Southwest Monsoon 2026 ने अपनी रफ्तार तेज कर दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 9 जून 2026 को जारी ताजा अपडेट में बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून पूर्वोत्तर राज्यों के बचे हुए हिस्सों, पूरे सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में दाखिल हो चुका है। अगले 5-7 दिनों में केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी बारिश (7-20 सेमी) का अनुमान है। और देखा जाए तो, सबसे चिंताजनक बात यह है कि 11-12 जून को पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के असर से तेज आंधी-तूफान (50-70 किमी प्रति घंटा) और ओलावृष्टि की आशंका भी जताई गई है।
मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, मानसून की उत्तरी सीमा अब 9 जून तक 18°N/60°E, 18°N/65°E, हरनई, सोलापुर, कालाबुरागी, नंद्याल, चेन्नई, सिलीगुड़ी से होकर गुजर रही है। दिलचस्प बात यह है कि अगले 4-5 दिनों में मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु के शेष भागों, बंगाल की खाड़ी, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और ओडिशा के कुछ हिस्सों में और आगे बढ़ने की पूरी संभावना है।
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केरल-कर्नाटक में भारी बारिश का अलर्ट, तमिलनाडु भी तैयार
पिछले 24 घंटों में यानी 8 जून की सुबह 8:30 बजे से 9 जून की सुबह 8:30 बजे तक कोंकण और तमिलनाडु के अलग-अलग इलाकों में बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज की गई। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, मध्य महाराष्ट्र, केरल, तेलंगाना और तटीय कर्नाटक में भी भारी वर्षा (7-11 सेमी) हुई। समझने वाली बात यह है कि कोंकण के गुहागर (रत्नागिरी) में 13 सेमी, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के गैरकाटा में 8 सेमी, केरल के वडाकारा (कोझिकोड जिला) में 11 सेमी और तमिलनाडु के चिन्नाकलार (कोयंबटूर जिला) में 12 सेमी बारिश हुई।
अब सवाल उठता है कि आगे क्या होने वाला है? मौसम विभाग का कहना है कि अगले 5-7 दिनों में केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहेगी। खासकर 9-10 जून को केरल और माहे तथा दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में बहुत भारी वर्षा (20 सेमी से ज्यादा) की आशंका है। तटीय कर्नाटक में भी 9-10 जून को बहुत भारी बारिश हो सकती है।
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पूर्वोत्तर भारत में मानसून की बारिश, असम-मेघालय अलर्ट पर
पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून ने पूरी तरह से दस्तक दे दी है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 9-15 जून के दौरान व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि 9-14 जून के दौरान अरुणाचल प्रदेश और असम-मेघालय में अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी वर्षा (20 सेमी से ज्यादा) हो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 9-13 जून तक भारी बारिश का अनुमान है।
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी 9-15 जून के दौरान व्यापक स्तर पर बारिश की संभावना है। 9-10 जून को यहां बहुत भारी वर्षा हो सकती है और 11-13 जून तक भारी बारिश जारी रह सकती है। गंगीय पश्चिम बंगाल में 10-12 जून को व्यापक बारिश की उम्मीद है।
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11-12 जून को आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का खतरा, दिल्ली-NCR भी प्रभावित
और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि 11 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इसके असर से 11-12 जून को हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, उत्तराखंड और पश्चिम उत्तर प्रदेश में तेज गति की आंधी-तूफान (50-60 किमी प्रति घंटा, जो 70 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है) चलने की आशंका है।
