Strait of Hormuz Ship Attack Indian Seafarers : Strait of Hormuz के पास Palau झंडे वाले जहाज ‘MT Settebello’ पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इनमें उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के सुरौली गांव के रहने वाले शिवानंद चौरसिया भी शामिल हैं। देखा जाए तो यह भारतीय नाविक परिवारों के लिए एक दर्दनाक दिन है।
जब परिवार को यह खबर मिली तो वे पूरी तरह टूट गए। शिवानंद के रिश्तेदार और पड़ोसी भावुक हो गए और कई लोग फूट-फूटकर रोने लगे। समझने वाली बात यह है कि शिवानंद अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे और पिछले कई महीनों से समुद्र में काम कर रहे थे।
🔍 यह भी पढ़ें- Ghost Cruise Ship पर फैला Hantavirus: 3 मौतें, 150 यात्री फंसे, कोई इलाज नहीं!
‘परसों रात ही तो बात हुई थी’: पिता का दर्द
शिवानंद के जीजा संजय चौरसिया ने बताया कि इस घटना से कुछ समय पहले ही परिवार की उनसे आखिरी बार बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा, “हमें दफ्तर से जानकारी मिली है। उनके दो बच्चे हैं। हमारी परसों शाम को बात हुई थी। उन्होंने बताया था कि वे एक ईरानी जहाज पर हैं, लेकिन इससे अधिक कुछ नहीं कहा था।”
शिवानंद के पिता रामजी चौरसिया अपनी आखिरी बातचीत को याद करते हुए रो पड़े। हंसते-हंसते उन्होंने कहा, “हमें खबर मिली कि जहाज पर बम फटा है… लड़का करीब 8-9 महीने पहले गया था… हमारी परसों रात 9 बजे बात हुई थी… उसने कहा था कि सब कुछ ठीक है।” यह कहते हुए वे आंसुओं में डूब गए।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि समुद्र में काम करने वाले नाविकों का परिवार से संपर्क सीमित होता है। फोन पर बात करना भी मुश्किल होता है। ऐसे में शिवानंद की आखिरी बातचीत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन कुछ ही घंटों में सब बदल गया।
🔍 यह भी पढ़ें- अटलांटिक में फंसा Hantavirus Cruise Ship: दो भारतीय भी सवार, 3 मौतें, कोई देश नहीं लेने दे रहा जहाज
‘वह परिवार का इकलौता कमाने वाला था’: पड़ोसी
पड़ोसी रोहन शाही ने बताया कि शिवानंद परिवार में कमाने वाला इकलौता सदस्य था और उसने समुद्र में नौकरी हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत की थी। उन्होंने कहा, “वह इकला कमाने वाला था। वह धीरे-धीरे परिवार की स्थिति को सुधार रहा था। जहाज पर यह नौकरी लेने के लिए उसने बहुत संघर्ष किया था।”
अगर गौर करें तो भारत के छोटे शहरों और गांवों से आने वाले युवा समुद्री नौकरी को एक बेहतर भविष्य के रूप में देखते हैं। हालांकि, यह काम जोखिम भरा भी होता है। समुद्री डकैती, तकनीकी खराबी, तूफान और अब इस तरह के हमले – यह सभी खतरे हमेशा मौजूद रहते हैं।
🔍 यह भी पढ़ें- Hantavirus Cruise Ship पर कहर, WHO ने किया 5 केस कंफर्म!
MT Settebello पर हमला: क्या हुआ था
यह घटना Palau झंडे वाले टैंकर ‘MT Settebello’ पर हुए हमले से संबंधित है, जिस पर 24 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे। अधिकारियों ने पुष्टि की कि 21 लोगों को बचा लिया गया है, जबकि तीन को शुरू में लापता बताया गया था। बाद में उनकी मौत की पुष्टि हुई।
‘Forward Seamen’s Union of India’ के महासचिव मनोज यादव ने दिन की शुरुआत में बताया था कि जहाज से संपर्क टूट गया था। उन्होंने ANI को बताया, “हम जहाज से संपर्क स्थापित करने में असमर्थ रहे हैं।”
उन्होंने शुरुआती अपडेट के दौरान कहा, “मेरे पास मौजूद ताजा जानकारी संकेत देती है कि दो की मौत हो चुकी है, जबकि चीफ इंजीनियर अभी भी लापता बताया जा रहा है।” उन्होंने आगे बताया कि प्रभावित तीनों नाविक विभिन्न भारतीय राज्यों के थे – हिमाचल प्रदेश, देवरिया (उत्तर प्रदेश) और आंध्र प्रदेश।
ओमान में भारतीय दूतावास का बयान
ओमान में भारतीय दूतावास ने बयान दिया, “हमें आज सुबह ओमान के शिनास बंदरगाह (Shinas port) के पास एक जहाज से संबंधित घटना के बारे में पता चला है। हम स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं और अधिक विवरणों के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहे हैं।”
इससे पहले, विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा था कि वह स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा है और ओमान के अधिकारियों के साथ बचाव कार्यों का समन्वय कर रहा है।
Strait of Hormuz: दुनिया का सबसे खतरनाक जलमार्ग
Strait of Hormuz ईरान और ओमान के बीच स्थित एक संकरा जलमार्ग है, जो पर्शियन गल्फ को अरब सागर से जोड़ता है। यह दुनिया के तेल परिवहन के लिए सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में से एक है।
दिलचस्प बात यह है कि यह क्षेत्र भू-राजनीतिक तनाव का केंद्र भी है। ईरान, अमेरिका और अन्य देशों के बीच तनाव के कारण यहां अक्सर घटनाएं होती रहती हैं। पिछले कुछ वर्षों में कई जहाजों पर हमले, जब्ती और संदिग्ध विस्फोटों की घटनाएं सामने आई हैं।
समझने वाली बात यह है कि इस क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों पर काम करना अत्यधिक जोखिम भरा है। लेकिन भारतीय नाविकों के पास अक्सर कोई विकल्प नहीं होता।
भारतीय नाविकों का योगदान और चुनौतियां
भारत दुनिया के सबसे बड़े नाविक निर्यातक देशों में से एक है। लाखों भारतीय युवा अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर काम करते हैं और अपने परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करते हैं।
हालांकि, इन्हें अक्सर खतरनाक परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। समुद्री डकैती, दुर्घटनाएं, अंतरराष्ट्रीय विवादों में फंसना – ये सभी खतरे हमेशा मौजूद रहते हैं।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि सरकार को इन नाविकों और उनके परिवारों के लिए बेहतर सुरक्षा उपाय और बीमा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
मुख्य बातें (Key Points)
- Strait of Hormuz के पास जहाज MT Settebello पर हमला
- तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि, 21 को बचाया गया
- देवरिया के शिवानंद चौरसिया सहित तीन विभिन्न राज्यों से थे
- 24 भारतीय क्रू मेंबर जहाज पर सवार थे
- भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय स्थिति पर नजर रखे हुए हैं











