8th Pay Commission Fitment Factor OPS Update को लेकर देशभर के तकरीबन 55 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों की नजरें इस समय 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। लेकिन कोलकाता में 10 जुलाई को हुई बैठक के बाद से आयोग की किसी अगली आधिकारिक बैठक की तारीख या किसी नई अपडेट की घोषणा नहीं हुई है।
इसी बीच आयोग की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई को पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र सरकार द्वारा समान नागरिक संहिता (UCC) ड्राफ्ट समिति का अध्यक्ष भी नियुक्त किया गया है।
देखा जाए तो इस नई जिम्मेदारी के बाद से कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच इस बात को लेकर आशंकाएं पैदा हो गई हैं कि कहीं UCC के काम के चलते 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट और सिफारिशों में देरी न हो जाए।
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12 दिनों से कोई खबर नहीं
शायद पहली बार ऐसा हो रहा है जब आयोग के काम के बारे में 12 दिन तक कोई खोज-खबर नहीं मिली है। ऐसे में यह जानना बहुत जरूरी है कि आखिर देश के जिन राज्यों में आयोग की बैठक नहीं हुई है, वहां आयोग कब जाएगा और 10 जुलाई से अब तक आयोग ने क्या किया है?
समझने वाली बात यह है कि वेतन आयोग आमतौर पर अलग-अलग राज्यों में जाकर कर्मचारी संगठनों, ट्रेड यूनियनों और सरकारी विभागों से मुलाकात करता है। लेकिन कोलकाता के बाद से कोई बैठक नहीं हुई।
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कर्मचारी संगठनों की चिंता
ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लॉय फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मनजीत सिंह पटेल ने इस मुद्दे पर कर्मचारियों का पक्ष रखते हुए कहा कि 10 जुलाई की बैठक के बाद से आयोग की गतिविधियों को लेकर कोई स्पष्ट अपडेट सामने नहीं आया है।
उन्होंने कहा कि आयोग की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई को पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र सरकार द्वारा UCC कमेटी का भी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस वजह से लगभग 1 करोड़ 20 लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के मन में यह आशंका घर कर रही है कि क्या वेतन आयोग के काम में अनावश्यक विलंब हो सकता है?
दिलचस्प बात यह है कि पटेल ने यह भी कहा कि अध्यक्ष की दोहरी जिम्मेदारी से कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति बन गई है।
सरकार से स्पष्टीकरण की मांग
डॉ. मंजीत पटेल ने भारत सरकार और 8वें वेतन आयोग की अध्यक्ष से अपील की है कि वे कर्मचारियों के बीच फैली इस असमंजस और आशंका की स्थिति को दूर करें। सरकार और आयोग किसी भी माध्यम से एक आधिकारिक संदेश जारी कर स्पष्ट करें कि वेतन आयोग का काम पूरी मुस्तैदी और सक्रियता से चल रहा है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि कर्मचारी केवल वेतन वृद्धि की ही उम्मीद नहीं कर रहे, बल्कि वे पारदर्शिता और समय पर रिपोर्ट भी चाहते हैं।
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फिटमेंट फैक्टर: कितना होगा?
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.28 से 2.86 या 2.57 होने का अनुमान है। वहीं कर्मचारी संगठन जैसे NCJCM की मांग 3.83 गुना करने की है, जिससे न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 से बढ़कर सीधे ₹69,000 हो सकती है।
अगर गौर करें तो 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, जिससे न्यूनतम वेतन ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हो गया था। इस बार कर्मचारी संगठन इससे ज्यादा की उम्मीद कर रहे हैं।
| वेतन आयोग | फिटमेंट फैक्टर | न्यूनतम बेसिक सैलरी (पहले) | न्यूनतम बेसिक सैलरी (बाद) |
|---|---|---|---|
| 7वां (2016) | 2.57 | ₹7,000 | ₹18,000 |
| 8वां (अनुमानित – सरकारी) | 2.28-2.86 | ₹18,000 | ₹41,000-₹51,000 |
| 8वां (NCJCM की मांग) | 3.83 | ₹18,000 | ₹69,000 |
इस सवाल पर सरकार या आयोग की ओर से फिलहाल कुछ स्पष्ट नहीं किया गया है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि फिटमेंट फैक्टर 2.5 से 2.8 के बीच हो सकता है।
OPS की बहाली: क्या है स्थिति?
सरकार ने 3 नवंबर 2025 को जारी किए गए गजट नोटिफिकेशन में NPS, UPS की समीक्षा करने के आदेश दिए थे। लेकिन कर्मचारी संगठन और यूनियन लगातार OPS (Old Pension Scheme) की बहाली की मांग कर रहे हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि या तो सरकार OPS की बहाली करे या फिर पेंशन में न्यूनतम गारंटी, सही फंड मैनेजमेंट और पर्याप्त सरकारी योगदान सुनिश्चित करे ताकि भविष्य में पेंशन सुरक्षित रहे।
समझने वाली बात यह है कि OPS में सरकार पूरी पेंशन की जिम्मेदारी लेती थी, जबकि NPS में कर्मचारी का योगदान बाजार पर निर्भर करता है। UPS एक बीच का रास्ता है, जहां न्यूनतम पेंशन की गारंटी दी जाती है।
DA Hike का इंतजार
8वें वेतन आयोग के अलावा, कर्मचारी महंगाई भत्ता (DA) में बढ़ोतरी का भी इंतजार कर रहे हैं। हर छह महीने में DA रिवाइज होता है – जनवरी और जुलाई में।
जुलाई 2026 में DA 53% से बढ़कर 55-56% होने की संभावना है। इसकी आधिकारिक घोषणा अगस्त या सितंबर में हो सकती है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि DA में हर 1% की वृद्धि से करोड़ों रुपए का खर्च सरकार पर पड़ता है, इसलिए इसे बहुत सोच-समझकर तय किया जाता है।
अगली बैठक कब होगी?
फिलहाल 8वें वेतन आयोग की अगली बैठक की कोई तारीख घोषित नहीं हुई है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में उत्तर प्रदेश, राजस्थान या मध्य प्रदेश में बैठक हो सकती है, लेकिन कोई पुष्टि नहीं है।
सवाल उठता है कि क्या UCC की जिम्मेदारी वाकई वेतन आयोग के काम में बाधा बन रही है? क्या सरकार समय पर रिपोर्ट पेश कर पाएगी?
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
पेंशन और वेतन मामलों के विशेषज्ञ बी.पी. माथुर का कहना है, “वेतन आयोग का काम एक जटिल प्रक्रिया है। अध्यक्ष की दोहरी जिम्मेदारी चिंता का विषय है, लेकिन आयोग में अन्य सदस्य भी हैं जो काम जारी रख सकते हैं। फिर भी सरकार को जल्द से जल्द स्पष्टीकरण देना चाहिए।”
एक अन्य विश्लेषक ने कहा कि 7वें वेतन आयोग की रिपोर्ट आने में 18 महीने लगे थे। 8वें आयोग की रिपोर्ट 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में आ सकती है।
कर्मचारियों को क्या करना चाहिए?
- आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लें, अफवाहों पर ध्यान न दें
- अपने कर्मचारी संगठन या यूनियन से जुड़े रहें
- सरकारी वेबसाइट और आयोग की घोषणाओं पर नजर रखें
- अपने प्रतिनिधि के माध्यम से सरकार तक आवाज पहुंचाएं
मुख्य बातें (Key Points)
- 8वें वेतन आयोग की 10 जुलाई के बाद से कोई बैठक नहीं हुई
- अध्यक्ष रंजना प्रकाश देसाई को UCC कमेटी का भी अध्यक्ष बनाया गया
- 1.2 करोड़ कर्मचारी और पेंशनभोगी चिंतित हैं
- फिटमेंट फैक्टर 2.28-2.86 होने का अनुमान, NCJCM की मांग 3.83
- OPS की बहाली की मांग जारी, UPS की समीक्षा चल रही
- DA 55-56% होने की संभावना, घोषणा अगस्त-सितंबर में
- कर्मचारी संगठनों ने सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की













