Instant Energy Foods : देखा जाए तो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में कभी अचानक कमजोरी महसूस होना, चक्कर आना या थकान लगना आम बात है। कुछ लोग खाने के लिए जीते हैं तो कुछ जीने के लिए खाते हैं, लेकिन असल बात यह है कि खाना तो हर हाल में जरूरी है। बीमार और कमजोर लोग एनर्जी के लिए खाते हैं, एक्सरसाइज करने वाले ताकत और मसल बिल्डिंग के लिए खाते हैं, जबकि स्टूडेंट्स और ऑफिस जाने वाले लोगों को नींद और थकान दूर करने के लिए सही खाना चाहिए।
अभी चल रही हैं गर्मियां। इस मौसम में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए भी कुछ खास चीजें खानी-पीनी पड़ती हैं। वो भी ऐसी चीजें जो आपको तुरंत फायदा पहुंचाएं। आज हम आपको बताएंगे कि अलग-अलग स्थितियों में Instant Energy Foods कौन से हैं और उन्हें कैसे लेना चाहिए।
यह जानकारी दी है मेदांता अस्पताल की न्यूट्रिशन एंड डाइटेटिक्स विभाग की चीफ डाइटिशियन संध्या पांडेय ने। इसके साथ ही हम आपको बताएंगे कि क्रिकेटर रियान पराग को वेपिंग करते देखा गया और इसके क्या नुकसान हैं, और सुबह उठते ही भूख क्यों लग जाती है।
कमजोरी, चक्कर और थकान होने पर तुरंत क्या खाएं-पिएं?
डाइटिशियन संध्या पांडेय बताती हैं कि सबसे पहले तो आपको समझना होगा कि कमजोरी या थकान के कई कारण हो सकते हैं। हाइपोग्लाइसीमिया यानी शुगर का कम होना, डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी या इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी जिसमें सोडियम और पोटैशियम शामिल हैं।
ऐसी स्थिति में आपको तुरंत प्रतिक्रिया देनी होगी। समझने वाली बात यह है कि आपको इंस्टेंट सोर्स यानी ग्लूकोज या इलेक्ट्रोलाइट सोर्स जिसमें सोडियम और पोटैशियम हो, वो लेना पड़ेगा।
तुरंत राहत के लिए ये चीजें लें:
• नारियल पानी – यह प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट का बेहतरीन स्रोत है
• ओआरएस (ORS) – तुरंत शरीर में सोडियम-पोटैशियम की कमी पूरी करता है
• खट्टा-मीठा नींबू पानी – शुगर और इलेक्ट्रोलाइट्स दोनों मिलते हैं
• मीठी छाछ या नमकीन लस्सी – तुरंत ऊर्जा देती है
डाइटिशियन संध्या का कहना है कि इन चीजों को लेने के तुरंत 15 से 30 मिनट के अंदर आप अपना अगला भोजन ले लें ताकि अगर आपके शरीर में खाने या शुगर की कमी है तो वो पूरी हो जाए।
गर्मियों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से कैसे बचें?
अगर गौर करें तो गर्मियों में सबसे बड़ी चुनौती है खुद को हाइड्रेटेड रखना। डाइटिशियन संध्या पांडेय बताती हैं कि अपने आप को हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए हाइड्रेशन वाली चीजें लेनी चाहिए।
गर्मियों में ये पेय पदार्थ जरूर लें:
• नारियल पानी – पूरे दिन में 2-3 गिलास
• नींबू पानी या शिकंजी – थोड़ी-थोड़ी देर में
• मट्ठा या छाछ – भोजन के साथ या बीच में
• आम पन्ना – विटामिन और मिनरल्स से भरपूर
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर आप इन चीजों को थोड़ी-थोड़ी देर में लेते रहेंगे तो हाइड्रेटेड रहेंगे। लेकिन बाहर की रेडीमेड चीजें जैसे जूसेस या गन्ने का जूस अवॉइड करें क्योंकि इनमें इंफेक्शन का खतरा बहुत ज्यादा होता है।
अपने साथ ये चीजें जरूर रखें:
• केला – तुरंत एनर्जी देता है
• भुना चना – प्रोटीन और फाइबर से भरपूर
• नट्स (बादाम, अखरोट) – लंबे समय तक ऊर्जा देते हैं
• पानी की बोतल और हल्का नींबू पानी की एक बोतल हमेशा साथ रखें
ऑफिस या पढ़ाई के दौरान नींद और थकान कैसे दूर करें?
दिलचस्प बात यह है कि कई बार खाना खाने के बाद नींद आने लगती है या ध्यान नहीं लगता। डाइटिशियन संध्या पांडेय कहती हैं कि इसका जवाब इस बात में छिपा है कि आपने क्या खाया।
अगर आप बहुत हैवी मील खाएंगे जो बहुत तैलीय है, बहुत एनर्जी डेंस है, जिसमें बहुत कैलोरीज हैं या प्रोसेस्ड है, तो आपको भारीपन लगेगा और नींद महसूस होगी। आपको काम करने में ध्यान नहीं लगेगा।
सही खानपान इस तरह रखें:
• बैलेंस्ड भोजन करें जिसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और बाकी पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में हों
• थाली में रोटी, चावल, दाल, सब्जी, दही और सलाद हो
• रोटी और चावल की मात्रा थोड़ा कम रखें
• चिप्स, जूसेस या कोल्ड ड्रिंक की जगह हेल्दी स्नैकिंग करें
हेल्दी स्नैक्स की लिस्ट:
• नट्स (बादाम, अखरोट)
• भुना चना
• स्प्राउट्स
• पतली छाछ या मट्ठा
• ऐसे पेय पदार्थ जिनमें ज्यादा चीनी न हो
बीमारी के बाद जल्दी रिकवर होने के लिए क्या खाएं?
बीमारी के बाद शरीर कमजोर हो जाता है और तेजी से ठीक होने के लिए सही पोषण बेहद जरूरी है। डाइटिशियन संध्या पांडेय का कहना है कि इस दौरान आपको ज्यादा कैलोरी और ज्यादा प्रोटीन की जरूरत होती है क्योंकि बीमारी के दौरान मसल लॉस होता है।
प्रोटीन के अच्छे स्रोत:
• दालें (मूंग, मसूर, अरहर)
• दूध, दही, पनीर
• सोयाबीन
• अंडा
• चिकन
यहां ध्यान रखें कि ज्यादा कैलोरी लेने का मतलब यह नहीं है कि तली-भुनी चीजें खाएं या बहुत ज्यादा खाना खाएं। आपको न्यूट्रिशियस खाना है। सिर्फ फल और फलों के जूस लेने से प्रोटीन की जरूरत पूरी नहीं होगी। इनको बीच-बीच में खाएं लेकिन इसे अपना मुख्य भोजन न बनाएं।
रिकवरी के लिए खाने का सही तरीका:
• स्मॉल फ्रीक्वेंट मील लें – एक साथ ज्यादा नहीं खा पाएंगे तो थोड़ा-थोड़ा हर 2-3 घंटे में खाएं
• ऐसा खाना खाएं जो आसानी से पच सके – दाल-चावल का कॉम्बिनेशन, खिचड़ी, पनीर
• हाइड्रेशन का ध्यान रखें – नींबू पानी, नारियल पानी जरूर लें
वर्कआउट से पहले इंस्टेंट एनर्जी के लिए क्या खाएं?
वर्कआउट करने वालों के लिए जरूरी है कि वे अपने ग्लाइकोजन स्टोर को बिल्ड करें जो मसल्स में होता है और इंस्टेंट एनर्जी प्रोवाइड करता है। इसके लिए ग्लूकोज के स्रोत चाहिए जो तुरंत शुगर प्रोवाइड करें।
वर्कआउट से पहले (तुरंत):
• केला – सबसे बेहतरीन प्री-वर्कआउट फूड
• सेब – प्राकृतिक शुगर और फाइबर
• हल्का मीठा नींबू पानी – हाइड्रेशन और एनर्जी
• कैफीन वाली चीजें (कॉफी) – परफॉर्मेंस को एनहांस करती हैं
वर्कआउट से डेढ़ घंटे पहले:
• प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट दोनों का कॉम्बिनेशन लें
• ओट्स स्मूदी
• फ्रूट स्मूदी
• दही जिसमें थोड़े किशमिश डाले हों
डाइटिशियन संध्या का कहना है कि इन चीजों को एड करने से आपका वर्कआउट परफॉर्मेंस बेहतर होगा और आपमें थकान नहीं होगी।
आईपीएल क्रिकेटर रियान पराग वेपिंग करते दिखे, जानें इसके खतरनाक नुकसान
रियान पराग का वायरल वीडियो
आईपीएल 2025 के दौरान राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। यह वीडियो 28 अप्रैल का है जब राजस्थान रॉयल्स और पंजाब किंग्स के बीच मैच चल रहा था। लाइव ब्रॉडकास्ट में रियान ड्रेसिंग रूम में बैठकर वेपिंग करते नजर आए।
वेप यानी इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट जिस पर भारत में बैन लगा हुआ है। जैसे ही दर्शकों का ध्यान गया, वेपिंग करते रियान की फोटो और वीडियो वायरल हो गए।
भारत में वेपिंग पर बैन है
द प्रोहिबिशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट्स एक्ट 2019 के तहत भारत में इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट या वेप पर पूरी तरह बैन है। यानी उनका उत्पादन, बिक्री, खरीद और उपयोग सब कुछ गैरकानूनी है। नियम तोड़ने पर जुर्माना लग सकता है और जेल भी हो सकती है।
इंडियन प्रीमियर लीग के नियमों के अनुसार ड्रेसिंग रूम और स्टेडियम में स्मोकिंग करना प्रतिबंधित है। अगर कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
वेपिंग सिगरेट से कम खतरनाक नहीं है
कई लोग वेपिंग को सामान्य सिगरेट से कम खतरनाक मानते हैं। उन्हें लगता है कि वेपिंग सिगरेट का बेहतरीन विकल्प है। पर ऐसा बिल्कुल नहीं है। वेप या ई-सिगरेट भी शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।
यह जानकारी दी है आर्टेमिस हॉस्पिटल गुरुग्राम में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी डिपार्टमेंट के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. दीपक झा ने।
ई-सिगरेट या वेप क्या है और कैसे काम करती है?
डॉ. दीपक झा कहते हैं कि ई-सिगरेट या वेप बैटरी से चलने वाली डिवाइस है। इसमें लिक्विड भरा जाता है जो बैटरी से जुड़े हीटिंग एलिमेंट की मदद से गर्म होकर एरोसोल में बदलता है। एरोसोल यानी हवा में तैरते बहुत छोटे-छोटे कण या बूंदें। व्यक्ति इन्हें सांस के जरिए अंदर लेता है और फिर बाहर छोड़ता है।
ई-सिगरेट कई शेप और साइज में आती है। कुछ यूएसबी ड्राइव जैसी दिखती हैं तो कुछ पेन, हाईलाइटर, स्मार्टफोन या खिलौने जैसी भी दिखती हैं। इनके फ्लेवर भी अलग-अलग होते हैं जैसे कैंडी, मेंथोल और मिंट।
निकोटीन की लत और खतरे
कुछ ई-सिगरेट में निकोटीन डाला जाता है। यह वही केमिकल है जो सामान्य सिगरेट में भी होता है। निकोटीन की लत बहुत जल्दी लगती है। ई-सिगरेट में यह कम जरूर होता है पर इससे खतरा कम नहीं होता।
निकोटीन के नुकसान:
• दिमाग के विकास पर असर डालता है
• प्रेग्नेंट महिलाओं और भ्रूण के लिए नुकसानदेह
• बच्चे की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है
• तेजी से लत लग जाती है
कैंसर पैदा करने वाले केमिकल्स
ई-सिगरेट के लिक्विड में कैंसर पैदा करने वाले कई केमिकल्स हो सकते हैं जैसे फॉर्मल्डिहाइड, एसिटल्डिहाइड, बेंजीन और एक्रिलोनाइट्राइड। इसके अलावा इसमें निकल, टिन और लेड जैसे हैवी मेटल्स पाए जा सकते हैं। इनकी थोड़ी मात्रा भी शरीर को बहुत नुकसान पहुंचाती है।
पॉपकॉर्न लंग: एक गंभीर बीमारी
सिगरेट में कई तरह के केमिकल्स मिलाए जाते हैं। जैसे डाइसेटल – इसके कण फेफड़ों में गहराई तक पहुंचते हैं। डाइसेटल को फेफड़ों की एक गंभीर बीमारी ब्रोंकियोलाइटिस ऑब्लिटरेंस से जोड़ा गया है जिसे आम भाषा में पॉपकॉर्न लंग कहते हैं।
इस बीमारी में फेफड़ों के छोटे-छोटे एयरवेज डैमेज हो जाते हैं जिससे खांसी, घरघराहट, सीने में दर्द और सांस फूलने जैसी समस्याएं होती हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि इस बीमारी का कोई तय इलाज नहीं है। केवल लक्षणों को कंट्रोल किया जाता है।
दिल के लिए भी खतरनाक है वेपिंग
साल 2024 में अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी में एक स्टडी पेश की गई। इस स्टडी के मुताबिक ई-सिगरेट पीने से हार्ट फेलियर का खतरा 19% तक बढ़ जाता है।
8 अप्रैल 2024 को वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने भी एक पोस्ट में बताया था कि वेपिंग के 24 घंटों के भीतर दौरे का खतरा बढ़ सकता है। इससे पहले WHO ने दुनिया के सभी देशों से ई-सिगरेट पर बैन लगाने की मांग की थी। साथ ही कहा था कि इसे दूसरे टोबैको प्रोडक्ट्स की तरह ट्रीट किया जाए।
सिगरेट छोड़ने के लिए वेप सही विकल्प नहीं
डॉ. दीपक झा का कहना है कि जो लोग सिगरेट छोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, उनके लिए वेप या ई-सिगरेट पर शिफ्ट होना सही नहीं है क्योंकि इसके अपने गंभीर हेल्थ रिस्क हैं।
सुबह उठते ही भूख क्यों लग जाती है? जानें कारण और उपाय
सुबह-सुबह तेज भूख का कारण
सुबह उठे नहीं कि भूख लग गई – ऐसा कई लोगों के साथ होता है। उनकी आंख बाद में खुलती है, भूख पहले लगनी शुरू हो जाती है। पर ऐसा होता क्यों है?
