Congress और Akali Dal को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जमकर हमला बोला है। मंगलवार को आदमपुर (जालंधर) में भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. बीआर अंबेडकर की जयंती पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में सीएम मान ने कहा कि कांग्रेस और अकालियों ने बाबा साहेब के साथ विश्वासघात किया।
और बस यहीं से शुरू हुई राजनीतिक बयानबाजी की कड़ी। सीएम मान ने आरोप लगाया कि इन पार्टियों ने समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को शिक्षा से वंचित कर दिया। गरीब छात्रों की छात्रवृत्ति के पैसे हड़प लिए। पीढ़ियों का करियर बर्बाद कर दिया।
बाबा साहेब को श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री ने बाबा साहेब को भारतीय संविधान के मुख्य निर्माता, महान विद्वान, न्यायविद, अर्थशास्त्री, समाज सुधारक और राजनेता बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. बीआर अंबेडकर विश्व इतिहास की सबसे ऊंची शख्सियतों में से एक हैं।
देखा जाए तो, डॉ. अंबेडकर एक साधारण परिवार से थे। लेकिन उनके उत्कृष्ट योगदान ने उन्हें वैश्विक नेताओं की श्रेणी में ला दिया। भारतीय संविधान उनकी कड़ी मेहनत, समर्पण और दूरदर्शिता का परिणाम है।
सीएम मान ने कहा कि बाबा साहेब सिर्फ कमजोर वर्गों के नेता नहीं थे, बल्कि पूरी मानवता के नेता थे। उन्होंने हमेशा हर क्षेत्र में लोकतांत्रिक मूल्यों को प्रोत्साहित किया। चाहे वह सामाजिक हो, आर्थिक हो या राजनीतिक – उन्होंने सभी के लिए समान दर्जे और सम्मान की वकालत की।
पूर्व नेताओं पर कड़ा प्रहार
यहां ध्यान देने वाली बात है कि सीएम मान ने पूर्व नेताओं की जमकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने बाबा साहेब के साथ विश्वासघात करने और उनके सपनों को चकनाचूर करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
एक उदाहरण देते हुए सीएम मान ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का लोगों के लिए विजन इस बात से साफ होता है कि उनके कार्यकाल में नौवीं कक्षा तक किसी को फेल नहीं किया जाता था।
इस नीति का नतीजा यह हुआ कि छात्र अपनी कमजोरियों को पहचान नहीं पाते थे। बाद में मैट्रिक में फेल हो जाते थे। इससे उनका पूरा जीवन बर्बाद हो गया।
अट्टा-दाल योजना की आलोचना
दिलचस्प बात यह है कि सीएम मान ने बादल की अट्टा-दाल योजना को भी निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से इन लोगों को अधिकारी बनाकर सशक्त बनाने के बजाय, बादल ने यह सुनिश्चित किया कि गरीबों के बच्चे पढ़ाई न करें।
वे सिर्फ अट्टा-दाल योजना तक ही सीमित रहें। कमजोर वर्गों की पीढ़ियां बादल के इस गलत योजना के भरोसे रह गईं।
भगवंत सिंह मान ने कहा, “इन लोगों ने बाबा साहेब अंबेडकर के साथ विश्वासघात किया। वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को शिक्षा से वंचित कर दिया।”
छात्रवृत्ति के पैसे हड़पने का आरोप
समझने वाली बात यह है कि सीएम मान ने बेहद गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन नेताओं के हाथ एससी की कई पीढ़ियों के खून से सने हुए हैं।
इन लोगों ने अपने लालच और वासना के लिए इन पीढ़ियों का करियर बर्बाद कर दिया। गरीब छात्रों की छात्रवृत्ति के पैसे हड़प लिए। इससे यह सुनिश्चित हो गया कि वे जीवन में सफल न हों।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो नेता चांदी के चम्मच और सोने के बिस्किट के साथ पैदा हुए, वे आम आदमी की कठिनाइयों से अनजान हैं। वे नहीं जानते कि त्योहारों पर भी काम करना कैसा होता है।
महिलाओं का राजनीति में भागीदारी जरूरी
अगर गौर करें तो सीएम मान ने महिलाओं से खास अपील की। उन्होंने कहा कि सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्रों में महिलाओं की अधिक भागीदारी जरूरी है।
लड़कियों को आगे आना चाहिए और शिक्षा के माध्यम से खुद को सशक्त बनाना चाहिए। यह राष्ट्र के बड़े हित में है। जो महिलाएं घर और परिवार को कुशलता से चलाती हैं, उन्हें देश भी चलाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लड़कियों को राजनीति में आना चाहिए। नीति निर्माण तंत्र में सक्रिय भागीदार बनना चाहिए। समाज में जरूरी और बहुत आवश्यक बदलाव लाना चाहिए।
आजकल लड़कियां हर दूसरे क्षेत्र में लड़कों से आगे निकल गई हैं। लेकिन राजनीति अभी भी अपवाद है। यह क्षेत्र अब तक पुरुषों का गढ़ माना जाता था। लेकिन अब समय आ गया है जब महिलाओं को इस क्षेत्र में भी उत्कृष्टता हासिल करनी चाहिए।
सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
सीएम भगवंत सिंह मान ने राज्य सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं। उन्होंने कहा:
बिजली: पहली बार किसानों को धान के मौसम में 8 घंटे से ज्यादा बिजली मिली। 95% बिजली दिन में दी गई। सभी घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा रही है। करीब 90% घरेलू उपभोक्ताओं को शून्य बिजली बिल मिल रहा है।
रोजगार: 65,000 से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है।
स्वास्थ्य: मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत ₹10 लाख तक का कैशलेस इलाज मिल रहा है।
सीएम मान ने कहा कि यह टैक्सपेयर्स का पैसा है। राज्य सरकार इसका हर पैसा जनहित में खर्च कर रही है। यह घटना राज्य की राजनीति में लंबे समय से गायब थी।
अकाली और कांग्रेस पर तंज
मुख्यमंत्री ने सुखबीर सिंह बादल पर तंज कसते हुए कहा कि वे लोगों से चांद का वादा कर रहे हैं। बेबुनियाद और तर्कहीन बयान दे रहे हैं। जैसे राज्य में डायनासोर वापस लाने की बात।
इन गैर-जिम्मेदाराना बयानों के आधार पर पूर्व उपमुख्यमंत्री सत्ता हासिल करने का दिवास्वप्न देख रहे हैं। जो कभी संभव नहीं होगा।
कांग्रेस पर हमला करते हुए सीएम मान ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व एक विभाजित घर है। उनके कार्यक्रमों में मंच पर कार्यकर्ताओं की तुलना में ज्यादा नेता मौजूद होते हैं। इन कांग्रेस नेताओं के पास राज्य के लिए कोई विजन नहीं है। उनका एकमात्र उद्देश्य सत्ता हासिल कर पंजाब की संपत्ति लूटना है।
वैसाखी की बधाई और गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार बिल
मुख्यमंत्री ने वैसाखी के पवित्र अवसर पर सभी पंजाबियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि 1699 में इसी दिन श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने श्री आनंदपुर साहिब में खालसा की स्थापना की थी। पांच प्यारों को अमृत छकाकर एक समतावादी समाज बनाया था।
सीएम मान ने कहा कि अकालियों ने हर पंजाबी की भावना को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के बेअदबी जैसे जघन्य अपराध से चोट पहुंचाई। कांग्रेस और अकाली की मंशा की कमी के कारण इस माफ न किए जाने वाले अपराध के अपराधी सजा से बच गए।
लेकिन अब राज्य ने ऐतिहासिक जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल, 2026 पारित कर दिया है। इसमें बेअदबी के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है।
जलियांवाला बाग नरसंहार का जिक्र
यहां ध्यान देने वाली बात है कि सीएम मान ने उस परिवार के एकमात्र प्रतिनिधि का जिक्र किया जिसने 13 अप्रैल, 1919 को जलियांवाला बाग नरसंहार के बाद जनरल डायर को डिनर देकर सम्मानित किया था।
उन्होंने कहा कि वह प्रतिनिधि इस महत्वपूर्ण दिन सदन से दूर रहना पसंद करता है। क्योंकि वह जानता है कि वह बेनकाब हो जाएगा। इन नेताओं के हाथ निर्दोष लोगों के खून से सने हुए हैं। गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के लिए भी उन्हें कभी माफ नहीं किया जा सकता।
मुख्य बातें (Key Points)
- सीएम भगवंत सिंह मान ने Congress और Akali Dal पर बाबा साहेब के साथ विश्वासघात का आरोप लगाया
- कहा कि छात्रवृत्ति के पैसे हड़पे गए, शिक्षा से वंचित किया गया
- बादल की नो-फेल नीति और अट्टा-दाल योजना की आलोचना की
- महिलाओं से राजनीति में भागीदारी की अपील की
- सरकार की उपलब्धियां गिनाईं: मुफ्त बिजली, 65,000 नौकरियां, सेहत योजना
- गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार बिल और वैसाखी का जिक्र किया













