Monsoon Heavy Rain Alert India को लेकर भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 जुलाई 2026 को महत्वपूर्ण प्रेस रिलीज जारी की है। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गुजरात, मध्य प्रदेश के शेष हिस्सों, राजस्थान और हरियाणा के कुछ और हिस्सों में प्रवेश कर लिया है।
बंगाल की उत्तर-पश्चिमी खाड़ी में एक निम्न दबाव क्षेत्र बना हुआ है, जिसके प्रभाव से देश के मध्य भागों में अगले 4-5 दिनों तक मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। देखा जाए तो कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, दक्षिण गुजरात, पश्चिम मध्य प्रदेश और ओडिशा में अति भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। दिलचस्प बात यह है कि मछुआरों को अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में न जाने की सख्त चेतावनी दी गई है।
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मानसून की आगे बढ़त: अब कहां पहुंचा
IMD के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 3 जुलाई 2026 को उत्तर अरब सागर के कुछ और हिस्सों, गुजरात, मध्य प्रदेश के शेष भागों, और राजस्थान तथा हरियाणा के कुछ और क्षेत्रों में प्रवेश कर लिया है।
मानसून की उत्तरी सीमा (Northern Limit of Monsoon) अब 22°N/60°E, 22°N/65°E, जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार, भटिंडा और 32.5°N/70°E से होकर गुजर रही है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि अगले 4-5 दिनों के दौरान उत्तर अरब सागर के कुछ और हिस्सों, गुजरात, हरियाणा और पंजाब के शेष भागों, और राजस्थान के कुछ और हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां हैं।
अति भारी वर्षा: रेड अलर्ट वाले क्षेत्र
IMD ने निम्नलिखित क्षेत्रों में अत्यधिक भारी वर्षा (≥21 सेमी) की चेतावनी जारी की है:
3-6 जुलाई के दौरान:
- कोंकण (रेड अलर्ट)
- मध्य महाराष्ट्र (रेड अलर्ट)
- दक्षिण गुजरात क्षेत्र (रेड अलर्ट)
3-4 जुलाई को:
- पश्चिम मध्य प्रदेश (रेड अलर्ट)
- ओडिशा (रेड अलर्ट)
- सौराष्ट्र और कच्छ (रेड अलर्ट)
समझने वाली बात यह है कि इन क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर 21 सेमी से अधिक बारिश हो सकती है, जो बाढ़, जलभराव और भूस्खलन का कारण बन सकती है।
पिछले 24 घंटे में हुई भारी बारिश
2 जुलाई की सुबह 8:30 से 3 जुलाई की सुबह 8:30 तक दर्ज की गई सबसे अधिक वर्षा:
अति भारी वर्षा (≥21 सेमी):
- ओडिशा: अंभाभोना (बरगढ़ जिला) – 32 सेमी
- गुजरात क्षेत्र: वलसाड – 25 सेमी
- सौराष्ट्र और कच्छ: मांगरोल (जूनागढ़) – 32 सेमी
अत्यधिक भारी वर्षा (12-20 सेमी):
- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: मयाबंदर – 14 सेमी
- मध्य महाराष्ट्र: महाबलेश्वर (सतारा) – 19 सेमी
- विदर्भ: गोंदिया – 16 सेमी
- कोंकण: मंडनगड (रत्नागिरी) – 16 सेमी
अगर गौर करें तो महाराष्ट्र, गुजरात और ओडिशा में लगातार भारी बारिश हो रही है।
तेज हवाओं का कहर: 80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार
पिछले 24 घंटों में कई स्थानों पर 40 किमी प्रति घंटा से अधिक तेज हवाएं चलीं:
- पश्चिम राजस्थान: जैसलमेर – 80 किमी/घंटा (सबसे तेज)
- मध्य महाराष्ट्र: दोंदाइचा (धुले) – 74 किमी/घंटा
- हरियाणा: कैथल – 68 किमी/घंटा
- पंजाब: फरीदकोट – 63 किमी/घंटा
- पूर्वी राजस्थान: जयपुर – 56 किमी/घंटा
