IIT Roorkee Engineer Fake Baba: मथुरा के गोवर्धन इलाके से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे देश को हैरान कर दिया। एक IIT रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने वाला शख्स साधू का भेष धरकर पिछले चार सालों से धार्मिक प्रवचन के नाम पर शिक्षित युवतियों का शोषण कर रहा था। पुलिस ने अभिषेक उर्फ आदिकर्ता नारायण दास के नाम से पहचाने जाने वाले इस कथित बाबे को गिरफ्तार कर लिया है।
मथुरा जिले के राधाकुंड इलाके में यह सनसनीखेज मामला तब खुला जब एक पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। देखा जाए तो यह कोई साधारण धोखाधड़ी का मामला नहीं है – बल्कि यह दिखाता है कि कैसे आधुनिक शिक्षा और धार्मिक आडंबर का घातक मिश्रण मासूम युवतियों को जाल में फंसा सकता है।
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IIT की डिग्री से साधू की गेरुआ वेशभूषा तक का सफर
अभिषेक मूल रूप से ओडिशा के भुवनेश्वर का रहने वाला है। उसने 2017-2021 बैच में देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान IIT Roorkee से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। एक सामान्य IIT ग्रेजुएट की तरह उसे भी अच्छी नौकरी के ऑफर्स मिले होंगे, लेकिन उसने अलग ही रास्ता चुना।
पढ़ाई पूरी करने के बाद वह सीधे मथुरा के राधाकुंड क्षेत्र में पहुंच गया। यहां उसने साधू का भेष धारण किया और खुद को आध्यात्मिक गुरु के रूप में स्थापित करना शुरू किया। दिलचस्प बात यह है कि उसने आनलाइन माध्यम का सहारा लिया – श्रीमद्भगवद्गीता और धार्मिक विषयों पर प्रवचन देने लगा।
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ऑनलाइन प्रवचन से शुरू हुआ जाल बिछाने का खेल
पुलिस जांच में सामने आया है कि अभिषेक ने बड़ी चालाकी से अपना शिकार चुना। वह खासतौर पर इंजीनियरिंग और उच्च शिक्षा प्राप्त लड़कियों को टारगेट करता था। समझने वाली बात है कि इसके पीछे उसकी रणनीति साफ थी – IIT का तमगा उसे उनके बीच विश्वसनीयता दिलाता था।
सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भजन-कीर्तन और गीता के प्रवचन के जरिए वह युवतियों से संपर्क बनाता। शुरुआत में सब कुछ सामान्य धार्मिक चर्चा जैसा लगता, लेकिन धीरे-धीरे वह उन्हें अपने समूह में शामिल कर लेता।
अगर गौर करें तो यह एक सोची-समझी साजिश थी। आध्यात्मिकता की आड़ में वह मानसिक रूप से युवतियों को अपने प्रभाव में लेता जाता। उसका IIT बैकग्राउंड उसे और भी विश्वसनीय बनाता था – आखिर कोई सोच भी कैसे सकता है कि एक IIT ग्रेजुएट ऐसा कर सकता है।
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‘गंधर्व विवाह’ के नाम पर हुआ शोषण
और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी। पुलिस के मुताबिक, अभिषेक युवतियों को मानसिक रूप से प्रभावित करने के बाद उन्हें ‘गंधर्व विवाह’ की अवधारणा समझाता था। यह हिंदू शास्त्रों में वर्णित विवाह के आठ प्रकारों में से एक है, जिसमें माता-पिता की सहमति के बिना प्रेमी युगल परस्पर सहमति से विवाह करते हैं।
दोषों के अनुसार, वह धार्मिक मान्यताओं का हवाला देकर युवतियों को यह विश्वास दिलाता कि यह एक पवित्र बंधन है। इस कथित ‘गंधर्व विवाह’ के नाम पर वह उनके साथ शारीरिक संबंध बनाता था। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि शिकार बनने वाली ज्यादातर लड़कियां उच्च शिक्षित थीं – जो आमतौर पर ऐसे जाल में नहीं फंसतीं।
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भावनात्मक ब्लैकमेल और आर्थिक शोषण की परतें
मामला सिर्फ शारीरिक शोषण तक सीमित नहीं था। पुलिस को जांच में पता चला कि अभिषेक युवतियों को भावनात्मक रूप से इतना प्रभावित कर लेता था कि वे अपने परिवारों से पैसे मांगने लगती थीं। कुछ मामलों में तो लड़कियां अपने घर-परिवार को छोड़कर आश्रम में ही रहने लगी थीं।
राधाकुंड स्थित शेरगढ़िया मोहल्ले में स्थित इस आश्रम में करीब दो दर्जन युवक-युवतियां रहा करते थे। हालांकि समय के साथ कई लोग वहां से निकल गए, लेकिन कुछ लड़कियां अब भी वहीं थीं। ग्रिफ्तारी के दौरान पुलिस ने तीन युवतियों को रेस्क्यू किया है।
मोबाइल से बरामद हुए आपत्तिजनक सबूत
मथुरा के एसपी (ग्रामीण) सुरेश चंद्र रावत के मुताबिक, अभिषेक के मोबाइल फोन से कई युवतियों की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बरामद हुए हैं। यह सबूत मामले को और भी गंभीर बना देते हैं। पुलिस इन डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कितनी लड़कियां इस जाल में फंसी हैं।
