Gurdaspur firing case में रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। पंजाब के गुरदासपुर जिले में मंगलवार रात एक युवक ने अपनी मौसी, उसके 12 साल के बेटे और अपने फौजी दोस्त की गोली मारकर हत्या कर दी, और फिर खुद को भी गोली मार ली। यह वारदात मुंडी करल गांव में हुई, जो बटाला के शेखवां पुलिस थाने के अधीन आता है।
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कौन थे मृतक
पुलिस ने हमलावर की पहचान मनजोत सिंह के रूप में की है। बाकी मृतकों में उसकी मौसी हरजीत कौर, उनका बेटा हरि अमृतपाल सिंह और मनजोत का दोस्त प्रगट सिंह शामिल हैं, जो बताया जा रहा है कि एक फौजी थे।
चिंता का विषय यह है कि एक 12 साल का मासूम भी इस वारदात का शिकार बन गया।
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रोकने आगे आए फौजी दोस्त को लगी गोली
पुलिस के मुताबिक प्रगट सिंह को उस वक्त जानलेवा गोली लगी जब वे मनजोत को गोली चलाने से रोकने के लिए आगे बढ़े। यानी एक दोस्त ने दूसरों को बचाने की कोशिश में अपनी जान गंवा दी।
हमले के बाद युवक अपने घर लौटा, रसोई में गया और खुद को गोली मारकर जान दे दी।
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पुलिस और फोरेंसिक टीम पहुंची
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और बटाला सिटी के डीएसपी सुखिंदर सिंह मौके पर पहुंचे। एक फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। शव पुलिस की कस्टडी में हैं और पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल, बटाला की मॉर्चरी भेजे गए हैं।
हर एंगल से जांच जारी
पुलिस आगे के तथ्यों की पुष्टि करने और मामले को हर पहलू से जांचने की प्रक्रिया में जुटी है। फिलहाल वारदात के पीछे की असल वजह साफ नहीं हो पाई है।
आम लोगों पर असर
इस तरह की पारिवारिक हिंसा की घटनाएं पूरे समाज को झकझोर देती हैं। एक ही परिवार और करीबी दायरे में हुई इस वारदात ने इलाके में मातम और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
मुख्य बातें (Key Points)
- गुरदासपुर के मुंडी करल गांव में युवक ने तीन लोगों की हत्या की।
- मृतकों में मौसी हरजीत कौर, 12 वर्षीय बेटा और फौजी दोस्त शामिल।
- फौजी दोस्त प्रगट सिंह को रोकने की कोशिश में गोली लगी।
- हमलावर मनजोत सिंह ने घर लौटकर खुद को गोली मार ली।













