Abhijeet Dipke Parents: सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही Cockroach Janta Party के संस्थापक Abhijeet Dipke के माता-पिता इन दिनों गहरी चिंता में डूबे हैं। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में रहने वाले भगवान दिपके और अनीता दिपके को अपने बेटे की गिरफ्तारी का इतना डर सता रहा है कि पिछली दो रातों से उनकी नींद ही उड़ गई है।
देखा जाए तो एक हफ्ते के भीतर ही इंस्टाग्राम पर 1.9 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स जुटा लेने वाली इस डिजिटल पार्टी ने जहां युवाओं में नई उम्मीद जगाई है, वहीं इसके संस्थापक के परिवार में दहशत का माहौल बन गया है। बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंतित माता-पिता अब खुलकर सामने आए हैं।
माता-पिता की गुहार: ‘बेटा राजनीति छोड़कर नौकरी करे’
गुरुवार को एक मराठी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में भगवान दिपके और अनीता दिपके ने अपने दिल का हाल बयान किया। पिता भगवान दिपके ने कहा, “आजकल की राजनीति को देखिए तो डरना सुभाविक है, चाहे उसके कितने भी समर्थक हों। अभिजीत ने अपने एक इंटरव्यू में खुद भारत लौटने पर गिरफ्तारी का डर जताया था। हम अखबारों में ऐसी घटनाओं के बारे में रोज पढ़ते हैं।”
दिलचस्प बात यह है कि माँ अनीता की तो साफ मांग है कि उनका बेटा राजनीति से पूरी तरह दूर रहे। वह चाहती हैं कि अभिजीत कोई अच्छी नौकरी ढूंढे और एक सामान्य जीवन जिए। यहां ध्यान देने वाली बात है कि अभिजीत बोस्टन यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे हैं और उनके पास शिक्षित युवा का भविष्य सुरक्षित हो सकता है।
पड़ोसी से मिली पहली जानकारी, फिर बढ़ती गई परेशानी
भगवान और अनीता ने बताया कि उन्हें Cockroach Janta Party के बारे में सबसे पहले एक पड़ोसी से पता चला था। शुरुआत में उन्हें लगा कि यह कोई छोटी-मोटी डिजिटल मुहिम होगी, लेकिन जब इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स की संख्या करोड़ों में पहुंच गई और भारतीय जनता पार्टी (BJP) को भी पीछे छोड़ दिया, तब उनकी चिंता कई गुना बढ़ गई।
अगर गौर करें तो भगवान दिपके की चिंता बेबुनियाद नहीं है। उन्होंने कहा, “मैं चिंतित हूं क्योंकि वह अब मशहूर हो गया है और ऐसे लोगों को गिरफ्तार कर लिया जाता है। मैं यह सोचकर पिछली दो रातों से सो नहीं सका हूं कि उसके साथ क्या हो सकता है। मुझे राजनीति से नफरत है और इसमें मेरी कोई रुचि नहीं है।”
बेटे की शैक्षणिक यात्रा: इंजीनियरिंग से मीडिया तक
माता-पिता ने अपने बेटे अभिजीत की पढ़ाई का सफर भी साझा किया। उन्होंने बताया कि अभिजीत ने पहले छत्रपति संभाजीनगर में पढ़ाई की, फिर आगे की शिक्षा के लिए पुणे चले गए। वहां इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान उन्हें यह विषय मुश्किल लगा, इसलिए उन्होंने मीडिया के क्षेत्र में आने का फैसला किया।
समझने वाली बात यह है कि अभिजीत ने पहले आम आदमी पार्टी (AAP) से भी जुड़ाव रखा था, जिससे साफ होता है कि उनमें राजनीतिक चेतना और युवाओं के मुद्दों को उठाने का जज्बा शुरू से ही रहा है।
Cockroach Janta Party की शुरुआत: सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से जन्मी मुहिम
Abhijeet Dipke के अनुसार, Cockroach Janta Party की शुरुआत भारत के Chief Justice Surya Kant की उस टिप्पणी के बाद हुई, जिसमें उन्होंने सीनियरिटी की मांग कर रहे एक वकील से नाराजगी जताते हुए “परजीवी” और “कॉकरोच” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था।
बाद में चीफ जस्टिस ने स्पष्टीकरण दिया कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया और उनकी टिप्पणी विशेष रूप से उन लोगों पर केंद्रित थी जो “फर्जी डिग्रियों” के माध्यम से वकालत के पेशे में प्रवेश करते हैं। लेकिन तब तक युवाओं ने इस शब्द को अपना लिया था।
