Delhi Vehicle Fitness Test की व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने जा रहा है। दिल्ली में पंजीकृत व्यावसायिक वाहनों की दिल्ली में ही फिटनेस जांच कराना अनिवार्य होगा। इसके लिए दिल्ली में नौ ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर (ATS) बनेंगे, जिन पर बिना मानव हस्तक्षेप के व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच हो सकेगी। देखा जाए तो यह कदम भ्रष्टाचार रोकने और पारदर्शिता लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
दिल्ली को इसी महीने दो ऐसे ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर मिलने जा रहे हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इनका शुभारंभ कर सकते हैं। नंदनगरी और तेहखंड में इन्हें तैयार किया गया है।
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पूरी तरह Automated होगी जांच
पूरी तरह Automated इन सेंटरों में एक साल में 72,000 वाहनों की फिटनेस जांच की जा सकेगी। दिलचस्प बात यह है कि यह दिल्ली ही नहीं, देश के पहले ऐसे पूरी तरह ऑटोमेटेड सेंटर होंगे जिनमें मानव हस्तक्षेप बिल्कुल नहीं हो सकेगा। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इससे रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार की संभावना पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
DTC (Delhi Transport Corporation) इनका संचालन करेगी। इन सेंटरों में पूरी तरह से डिजिटल तरीके से निम्नलिखित की जांच की जाएगी:
- ब्रेक सिस्टम (Brake System)
- सस्पेंशन (Suspension)
- हेडलाइट (Headlight Alignment)
- एलाइनमेंट (Wheel Alignment)
- अंडरबॉडी (Underbody Inspection)
- उत्सर्जन (Emission Test)
कहां-कहां बनेंगे ATS सेंटर?
इस तरह दिल्ली में कुल नौ ATS सेंटर बनेंगे। समझने वाली बात यह है कि इनकी स्थापना चरणबद्ध तरीके से हो रही है:
| स्थिति | स्थान | विवरण |
|---|---|---|
| जून 2026 में शुरू | नंदनगरी, तेहखंड | पूरी तरह Automated, 72,000 वाहन/वर्ष क्षमता |
| मौजूदा | झुलझुली | सेमी-ऑटोमेटेड, पूरी तरह Automated किया जाएगा |
| निर्माणाधीन | बुराड़ी | नया सेंटर निर्माणाधीन |
| प्रस्तावित (5 सेंटर) | बवाना, गाजीपुर, सावदा, घेवरा, जीटी के डिपो दिनचौ कला | मुख्यमंत्री की मंजूरी के लिए फाइल भेजी गई |
अभी एक सेमी-ऑटोमेटेड सेंटर झुलझुली में चल रहा है। इसे पूरी तरह ऑटोमेटिक किया जाएगा। और बुराड़ी में नया सेंटर बनाने का काम चल रहा है। जबकि पांच अतिरिक्त सेंटर बवाना, गाजीपुर, सावदा, घेवरा, जीटी के डिपो दिनचौ कला में बनेंगे। DTC ने इन पांच की मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री के पास फाइल भेजी है।
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7 लाख वाहनों के मालिकों के लिए जरूरी
अगर गौर करें तो दिल्ली में 7 लाख के करीब व्यावसायिक वाहन हैं। इनके बनने के बाद दिल्ली से पंजीकृत वाहनों की दिल्ली में ही फिटनेस जांच करानी होगी। चिंता का विषय यह था कि पहले कई वाहन मालिक दूसरे राज्यों में फिटनेस टेस्ट कराते थे, जहां नियमों में ढील होती थी। अब यह संभव नहीं होगा।
क्या है फायदा?
Delhi Vehicle Fitness Test के Automated होने से कई फायदे होंगे:
1. पारदर्शिता: मानव हस्तक्षेप नहीं होने से भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म।
2. सड़क सुरक्षा: केवल फिट वाहन ही सड़क पर चलेंगे, दुर्घटनाओं में कमी।
3. प्रदूषण नियंत्रण: उत्सर्जन टेस्ट से प्रदूषण फैलाने वाले वाहन पकड़े जाएंगे।
4. समय की बचत: डिजिटल प्रक्रिया से जांच तेज होगी।
5. डिजिटल रिकॉर्ड: सभी डेटा डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा।
देश का पहला मॉडल
राहत की बात यह है कि दिल्ली का यह मॉडल पूरे देश के लिए एक उदाहरण बनेगा। अन्य राज्य भी इसे अपना सकते हैं। यह वाहन फिटनेस जांच में क्रांतिकारी बदलाव है।
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मुख्य बातें (Key Points)
- दिल्ली में 9 Automated Fitness Test सेंटर (ATS) बनेंगे
- नंदनगरी और तेहखंड में पहले दो इसी महीने शुरू होंगे
- अमित शाह कर सकते हैं उद्घाटन
- एक सेंटर में 72,000 वाहन/वर्ष की जांच क्षमता
- बिना मानव हस्तक्षेप के होगी जांच
- ब्रेक, सस्पेंशन, उत्सर्जन आदि की डिजिटल जांच
- दिल्ली के 7 लाख व्यावसायिक वाहनों के लिए अनिवार्य
- DTC करेगी सेंटरों का संचालन













