Anti-Beadbi Law Amendment को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब कैबिनेट ने शनिवार को एक सख्त संशोधन को मंजूरी दे दी। Jaagat Jot Sri Guru Granth Sahib Satkar (Amendment) Bill, 2026 में उम्रकैद का प्रावधान किया गया है ताकि ‘बेअदबी’ (sacrilege) के लिए सख्त सजा सुनिश्चित की जा सके और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता बनाए रखी जा सके।
यह संशोधन बिल सोमवार को पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में पेश किया जाएगा।
CM भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय ने यह जानकारी देते हुए कहा, “अतीत में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी और अन्य सम्मानित पवित्र ग्रंथों की बेअदबी से जुड़ी कई घटनाएं हुई हैं, जिन्होंने जनभावनाओं को गहरा आघात पहुंचाया है और समाज में अशांति फैली है।”
BNS में पर्याप्त सजा का प्रावधान नहीं
“जबकि Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS), 2023 की धारा 298, 299, और 300 ऐसे मामलों से निपटती हैं, लेकिन वे ऐसे कृत्यों के खिलाफ मजबूत निवारक के रूप में काम करने के लिए पर्याप्त कड़ी सजा निर्धारित नहीं करती हैं।”
“सावधानीपूर्वक विचार और चर्चा के बाद, भगवंत मान सरकार ने निर्णय लिया है कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता की रक्षा करने और समाज में आपसी सम्मान, समझ और सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए उचित कानूनी उपाय आवश्यक हैं।”
2008 के Act में संशोधन
इन अपराधों की गंभीरता और सांप्रदायिक सद्भाव और धार्मिक पवित्रता को बनाए रखने की आवश्यकता को देखते हुए, कैबिनेट ने Jaagat Jot Sri Guru Granth Sahib Satkar Act, 2008 में संशोधन करने का निर्णय लिया है।
इस प्रकार, Anti-Beadbi Law Amendment यानी Jaagat Jot Sri Guru Granth Sahib Satkar (Amendment) Bill, 2026 में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के खिलाफ बेअदबी करने के दोषी पाए जाने वालों के लिए उम्रकैद सहित बढ़ी हुई सजा का प्रावधान किया गया है।
मजबूत निवारक के रूप में काम करेगा कानून
“प्रस्तावित कानून से उम्मीद है कि यह दुर्भावनापूर्ण इरादे वाले व्यक्तियों के खिलाफ एक मजबूत निवारक के रूप में काम करेगा और पंजाब में शांति और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने में सकारात्मक योगदान देगा।”
बेअदबी की घटनाओं ने पंजाब को झकझोरा
पिछले कुछ वर्षों में पंजाब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की कई घटनाएं हुई हैं। 2015 में बरगड़ी में हुई बेअदबी की घटना और उसके बाद पुलिस फायरिंग में दो लोगों की मौत ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया था।
तब से लेकर अब तक कई बेअदबी की घटनाएं सामने आई हैं। हर बार सिख समुदाय ने सख्त कानून की मांग की है। विभिन्न सिख संगठनों ने लगातार कहा है कि मौजूदा कानून पर्याप्त नहीं हैं और बेअदबी करने वालों को exemplary punishment मिलनी चाहिए।
BNS की धाराएं क्या कहती हैं?
Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS), 2023 की धाराएं:
धारा 298: किसी धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करने के इरादे से शब्दों का उच्चारण करना – 1 साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों
धारा 299: किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य – 3 साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों
धारा 300: पूजा स्थल को अपवित्र करना – 2 साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों
सरकार का मानना है कि ये सजाएं पर्याप्त नहीं हैं और बेअदबी जैसे गंभीर अपराध के लिए कड़ी सजा जरूरी है।
नया कानून: उम्रकैद का प्रावधान
Anti-Beadbi Law Amendment में अब उम्रकैद का प्रावधान होगा। यह एक मजबूत संदेश देगा कि:
• बेअदबी बर्दाश्त नहीं की जाएगी
• धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए
• ऐसा अपराध करने वालों को कड़ी सजा मिलेगी
• यह कानून निवारक (deterrent) के रूप में काम करेगा
सोमवार को विशेष सत्र
पंजाब विधानसभा का सोमवार को विशेष सत्र बुलाया गया है जिसमें यह संशोधन बिल पेश किया जाएगा। यह सरकार की प्राथमिकता है कि इस बिल को जल्द से जल्द पास किया जाए।
विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर सरकार का समर्थन करने के संकेत दिए हैं क्योंकि यह एक संवेदनशील और सर्वसम्मत मामला है।
सिख संगठनों ने की सराहना
विभिन्न सिख संगठनों ने सरकार के इस कदम की सराहना की है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) और अन्य धार्मिक संगठनों ने कहा है कि यह एक स्वागत योग्य कदम है।
हालांकि, कुछ संगठनों ने यह भी कहा है कि केवल कानून बनाना काफी नहीं, उसका सख्ती से implementation भी जरूरी है। बेअदबी के मामलों में तेजी से जांच और सजा सुनिश्चित करनी होगी।
अन्य राज्यों में क्या स्थिति है?
यह पहली बार नहीं है जब किसी राज्य ने धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाया है। कई राज्यों में अपने-अपने कानून हैं।
पंजाब का यह कानून विशेष रूप से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता की रक्षा के लिए है, जो सिख धर्म का सबसे पवित्र ग्रंथ है।
कानून की चुनौतियां
हालांकि, कानून विशेषज्ञों ने कुछ सवाल भी उठाए हैं:
• क्या राज्य सरकार को ऐसा कानून बनाने का अधिकार है?
• क्या यह केंद्रीय कानूनों के साथ टकराव में आएगा?
• क्या Supreme Court में चुनौती दी जा सकती है?
लेकिन सरकार का कहना है कि उन्होंने सभी कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखकर यह संशोधन तैयार किया है और यह संविधान के दायरे में है।
सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखना जरूरी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस कानून का उद्देश्य किसी को डराना नहीं, बल्कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित करना और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखना है।
पंजाब एक बहुधार्मिक राज्य है जहां सिख, हिंदू, मुस्लिम, ईसाई और अन्य धर्मों के लोग साथ रहते हैं। सभी धर्मों का सम्मान और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्य बातें (Key Points)
• पंजाब कैबिनेट ने Anti-Beadbi Law Amendment को मंजूरी दी, उम्रकैद का प्रावधान
• Jaagat Jot Sri Guru Granth Sahib Satkar (Amendment) Bill, 2026 सोमवार को विधानसभा में पेश होगा
• BNS की धाराएं पर्याप्त नहीं, सख्त सजा जरूरी: सरकार
• बेअदबी की घटनाओं ने पंजाब को झकझोरा, सिख संगठनों की लंबे समय से मांग
• मजबूत निवारक के रूप में काम करेगा नया कानून, सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखना उद्देश्य













