8th Pay Commission MACP Update को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी निराशा हाथ लगी है। आठवें वेतन आयोग का बेसब्री से इंतजार कर रहे कर्मचारियों के बीच सरकार की तरफ से एक ऐसा अपडेट आया है जिसने कई पूर्व कर्मचारियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। संसद में सरकार ने प्रमोशन से जुड़ी अहम MACP स्कीम यानी Modified Assured Career Progression को लेकर स्थिति साफ कर दी है।
केंद्र सरकार ने साफ शब्दों में बता दिया है कि खास समय सीमा के दौरान रिटायर हुए कर्मचारियों को इस योजना का कोई लाभ नहीं दिया जाएगा। देखा जाए तो यह फैसला हजारों रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए बड़ा धक्का है।
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किन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा लाभ?
केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि छठे वेतन आयोग के दौरान यानी 1 जनवरी 2006 से लेकर 31 अगस्त 2008 के बीच रिटायर हुए केंद्रीय सिविलियन कर्मचारियों को इस MACP योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
समझने वाली बात यह है कि यह सवाल 23 जुलाई 2026 को राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने संसद में उठाया था। उन्होंने कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय से पूछा था कि 2006 से 2008 के बीच रिटायर हुए कर्मचारियों को MACP स्कीम के फायदे क्यों नहीं दिए गए?
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सरकार का जवाब: उस समय योजना थी ही नहीं
इस सवाल के जवाब में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन में स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने MACP स्कीम को छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत 1 सितंबर 2008 से लागू किया था।
अगर गौर करें तो मंत्री ने कहा कि 1 जनवरी 2006 से 31 अगस्त 2008 के बीच यह योजना अस्तित्व में ही नहीं थी, इसलिए इस दौरान सेवा दे रहे या सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों पर इस योजना को लागू करने या इसका लाभ देने का कोई सवाल नहीं उठता।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि सरकार ने कानूनी और तार्किक आधार पर यह निर्णय लिया है क्योंकि किसी योजना को पूर्वव्यापी प्रभाव से लागू करना संभव नहीं होता।
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MACP क्या है और क्यों है जरूरी?
MACP यानी Modified Assured Career Progression केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक संजीवनी की तरह है, खासकर ग्रुप सी और ग्रुप डी के कर्मचारियों के लिए क्योंकि उनके पास प्रमोशन के मौके अक्सर कम होते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि इस योजना के तहत अगर किसी कर्मचारी को लगातार 10 साल तक कोई प्रमोशन नहीं मिलता तो उसे नौकरी के 10, 20 और 30 साल की रेगुलर सर्विस पूरी करने पर या एक ही ग्रेड पे में 10 साल गुजारने पर तीन फाइनेंशियल अपग्रेडेशन यानी आर्थिक पदोन्नति (वेतन वृद्धि) दिए जाते हैं।
भले ही कर्मचारी को पद में प्रमोशन न मिले, लेकिन उसकी सैलरी बढ़ जाती है। यह उन कर्मचारियों के लिए बहुत बड़ी राहत है जो पूरी जिंदगी एक ही पद पर काम करते रहते हैं।
आठवें वेतन आयोग से बड़ी उम्मीदें
भले ही पुरानी तारीखों में रिटायर हुए कर्मचारियों को इस फैसले से निराशा हाथ लगी हो, लेकिन मौजूदा कर्मचारी संगठन आठवें वेतन आयोग से बड़ी उम्मीद लगाए बैठे हैं।
वर्तमान में कर्मचारियों के प्रमुख संगठन National Council of Joint Consultative Machinery और All India Defence Employees Federation ने आठवें वेतन आयोग को अपना मेमोरेंडम सौंपा है।
MACP में पांच प्रमोशन की मांग
इस ज्ञापन में प्रमुख मांग यह रखी गई है कि MACP के तहत मिलने वाले प्रमोशन की संख्या को तीन से बढ़ाकर पांच कर दिया जाए। समझने वाली बात यह है कि अगर यह मांग मान ली जाती है तो कर्मचारियों को 40-50 साल की सेवा में पांच बार वेतन वृद्धि मिल सकेगी।
कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि जीवन प्रत्याशा बढ़ी है और कई कर्मचारी 60 साल की उम्र तक काम करते हैं। ऐसे में तीन की जगह पांच अपग्रेडेशन उनके जीवन स्तर को बेहतर बना सकते हैं।
DA और सैलरी हाइक की भी उम्मीद
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि आठवें वेतन आयोग से कर्मचारियों को केवल MACP में बदलाव की ही उम्मीद नहीं है। वे महंगाई भत्ता (DA) में बढ़ोतरी और बेसिक सैलरी में भारी इजाफे की भी मांग कर रहे हैं।
अगर गौर करें तो सातवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था। कर्मचारी चाहते हैं कि आठवें वेतन आयोग में यह 3.68 या उससे भी ज्यादा हो ताकि उनकी सैलरी में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हो सके।
2006-2008 के रिटायर्ड कर्मचारी क्या करें?
दिलचस्प बात यह है कि जिन कर्मचारियों को यह झटका लगा है, उनके पास अब कानूनी विकल्प बचते हैं। वे चाहें तो अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं और यह मांग कर सकते हैं कि योजना को पूर्वव्यापी प्रभाव से लागू किया जाए।
हालांकि कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में सफलता मिलना मुश्किल होता है क्योंकि सरकारी योजनाओं को आमतौर पर पीछे की तारीख से लागू नहीं किया जाता।
मुख्य बातें (Key Points)
- 1 जनवरी 2006 से 31 अगस्त 2008 के बीच रिटायर हुए केंद्रीय कर्मचारियों को MACP का लाभ नहीं मिलेगा
- सरकार का तर्क: उस समय योजना अस्तित्व में ही नहीं थी, 1 सितंबर 2008 से लागू हुई
- MACP के तहत 10-20-30 साल में तीन फाइनेंशियल अपग्रेडेशन मिलते हैं
- कर्मचारी संगठनों ने आठवें वेतन आयोग से MACP में पांच प्रमोशन की मांग की है
- आठवें वेतन आयोग से DA और सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद













