NEET UG Paper Leak के बहुचर्चित मामले में एक नया मोड़ आया है। Rouse Avenue Court ने मंगलवार को NEET-UG पेपर लीक के आरोपी यश यादव की अंतरिम जमानत याचिका पर CBI से जवाब मांगा है। यश यादव ने 21 जून को होने वाली NEET-UG की पुनः परीक्षा में शामिल होने और अपनी बहन की शादी में जाने के लिए 15 दिन की अंतरिम जमानत की मांग की है।
12 June को होगी अगली सुनवाई
स्पेशल जज (CBI) अजय गुप्ता ने यश यादव की अर्जी पर जवाब दाखिल करने के लिए CBI को समय दे दिया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 12 जून तय की है। दिलचस्प बात यह है कि अदालत पहले ही 2 जून को आरोपी को परीक्षा की तैयारी के लिए किताबें रखने की इजाजत दे चुकी है।
🔍 यह भी पढ़ें- NEET Paper Leak 2026: WhatsApp Group पर बिका 22 लाख छात्रों का भविष्य, जानें पूरा सच और समाधान
3 May को भी बैठा था परीक्षा में
सुनवाई के दौरान अदालत में यह भी बताया गया कि यश यादव 3 मई को हुई NEET UG की मूल परीक्षा में शामिल हुआ था। उसके वकील ने अध्ययन सामग्री तक पहुंच की इजाजत मांगते हुए दलील दी कि पुनः परीक्षा की तैयारी के लिए उसे किताबें चाहिए। सुनवाई के दौरान वकील कपिल यादव और अंबिका आरोपी की तरफ से पेश हुए।
NTA की भूमिका पर अदालत का सवाल
अदालत ने वकील से पूछा कि क्या उन्होंने इस बात की पुष्टि की है कि National Testing Agency (NTA) उसे परीक्षा में बैठने देगी, क्योंकि वह इसी केस में आरोपी है। साथ ही अदालत ने यह भी पूछा कि क्या उसे एडमिट कार्ड जारी किया गया है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि एक आरोपी का उसी परीक्षा में बैठना, जिसका पेपर उसने कथित तौर पर लीक करवाया था: यह अपने आप में बड़ी कानूनी पहेली है।
🔍 यह भी पढ़ें- NEET UG 2026 Exam Cancelled: Guess Paper Leak की वजह से 22 लाख छात्रों का भविष्य दांव पर
10 लाख रुपये में बिका था लीक Paper
आरोप है कि मंगीलाल बीवाल ने अपने बेटे विकास बीवाल के लिए प्रश्न पत्र हासिल करने के लिए शुभम खैरनार से संपर्क किया। इसके बाद बाकी आरोपियों के साथ मिलकर एक बड़ी चेन बना ली गई।
लीक की पूरी ‘चेन’ कुछ ऐसी थी
| स्टेज | किसने किसको दिया | राशि |
|---|---|---|
| 1 | शुभम → यश यादव | : |
| 2 | यश यादव → मंगीलाल | ₹10 लाख |
| 3 | मंगीलाल → विकास & दिनेश बीवाल | : |
| 4 | मंगीलाल → कई अन्य उम्मीदवार | लगभग ₹12 लाख |
Coaching के दौरान बने थे संपर्क
पूछताछ में विकास बीवाल ने कथित तौर पर बताया कि वह सीकर में कोचिंग के दौरान यश यादव के संपर्क में आया था। मतलब साफ है: इस गिरोह की जड़ें कोचिंग सेंटरों तक पहुंचती हैं।
🔍 यह भी पढ़ें- NEET-UG 2026 Paper Leak: CM Vijay ने PM Modi से की बड़ी मांग, राज्यों को दें एडमिशन का अधिकार
BNS और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत FIR
एक सरकारी अधिकारी की शिकायत पर 12 मई को BNS, भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धाराओं और परीक्षाओं में गलत तरीकों के इस्तेमाल जैसे अपराधों के तहत FIR दर्ज की गई थी। CBI ने इस केस में शुभम खैरनार, मनीषा वाघमारे, प्रहलाद कुलकर्णी, मनीषा मंधारे, मनीषा संजय हवलदार, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, डॉ. मनोज शिरूरे और तेजस हर्षद कुमार शाह समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के बाद ये सभी इस वक्त न्यायिक हिरासत में हैं।
जानें पूरा मामला
NEET UG 2026 का प्रश्न पत्र परीक्षा से पहले कथित तौर पर लीक हुआ था। CBI जांच में सामने आया कि एक संगठित गिरोह ने पैसे लेकर अलग-अलग छात्रों तक पेपर पहुंचाया। यश यादव इस गिरोह की मुख्य कड़ी बताया जा रहा है। अब वही आरोपी 21 जून की पुनः परीक्षा में बैठने के लिए अंतरिम जमानत मांग रहा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- यश यादव ने 15 दिन की अंतरिम जमानत मांगी, अगली सुनवाई 12 जून।
- 21 जून को होने वाली NEET UG पुनः परीक्षा में बैठना चाहता है।
- आरोप: 10 लाख रुपये में लीक पेपर मंगीलाल बीवाल को बेचा।
- शुभम खैरनार समेत कई आरोपी न्यायिक हिरासत में।