चिंता का विषय यह है कि अधिकतर पीड़ित शर्म या सामाजिक प्रतिष्ठा के डर से शिकायत नहीं कर रहे। एक पीड़िता की शिकायत पर ही यह पूरा मामला खुला है। राहत की बात यह है कि पुलिस ने जल्द कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
छह महीने पहले भी हुआ था विवाद
यह पहली बार नहीं था जब इस आश्रम पर सवाल उठे। पुलिस के अनुसार करीब छह महीने पहले भी एक लड़की के परिवार वाले उसे आश्रम से जबरन वापस ले गए थे। उस समय भी काफी हंगामा हुआ था, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ पाया।
देखा जाए तो यह संकेत थे कि कुछ गड़बड़ है, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अब जबकि मामला सामने आ चुका है, पुलिस पुराने मामलों को भी फिर से देख रही है।
आरोपी ने दोषों को बताया बेबुनियाद
गिरफ्तारी के बाद अभिषेक उर्फ आदिकर्ता नारायण दास ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। उसका कहना है कि शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और उसे फंसाया जा रहा है। लेकिन पुलिस के पास मौजूद सबूत कुछ और ही कहानी बयान कर रहे हैं।
फिलहाल अभिषेक के खिलाफ बलात्कार समेत अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
यह मामला क्यों है खास और चिंताजनक
इस पूरे प्रकरण में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी कोई अनपढ़ या सामान्य ठग नहीं, बल्कि IIT Roorkee जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से इंजीनियरिंग की डिग्री रखने वाला शख्स है। यह दर्शाता है कि शिक्षा और नैतिकता में सीधा संबंध नहीं है।
दूसरी अहम बात – शिकार बनने वाली लड़कियां भी उच्च शिक्षित थीं, कई तो इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से। फिर भी वे धार्मिक आडंबर और मानसिक हेरफेर का शिकार हो गईं। इससे साफ होता है कि आध्यात्मिकता और धर्म के नाम पर होने वाले शोषण से बचने के लिए सिर्फ शिक्षा काफी नहीं, जागरूकता भी जरूरी है।
हैरान करने वाली बात यह भी है कि यह सब कुछ आनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए हो रहा था। सोशल मीडिया के जमाने में कोई भी खुद को धार्मिक गुरु बताकर युवाओं को प्रभावित कर सकता है।
पुलिस जांच में नए खुलासों की संभावना
उत्तर प्रदेश पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अभिषेक के संपर्क में और कितनी युवतियां आईं। तीन लड़कियों को रेस्क्यू करने के बाद उन्हें काउंसलिंग के लिए भेजा गया है। उम्मीद की किरण यह है कि वे धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौट सकेंगी।
जांच एजेंसियां अब अन्य राज्यों में भी देख रही हैं कि कहीं इसी तरह के और मामले तो नहीं हैं। क्योंकि आनलाइन प्रवचन के जरिए अभिषेक की पहुंच पूरे देश में थी।
समाज के लिए सबक
यह मामला समाज को कई सबक देता है। पहला – अंधविश्वास और धार्मिक आडंबर कितने खतरनाक हो सकते हैं, खासकर जब वे आधुनिक तकनीक और शिक्षा के साथ मिल जाएं। दूसरा – युवाओं को, खासकर युवतियों को आध्यात्मिकता और शोषण में फर्क समझना जरूरी है।
सवाल उठता है कि क्या हमारी शिक्षा प्रणाली सिर्फ डिग्री देने तक सीमित है? क्या हम युवाओं को नैतिक मूल्य और सामाजिक जिम्मेदारी सिखा पा रहे हैं? इस मामले से यह भी स्पष्ट होता है कि परिवारों को अपने बच्चों के साथ खुली बातचीत रखनी चाहिए ताकि वे किसी भी तरह के शोषण का शिकार होने पर डरें नहीं।
आगे की कानूनी कार्रवाई
अभिषेक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। बलात्कार, धोखाधड़ी, आपत्तिजनक सामग्री रखने जैसे आरोप शामिल हैं। अगर सभी आरोप साबित होते हैं तो उसे लंबी सजा हो सकती है।
पीड़ित लड़कियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच चल रही है। पुलिस ने आश्रम में रहने वाले अन्य लोगों से भी पूछताछ की है।
मुख्य बातें (Key Points)
• IIT Roorkee से मैकेनिकल इंजीनियरिंग (2017-2021 बैच) करने वाला अभिषेक उर्फ आदिकर्ता नारायण दास साधू बनकर मथुरा के राधाकुंड में रह रहा था
• आनलाइन धार्मिक प्रवचन के जरिए उच्च शिक्षित युवतियों को अपने जाल में फंसाता था, खासकर इंजीनियरिंग बैकग्राउंड वाली लड़कियों को टारगेट करता था
• ‘गंधर्व विवाह’ के नाम पर युवतियों का शारीरिक शोषण करने और भावनात्मक ब्लैकमेल कर परिवारों से पैसे ऐंठने के आरोप
• पुलिस ने एक पीड़िता की शिकायत पर बलात्कार समेत कई धाराओं में केस दर्ज कर अभिषेक को गिरफ्तार किया, आश्रम से तीन युवतियों को रेस्क्यू किया गया













