LPG Cylinder को लेकर बड़ी खुशखबरी आई है। जब से अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध छिड़ा है, तब से भारत पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है। खासकर हॉर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के बाद भारत में तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। और इसका असर आम जनता पर पड़ा है क्योंकि LPG सिलेंडर लोगों की पहुंच से बहुत दूर हो गया है।
हालांकि केंद्र सरकार ने लगातार यह दावा किया कि LPG सिलेंडर की कोई किल्लत नहीं है और सभी को आपूर्ति जारी रहेगी। लेकिन इसी बीच LPG सिलेंडर से जुड़े कई बार नियम भी बदल दिए गए और अब तो कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं।
लेकिन इसी बीच अब भारत सरकार ने बड़ी खुशखबरी दी है क्योंकि LPG को लेकर सरकार अब बड़े मोर्चे पर तैयारी कर रही है।
7 नए LNG स्टोरेज टैंक बनाएगी पेट्रोनेट
दरअसल पश्चिमी एशिया संघर्ष और बढ़ते जोखिम के बीच भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने के लिए तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) के भंडारण के लिए नए टैंक बनाने की तैयारी में है। पेट्रोनेट LNG लिमिटेड के शीर्ष अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
भारत अपनी प्राकृतिक गैस जरूरतों का करीब 50% आयात करता है। जिसका उपयोग बिजली उत्पादन, उर्वरक निर्माण, CNG और रसोई गैस (LPG) के तौर पर होता है। यह गैस LNG में कतर और अमेरिका जैसे देशों से जहाजों के जरिए लाई जाती है।
देश में प्राकृतिक गैस की मुख्य आयातक कंपनी पेट्रोनेट LNG के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ए के सिंह ने कहा है कि पश्चिम एशिया संकट के बाद कतर और संयुक्त अरब अमीरात से आपूर्ति प्रभावित हुई है, जो कुल आयात का लगभग 40% हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि स्थिति ने वैकल्पिक स्रोतों की तलाश की जरूरत बताई है। ऐसे समय में पेट्रोनेट कई टर्मिनलों पर नए LNG भंडारण टैंक बनाकर अपनी भंडारण क्षमता बढ़ाने की योजना बना रही है।
ओडिशा, केरल और गुजरात में बनेंगे नए टैंक
उन्होंने बताया कि कंपनी ओडिशा के गोपालपुर में दो, केरल के कोच्चि में एक और गुजरात के दाहेज में अतिरिक्त भंडारण टैंक स्थापित करने की योजना बना रही है।
इन परियोजनाओं को पूरा होने में करीब 3 साल लगेंगे। कुल मिलाकर सात नए टैंक प्रस्तावित हैं। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त भंडारण क्षमता से आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में भी गैस की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
यहां ध्यान देने वाली बात है – “हमारे पास परिचालन के लिहाज से पर्याप्त भंडारण है। लेकिन युद्ध जैसी आपात स्थितियों के लिए नहीं है।”
पेट्रोनेट के पास देश के 23 LNG टैंकों में से 10 टैंक हैं। जिनके जरिए साल 2025-26 में 2.65 करोड़ टन LNG का प्रबंधन किया गया। इसमें दाहेज टर्मिनल पर आठ और कोच्चि में दो टैंक शामिल हैं।
कतर से आपूर्ति बाधित, औद्योगिक उपभोक्ताओं को कटौती
कतर के रास लाफान संयंत्र से LNG की आपूर्ति 2 मार्च से ही बाधित है और मार्च-अप्रैल में कोई भी खेप नहीं आई है। मई में भी आपूर्ति प्रभावित रहने की आशंका है। जबकि जून को लेकर स्थिति अनिश्चित है।
अधिकारी ने बताया कि आपूर्ति बाधित होने की वजह से प्राथमिकता वाले क्षेत्रों जैसे घरेलू रसोई गैस (LPG) और परिवहन के लिए CNG तक गैस पहुंचाने के लिए औद्योगिक उपभोक्ताओं को आपूर्ति में कटौती करनी पड़ी।
अगर गौर करें तो यह एक महत्वपूर्ण निर्णय था जिससे आम जनता को गैस की किल्लत से बचाया गया। सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी।
LNG की कीमतें घटकर $6 पर आईं
उन्होंने कहा कि संकट के दौरान हाजिर बाजार में LNG कीमतें बढ़कर $24 से $25 प्रति यूनिट तक पहुंच गई थीं, जो अब घटकर करीब $6 पर आ गई हैं।
भारत में गैस की मांग कीमतों को लेकर संवेदनशील है और प्रतिस्पर्धी दरें ही मांग को बनाए रख सकती हैं। इसलिए अब भारत सरकार बड़े मोर्चे पर तैयारी कर रही है।
जिससे साफ जाहिर होता है कि CNG से लेकर LPG गैस को लेकर सरकार ने बड़ी तैयारी अब शुरू कर दी है। और यह खास प्लान अब आगे चलकर कैसे बनने जा रहा है और किस तरीके से इसे धरातल पर उतारा जाएगा, यह देखना वाकई दिलचस्प होगा।
क्यों जरूरी है यह कदम?
कहने का मतलब साफ है कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर गंभीर है। पश्चिम एशिया में हॉर्मुज स्ट्रेट के बंद होने और अमेरिका-ईरान तनाव ने दिखा दिया है कि हमें आपातकालीन भंडारण की कितनी जरूरत है।
दिलचस्प बात यह है कि ये नए टैंक न सिर्फ आपूर्ति बाधित होने पर मदद करेंगे, बल्कि भारत को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहतर सौदेबाजी की ताकत भी देंगे। जब हमारे पास पर्याप्त भंडारण होगा तो हम कम कीमत पर बल्क में खरीदारी कर सकेंगे।
यह कदम आम आदमी के लिए भी राहत की बात है क्योंकि इससे LPG और CNG की कीमतों में स्थिरता आएगी और किल्लत की स्थिति नहीं बनेगी।
मुख्य बातें (Key Points)
• पेट्रोनेट LNG 7 नए भंडारण टैंक बनाएगी – ओडिशा में 2, केरल में 1, गुजरात में अतिरिक्त
• भारत अपनी प्राकृतिक गैस जरूरतों का 50% आयात करता है
• कतर के रास लाफान संयंत्र से 2 मार्च से आपूर्ति बाधित, मार्च-अप्रैल में कोई खेप नहीं आई
• LNG कीमतें संकट के दौरान $24-25 तक पहुंचीं, अब $6 पर आईं
• नए टैंक 3 साल में तैयार होंगे, युद्ध जैसी आपात स्थितियों के लिए भंडारण बढ़ेगा