इन तेज हवाओं के कारण पेड़ों की शाखाएं टूटने, बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त होने और कच्चे मकानों को नुकसान होने की रिपोर्टें आई हैं।
क्षेत्रवार मौसम पूर्वानुमान
उत्तर-पश्चिम भारत:
- जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड में 3-9 जुलाई तक व्यापक वर्षा
- हरियाणा-दिल्ली और पंजाब में 6-8 जुलाई को अच्छी बारिश
- पूर्वी राजस्थान में लगातार बारिश जारी रहेगी
- हिमाचल प्रदेश में 6-7 जुलाई को अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना
मध्य भारत:
- छत्तीसगढ़, पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ में व्यापक वर्षा
- पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3-4 जुलाई को अति भारी वर्षा
- छत्तीसगढ़ में 4-8 जुलाई तक भारी से अत्यधिक भारी वर्षा
पूर्वी भारत:
- अंडमान-निकोबार, गंगीय पश्चिम बंगाल, सिक्किम में लगातार बारिश
- ओडिशा में 3-4 जुलाई को अति भारी वर्षा
- झारखंड में 3-4 जुलाई को मध्यम से तीव्र बिजली गतिविधि
पश्चिमी भारत:
- कोंकण-गोवा, गुजरात क्षेत्र में 3-9 जुलाई तक व्यापक वर्षा
- मध्य महाराष्ट्र में 3-7 जुलाई तक भारी बारिश
- सौराष्ट्र-कच्छ में 3-6 जुलाई को अच्छी बारिश
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत:
- तटीय कर्नाटक, केरल में लगातार बारिश
- केरल में 3-9 जुलाई तक भारी से अत्यधिक भारी वर्षा
- तेलंगाना में 3-5 जुलाई को व्यापक वर्षा
मछुआरों के लिए चेतावनी: यहां न जाएं
IMD ने मछुआरों को निम्नलिखित क्षेत्रों में समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी दी है:
अरब सागर:
- गुजरात, कोंकण, गोवा और कर्नाटक तट के साथ और आसपास – 8 जुलाई तक
- पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्व अरब सागर – 8 जुलाई तक
- सोमालिया और ओमान तट के साथ – 8 जुलाई तक
- केरल तट के साथ, लक्षद्वीप क्षेत्र – 3-5 जुलाई
बंगाल की खाड़ी:
- दक्षिण श्रीलंका तट के साथ – 7 जुलाई
- गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा तट के साथ – 7 जुलाई तक
- उत्तर और दक्षिण आंध्र प्रदेश तट – 7 जुलाई तक
- अंडमान सागर – 7 जुलाई तक
चिंता का विषय यह है कि समुद्र में तेज हवाएं (60-125 किमी/घंटा तक) और ऊंची लहरें चल रही हैं, जो मछुआरों के लिए अत्यंत खतरनाक हैं।
दिल्ली-NCR का मौसम: अगले 4 दिन
3 जुलाई: आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। शाम/रात में हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं (30-50 किमी/घंटा)। अधिकतम तापमान 34-36°C।
4 जुलाई: आम तौर पर बादल छाए रहेंगे। दोपहर/शाम में हल्की बारिश की संभावना। तापमान 34-36°C (अधिकतम) और 26-28°C (न्यूनतम)।
5 जुलाई: कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं (40-60 किमी/घंटा)। तापमान 32-34°C।
6 जुलाई: सुबह/दोपहर में हल्की बारिश की संभावना। तापमान 31-33°C।
संभावित प्रभाव और सावधानियां
अति भारी वर्षा से संभावित प्रभाव:
- शहरी क्षेत्रों में सड़कों पर जलभराव और अंडरपास बंद होना
- भारी बारिश के कारण दृश्यता में कमी
- प्रमुख शहरों में यातायात में व्यवधान
- कच्ची सड़कों को नुकसान
- कमजोर संरचनाओं को नुकसान की संभावना
- स्थानीय भूस्खलन/मिट्टी धंसने की घटनाएं
- बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान
- कुछ नदी घाटियों में बाढ़ की संभावना
सुझाई गई कार्रवाई:
- अपने गंतव्य के लिए निकलने से पहले यातायात की स्थिति जांचें
- जारी यातायात सलाह का पालन करें
