IMD Heavy Rainfall Alert : भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 जून 2026 को एक महत्वपूर्ण प्रेस विज्ञप्ति जारी की है जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश और गर्मी की लहर की चेतावनी दी गई है। यह केवल एक मौसम पूर्वानुमान नहीं है – यह लाखों लोगों की सुरक्षा, कृषि और दैनिक जीवन को प्रभावित करने वाली गंभीर चेतावनी है।
देखा जाए तो मानसून 2026 ने अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग रूप दिखाए हैं – कहीं बाढ़ का खतरा तो कहीं झुलसा देने वाली गर्मी।
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मुख्य चेतावनी – कहां क्या खतरा?
समझने वाली बात यह है कि IMD ने दो प्रमुख खतरों की पहचान की है:
1. अत्यधिक भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall):
| क्षेत्र | तारीख | चेतावनी स्तर |
|---|---|---|
| सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम | 28-29 जून | Red Alert (अत्यधिक भारी) |
| असम और मेघालय | 28 जून | Red Alert |
| अरुणाचल प्रदेश | 28 जून | Red Alert |
पिछले 24 घंटों में रिकॉर्ड बारिश:
- मेघालय का मावक्यरवाट: 39 सेमी (असाधारण भारी)
- सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल का इंडोंग: 26 सेमी
- अरुणाचल प्रदेश का पासीघाट: 15 सेमी
2. लू/गर्मी की लहर (Heat Wave):
| क्षेत्र | तारीख | तीव्रता |
|---|---|---|
| पूर्वी उत्तर प्रदेश | 28-29 जून | Severe Heat Wave (सीवियर) |
| पश्चिमी उत्तर प्रदेश | 28-29 जून | Severe Heat Wave |
| बिहार | 28-29 जून | Heat Wave |
| हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली | 28-30 जून | Heat Wave |
तापमान रिकॉर्ड:
- फलोदी (राजस्थान): 43.8°C (सबसे अधिक)
- कई जगहों पर 40-43°C के बीच
मानसून की प्रगति – कहां पहुंचा, कहां अटका?
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि मानसून 2026 की Northern Limit (उत्तरी सीमा) अभी भी कुछ राज्यों में प्रवेश करने के लिए संघर्ष कर रही है:
मानसून की वर्तमान स्थिति (28 जून):
- उत्तरी अरब सागर के कुछ हिस्से
- गुजरात
- मध्य प्रदेश
- छत्तीसगढ़ (शेष भाग)
- झारखंड और बिहार (शेष भाग)
- उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड (कुछ हिस्से)
अगले 2-3 दिनों में आगे बढ़ेगा:
- हिमाचल प्रदेश (कुछ हिस्से)
- जम्मू-कश्मीर-लद्दाख (कुछ हिस्से)
- दक्षिणपूर्व राजस्थान
दिलचस्प बात यह है कि उत्तर प्रदेश में एक विरोधाभासी स्थिति है – एक तरफ मानसून धीरे-धीरे प्रवेश कर रहा है, दूसरी तरफ सीवियर हीट वेव जारी है!
पूर्वोत्तर भारत – बाढ़ का गंभीर खतरा
समझने की जरूरत यह है कि पूर्वोत्तर भारत में स्थिति बेहद गंभीर है। मेघालय में 39 सेमी बारिश का मतलब है लगभग 15 इंच पानी 24 घंटे में!
प्रभावित क्षेत्र और चेतावनी:
असम और मेघालय:
- 28-30 जून: भारी से अत्यधिक भारी बारिश
- ब्रह्मपुत्र और अन्य नदियों में बाढ़ का खतरा
- भूस्खलन की संभावना
सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम:
- 28-29 जून: एक्सट्रीमली हेवी रेनफॉल
- 30 जून: बहुत भारी बारिश
- पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का उच्च जोखिम
अरुणाचल प्रदेश:
- 28-29 जून: अत्यधिक भारी बारिश
- दूरदराज के इलाकों में संपर्क टूटने का खतरा
यूपी-बिहार में लू का कहर – कितनी गंभीर है स्थिति?
दिलचस्प बात यह है कि जब देश का एक हिस्सा बाढ़ से जूझ रहा है, वहीं दूसरा हिस्सा झुलसा देने वाली गर्मी का सामना कर रहा है।
Severe Heat Wave की परिभाषा:
- सामान्य से 6.5°C या अधिक तापमान
- या वास्तविक अधिकतम तापमान ≥47°C
Heat Wave की परिभाषा:
- सामान्य से 4.5°C से 6.4°C अधिक तापमान
- या वास्तविक तापमान ≥45°C
स्वास्थ्य पर प्रभाव:
| जोखिम स्तर | प्रभावित लोग | लक्षण |
|---|---|---|
| उच्च | बच्चे, बुजुर्ग, chronic diseases | Heat stroke, dehydration |
| मध्यम | बाहर काम करने वाले | थकान, चक्कर आना |
| सामान्य | सभी | असुविधा, पसीना |
मौसम प्रणालियां – क्यों हो रहा है यह सब?
