8th Pay Commission Proposal: 8वें वेतन आयोग को लेकर देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों की नजरें टिकी हुई हैं। हर कर्मचारी यही जानना चाहता है कि आखिर नई सैलरी कितनी बढ़ेगी? क्या बेसिक पे में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा? देखा जाए तो सबसे बड़ी चर्चा इस समय उस प्रस्ताव की हो रही है, जिसमें न्यूनतम बेसिक सैलरी को 18 हजार रुपये से बढ़ाकर 72 हजार रुपये करने की मांग रखी गई है।
लेकिन समझने वाली बात यह है कि यह फैसला नहीं हुआ है, बल्कि यह सिर्फ एक सुझाव है। इस समय आठवां वेतन आयोग देश के अलग-अलग हिस्सों में कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और पेंशन भोगियों से सुझाव ले रहा है। आयोग का उद्देश्य यह समझना है कि मौजूदा वेतन ढांचे में किन बदलावों की जरूरत है और कर्मचारियों की प्रमुख मांगें क्या हैं।
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देशभर में चल रही हैं बैठकें
हाल ही में आयोग ने ओडिशा के भुवनेश्वर में दो दिनों तक बैठक की। इसके बाद अब कोलकाता में भी विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ चर्चा की जा रही है। अगर गौर करें तो इससे पहले दिल्ली, लखनऊ, हैदराबाद, श्रीनगर और लद्दाख में भी ऐसी बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं।
इन बैठकों में सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है। फिटमेंट फैक्टर वो आधार होता है जिसके जरिए कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी तय की जाती है। यहां ध्यान देने वाली बात है कि सातवें वेतन आयोग में यह 2.57 था।
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2.86 से 3.8 तक फिटमेंट फैक्टर की मांग
लेकिन इस बार अलग-अलग कर्मचारी संगठनों ने इसे बढ़ाने की मांग की है। ज्यादातर यूनियन 2.86 से 3.8 के बीच फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रही हैं। दिलचस्प बात यह है कि उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई और जीवन यापन की लागत को देखते हुए कर्मचारियों को बेहतर वेतन मिलना चाहिए।
इसी बीच एक और बड़ा प्रस्ताव सामने आया है। भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ ने आयोग के सामने चार गुना फिटमेंट फैक्टर लागू करने का सुझाव रखा है। अगर भविष्य में ऐसा प्रस्ताव स्वीकार किया जाता है तो मौजूदा ₹18,000 की न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर ₹72,000 तक पहुंच सकती है।
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यह सिर्फ प्रस्ताव है, फैसला नहीं
हालांकि यहां एक बात साफ समझना बेहद जरूरी है। यह आयोग का फैसला नहीं है बल्कि एक कर्मचारी संगठन द्वारा दिया गया प्रस्ताव है। अभी तक आठवें वेतन आयोग ने न्यूनतम वेतन या फिटमेंट फैक्टर को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। यानी फिलहाल ₹72,000 की बेसिक सैलरी को मंजूरी नहीं मिली है।
कर्मचारियों की अन्य मांगें
सिर्फ फिटमेंट फैक्टर ही नहीं, कर्मचारी संगठनों ने आयोग के सामने कई और मांगें भी रखी हैं। इनमें शामिल हैं:
- महंगाई भत्ता (DA) में बदलाव
- मकान किराया भत्ता (HRA) में वृद्धि
- ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) में संशोधन
- ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) को फिर से लागू करना
कुछ कर्मचारी संघों ने ओल्ड पेंशन स्कीम यानी OPS को फिर से लागू करने की भी मांग दोहराई है। उनका कहना है कि पुरानी पेंशन व्यवस्था कर्मचारियों के भविष्य के लिए अधिक सुरक्षित मानी जाती है।
अब क्या होगा
अब आयोग सभी कर्मचारी संगठनों और यूनियनों से मिले सुझावों का अध्ययन करेगा। इसके बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर केंद्र सरकार को सौंपेगा। अंतिम फैसला केंद्र सरकार ही करेगी कि किन सिफारिशों को लागू किया जाए और किन्हें नहीं।
यानी फिलहाल कर्मचारियों के सामने कई बड़े प्रस्ताव जरूर हैं, लेकिन इन्हें अंतिम फैसला मानना सही नहीं होगा। आने वाले महीनों में इस पर और स्पष्टता आएगी।
मुख्य बातें (Key Points)
- 8वें वेतन आयोग ने देशभर में कर्मचारी संगठनों से सुझाव लिए
- ₹18,000 से ₹72,000 बेसिक सैलरी का प्रस्ताव, फैसला नहीं
- फिटमेंट फैक्टर 2.86 से 3.8 के बीच की मांग
- भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ ने 4 गुना फिटमेंट फैक्टर का सुझाव दिया
- DA, HRA, TA और OPS की बहाली की भी मांग
- अंतिम फैसला केंद्र सरकार करेगी