NEET पेपर लीक मामले ने दी मुहिम को रफ्तार
देश भर में NEET-UG परीक्षा के पेपर लीक और विवादों ने लाखों परीक्षार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर दिया। इस पृष्ठभूमि में Cockroach Janta Party ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक बड़ी मुहिम शुरू की।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इस डिजिटल फ्रंट ने National Testing Agency (NTA) और पेपर लीक माफिया की निंदा करते हुए साफ कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, यह मुहिम देश के हर कोने में ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से जारी रहेगी।
सरकार का एक्शन: X अकाउंट हुआ बैन, लेकिन जोश कम नहीं
इस मुहिम के तेज होते ही केंद्र सरकार ने भारत में Cockroach Janta Party का आधिकारिक X (Twitter) अकाउंट बैन कर दिया। हालांकि इस कार्रवाई के बावजूद नौजवानों का जोश कम नहीं हुआ। इंस्टाग्राम पर पार्टी ने फॉलोअर्स के मामले में सत्तारूढ़ भाजपा को भी पीछे छोड़ दिया है।
चिंता का विषय यह है कि सरकारी दबाव के बीच अभिजीत दिपके ने खुद एक इंटरव्यू में कहा था, “दिल्ली उतरते ही मुझे तिहाड़ जेल ले जाया जाएगा।” यह बयान ही उनके माता-पिता की चिंता का सबसे बड़ा कारण बन गया है।
विपक्षी पार्टियों का मिला समर्थन
इस डिजिटल मुहिम को विपक्षी दलों के नेताओं ने भी समर्थन दिया है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधारों की मांग करते हुए कहा कि देश के युवाओं के साथ हो रहे अन्याय को रोकना जरूरी है।
देखा जाए तो यह पूरा मामला सोशल मीडिया की ताकत और युवाओं की सामूहिक आवाज का जीता-जागता उदाहरण बन गया है। एक तरफ जहां लाखों युवा इस मुहिम से जुड़कर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इसके संस्थापक के माता-पिता अपने बेटे की सुरक्षा को लेकर रातों की नींद गंवा रहे हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों की राय
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि Cockroach Janta Party जैसी डिजिटल मुहिमें भारतीय राजनीति में एक नया अध्याय लिख रही हैं। युवाओं की भागीदारी और सोशल मीडिया की पहुंच ने पारंपरिक राजनीति को चुनौती दी है।
हालांकि, इस तरह की मुहिमों से जुड़े लोगों को कानूनी और सुरक्षा संबंधी खतरों का भी सामना करना पड़ता है। यही कारण है कि अभिजीत के माता-पिता की चिंता जायज प्रतीत होती है।
आगे क्या होगा?
अब सवाल उठता है कि क्या अभिजीत दिपके अपने माता-पिता की बात मानकर राजनीति से दूर हो जाएंगे? या फिर युवाओं के इस आंदोलन को आगे बढ़ाते रहेंगे?
फिलहाल तो ऐसा लग रहा है कि Cockroach Janta Party की मुहिम थमने वाली नहीं है। लेकिन एक माँ-बाप की चिंता भी उतनी ही सच्ची है जो अपने बेटे को किसी मुसीबत में नहीं देखना चाहते।
इस पूरे मामले से यह साफ होता है कि भारत में युवाओं का गुस्सा अपने चरम पर है और वे किसी भी तरह से अपनी आवाज बुलंद करने को तैयार हैं। लेकिन इस लड़ाई में व्यक्तिगत कीमत चुकानी पड़ सकती है – यह बात अभिजीत दिपके के परिवार की परेशानी से साफ हो रही है।
मुख्य बातें (Key Points):
• Cockroach Janta Party के संस्थापक Abhijeet Dipke के माता-पिता गिरफ्तारी के डर से परेशान
• भगवान और अनीता दिपके ने कहा वे नहीं चाहते कि बेटा राजनीति में कदम रखे
• पिछली दो रातों से नहीं सो पाए, चाहते हैं बेटा नौकरी करे
• CJP ने इंस्टाग्राम पर 1.9 करोड़ फॉलोअर्स जुटाए, BJP को भी पीछे छोड़ा
• NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
• सरकार ने X अकाउंट बैन किया, लेकिन मुहिम जारी













