Omar Abdullah Legal Notice: जम्मू-कश्मीर की राजनीति में भूचाल आ गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रदेश के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को 100 करोड़ रुपये का मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है। देखा जाए तो बीजेपी का आरोप है कि मुख्यमंत्री ने पार्टी पर विधायकों को खरीदने के झूठे, निराधार और मानहानिकारक आरोप लगाए हैं।
राज्यसभा सांसद और जम्मू-कश्मीर बीजेपी अध्यक्ष सतपाल शर्मा की ओर से जारी इस नोटिस में उमर अब्दुल्ला को 7 दिनों के भीतर बिना शर्त माफी मांगने को कहा गया है। समझने वाली बात है कि ऐसा न करने पर दीवानी और आपराधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
🔍 यह भी पढ़ें- INDIA Bloc Meeting: विपक्षी एकता पर जोर, मोदी सरकार के खिलाफ रणनीति
उमर अब्दुल्ला ने क्या कहा था
भारतीय जनता पार्टी ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को कथित रूप से झूठे, निराधार और मानहानिकारक आरोप लगाने के मामले में 100 करोड़ के मानहानि दावे की चेतावनी देते हुए कानूनी नोटिस भेजा है। जम्मू-कश्मीर बीजेपी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सतपाल शर्मा की ओर से अधिवक्ता परिमोक्ष सेठ द्वारा जारी नोटिस में मुख्यमंत्री से 7 दिनों के भीतर अपने आरोपों को लिखित रूप से वापस लेने और बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगने को कहा गया है।
नोटिस के अनुसार 11 जुलाई 2026 को श्रीनगर में आयोजित एक सम्मेलन के दौरान उमर अब्दुल्ला ने आरोप लगाया था कि बीजेपी के एक पदाधिकारी ने जम्मू क्षेत्र के नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों को पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने के लिए 20 से 30 करोड़, मंत्री पद और साथ ही जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल कराने का आश्वासन दिया था।
🔍 यह भी पढ़ें- iPhone 16 Plus पर ₹25,000 का Discount, Flipkart/Amazon नहीं, JioMart पर है Sale
सुप्रीम कोर्ट के वकील का आरोप
दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया था कि बीजेपी का एक वरिष्ठ पदाधिकारी, जो सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता भी है, वह विधायकों को कथित तौर पर रिश्वत की पेशकश कर रहा था। बीजेपी ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा, दुर्भावनापूर्ण और तथ्यहीन करार देते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री के बयान का व्यापक प्रसारण प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और इंटरनेट मीडिया के विभिन्न माध्यमों से हुआ, जिससे पार्टी की प्रतिष्ठा और सार्वजनिक छवि को गंभीर क्षति पहुंची है।
दीवानी और आपराधिक कार्रवाई की चेतावनी
नोटिस में कहा गया है कि इस प्रकार के आरोप मानहानि की श्रेणी में आते हैं और इनके आधार पर दीवानी तथा आपराधिक दोनों प्रकार की कानूनी कार्रवाही की जा सकती है। यहां ध्यान देने वाली बात है कि बीजेपी ने चेतावनी दी है कि अगर 7 दिनों के भीतर आरोप वापस लेकर सार्वजनिक माफी नहीं मांगी गई तो पार्टी मुख्यमंत्री के खिलाफ 100 करोड़ के मानहानि दावे सहित अन्य विधिक कार्यवाही शुरू करेगी।
बीजेपी ने मुख्यमंत्री से भविष्य में भी पार्टी के विरुद्ध किसी भी प्रकार के कथित झूठे, भ्रामक या मानहानिकारक बयान देने अथवा प्रकाशित कराने से परहेज करने को कहा है।
💡 यह भी पढ़ें- AC Working Science: ठंडा नहीं कर रहा तो Mechanic बुलाने से पहले जानें
दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी
नोटिस में बीजेपी ने यह भी कहा है कि वह 14 करोड़ से अधिक पंजीकृत सदस्यों वाली विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को वैश्विक शक्ति बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।
अगर गौर करें तो सीधे तौर पर बीजेपी ने साफ कर दिया है कि दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बीजेपी ने मुख्यमंत्री को भविष्य में ऐसे बयानों से दूर रहने की नसीहत भी दी है।
अब क्या होगा
अब देखना बेहद दिलचस्प होगा कि बीजेपी के इस 100 करोड़ के मानहानि नोटिस पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस का क्या जवाब आता है। क्या मुख्यमंत्री माफी मांगेंगे या फिर जम्मू-कश्मीर की यह राजनीतिक जंग अब अदालत की दहलीज तक पहुंचेगी।
इस मामले ने जम्मू-कश्मीर की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है और आने वाले दिनों में इस पर और भी घटनाक्रम सामने आने की उम्मीद है।
मुख्य बातें (Key Points)
- बीजेपी ने उमर अब्दुल्ला को 100 करोड़ का मानहानि नोटिस भेजा
- विधायकों को 20-30 करोड़ की रिश्वत देने का आरोप झूठा: बीजेपी
- 7 दिनों में माफी की मांग, नहीं तो कानूनी कार्रवाई
- राज्यसभा सांसद सतपाल शर्मा ने भेजा नोटिस
- 11 जुलाई को श्रीनगर में सम्मेलन में लगाए थे आरोप
- दीवानी और आपराधिक दोनों तरह की कार्रवाई की चेतावनी