- ऐसे क्षेत्रों में जाने से बचें जहां अक्सर जलभराव होता है
- कमजोर संरचनाओं में रहने से बचें
- सुरक्षित आश्रय लें; पेड़ों के नीचे आश्रय न लें
- बिजली/इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग करें
- पानी के स्रोतों से तुरंत बाहर निकलें
किसानों के लिए कृषि सलाह
असम: धान की नर्सरी, जूट, अदरक, हल्दी से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करें। गन्ने की फसल को गिरने से बचाने के लिए सहारा दें।
मेघालय: धान की नर्सरी, मक्का, अदरक, केले के बागानों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें। भारी बारिश से युवा पौधों की रक्षा करें।
ओडिशा: भारी बारिश के दौरान मूंग की बुवाई से बचें। धान, मक्का, बाजरा और दलहनी फसलों के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करें।
गुजरात: धान की नर्सरी, गन्ने, भिंडी, सब्जियों के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालें।
कोंकण: धान, रागी और सब्जियों की नर्सरी बुवाई, मूंगफली की बुवाई स्थगित करें। केले के पौधों को सहारा दें।
कर्नाटक: धान की क्यारियों, धान के खेतों, सुपारी, नारियल के खेतों और फलों के बागों में जल जमाव रोकने के लिए उचित जल निकासी सुनिश्चित करें।
पशुधन/मुर्गीपालन/मत्स्य पालन सलाह
- भारी बारिश के दौरान जानवरों को शेड के अंदर रखें और उन्हें संतुलित आहार प्रदान करें
- चारा और खाद्य को सुरक्षित स्थान पर रखें
- जानवरों को साफ, ठंडा पीने का पानी दें
- मुर्गी पालन शेड की छतों को घास से ढकें
- तालाबों के चारों ओर जाली के साथ उचित आउटलेट बनाएं
मौसम विज्ञानियों का विश्लेषण
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की उत्तर-पश्चिमी खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र अगले 2 दिनों में और अधिक चिह्नित हो जाएगा। इसके प्रभाव से मध्य भारत में मानसून सक्रिय रहेगा।
समुद्र तल पर मौसमी गर्त उत्तर-पश्चिम राजस्थान से बंगाल की खाड़ी के निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र तक फैला हुआ है। महाराष्ट्र से कर्नाटक तट तक ऑफ-शोर गर्त भी सक्रिय है।
दिलचस्प बात यह है कि पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है, जो उत्तरी क्षेत्रों में बारिश में योगदान दे रहा है।
अगले सप्ताह का आउटलुक
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4-5 दिनों तक मध्य भारत, पश्चिमी तट और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा। 10 जुलाई के बाद बारिश की तीव्रता में कमी आने की संभावना है।
हालांकि, केरल, कर्नाटक तटीय क्षेत्र में लगातार बारिश जारी रहने की उम्मीद है। उत्तर भारत में भी 6-9 जुलाई के बीच अच्छी बारिश की संभावना है।
मुख्य बातें (Key Points)
- मानसून ने गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में प्रवेश किया
- कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, दक्षिण गुजरात में 3-6 जुलाई तक अति भारी वर्षा का रेड अलर्ट
- पश्चिम मध्य प्रदेश और ओडिशा में 3-4 जुलाई को अति भारी बारिश
- बंगाल की उत्तर-पश्चिमी खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय
- मछुआरों को अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में न जाने की चेतावनी
- पिछले 24 घंटे में ओडिशा के बरगढ़ में 32 सेमी बारिश दर्ज
- दिल्ली-NCR में 5 जुलाई को तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना












