IMD Weather Alert: देश के कई राज्यों में अगले पांच दिनों तक मौसम का मिजाज बेहद खराब रहने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (India Meteorological Department) ने शनिवार, 19 अप्रैल 2026 को एक बड़ा अलर्ट जारी करते हुए देश के 10 से अधिक राज्यों में हीटवेव, भारी बारिश और तूफानी हवाओं की चेतावनी दी है। दिलचस्प बात यह है कि जहां एक तरफ उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में अति भारी बारिश का कहर जारी है।
IMD के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और ओडिशा में अगले चार दिनों तक लू की स्थिति बनी रहेगी। वहीं असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 20-21 अप्रैल को अत्यधिक भारी बारिश (12-20 सेमी से अधिक) की संभावना है।
छत्तीसगढ़-विदर्भ में पारा 45°C के पार, राजनांदगांव सबसे गर्म
पिछले 24 घंटों में देश के तापमान का हाल देखें तो स्थिति साफ हो जाती है। शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में वर्धा में संयुक्त रूप से देश का सबसे अधिक तापमान 45.0°C दर्ज किया गया। समझने वाली बात यह है कि यह तापमान अप्रैल के तीसरे सप्ताह के लिए सामान्य से काफी अधिक है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, विदर्भ के अधिकांश इलाकों में दिन का तापमान 40°C से 45°C के बीच रहा। मराठवाड़ा, मध्य प्रदेश के कई हिस्सों, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में भी पारा 40-45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। इसके अलावा, ओडिशा, रायलसीमा, झारखंड, राजस्थान और गुजरात के अलग-अलग स्थानों पर भी 40 डिग्री या उससे अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया।
देखा जाए तो अरुणाचल प्रदेश और असम में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1°C से अधिक रहा, जबकि हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और रायलसीमा में तापमान सामान्य से 3.1°C से 5.0°C अधिक रहा।
19 से 23 अप्रैल तक इन राज्यों में हीटवेव का खतरा
IMD Weather Alert के तहत जारी चेतावनी में कहा गया है कि:
19-20 अप्रैल: पश्चिम मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में लू चलने की संभावना।
19-23 अप्रैल: पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान और पूर्वी मध्य प्रदेश में लगातार पांच दिनों तक लू की मार।
20-21 अप्रैल: झारखंड में हीटवेव की स्थिति।
20-22 अप्रैल: पश्चिम उत्तर प्रदेश में तीन दिनों तक लू।
20-23 अप्रैल: पश्चिम राजस्थान में लगातार चार दिनों तक लू का प्रकोप।
21-23 अप्रैल: पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और ओडिशा में हीटवेव का अलर्ट।
अगर गौर करें तो मौसम विभाग ने गर्म और उमस भरे मौसम की भी चेतावनी जारी की है। केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक और गंगीय पश्चिम बंगाल में 19-25 अप्रैल के बीच गर्म और नम मौसम की स्थिति रहेगी।
असम में 12-20 सेमी बारिश, अरुणाचल में रेड अलर्ट
जहां उत्तर भारत लू की चपेट में है, वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का तांडव जारी है। पिछले 24 घंटों (18 अप्रैल सुबह 8:30 बजे से 19 अप्रैल सुबह 8:30 बजे तक) में असम के कछार जिले के अमरघाट में 12 सेमी और हैलाकांडी जिले के पंचग्राम में 8 सेमी बारिश दर्ज की गई। त्रिपुरा के उनाकोटी जिले के कैलाशहर में 10 सेमी और उत्तरी त्रिपुरा के धर्मनगर व पनिसागर में 8-8 सेमी बारिश हुई।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए और भी भारी बारिश की चेतावनी दी है:
19-21 अप्रैल: असम और मेघालय में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश (7-11 सेमी) की संभावना।
19 अप्रैल: सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश।
20-21 अप्रैल: अरुणाचल प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश (12-20 सेमी से अधिक) का रेड अलर्ट जारी।
मौसम विभाग के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय में 19-23 अप्रैल तक और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 19-22 अप्रैल तक व्यापक स्तर पर हल्की से मध्यम बारिश, आंधी, बिजली और तेज हवाओं (30-50 किमी प्रति घंटे) के साथ बारिश होगी।
बिहार में 23 अप्रैल को तूफानी हवाओं का खतरा
देश के पूर्वी हिस्सों में भी मौसम खराब रहने के आसार हैं। बिहार में 23 अप्रैल को आंधी-तूफान (thundersquall) की चेतावनी जारी की गई है, जिसमें हवा की रफ्तार 50-60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक जा सकते हैं।
ओडिशा, सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 19-23 अप्रैल तक अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, आंधी, बिजली और तेज हवाओं (30-50 किमी प्रति घंटे) की संभावना है। झारखंड में 20-21 अप्रैल को भी इसी तरह के मौसम की चेतावनी दी गई है।
महाराष्ट्र-तेलंगाना में ओलावृष्टि का अलर्ट
19 अप्रैल को मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग इलाकों में ओलावृष्टि (hailstorm) की आशंका जताई गई है। इससे खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है।
समझने वाली बात यह है कि ओलावृष्टि खुले में मौजूद लोगों और पशुओं के लिए खतरनाक हो सकती है। महाराष्ट्र के तटीय महाराष्ट्र (कोंकण), मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 19-23 अप्रैल तक अलग-अलग जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश, आंधी, बिजली और तेज हवाओं (30-40 किमी प्रति घंटे) की संभावना है।
दिल्ली-NCR में तापमान 42°C तक पहुंचेगा
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के NCR इलाकों में भी गर्मी का प्रकोप बढ़ने वाला है। पिछले 24 घंटों में दिल्ली में न्यूनतम तापमान 20-23°C और अधिकतम तापमान 39-41°C के बीच रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से 3.1°C से 5.0°C अधिक रहा।
19 अप्रैल: आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर से शाम के बीच गरज के साथ बारिश की संभावना। अधिकतम तापमान 40-42°C के बीच रहेगा।
20-21 अप्रैल: आंशिक रूप से बादल। अधिकतम तापमान 39-41°C और न्यूनतम 20-22°C।
22 अप्रैल: मुख्य रूप से साफ आसमान। अधिकतम तापमान 40-42°C तक पहुंच सकता है।
देखा जाए तो दिल्ली में भले ही हीटवेव की स्थिति घोषित नहीं की गई है, लेकिन तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहेगा। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि शिशुओं, बुजुर्गों और पुरानी बीमारियों से ग्रस्त लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
हीटवेव प्रभावित क्षेत्रों के लिए:
- महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के किसानों को खड़ी फसलों में हल्की और बार-बार सिंचाई की सलाह दी गई है।
- सिंचाई सुबह या शाम के समय करें।
- सब्जी और बागवानी फसलों में पुआल की मल्चिंग करें।
- नए लगाए गए पौधों के लिए छाया जाल (shade nets) का इस्तेमाल करें।
ओलावृष्टि प्रभावित क्षेत्रों के लिए:
- फलों के बागों और सब्जी की फसलों में ओला जाल (hail nets) या ओला कैप लगाएं।
- पके हुए फलों की तुरंत तुड़ाई करें और उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखें।
- खेतों में पानी भराव से बचने के लिए उचित जल निकासी की व्यवस्था करें।
भारी बारिश प्रभावित क्षेत्रों के लिए:
- सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल में धान, मक्का, सरसों और आलू की कटाई पूरी करें।
- अरुणाचल प्रदेश में पत्तागोभी, मटर, सरसों और आलू की सावधानीपूर्वक कटाई करें और उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखें।
- असम और मेघालय में फसल के खेतों से अतिरिक्त बारिश के पानी को निकालने की व्यवस्था करें।
आंधी-तूफान के लिए:
- कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें या तिरपाल से ढक दें।
- बागवानी फसलों को यांत्रिक सहारा दें और सब्जियों तथा फलदार पौधों को डंडे से बांधें।
पशुपालकों और मछली पालकों के लिए सलाह
- भारी बारिश के दौरान पशुओं को शेड के अंदर रखें और संतुलित आहार दें।
- चारे और दाने को सुरक्षित स्थान पर रखें ताकि वे खराब न हों।
- तालाबों के चारों ओर उचित जाली के साथ निकास व्यवस्था बनाएं ताकि अतिरिक्त पानी के बहाव में मछलियां बाहर न निकल जाएं।
- उच्च तापमान और हीटवेव वाले क्षेत्रों में पशुओं को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल दें।
- मुर्गी पालन शेड की छतों को घास से ढकें ताकि गर्मी का प्रतिकूल प्रभाव कम हो।
आम जनता के लिए सुरक्षा सलाह
हीटवेव के दौरान:
- धूप में लंबे समय तक रहने से बचें।
- हल्के रंग के, ढीले सूती कपड़े पहनें।
- बाहर जाते समय सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढकें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, भले ही प्यास न लगी हो।
- ORS, लस्सी, तोरानी (चावल का पानी), नींबू पानी, छाछ आदि का सेवन करें।
आंधी-तूफान के दौरान:
- मौसम पर नजर रखें और स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें।
- घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें।
- पेड़ों के नीचे शरण न लें।
- कंक्रीट के फर्श पर न लेटें और कंक्रीट की दीवारों से दूर रहें।
- विद्युत उपकरणों को अनप्लग कर दें।
- पानी के स्रोतों से तुरंत बाहर निकलें।
भारी बारिश के दौरान:
- शहरी इलाकों में सड़कों पर जल भराव हो सकता है।
- यातायात भीड़ से बचने के लिए पहले अपने रूट की जांच करें।
- कच्ची सड़कों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहें।
- भूस्खलन या मिट्टी धंसने की संभावना वाले क्षेत्रों से बचें।
मौसम प्रणालियां जो मौसम को प्रभावित कर रही हैं
भारतीय मौसम विभाग के विश्लेषण के अनुसार, कई मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं:
- मध्य क्षोभमंडल में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) देशांतर 66°E के साथ अक्षांश 20°N के उत्तर में स्थित है।
- दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण है।
- पूर्वोत्तर बांग्लादेश और आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में एक चक्रवाती परिसंचरण है।
- पूर्वी उत्तर प्रदेश से तटीय ओडिशा तक झारखंड होते हुए एक उत्तर-दक्षिण गर्त (trough) है।
- आंतरिक महाराष्ट्र, तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के ऊपर निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों में एक प्रति-चक्रवाती परिसंचरण (Anti-cyclonic circulation) है।
- 23 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है।
इन सभी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग मौसमी स्थितियां बन रही हैं।
आगामी दिनों में तापमान का रुझान
मौसम विभाग के अनुसार:
- उत्तर-पश्चिम भारत (पूर्वी उत्तर प्रदेश को छोड़कर) में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2-4°C की वृद्धि होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होगा।
- पूर्वी भारत में 19-21 अप्रैल के दौरान अधिकतम तापमान में 2-3°C की वृद्धि होगी और 22-25 अप्रैल के दौरान कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं होगा।
- देश के शेष हिस्सों में 19-25 अप्रैल तक तापमान में कोई उल्लेखनीय बदलाव की संभावना नहीं है।
किन राज्यों में गर्म रात की स्थिति
दिलचस्प बात यह है कि कुछ क्षेत्रों में रात का तापमान भी सामान्य से अधिक रहेगा (warm night conditions):
- हरियाणा, चंडीगढ़: 21-23 अप्रैल
- पश्चिम उत्तर प्रदेश और ओडिशा: 19-21 अप्रैल
- छत्तीसगढ़: 19 अप्रैल
पिछले 24 घंटों में पंजाब के लुधियाना में मैदानी भागों का सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.0°C दर्ज किया गया।
पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी-बारिश
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद में 19 अप्रैल को काफी व्यापक स्तर पर हल्की से मध्यम बारिश/बर्फबारी के साथ आंधी, बिजली और तेज हवाओं (30-50 किमी प्रति घंटे) की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 19 अप्रैल को और उत्तराखंड में 19-20 अप्रैल को अलग-अलग स्थानों पर इसी तरह का मौसम रहेगा।
दक्षिण भारत में भी बारिश की संभावना
तटीय आंध्र प्रदेश में 19 अप्रैल को, तेलंगाना और कर्नाटक में 19-23 अप्रैल तक, रायलसीमा में 20-22 अप्रैल, केरल में 20-23 अप्रैल और तमिलनाडु, पुडुचेरी में 22-23 अप्रैल को अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, आंधी, बिजली और तेज हवाओं (30-40 किमी प्रति घंटे) की संभावना है।
पिछले 24 घंटों में तेज हवाओं का रिकॉर्ड
पिछले 24 घंटों में देश के विभिन्न हिस्सों में तेज हवाएं चलीं:
- सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल: बालुरघाट में 72 किमी/घंटे, पुंडीबाड़ी में 48 किमी/घंटे
- बिहार: मधेपुरा में 65 किमी/घंटे
- मणिपुर और त्रिपुरा: खौपम और कमलपुर में 50 किमी/घंटे
- अरुणाचल प्रदेश: मियाओ में 48 किमी/घंटे
- असम और मेघालय: अम्पाटी में 70 किमी/घंटे, तुरा और मावक्रवाट में 44 किमी/घंटे
- पंजाब: फरीदकोट में 43 किमी/घंटे
मौसम की जानकारी कैसे प्राप्त करें
लोग IMD की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने क्षेत्र का विस्तृत मौसम पूर्वानुमान देख सकते हैं। जिला-वार चेतावनी के लिए https://mausam.imd.gov.in/responsive/districtWiseWarningGIS.php पर जाएं। मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी https://rsmcnewdelhi.imd.gov.in/fishermenwarning.php पर उपलब्ध है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि जैसे-जैसे पूर्वानुमान की अवधि बढ़ती है, सटीकता कम होती जाती है। इसलिए लोगों को नियमित रूप से अपडेटेड पूर्वानुमान देखते रहना चाहिए और स्थानीय मौसम कार्यालय की सलाह का पालन करना चाहिए।
मुख्य बातें (Key Points)
• भारतीय मौसम विभाग ने 19-23 अप्रैल के लिए 10 से अधिक राज्यों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है।
• छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव और महाराष्ट्र के वर्धा में 45.0°C तापमान रिकॉर्ड किया गया।
• अरुणाचल प्रदेश में 20-21 अप्रैल को अत्यधिक भारी बारिश (12-20 सेमी से अधिक) की चेतावनी जारी।
• बिहार में 23 अप्रैल को 50-70 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान की संभावना।
• मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 19 अप्रैल को ओलावृष्टि का अलर्ट।
• दिल्ली-NCR में तापमान 40-42°C तक पहुंचेगा, लेकिन हीटवेव की स्थिति नहीं।