देखा जाए तो, सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन इलाकों में ओलावृष्टि (Hailstorm) भी हो सकती है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली और उत्तराखंड में 11-12 जून को ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। पश्चिम उत्तर प्रदेश में 12 जून को ओलावृष्टि हो सकती है। पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी राजस्थान में भी 11-13 जून के दौरान तेज आंधी और धूल भरी आंधी चल सकती है।
मध्य भारत में भी 12 जून को पश्चिम मध्य प्रदेश, पूर्व मध्य प्रदेश और विदर्भ में तेज गति की आंधी-तूफान (50-70 किमी प्रति घंटा) की संभावना है। पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 12 जून को ओलावृष्टि भी हो सकती है।
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दिल्ली-NCR में मौसम का हाल, तापमान में उतार-चढ़ाव
दिल्ली-NCR की बात करें तो पिछले 24 घंटों में यहां अधिकतम तापमान में 1-2°C और न्यूनतम तापमान में 1-3°C की वृद्धि दर्ज की गई। 8 जून को दिल्ली में अधिकतम तापमान 42-43°C और न्यूनतम तापमान 27-29°C के बीच रहा। यह तापमान सामान्य से 1.6-3.0°C ज्यादा है।
अगर गौर करें तो, 9 जून को दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और हवा की गति 20-30 किमी प्रति घंटा रहेगी, जो कभी-कभी 40 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। दोपहर/शाम को गरज के साथ बारिश की संभावना है। अधिकतम तापमान 42-44°C के बीच रहने का अनुमान है।
10 जून को भी दिल्ली में इसी तरह का मौसम रहेगा। अधिकतम तापमान 42-44°C और न्यूनतम तापमान 29-31°C के बीच रहने की उम्मीद है। लेकिन सबसे बड़ा बदलाव 11-12 जून को होने वाला है।
11 जून को दिल्ली में सुबह आंशिक बादल रहेंगे, लेकिन दोपहर के बाद आसमान में घने बादल छा जाएंगे। शाम/रात को हल्की से मध्यम बारिश, गरज, बिजली, धूल भरी आंधी और तेज हवाओं (50-60 किमी प्रति घंटा, जो 70 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है) की संभावना है। अधिकतम तापमान 41-43°C और न्यूनतम तापमान 29-31°C रहने का अनुमान है।
12 जून को दिल्ली में सुबह/दोपहर और फिर दोपहर/शाम को हल्की से मध्यम बारिश, गरज, बिजली और तेज हवाओं (40-60 किमी प्रति घंटा) की संभावना है। इस दिन तापमान में बड़ी गिरावट आएगी। अधिकतम तापमान 34-36°C और न्यूनतम तापमान 24-26°C रहने का अनुमान है। यानी तापमान सामान्य से 3-5°C नीचे रह सकता है।
लू (Heat Wave) की चेतावनी, इन राज्यों में सावधानी जरूरी
हैरान करने वाली बात यह है कि एक तरफ कई राज्यों में भारी बारिश हो रही है, तो दूसरी तरफ उत्तर भारत के कई इलाकों में लू (Heat Wave) की चेतावनी जारी है। 9-10 जून को पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, पंजाब, पश्चिमी राजस्थान और पश्चिम उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में लू चल सकती है। 11 जून को भी हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पंजाब, पश्चिमी राजस्थान और पश्चिम उत्तर प्रदेश में लू की स्थिति बनी रह सकती है।
इसके अलावा, 9-11 जून को ओडिशा, 9-10 जून को कोंकण और गोवा तथा 9 जून को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गर्म और आर्द्र (Hot & Humid) मौसम की स्थिति रहने का अनुमान है।
तापमान में बदलाव, उत्तर-पश्चिम भारत में गिरावट की उम्मीद
पिछले 24 घंटों में 8 जून को देश के उत्तर (पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को छोड़कर), मध्य और पूर्वी भारत, उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत, दक्षिणपूर्वी तटीय भारत, राजस्थान, गुजरात और आंतरिक महाराष्ट्र के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 38-44°C के बीच रहा। राजस्थान के श्रीगंगानगर में सबसे अधिक 45.6°C तापमान दर्ज किया गया।