समझने वाली बात यह है कि कई मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं:
1. Seasonal Trough (मौसमी गर्त):
- पंजाब से बिहार तक फैला हुआ
- यह मानसूनी बारिश का मुख्य मार्ग है
2. Western Disturbance:
- मध्य troposphere में एक trough
- 2 जुलाई से नया Western Disturbance आएगा
3. Cyclonic Circulation (चक्रवाती परिसंचरण):
- मध्य प्रदेश के ऊपर
- पूर्वी-मध्य अरब सागर के ऊपर
- उत्तरी तेलंगाना के ऊपर
4. Trough (गर्त) कई जगह:
- पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश से तेलंगाना तक
- तटीय आंध्र प्रदेश से मध्य महाराष्ट्र तक
यह सभी प्रणालियां मिलकर जटिल मौसम पैटर्न बना रही हैं।
दिल्ली-NCR के लिए विशेष चेतावनी
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि राजधानी क्षेत्र के लिए अलग से विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया गया है:
28 जून (आज):
- आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे
- Heat Wave की संभावना
- अधिकतम तापमान: 41-43°C
- शाम/रात को हल्की बारिश, गरज, बिजली और तेज हवाओं की संभावना
- हवा की गति: 30-40 kmph, झोंके 50 kmph तक
29 जून:
- हल्की बारिश की संभावना
- अधिकतम: 40-42°C
- न्यूनतम: 29-31°C
- तेज हवाएं जारी
30 जून:
- मौसम में सुधार
- अधिकतम: 38-40°C
- गरज और तूफान के साथ बारिश
1 जुलाई:
- आमतौर पर बादल छाए रहेंगे
- अधिकतम: 37-39°C (सामान्य के करीब)
- बारिश, गरज और तेज हवाएं
मछुआरों के लिए चेतावनी – समुद्र में न जाएं
दिलचस्प बात यह है कि IMD ने मछुआरों को कई क्षेत्रों में समुद्र में न जाने की सलाह दी है:
बंगाल की खाड़ी:
- पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और उत्तरी आंध्र प्रदेश तट: 1-3 जुलाई
- दक्षिण श्रीलंका तटों के पास: 28 जून-3 जुलाई
- अंडमान सागर: 28 जून-3 जुलाई
अरब सागर:
- सोमालिया तटों और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर: 28 जून-3 जुलाई
- दक्षिण ओमान तटों के पास: 30 जून-3 जुलाई
- कोंकण, गोवा, कर्नाटक, केरल तट: 29 जून-3 जुलाई
यह चेतावनियां जान बचाने के लिए हैं।
कृषि पर प्रभाव – किसानों के लिए सलाह
समझने की जरूरत यह है कि IMD ने कृषि-मौसम सलाह भी जारी की है:
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में:
पूर्वोत्तर राज्य:
- धान की नर्सरी में उचित जल निकासी
- सब्जियों की कटाई जल्द करें
- फसलों को जलभराव से बचाएं
- प्राकृतिक mulching सामग्री का उपयोग
सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम:
- धान की रोपाई भारी बारिश के दौरान न करें
- पहले से बोई गई नर्सरी को straw mulch से ढकें
कोंकण और मध्य महाराष्ट्र:
- धान, बाजरा और सब्जियों की नर्सरी में जल निकासी की व्यवस्था
Heat Wave वाले क्षेत्रों में:
बिहार और उत्तर प्रदेश:
- सब्जियों और फलों के बागों में हल्की सिंचाई
- Mulching करें मिट्टी की नमी बचाने के लिए
- अस्थायी shade nets का उपयोग
स्वास्थ्य और सुरक्षा – जनता के लिए सलाह
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि IMD ने विभिन्न खतरों के लिए अलग-अलग सुरक्षा सलाह दी है:
गरज-बिजली और तूफान के लिए:
- खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें
- पेड़ों के नीचे शरण न लें
- बिजली गिरने के दौरान कंक्रीट के फर्श पर न लेटें
- इलेक्ट्रिकल उपकरणों को unplug करें
- पानी के शरीरों से तुरंत बाहर निकलें
भारी बारिश के लिए:
- जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें
- Traffic advisories का पालन करें
- Vulnerable structures में न रहें
- आपातकालीन किट तैयार रखें
Heat Wave के लिए:
- धूप में exposure से बचें
- भरपूर पानी पिएं
- ORS, लस्सी, नींबू पानी, छाछ का उपयोग
- बाहरी काम सुबह/शाम में करें
- हल्के रंग के कपड़े पहनें
पिछले सप्ताह की तुलना – मौसम कैसे बदल रहा है?
दिलचस्प बात यह है कि मौसम में तेज़ी से बदलाव हो रहा है:
तापमान में परिवर्तन:
- उत्तर-पश्चिम भारत: 29 जून तक कोई बड़ा बदलाव नहीं, फिर 30 जून-2 जुलाई में 4-6°C की गिरावट
- महाराष्ट्र: 30 जून तक स्थिर, फिर 3-5°C गिरावट
- गुजरात: 1 जुलाई तक स्थिर, फिर 2-3°C गिरावट
बारिश का पैटर्न:
- मध्य भारत में तेज़ी
- पूर्वोत्तर में जारी
- दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में सामान्य
क्लाइमेट चेंज का संकेत? विशेषज्ञों की राय
समझने वाली बात यह है कि यह extreme weather events जलवायु परिवर्तन के संकेत हो सकते हैं:
चिंताजनक पैटर्न:
- एक ही समय में कहीं बाढ़, कहीं लू
- Extreme rainfall events की बढ़ती आवृत्ति
- Heat waves की तीव्रता और अवधि में वृद्धि
- मानसून का अनिश्चित व्यवहार
दीर्घकालिक प्रभाव:
- कृषि उत्पादकता
- जल संसाधन प्रबंधन
- शहरी बुनियादी ढांचा
- स्वास्थ्य प्रणाली पर दबाव
मुख्य बातें (Key Points)
- सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल, असम-मेघालय में 28-29 जून को अत्यधिक भारी बारिश का Red Alert
- पूर्वी और पश्चिमी UP में 28-29 जून को Severe Heat Wave की चेतावनी
- मेघालय में पिछले 24 घंटे में 39 सेमी बारिश रिकॉर्ड
- दिल्ली में Heat Wave जारी, 30 जून से राहत की संभावना
- मछुआरों को कई समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह












