Nari Shakti Vandan: महिला आरक्षण को लेकर आज सोमवार को दिल्ली में एक बड़ा सम्मेलन होने जा रहा है। विज्ञान भवन में सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में शिरकत करेंगे और देश भर की महिलाओं को संबोधित करेंगे।
वह इस अवसर पर विभिन्न सेक्टरों में काम कर रहीं महिलाओं के साथ सीधा संवाद भी करेंगे। सम्मेलन में देश भर से चुनी हुई महिला प्रतिनिधियों को बुलाया गया है। इस कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण और विकसित भारत की थीम पर फोकस रहेगा।
विज्ञान भवन में भव्य आयोजन
Nari Shakti Vandan Sammelan का आयोजन विज्ञान भवन में किया जा रहा है। सुबह 11 बजे पीएम मोदी का संबोधन होगा। सम्मेलन में देश भर से महिला सांसद, विधायक, पंचायत प्रतिनिधि, उद्यमी, खिलाड़ी और विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही महिलाएं शामिल होंगी।
कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण और विकसित भारत की थीम पर चर्चा होगी। महिला आरक्षण विधेयक में प्रस्तावित 33% आरक्षण पर रहेगा फोकस। प्रधानमंत्री महिलाओं से सीधे सवाल-जवाब भी करेंगे।
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, निर्मला सीतारमण सहित कई महिला मंत्री और नेता मंच पर मौजूद रहेंगी। विभिन्न राज्यों की महिला मुख्यमंत्री भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ेंगी।
महिला आरक्षण पर संसद का विशेष सत्र
संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है जिसमें महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा होगी। सरकार इस विधेयक को पास कराना चाहती है। विधेयक के अनुसार लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित होंगी।
हालांकि इसे लागू करने से पहले परिसीमन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसी को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा, “संसद के विशेष सत्र में असली मुद्दा महिला आरक्षण नहीं बल्कि परिसीमन है। जनगणना के बिना परिसीमन की जल्दबाजी क्यों? संघीय संतुलन और निष्पक्षता खतरे में है।”
सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई
संसद के विशेष सत्र से पहले सुप्रीम कोर्ट में महिला आरक्षण विधेयक का मुद्दा पहुंच गया है। कांग्रेस नेता जया ठाकुर ने याचिका दायर की है। याचिका पर आज कोर्ट में सुनवाई होगी।
याचिकाकर्ता का कहना है कि महिला आरक्षण को तुरंत लागू किया जाना चाहिए। परिसीमन का इंतजार करना जरूरी नहीं है। मौजूदा सीटों पर ही 33% आरक्षण लागू किया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट सरकार से जवाब मांग सकती है कि परिसीमन में कितना समय लगेगा और महिला आरक्षण कब तक लागू होगा। यह मामला महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे अगले चुनावों पर असर पड़ सकता है।
परिसीमन पर विवाद
परिसीमन यानी निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का फिर से निर्धारण। जनसंख्या के आधार पर सीटों की संख्या तय की जाती है। जिन राज्यों की जनसंख्या ज्यादा बढ़ी है, वहां सीटें बढ़ेंगी और जहां कम बढ़ी, वहां घट सकती हैं।
दक्षिण भारत के राज्यों को डर है कि उनकी सीटें कम हो जाएंगी क्योंकि उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में सफलता पाई है। वहीं उत्तर भारत के कुछ राज्यों की जनसंख्या ज्यादा बढ़ी है तो वहां सीटें बढ़ेंगी।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, “दक्षिण भारत के साथ भेदभाव कर रही है बीजेपी। परिसीमन से दक्षिण राज्यों का प्रतिनिधित्व घटेगा और अन्याय बढ़ेगा।”
कई अन्य दक्षिण के नेताओं ने भी यही चिंता जताई है। वे चाहते हैं कि परिसीमन न्यायसंगत तरीके से हो।
महिला आरक्षण का इतिहास
महिला आरक्षण विधेयक का लंबा इतिहास है। पहली बार 1996 में यह विधेयक पेश किया गया था। तब से कई बार संसद में आया लेकिन पास नहीं हो सका। विभिन्न कारणों से इसे टाला जाता रहा।
2010 में राज्यसभा ने इसे पास किया था लेकिन लोकसभा में नहीं आया। अब मोदी सरकार इसे पास कराना चाहती है। अगर यह पास हो जाता है तो यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम होगा।
फिलहाल लोकसभा में 543 सीटों में से सिर्फ 82 महिला सांसद हैं यानी करीब 15%। राज्य विधानसभाओं में तो और कम है। आरक्षण लागू होने से यह संख्या एक तिहाई हो जाएगी।
विभिन्न क्षेत्रों की महिलाएं होंगी शामिल
Nari Shakti Vandan Sammelan में सिर्फ राजनीति से जुड़ी महिलाएं ही नहीं बल्कि विभिन्न क्षेत्रों की महिलाएं शामिल होंगी। खेल, शिक्षा, उद्यमिता, स्वास्थ्य, विज्ञान और तकनीक से जुड़ी महिलाओं को बुलाया गया है।
प्रधानमंत्री उनसे उनके अनुभव सुनेंगे और चुनौतियों के बारे में जानेंगे। सरकार की विभिन्न योजनाओं से महिलाओं को कैसे फायदा हुआ, इस पर भी चर्चा होगी।
स्टार्टअप शुरू करने वाली महिलाओं, ओलंपिक में पदक जीतने वाली खिलाड़ियों, सरपंच बनकर गांव का विकास करने वाली महिलाओं की कहानियां साझा की जाएंगी।
सरकार की महिला कल्याण योजनाएं
सरकार ने महिला सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चलाई हैं। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं से महिलाओं को सीधा फायदा हुआ है।
मुद्रा योजना के तहत महिला उद्यमियों को लोन दिया जा रहा है। स्किल इंडिया के तहत महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मातृत्व अवकाश भी बढ़ाया गया है।
शिक्षा में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। उच्च शिक्षा में लड़कियों का नामांकन बढ़ा है। STEM (विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग, गणित) क्षेत्रों में भी महिलाओं की संख्या बढ़ रही है।
मुख्य बातें (Key Points):
• PM मोदी आज सुबह 11 बजे विज्ञान भवन में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को करेंगे संबोधित
• महिला आरक्षण विधेयक पर SC में आज सुनवाई, कांग्रेस नेता ने दायर की याचिका
• सोनिया गांधी का आरोप – असली मुद्दा परिसीमन, महिला आरक्षण नहीं
• दक्षिण राज्यों को परिसीमन से प्रतिनिधित्व कम होने का डर