9 जून को रात का तापमान (न्यूनतम तापमान) पूर्वी राजस्थान और पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य से काफी ज्यादा (3.1-5.0°C) रहा। पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पश्चिम उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिमी राजस्थान, गुजरात राज्य, महाराष्ट्र, असम, मणिपुर, मिजोरम, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, छत्तीसगढ़, केरल और माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में न्यूनतम तापमान सामान्य से ज्यादा (1.6-3.0°C) रहा।
आगे के दिनों में क्या होगा? मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत में 11 जून तक अधिकतम तापमान में 2-3°C की क्रमिक वृद्धि होगी, लेकिन 12-13 जून को 4-6°C की गिरावट आएगी। इसके बाद 14-15 जून को फिर से 2-3°C की वृद्धि हो सकती है। मध्य भारत में 10 जून तक तापमान में 2-3°C की वृद्धि और उसके बाद 2-4°C की गिरावट की संभावना है। पूर्वी भारत में 10 जून तक कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन 11-13 जून के दौरान 2-3°C की गिरावट आ सकती है।
मछुआरों के लिए चेतावनी, समुद्र में न जाएं
मछुआरों के लिए भी महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की गई है। उन्हें सलाह दी गई है कि 9-14 जून के दौरान निम्नलिखित क्षेत्रों में न जाएं:
बंगाल की खाड़ी में मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन, श्रीलंका तट, अंडमान सागर (9-14 जून), दक्षिण बंगाल की खाड़ी (9-12 जून), दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कई हिस्से (12-14 जून) और दक्षिण म्यांमार तट (9 जून) में न जाएं।
अरब सागर में दक्षिण महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल तट, लक्षद्वीप क्षेत्र, मालदीव क्षेत्र (9-11 जून), सोमालिया और ओमान तट (9-14 जून), उत्तर-पश्चिम अरब सागर (9-11 जून) और पूर्व-मध्य तथा दक्षिणपूर्वी अरब सागर (12-14 जून) में मछली पकड़ने न जाएं।
तेज हवाओं और आंधी-तूफान का रिकॉर्ड
पिछले 24 घंटों में कई जगहों पर तेज हवाएं और आंधी-तूफान चले। उत्तराखंड के चंपावत में 76 किमी प्रति घंटा, पूर्वी राजस्थान के अजमेर में 65 किमी प्रति घंटा और सीकर में 61 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। गंगीय पश्चिम बंगाल के झारग्राम में 74 किमी प्रति घंटा, कालना और हुगली में 72 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। ओडिशा के कलाहांडी में सबसे तेज 117 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं।
बिहार के पूर्वी चंपारण में 81 किमी प्रति घंटा, पश्चिम उत्तर प्रदेश के जालौन में 72 किमी प्रति घंटा और पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर (IAF) में 65 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं।
किसानों के लिए सलाह, फसलों की सुरक्षा जरूरी
मौसम विभाग ने किसानों के लिए भी कई महत्वपूर्ण सलाह जारी की हैं:
भारी बारिश के लिए: अरुणाचल प्रदेश में सब्जियों, मक्का, धान की नर्सरी और अन्य फसलों के खेतों में जलभराव रोकने के लिए उचित जल निकासी सुनिश्चित करें। असम में धान की नर्सरी, जूट, अदरक, सब्जियों, केला, खट्टे फलों और पपीता के खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करें। मेघालय में मक्का, अदरक, लोबिया, सब्जियों और केले के खेतों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें।
केरल में केला, नारियल, इलायची, अदरक, काली मिर्च और सब्जियों के खेतों से अतिरिक्त पानी निकाल दें। केले को सहारा दें और सब्जियों के मचान को मजबूत करें। तमिलनाडु में धान, गन्ना, केला और सब्जियों के खेतों में उचित जल निकासी बनाए रखें। कर्नाटक में धान के खेतों, सुपारी के बागानों, आम के बागों और अन्य खड़ी फसलों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें।
ओलावृष्टि के लिए: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा में पके फलों की जल्द से जल्द तुड़ाई करें। कटाई की गई उपज को सुरक्षित जगहों पर रखें।
लू के लिए: पंजाब में खड़ी फसलों, फलों के पेड़ों और सब्जियों की फसलों में हल्की और बार-बार सिंचाई करें। हरियाणा में धान की नर्सरी में नियमित रूप से जरूरत के अनुसार सिंचाई करें। उत्तर प्रदेश में मक्का, हरी मूंग, काली मूंग, सब्जियों में हल्की सिंचाई करें। पश्चिमी राजस्थान में खड़ी फसलों और सब्जियों में हल्की सिंचाई प्रदान करें।
आंधी-तूफान के लिए: कटाई की गई उपज को सुरक्षित जगहों पर रखें या खेतों में तिरपाल से ढक दें। बागवानी फसलों को यांत्रिक सहारा और सब्जियों तथा फलों के पेड़ों को बांधकर सहारा दें।
पशुपालन और मछली पालन के लिए सुझाव
ओलावृष्टि/भारी बारिश के दौरान पशुओं को शेड के अंदर रखें और उन्हें संतुलित चारा प्रदान करें। चारे और फ़ीड को खराब होने से बचाने के लिए सुरक्षित जगह पर स्टोर करें।
जिन क्षेत्रों में उच्च तापमान और लू की स्थिति है, वहां पशुओं को साफ, ठंडा पीने का पानी प्रदान करें और गर्मी के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने के लिए मुर्गी पालन शेड की छतों को घास से ढकें।
तालाबों के आसपास उचित जाली के साथ एक आउटलेट बनाएं ताकि अतिरिक्त पानी निकल सके, जिससे ओवरफ्लो की स्थिति में मछलियां बाहर न निकल पाएं।
मौसम का पूर्वानुमान: क्षेत्रवार विवरण
उत्तर-पश्चिम भारत: 9-10 जून और 13-15 जून के दौरान हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में छिटपुट बारिश की संभावना। 9-15 जून तक उत्तराखंड में बारिश जारी रहेगी। 11-12 जून को हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में व्यापक स्तर पर बारिश होगी। 11-15 जून के दौरान पंजाब, पश्चिमी राजस्थान, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली में छिटपुट बारिश हो सकती है। 9-15 जून तक पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की संभावना है।
मध्य भारत: 9-15 जून के दौरान छत्तीसगढ़, पूर्व मध्य प्रदेश, विदर्भ और पश्चिम मध्य प्रदेश में छिटपुट बारिश की संभावना।
पूर्वी भारत: 9-15 जून के दौरान अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में व्यापक स्तर पर बारिश होगी। 10-12 जून को गंगीय पश्चिम बंगाल में व्यापक बारिश की संभावना। 12-13 जून को झारखंड और 11 जून को बिहार में व्यापक बारिश हो सकती है। 11-12 जून को ओडिशा में भी व्यापक बारिश की संभावना है।
पश्चिमी भारत: 9 जून को कोंकण और गोवा में व्यापक स्तर पर बारिश होगी। 10-15 जून के दौरान कोंकण और गोवा में छिटपुट बारिश जारी रहेगी। 9-15 जून तक गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में छिटपुट बारिश की संभावना।
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: 9-15 जून के दौरान तटीय कर्नाटक, केरल और माहे तथा लक्षद्वीप में व्यापक स्तर पर बारिश होगी। 9-12 जून और 15 जून को उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में व्यापक बारिश की संभावना। 9-12 जून के दौरान दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में भी व्यापक बारिश होगी।
मुख्य बातें (Key Points)
• Southwest Monsoon 2026 ने पूर्वोत्तर राज्यों, सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में प्रवेश किया
• केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत में अगले 5-7 दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश (7-20 सेमी) की संभावना
• 11-12 जून को पश्चिमी विक्षोभ के असर से दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में तेज आंधी-तूफान (50-70 किमी प्रति घंटा) और ओलावृष्टि की चेतावनी
• पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा-दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और पश्चिम उत्तर प्रदेश में 9-11 जून तक लू (Heat Wave) की स्थिति
• 12 जून को दिल्ली में तापमान में 4-6°C की गिरावट, अधिकतम तापमान 34-36°C तक गिर सकता है
• मछुआरों को 9-14 जून तक बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के कई हिस्सों में न जाने की सलाह
• किसानों को भारी बारिश, ओलावृष्टि और लू से फसलों की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह













