश्किल वक्त में भारत हमेशा नेपाल के साथ खड़ा रहा है और इस बार भी वही हो रहा है।

300+ वाहन बह गए, कस्टम ऑफिस तबाह

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ दिख रहा है कि कस्टम चेकप्वाइंट पर खड़े 300 से ज्यादा वाहन और ट्रक पलक झपकते ही बह गए। कस्टम के मुख्य अधिकारी राजिंदर धुंगाना और कई अन्य लोग जान बचाने के लिए नजदीकी जंगल में भाग गए।

देखा जाए तो जो बिल्डिंग्स थीं, इमीग्रेशन ऑफिस था – सब कुछ चुटकियों में ध्वस्त हो गया। क्योंकि इसमें सिर्फ पानी नहीं था, बल्कि बर्फ, पत्थर, मलबा सब कुछ था। यही कारण है कि इसे ‘बम विस्फोट’ की तरह डेडली माना जा रहा है।

सैटेलाइट इमेज: बाढ़ से पहले और बाद का अंतर

सैटेलाइट तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि बाढ़ से पहले और बाद में कितना बड़ा अंतर आया है। जो क्षेत्र हरे-भरे थे, जहां बस्तियां थीं, वे अब मलबे और मिट्टी से भरे पड़े हैं।

वैज्ञानिक सैटेलाइट इमेजरी देख रहे हैं और पुष्टि कर रहे हैं कि ग्लेशियर के बड़े हिस्से टूट गए हैं। यह तबाही का पैमाना दिखाता है।

नेपाल के आधुनिक इतिहास की सबसे घातक बाढ़

सुरक्षा अधिकारियों और आपदा विशेषज्ञों का मानना है कि यह नेपाल के आधुनिक इतिहास में सबसे घातक बाढ़ों में से एक हो सकती है। इतनी अचानक, इतनी विनाशकारी बाढ़ पहले नहीं देखी गई।

समझने वाली बात यह है कि यहां कोई बारिश नहीं हुई थी, कोई चेतावनी नहीं थी। बस अचानक से ग्लेशियर टूटा और तबाही मच गई। यही इसे सबसे खतरनाक बनाता है।

मुख्य बातें (Key Points)
  • नेपाल-चीन बॉर्डर पर 26 अगस्त सुबह 9 बजे 2000 फीट चौड़ा ग्लेशियर टूटा
  • 5200 मीटर की ऊंचाई से 1 किमी नीचे गिरकर ‘बम विस्फोट’ जैसी घटना
  • रसुवा जिले में ice-rock avalanche triggered flash flood, 157 मौतें पुष्टि
  • 500+ लोग लापता, इनमें 100+ भारतीय और कैलाश मानसरोवर यात्री शामिल
  • US भूकंप मॉनिटरिंग ने पहले 4.4 मैग्नीट्यूड भूकंप समझा
  • भोते कोसी, त्रिशूली नदी प्रणाली प्रभावित, ‘वॉल ऑफ वाटर’ जैसी बाढ़
  • 300+ वाहन बहे, इमीग्रेशन ऑफिस पूरी तरह तबाह
  • बिहार और UP में हाई अलर्ट, गंडक और कोसी नदी पर निगरानी
  • PM मोदी ने नेपाल PM से बात की, सभी संभव मदद की पेशकश
  • सेकंड फ्लड का खतरा, क्लाइमेट चेंज की भूमिका पर चर्चा
  • नेपाल के आधुनिक इतिहास की सबसे घातक बाढ़ों में से एक

FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: नेपाल-चीन सीमा पर अचानक बाढ़ क्यों आई?

उत्तर: 26 अगस्त को सुबह 9 बजे नेपाल-तिब्बत सीमा के रसुवा जिले में 5200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित 2000 फीट चौड़ा ग्लेशियर अचानक टूट गया। यह 1 किमी नीचे घाटी में गिरा जिससे ice-rock avalanche triggered flash flood आई। इसमें बर्फ, पत्थर और मलबा शामिल था जो ‘वॉल ऑफ वाटर’ की तरह बहा।

प्रश्न 2: नेपाल बाढ़ में कितने भारतीय लापता हैं?

उत्तर: 100 से ज्यादा भारतीय लापता बताए जा रहे हैं। इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए जा रहे तीर्थयात्री, व्यापारी और पर्यटक शामिल हैं। कुल 157 लोगों की मौत हो चुकी है और 500+ लोग लापता हैं। रसुवा एक प्रमुख व्यापार और पर्यटन मार्ग है।

प्रश्न 3: क्या भारत पर भी नेपाल बाढ़ का असर होगा?

उत्तर: हां, बिहार और उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट जारी है। नेपाल से निकलने वाली गंडक और कोसी नदियां भारत में आती हैं। इसलिए अचानक आया पानी भारतीय इलाकों में बाढ़ ला सकता है। साथ ही सेकंड फ्लड का भी खतरा है जब मलबे से बने अस्थायी बांध टूटते हैं।

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

CJI Surya Kant on AI in Courts: जजों की जगह नहीं ले सकती आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

Next Post

Iran Oman Hormuz Strait Deal: अमेरिका की सहमति पर निर्भर, 45 शिप ब्लैकलिस्ट

अभिनव कश्यप

अभिनव कश्यप

अभिनव कश्यप 'The News Air' के संस्थापक और मुख्य संपादक (Chief Editor) हैं। डिजिटल मीडिया में उनके अनुभव में ग्राउंड रिपोर्टिंग, न्यूज़ डेस्क ऑपरेशन और एडिटोरियल लीडरशिप शामिल है। वे हर खबर की फैक्ट-चेकिंग और संपादन की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करते हैं। राजनीति, चुनाव विश्लेषण, सामाजिक मुद्दे और डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स उनकी विशेषज्ञता के प्रमुख क्षेत्र हैं। अभिनव का संपादकीय सिद्धांत है "सनसनी नहीं, सच्चाई; तेज़ी नहीं, तथ्य।"

Related Posts

Wheat Export Ban

Wheat Export Ban Removed: गेहूं निर्यात पर 4 साल का प्रतिबंध हटा, रोटी महंगी होगी?

गुरूवार, 27 अगस्त 2026
Nepal Floods Chandigarh Alert

Nepal Floods Chandigarh Alert: प्रशासन ने लापता लोगों की जानकारी मांगी, कंट्रोल रूम सेटअप

गुरूवार, 27 अगस्त 2026
Punjab Bandh

Punjab Bandh: CM Mann की मीटिंग रद्द, बीएमसी चौक पर कर्मचारियों का हंगामा

गुरूवार, 27 अगस्त 2026
Iran Oman Hormuz Strait Deal

Iran Oman Hormuz Strait Deal: अमेरिका की सहमति पर निर्भर, 45 शिप ब्लैकलिस्ट

गुरूवार, 27 अगस्त 2026
AI in Indian Courts

CJI Surya Kant on AI in Courts: जजों की जगह नहीं ले सकती आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

गुरूवार, 27 अगस्त 2026
Mohan bhagwat speech

RSS Chief Mohan Bhagwat NYC Event: न्यूयॉर्क में कम्युनिटी अलर्ट जारी, टकराव से बचें

गुरूवार, 27 अगस्त 2026
Next Post
Iran Oman Hormuz Strait Deal

Iran Oman Hormuz Strait Deal: अमेरिका की सहमति पर निर्भर, 45 शिप ब्लैकलिस्ट

Punjab Bandh

Punjab Bandh: CM Mann की मीटिंग रद्द, बीएमसी चौक पर कर्मचारियों का हंगामा

Nepal Floods Chandigarh Alert

Nepal Floods Chandigarh Alert: प्रशासन ने लापता लोगों की जानकारी मांगी, कंट्रोल रूम सेटअप

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।