Trident Factory Pollution Case: सूबे के बड़े औद्योगिक घराने Trident पर पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड का शिकंजा कसा नजर आ रहा है। जिक्रयोग है कि पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड द्वारा Trident की धौला यूनिट को प्रदूषण उल्लंघनों के आरोपों के तहत पिछले दिनों में धड़ाधड़ कई नोटिस जारी किए गए हैं।
फैक्ट्री सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 30 जून को बोर्ड के चेयरमैन के सामने पेश होकर फैक्ट्री को अपना पक्ष रखने के लिए जारी किए नोटिस के जरिए फैक्ट्री को बंद करने की योजना की गई है।
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फैक्ट्री बंद होने की चर्चा से सहमे कर्मचारी
लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या Trident फैक्ट्री बंद होने जा रही है? मिली जानकारी के अनुसार Trident ने अपने कर्मचारियों को मध्य प्रदेश में स्थित बूदनी में अपनी फैक्ट्री में शिफ्ट करना शुरू कर दिया है और देश और विदेशों में भी नए आर्डर लेने बंद कर दिए हैं।
अगर गौर करें तो सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फैक्ट्री बंद होने संबंधी डिप्टी कमिश्नर और जिला पुलिस मुखी द्वारा राजिंदर गुप्ता के साथ बंद कमरे में मीटिंग की गई है। बंद कमरे की मीटिंग के विवरण नहीं मिल सके।
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सालों से निर्विघ्न चल रही थी फैक्ट्री
जिक्रयोग है कि पिछले कई सालों से निर्विघ्न चल रही Trident ग्रुप की धौला फैक्ट्री में पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के उच्च अधिकारी सैकड़ों बार निरीक्षण करके गए हैं।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि गौरतलब है कि मान सरकार द्वारा Trident के मालिक राजिंदर गुप्ता को राज्यसभा भेजा गया था। पर कुछ समय बाद राज्यसभा सदस्य राजिंदर गुप्ता भाजपा में शामिल हो गए।
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भाजपा में शामिल होते ही शुरू हुई जांच
इस समय के दौरान पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के उच्च अधिकारियों की टीम अपने लाव-लश्कर के साथ जांच करने के लिए पहुंच गई और कई कमियों को उजागर करते हुए फैक्ट्री को नोटिस जारी कर दिया।
समझने वाली बात यह है कि Trident द्वारा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने पर हाईकोर्ट ने 30 दिनों की मोहलत देते हुए कोई सख्त कार्रवाई करने पर रोक लगा दी। हाईकोर्ट के 30 दिनों की समय सीमा खत्म होते ही पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने Trident की धौला यूनिट को 30 जून को बोर्ड के चेयरमैन के पास पेश होने का नोटिस जारी कर दिया।
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हजारों कर्मचारियों की नौकरी खतरे में
फैक्ट्री बंद होने की अफवाह मिलते ही इलाके के लोगों में काफी गुस्सा और अधिकतर व्यापार को भारी ठेस लगने का खतरा जाहिर किया जा रहा है। Trident में बरनाला और आसपास के क्षेत्र के हजारों नौजवान काम करते हैं, जिनके रोजगार पर तलवार लटक गई है।
दिलचस्प बात यह है कि इस संबंधी पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के एक्जीक्यूटिव सुरिंदरजीत सिंह ने कहा कि यह नोटिस एक आम प्रक्रिया है। जब उनसे पूछा कि पिछले कुछ दिनों में कितने नोटिस जारी किए गए हैं तो उन्होंने कहा कि मुझे इस बारे में कुछ नहीं पता, सारे नोटिस हेड ऑफिस द्वारा जारी हुए हैं।
राजनीतिक बदला या प्रदूषण मानक?
अगर गौर करें तो राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला सिर्फ प्रदूषण नियमों का नहीं बल्कि राजनीतिक बदले का भी हो सकता है। AAP सरकार ने राजिंदर गुप्ता को राज्यसभा भेजा था लेकिन उनके भाजपा में शामिल होने के तुरंत बाद ही उनकी फैक्ट्री पर कार्रवाई शुरू हो गई।
यह एक संयोग है या सुनियोजित कार्रवाई, यह सवाल उठ रहा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- Trident की धौला यूनिट को कई प्रदूषण नोटिस मिले
- 30 जून को बोर्ड चेयरमैन के सामने पेश होने का आदेश
- राजिंदर गुप्ता के भाजपा में शामिल होने के बाद कार्रवाई शुरू
- हजारों कर्मचारियों की नौकरी खतरे में
- कर्मचारियों को MP की फैक्ट्री में शिफ्ट करना शुरू













