Food Safety Seminar Punjab में पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज पटियाला के होटल शौर्या में “रंगला पंजाब हमारी साझा जिम्मेदारी – सुरक्षित एवं पौष्टिक खाद्य, अच्छे स्वास्थ्य का आधार” विषय पर आयोजित सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। यह सेमिनार डिप्टी कमिश्नर पटियाला, सिविल सर्जन कार्यालय और फूड सेफ्टी विभाग के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया गया।
देखा जाए तो यह पहल उस समय आई है जब पूरे देश में खाद्य सुरक्षा और मिलावट के मुद्दे लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। पंजाब सरकार इस दिशा में जागरूकता फैलाने का गंभीर प्रयास कर रही है।
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“जैसा अन्न, वैसा मन” – केवल कहावत नहीं, जीवन का मूल मंत्र
सेमिनार को संबोधित करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि “जैसा अन्न, वैसा मन” केवल एक कहावत नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन का मूल मंत्र है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार शुद्ध हवा और स्वच्छ पानी मानव स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं, उसी प्रकार सुरक्षित, पौष्टिक और मानक गुणवत्ता वाला खाद्य भी स्वस्थ जीवन का महत्वपूर्ण आधार है।
समझने वाली बात यह है कि स्वास्थ्य मंत्री ने सिर्फ सरकारी भाषण नहीं दिया बल्कि खाद्य सुरक्षा को लोगों के स्वास्थ्य से सीधे जोड़ते हुए एक व्यापक दृष्टिकोण पेश किया।
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रंगला पंजाब के सपने के लिए स्वस्थ खान-पान जरूरी
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा सृजित किए जा रहे ‘रंगला पंजाब’ के सपने को साकार करने के लिए लोगों में स्वस्थ खान-पान के प्रति जागरूकता पैदा करना समय की प्रमुख आवश्यकता है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इसी उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा ऐसे जागरूकता सेमिनार लगातार आयोजित किए जा रहे हैं। यह सिर्फ एक बार का कार्यक्रम नहीं बल्कि एक सतत प्रक्रिया है।
कृषि विश्वविद्यालय और GADVASU के विशेषज्ञ भी शामिल
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इस सेमिनार में कृषि विश्वविद्यालय, गुरु अंगद देव वेटरिनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी (GADVASU) के विशेषज्ञों तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती करने वाले किसानों ने भाग लिया।
दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने कहा कि ये संस्थान आपसी तालमेल से नई पीढ़ी को रसायन-मुक्त और जैविक खाद्य के महत्व के बारे में जागरूक करेंगे। यह एक multi-stakeholder approach है जहां शैक्षणिक संस्थान, किसान और सरकार मिलकर काम कर रहे हैं।
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जैविक खेती से स्वस्थ अनाज
अगर गौर करें तो उन्होंने कहा कि जैविक खेती करने वाले किसान रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग से परहेज करते हैं, जिससे स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण अनाज तैयार होता है।
डॉ. बलबीर सिंह ने लोगों से अधिक से अधिक प्राकृतिक और जैविक खाद्य अपनाने की अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ समाज की नींव सुरक्षित भोजन पर ही टिकी होती है।
फूड बिजनेस ऑपरेटरों की नियमित जांच
समझने वाली बात यह है कि उन्होंने यह भी बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा फूड बिजनेस ऑपरेटरों और खाद्य पदार्थ बेचने वाले विक्रेताओं की नियमित जांच की जाती है ताकि लोगों को मानक गुणवत्ता वाला और सुरक्षित खाद्य उपलब्ध हो सके तथा किसी भी प्रकार की मिलावट या गैर-मानक खाद्य को रोका जा सके।
यह केवल जागरूकता अभियान नहीं बल्कि सख्त निगरानी तंत्र भी है जो यह सुनिश्चित करता है कि खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन हो।
कौन-कौन थे मौजूद?
इस अवसर पर फूड सेफ्टी कमिश्नर कनवरप्रीत बराड़, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर नवरीत कौर सेखों, डीन C.O.C.S. किरण बैंस, पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) के वाइस चांसलर डॉ. एस.एस. गोसल, GADVASU के वाइस चांसलर जे.एस. गिल, पिंगलवाड़ा से राजवीर सिंह, NGO से मिस प्रगति, ऑर्गेनिक प्रोड्यूसर गुरमीत सिंह, खेती विरासत मिशन के उमेंद्र दत्त, सरपंच कनसुआ हरप्रीत सिंह, CEO चेयर्स फूड एंड बेवरेजेस हरेंद्र पाल सिंह लांबा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गुरप्रीत कौर, सिविल सर्जन डॉ. शेली जेटली सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, विशेषज्ञ, किसान तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
क्यों जरूरी है यह पहल?
देखा जाए तो पंजाब में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग एक बड़ी चुनौती रहा है। यह न केवल मिट्टी की उर्वरता को प्रभावित करता है बल्कि खाद्य पदार्थों में रसायनों की मात्रा बढ़ाता है जो सीधे मानव स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि पंजाब में कैंसर के बढ़ते मामलों को अक्सर पानी और खाद्य पदार्थों में रसायनों की मौजूदगी से जोड़ा जाता है। ऐसे में जैविक खेती और रसायन-मुक्त खाद्य की दिशा में यह कदम स्वागत योग्य है।
मुख्य बातें (Key Points)
- पटियाला में “रंगला पंजाब – सुरक्षित एवं पौष्टिक खाद्य” पर फूड सेफ्टी सेमिनार आयोजित
- स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा – “जैसा अन्न, वैसा मन” स्वस्थ जीवन का मूल मंत्र
- PAU और GADVASU के विशेषज्ञ तथा जैविक किसान शामिल हुए
- जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर, रासायनिक उर्वरकों से परहेज की अपील
- फूड बिजनेस ऑपरेटरों की नियमित जांच का भरोसा
- खेती विरासत मिशन के उमेंद्र दत्त सहित कई गणमान्य उपस्थित