यह जानकारी दी है मेरिंगो एशिया हॉस्पिटल गुरुग्राम में चीफ डाइटिशियन पारुल यादव ने।
8-9 घंटे की फास्टिंग
डाइटिशियन पारुल यादव कहती हैं कि जो लोग रात में 10 से 11 बजे तक खाना खा लेते हैं, वो जब सुबह उठते हैं तो उनकी लगभग 8 से 9 घंटे की फास्टिंग हो जाती है। इस दौरान शरीर एनर्जी के लिए स्टोर किए हुए ग्लूकोज का इस्तेमाल करता है। सुबह तक यह लेवल कम हो जाता है, जिसकी वजह से सुबह उठते ही भूख लग जाती है।
मेटाबॉलिज्म की भूमिका
दूसरी वजह है मेटाबॉलिज्म। मेटाबॉलिज्म यानी हम जो खाना खाते हैं उसे एनर्जी में बदलने, नए सेल्स बनाने और पुराने को बचाए रखने का पूरा प्रोसेस। यह मेटाबॉलिज्म सुबह के वक्त धीरे-धीरे एक्टिव होता है। जैसे ही आप जागते हैं, शरीर को एनर्जी की जरूरत होती है, जिससे भूख महसूस होती है।
इंटरमिटेंट फास्टिंग करने वालों को जल्दी भूख
कई हेल्थ कॉन्शियस लोग रात का खाना शाम 7 से 8 बजे के बीच ही खा लेते हैं। खासकर जो इंटरमिटेंट फास्टिंग करते हैं। ऐसे में अगर वे सुबह 8 से 9 बजे उठते हैं तो खाने के बीच गैप लंबा हो जाता है, जिससे सुबह जल्दी भूख लगती है।
कम कैलोरी या हल्का डिनर
अगर आपने दिन भर पर्याप्त कैलोरी नहीं ली या डिनर हल्का था तब भी सुबह-सुबह भूख लग जाती है।
सुबह की भूख को कैसे मैनेज करें?
1. रात का खाना बैलेंस रखें:
आपके डिनर में प्रोटीन, फाइबर और थोड़ा हेल्दी फैट होना चाहिए। इससे पेट देर तक भरा रहता है।
2. सुबह पानी पिएं:
कई बार शरीर प्यास को भी भूख समझ लेता है। इसलिए सुबह उठते ही एक-दो गिलास पानी पीना फायदेमंद है।
3. पर्याप्त नींद लें:
अगर आप 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेते हैं तो भूख कंट्रोल करने वाला हॉर्मोन बैलेंस में रहता है। इसलिए पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है।
सुबह नाश्ते में क्या खाएं?
सुबह उठते ही अगर आपको भूख लगे तो उसे दबाने के बजाय सही खाना खाएं।
हेल्दी ब्रेकफास्ट ऑप्शन:
• अंडा – प्रोटीन से भरपूर
• ओट्स – फाइबर और एनर्जी देता है
• मूंग दाल चीला – प्रोटीन और कार्ब्स का बैलेंस
• स्प्राउट्स – पोषक तत्वों का खजाना
इनसे पेट देर तक भरा रहता है। खाली पेट चाय-कॉफी लेने से बचें, इससे एसिडिटी हो सकती है।
कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?
अगर सुबह की भूख के साथ ये लक्षण भी हों तो एक बार डॉक्टर से जरूर मिलें:
• बार-बार चक्कर आना
• कमजोरी लगना
• अचानक वजन कम या ज्यादा होना
• खूब प्यास लगना
• दिन भर थकान रहना
मुख्य बातें (Key Points)
• कमजोरी और थकान होने पर तुरंत नारियल पानी, ओआरएस, नींबू पानी या छाछ लें – 15-30 मिनट में राहत मिलेगी
• गर्मियों में हीट स्ट्रोक से बचने के लिए आम पन्ना, शिकंजी, मट्ठा जैसे देसी पेय पदार्थ थोड़ी-थोड़ी देर में पिएं
• आईपीएल क्रिकेटर रियान पराग वेपिंग करते पकड़े गए – भारत में ई-सिगरेट पूरी तरह बैन है और इससे कैंसर, हार्ट फेलियर और पॉपकॉर्न लंग जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं
• सुबह उठते ही भूख लगने का कारण है 8-9 घंटे की फास्टिंग और ग्लूकोज लेवल का कम होना – बैलेंस्ड डिनर और पर्याप्त नींद से इसे मैनेज किया जा सकता है













