रविवार, 12 अप्रैल 2026
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - Asha Bhosle Passes Away : सुरों की मल्लिका ने पीछे छोड़ी अमर विरासत

Asha Bhosle Passes Away : सुरों की मल्लिका ने पीछे छोड़ी अमर विरासत

12 अप्रैल 2026 को 92 साल की उम्र में भारतीय संगीत की दिग्गज गायिका आशा भोसले का निधन, सात दशक के शानदार करियर में 12000 से अधिक गाने गाए, गिनीज बुक में नाम दर्ज, पद्म विभूषण और दादा साहेब फाल्के से सम्मानित

अभिनव कश्यप by अभिनव कश्यप
रविवार, 12 अप्रैल 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, मनोरंजन
A A
0
Asha Bhosle Passes Away
104
SHARES
691
VIEWS
ShareShareShareShareShare

Asha Bhosle Passes Away की खबर से पूरा देश शोक में डूब गया है। 12 अप्रैल 2026 का दिन फिल्म इंडस्ट्री के साथ ही संगीत इंडस्ट्री के लिए बेहद दुखद है। कुछ आवाजें सिर्फ सुनी नहीं जाती, वो महसूस की जाती हैं। दिल में बस जाती हैं और वक्त के साथ और भी गहरी होती चली जाती हैं। ऐसी ही एक आवाज थी आशा भोसले की। सुरों की मल्लिका कही जाने वाली आशा भोसले ने अपनी अनोखी आवाज से हिंदी सिनेमा को अमर गाने दिए। उनके गाए गाने कभी पुराने नहीं पड़ते बल्कि समय के साथ और निखर जाते हैं। लाखों दिलों में बस चुकी उनकी आवाज अब हमेशा आशा भोसले की याद दिलाएगी। आशा भोसले अब भले ही हमारे बीच मौजूद नहीं हैं, लेकिन वह अपने सात दशक लंबे करियर से अनगिनत यादें और गाने पीछे छोड़ गई हैं। मुंबई में संगीत प्रेमियों और फिल्म जगत के कलाकारों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है।

यह भी पढ़ें- बड़ी खबर: Asha Bhosle का 92 साल की उम्र में निधन, देश शोक में

8 सितंबर 1933: संगीत से भरे परिवार में जन्म

8 सितंबर 1933 को एक संगीत से भरे परिवार में आशा भोसले का जन्म हुआ। उनके पिता का नाम दीनानाथ मंगेशकर था और उनकी बहन लता मंगेशकर थीं जो स्वयं भारतीय संगीत की महान गायिका बनीं। लेकिन यह कहानी आसान नहीं थी। कम उम्र में जिम्मेदारियां बढ़ीं और हालात ऐसे बने कि बचपन जल्दी खत्म हो गया। पिता के असमय निधन के बाद परिवार पर जिम्मेदारियों का बोझ आ गया। आशा ताई ने बहुत छोटी उम्र में ही फिल्मों के लिए गाना शुरू कर दिया, सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि पूरे परिवार के लिए। कहते हैं ना मजबूरियां इंसान को कमजोर नहीं बनातीं। अगर इरादा मजबूत हो तो वही मजबूरी ताकत बन जाती है। यही आशा भोसले के जीवन का सबसे बड़ा सबक था। संघर्ष से उन्होंने हार नहीं मानी बल्कि उसे अपनी ताकत बनाया।

1957: ओपी नय्यर ने दिया मौका, शुरू हुआ सफलता का सफर

शुरुआती दौर आसान नहीं था। ज्यादातर डुएट गाने मिलते थे और वह भी बड़े नामों के साथ। लेकिन फिर आया साल 1957 जब संगीतकार ओपी नय्यर ने उन्हें मौका दिया। फिल्में थीं “नया दौर” और “तुमसा नहीं देखा” और फिर उन्हें पीछे मुड़कर देखने की कभी जरूरत ही नहीं पड़ी। उनकी सफलता का सफर ऐसा बन गया कि उन्होंने हिट्स की बारिश कर दी। 1958 में “हावड़ा ब्रिज”, “चलती का नाम गाड़ी” और फिर एक के बाद एक कई सुपरहिट गाने आए। “पिया तू अब तो आजा”, “दम मारो दम”, “चुरा लिया है तुमने”, “दिल चीज क्या है”, “ये मेरा दिल” – हर गाना एक नया अंदाज बन गया और एक नई पहचान बन गई। कहते हैं ना संगीत सिर्फ सुर नहीं होता, वो एहसास होता है और आशा जी ने हर एहसास को आवाज दी। जहां लता मंगेशकर को मधुरता की मिसाल माना गया, वहीं आशा भोसले बनीं वर्सटिलिटी की पहचान।

वर्सटिलिटी की पहचान: कव्वाली से पॉप तक

कव्वाली हो, गजल हो, भजन हो या पॉप – हर स्टाइल में उन्होंने खुद को साबित किया। उन्होंने सिर्फ गाने नहीं गाए, उन्होंने हर गाने को जिया। उनकी आवाज में एक जादू था जो सुनने वाले को बांध लेता था। चाहे रोमांटिक गाना हो या दर्द भरा नगमा, मस्ती भरा नंबर हो या क्लासिकल रचना – आशा जी हर रंग में ढल जाती थीं। उनकी गायकी में एक लचीलापन था जो किसी और में नहीं था। वे अपनी आवाज को गाने की जरूरत के हिसाब से ढाल लेती थीं। यही कारण था कि संगीतकार उन्हें चुनौतीपूर्ण और विविध गाने देते थे। हिंदी के अलावा उन्होंने मराठी, बंगाली, गुजराती, पंजाबी, तमिल, तेलुगु समेत कई भाषाओं में गाने गाए। उनकी बहुमुखी प्रतिभा का कोई सानी नहीं था।

1980: आर डी बर्मन से शादी, संगीत का सुनहरा दौर

आशा भोसले ने 16 साल की उम्र में गणपतराव भोसले से शादी की थी। हालांकि बाद में उनका तलाक हो गया, लेकिन जिंदगी रुकी नहीं। फिर आया एक नया अध्याय। 1980 में संगीत निर्देशक आर डी बर्मन से शादी की और दोनों ने मिलकर जबरदस्त संगीत तैयार किया। “हरे रामा हरे कृष्णा”, “जवानी दीवानी”, “प्रोसेशन ऑफ मेमोरीज” और “हम किसी से कम नहीं” जैसी उनकी सबसे बड़ी हिट फिल्में थीं। जब दो कलाकार दिल से जुड़ते हैं तो संगीत अमर हो जाता है। आशा जी और पंचम दा की जोड़ी ने हिंदी फिल्म संगीत को अविस्मरणीय धुनें दीं। उनकी केमिस्ट्री स्टूडियो में भी और निजी जीवन में भी अद्भुत थी। हालांकि 1994 में आर डी बर्मन के निधन से आशा जी को गहरा आघात लगा, लेकिन उन्होंने संगीत का सफर जारी रखा।

12000 गाने, गिनीज बुक में नाम, अनगिनत सम्मान

आशा भोसले के करियर की उपलब्धियां अद्भुत हैं। 800 से ज्यादा फिल्में, 12,000 से ज्यादा गाने और गिनीज बुक में नाम – सबसे ज्यादा गाने रिकॉर्ड करने वाली कलाकार। सम्मान भी कम नहीं हैं। आशा भोसले को पद्म विभूषण मिला 2008 में। दादा साहेब फाल्के पुरस्कार मिला 2000 में। सात फिल्मफेयर अवॉर्ड से भी उन्हें नवाजा गया है। यह सब पुरस्कार नहीं, यह उस आवाज की पहचान है जिसने करोड़ों दिलों को छुआ है। इसके अलावा उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और कई अंतरराष्ट्रीय सम्मान भी मिले। भारत सरकार ने उन्हें 2000 में पद्म भूषण से भी सम्मानित किया था। उनकी प्रतिभा को दुनिया भर में पहचान मिली।

एंटरप्रेन्योर भी थीं: Asha’s रेस्टोरेंट चेन

आशा भोसले सिर्फ गायिका नहीं थीं, वो एक एंटरप्रेन्योर भी थीं। “Asha’s” नाम से इंटरनेशनल रेस्टोरेंट चेन दुबई से लेकर यूके तक फैली हुई थी। और हां, कुकिंग उनका पहला प्यार था। उन्होंने खुद कहा था कि अगर मैं सिंगर नहीं होती तो शेफ जरूर होती। उनके रेस्टोरेंट्स में परोसा जाने वाला खाना उनकी अपनी रेसिपी पर आधारित होता था। वे खाना बनाने के शौकीन थीं और अपने मेहमानों के लिए खुद खाना बनाती थीं। उनकी कुकबुक “Asha’s Kitchen” भी काफी लोकप्रिय रही। यह उनके व्यक्तित्व का एक और पहलू था जो बहुत कम लोग जानते थे। वे कहती थीं कि संगीत और खाना बनाना दोनों में रचनात्मकता चाहिए होती है।

“दम मारो दम”: सबसे विवादित और सबसे लोकप्रिय गाना

आशा भोसले के लंबे करियर में हजारों हिट गाने हैं, लेकिन अगर उनके सबसे चर्चित और विवादित गीतों की बात की जाए तो “दम मारो दम” का नाम सबसे ऊपर आता है। साल 1971 में रिलीज हुआ यह गाना आज भले ही कल्ट क्लासिक माना जाता हो, लेकिन जब यह पहली बार सामने आया था तब इसने पूरे देश में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। हालात ऐसे बन गए थे कि इस गाने को रेडियो पर बैन कर दिया गया था और बाद में दूरदर्शन ने भी इसके टेलीकास्ट पर रोक लगा दी थी। यह गाना फिल्म “हरे रामा हरे कृष्णा” का हिस्सा था जिसमें देव आनंद, जीनत अमान और मुमताज मुख्य भूमिकाओं में थे। गाने को संगीत दिया था आर डी बर्मन ने और इसके बोल आनंद बक्षी ने लिखे थे।

यह भी पढे़ं 👇

Iran USA Talks Failed

Iran USA Talks Failed: डील टूटी तो Crude Oil 100 डॉलर पार जाने का खतरा, Petrol की कीमतों पर असर!

रविवार, 12 अप्रैल 2026
Harpal Singh Cheema

PRTC Punbus New Buses: पंजाब में 1,265 नई बसें शामिल होंगी, परिवहन नेटवर्क में बड़ा बदलाव

रविवार, 12 अप्रैल 2026
Talwandi Sabo Complex

Talwandi Sabo Complex: CM मान ने 6 करोड़ की लागत से बने आधुनिक Sub-Divisional Complex का किया उद्घाटन

रविवार, 12 अप्रैल 2026
PSEB Class 8 Result

PSEB Class 8 Result: बेटियों ने मचाया धमाल, टॉप 20 में 19 पोजिशन पर लड़कियां

रविवार, 12 अप्रैल 2026
पर्दे पर बोल्ड, फिल्म में सामाजिक संदेश

पर्दे पर यह गाना जीनत अमान पर फिल्माया गया था जो हिप्पी लुक में नजर आईं थीं और उनका अंदाज उस समय के लिए काफी बोल्ड माना गया। असल में फिल्म की कहानी हिप्पी कल्चर और नशे की बढ़ती समस्या पर आधारित थी। देव आनंद का किरदार अपनी खोई हुई बहन को ढूंढते-ढूंढते काठमांडू पहुंचता है, जहां वो नशे और हिप्पी लाइफस्टाइल की दुनिया में खो चुकी होती है। फिल्म का मकसद इस जीवन शैली के खतरों को दिखाना था। लेकिन कई लोगों ने “दम मारो दम” को गलत तरीके से लिया और आरोप लगाया कि यह गाना नशे को बढ़ावा देता है। गाने के बोल, उसकी बीट और जीनत अमान का बोल्ड स्क्रीन प्रेजेंस लोगों के बीच इतना लोकप्रिय हुआ कि यह देखते ही देखते युवाओं का एंथम बन गया।

विवाद के बावजूद मिला फिल्मफेयर अवॉर्ड

कई सामाजिक संगठनों और अभिभावकों ने इसका विरोध किया और इसे भारतीय संस्कृति के खिलाफ बताया। विवाद इतना बढ़ गया कि ऑल इंडिया रेडियो ने इस गाने के प्रसारण पर पूरी तरह रोक लगा दी। बाद में जब फिल्म दूरदर्शन पर दिखाई गई तब इस गाने को उसमें से हटा दिया गया था। दिलचस्प बात यह है कि विवादों के बावजूद गाने की लोकप्रियता कम नहीं हुई। लोगों ने इसे इतना पसंद किया कि आशा भोसले को इस गीत के लिए फिल्मफेयर बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर अवॉर्ड मिला। आज भी “दम मारो दम” भारतीय फिल्म संगीत के सबसे आइकॉनिक गानों में गिना जाता है। इसकी धुन, बोल और आशा भोसले की अलग अंदाज वाली आवाज ने इसे ऐसा अमर बना दिया कि दशकों बाद भी यह हर पीढ़ी का पसंदीदा बना हुआ है।

अमर विरासत: आवाजें कभी नहीं मरतीं

कुछ लोग जाते नहीं, वे रह जाते हैं – अपनी आवाज में, अपने गानों में, अपने एहसासों में। आशा भोसले एक नाम नहीं, एक एहसास है। वो आवाज जिसने मोहब्बत सिखाई, वह सुर जिसने दिलों को जोड़ा, आज भी हर गाने में जिंदा है। उनके गाने सिर्फ मनोरंजन नहीं थे, वे भावनाओं की अभिव्यक्ति थे। प्रेम, विरह, खुशी, गम, रोमांस, मस्ती – हर भाव को उन्होंने अपनी आवाज से जीवंत कर दिया। “पिया तू अब तो आजा” में तड़प है, “दम मारो दम” में बगावत है, “चुरा लिया है तुमने” में प्यार है और “ये मेरा दिल” में दर्द है। हर गाना एक अलग दुनिया है। आखिर में फिर एक लाइन याद आ गई – आवाजें मरती नहीं, वो वक्त के पार जाकर कभी न कभी अमर हो जाती हैं। आशा भोसले की आवाज भी अमर हो चुकी है।

जानें पूरा मामला

आशा भोसले का जीवन संघर्ष और सफलता की एक अद्भुत कहानी है। एक साधारण परिवार से निकलकर दुनिया की सबसे प्रसिद्ध गायिकाओं में शामिल होना आसान नहीं था। उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा से वह मुकाम हासिल किया जो बहुत कम लोग कर पाते हैं। 1950 के दशक में जब उन्होंने अपना करियर शुरू किया, तब उनकी बहन लता मंगेशकर पहले से ही स्थापित गायिका थीं। लेकिन आशा जी ने अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने वे गाने गाए जो लता जी नहीं गाती थीं – कबारे नंबर, वेस्टर्न पॉप, जैज़। उन्होंने अपने लिए एक अलग जगह बनाई और इतनी बड़ी बन गईं कि उनकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती। उनका योगदान सिर्फ हिंदी सिनेमा तक सीमित नहीं था। उन्होंने मराठी, बंगाली और दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी अविस्मरणीय गाने गाए। उनकी प्रतिभा सीमाओं को नहीं मानती थी। आज जब वे हमारे बीच नहीं हैं, तो उनकी कमी हमेशा खलेगी। लेकिन उनके गाने हमेशा उन्हें जिंदा रखेंगे।


मुख्य बातें (Key Points)
  • 12 अप्रैल 2026 को 92 साल की उम्र में आशा भोसले का निधन, फिल्म और संगीत जगत में शोक की लहर।
  • 8 सितंबर 1933 को संगीतमय परिवार में जन्म, दीनानाथ मंगेशकर की बेटी और लता मंगेशकर की बहन थीं।
  • 1957 में ओपी नय्यर ने दिया पहला बड़ा ब्रेक, नया दौर और तुमसा नहीं देखा से शुरुआत, फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा।
  • 7 दशक के करियर में 800+ फिल्में, 12,000+ गाने, गिनीज बुक में सबसे ज्यादा गाने रिकॉर्ड करने का रिकॉर्ड।
  • 1980 में आर डी बर्मन से शादी, दोनों की जोड़ी ने अमर संगीत दिया, हरे रामा हरे कृष्णा, जवानी दीवानी जैसी हिट फिल्में।
  • पद्म विभूषण (2008), दादा साहेब फाल्के (2000), 7 फिल्मफेयर अवॉर्ड समेत अनगिनत सम्मान।
  • “दम मारो दम” सबसे विवादित गाना, रेडियो और दूरदर्शन पर बैन हुआ, फिर भी फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला।
  • Asha’s रेस्टोरेंट चेन की मालिक, एंटरप्रेन्योर, कुकिंग में रुचि, कुकबुक भी लिखी।

FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: आशा भोसले का निधन कब और कितनी उम्र में हुआ?

आशा भोसले का निधन 12 अप्रैल 2026 को 92 साल की उम्र में हुआ। उनका जन्म 8 सितंबर 1933 को हुआ था। उन्होंने सात दशक से अधिक समय तक भारतीय संगीत जगत में अपना योगदान दिया। उनका निधन भारतीय फिल्म और संगीत इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी क्षति है।

प्रश्न 2: आशा भोसले ने अपने करियर में कितने गाने गाए?

आशा भोसले ने अपने सात दशक के शानदार करियर में 12,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड किए। उन्होंने 800 से अधिक फिल्मों में गाने गाए और गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में सबसे ज्यादा गाने रिकॉर्ड करने वाली गायिका के रूप में अपना नाम दर्ज कराया। हिंदी के अलावा उन्होंने मराठी, बंगाली, गुजराती, तमिल, तेलुगु समेत कई भाषाओं में गाने गाए।

प्रश्न 3: आशा भोसले को कौन-कौन से प्रमुख सम्मान मिले?

आशा भोसले को पद्म विभूषण (2008), दादा साहेब फाल्के पुरस्कार (2000), पद्म भूषण (2000) और सात फिल्मफेयर अवॉर्ड मिले। इसके अलावा उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और कई अंतरराष्ट्रीय सम्मान भी प्राप्त हुए। गिनीज बुक में उनका नाम सबसे अधिक रिकॉर्डिंग करने वाली गायिका के रूप में दर्ज है।

Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

Iran USA Talks Failed: डील टूटी तो Crude Oil 100 डॉलर पार जाने का खतरा, Petrol की कीमतों पर असर!

अभिनव कश्यप

अभिनव कश्यप

अभिनव कश्यप 'The News Air' के संस्थापक और मुख्य संपादक (Chief Editor) हैं। डिजिटल मीडिया में उनके अनुभव में ग्राउंड रिपोर्टिंग, न्यूज़ डेस्क ऑपरेशन और एडिटोरियल लीडरशिप शामिल है। वे हर खबर की फैक्ट-चेकिंग और संपादन की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करते हैं। राजनीति, चुनाव विश्लेषण, सामाजिक मुद्दे और डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स उनकी विशेषज्ञता के प्रमुख क्षेत्र हैं। अभिनव का संपादकीय सिद्धांत है "सनसनी नहीं, सच्चाई; तेज़ी नहीं, तथ्य।"

Related Posts

Iran USA Talks Failed

Iran USA Talks Failed: डील टूटी तो Crude Oil 100 डॉलर पार जाने का खतरा, Petrol की कीमतों पर असर!

रविवार, 12 अप्रैल 2026
Harpal Singh Cheema

PRTC Punbus New Buses: पंजाब में 1,265 नई बसें शामिल होंगी, परिवहन नेटवर्क में बड़ा बदलाव

रविवार, 12 अप्रैल 2026
Talwandi Sabo Complex

Talwandi Sabo Complex: CM मान ने 6 करोड़ की लागत से बने आधुनिक Sub-Divisional Complex का किया उद्घाटन

रविवार, 12 अप्रैल 2026
PSEB Class 8 Result

PSEB Class 8 Result: बेटियों ने मचाया धमाल, टॉप 20 में 19 पोजिशन पर लड़कियां

रविवार, 12 अप्रैल 2026
Vrindavan Boat Accident

Vrindavan Boat Accident: लुधियाना के शोक-संतप्त परिवारों से मिले मंत्री संजीव अरोड़ा

रविवार, 12 अप्रैल 2026
किसानों

Asha Bhosle Death: ‘सुरों की मलिका’ आशा भोंसले के निधन पर स्पीकर संधवां ने जताया शोक

रविवार, 12 अप्रैल 2026

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।