IMD Weather Alert : भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में अगले 3-4 दिनों तक भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। 9 अप्रैल 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य प्रदेश और पूर्वी राज्यों में गरज-बिजली के साथ तीव्र वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान तापमान सामान्य से कम रहेगा और इसके बाद धीरे-धीरे बढ़ेगा।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत आने वाले मौसम विभाग ने 8 अप्रैल की सुबह 8:30 बजे तक के आंकड़ों के आधार पर यह पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग ने किसानों, मछुआरों और आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है।

ओडिशा में 24 घंटे में 20 सेमी बारिश का रिकॉर्ड
पिछले 24 घंटों के दौरान ओडिशा के चिटका में सबसे ज्यादा 12-20 सेमी बारिश दर्ज की गई है। यह बहुत भारी वर्षा की श्रेणी में आती है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, असम, मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम तथा जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में छिटपुट स्थानों पर 7-11 सेमी भारी वर्षा दर्ज की गई।
उत्तराखंड, असम, पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कई स्थानों पर ओलावृष्टि की सूचना मिली है। इससे खड़ी फसलों को नुकसान होने की आशंका है।
गंगा के मैदानी इलाकों में आंधी-तूफान का कहर
मौसम विभाग के अनुसार, 8 अप्रैल को गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में गरज के साथ तेज आंधी (हवा की गति 60-70 किमी प्रति घंटा और 80 किमी प्रति घंटा तक के झोंके) चलने की संभावना है। यह बेहद खतरनाक स्थिति हो सकती है।
बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड और ओडिशा में भी 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इन इलाकों में पेड़ों की शाखाएं टूटने, बिजली लाइनों को नुकसान और कच्चे मकानों को क्षति पहुंचने का खतरा है।
पश्चिमी विक्षोभ का उत्तर भारत पर असर
पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर, जम्मू और कश्मीर से सटे क्षेत्र में निचले और ऊपरी क्षोभमंडल स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद है। इसके प्रभाव से 8 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में छिटपुट हल्की से मध्यम वर्षा/बर्फबारी के साथ गरज, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में भी इसी तरह की मौसमी स्थिति रहेगी। 11 अप्रैल 2026 से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के आने की संभावना है, जो मौसम को फिर से सक्रिय कर देगा।
उत्तराखंड में भारी बारिश की विशेष चेतावनी
8 अप्रैल को उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। इससे निचले इलाकों और नदी तटों के कई हिस्सों में जलभराव या बाढ़ की स्थिति बन सकती है। नगरपालिका सेवाओं (पानी, बिजली आदि) में स्थानीय और अल्पकालिक व्यवधान हो सकता है।
यातायात प्रवाह में बड़ा व्यवधान संभव है। प्रमुख सड़कें और स्थानीय ट्रेनें प्रभावित हो सकती हैं। पुरानी इमारतों और अनुरक्षित न की गई संरचनाओं के लिए खतरा बढ़ गया है।
पूर्वोत्तर भारत में भी भारी बारिश का अनुमान
अगले 5 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत में गरज, बिजली और तेज़ हवाओं (30-50 किमी प्रति घंटे की गति) के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 9 और 12 अप्रैल को, असम और मेघालय में 9 और 10 अप्रैल को, तथा त्रिपुरा में 8 और 9 अप्रैल को छिटपुट भारी बारिश का अनुमान है।
मेघालय में 8 और 9 अप्रैल को छिटपुट ओलावृष्टि की भी संभावना है, जो फसलों और बागानों को नुकसान पहुंचा सकती है।
मध्य और पश्चिमी भारत में मौसम का मिजाज
8 अप्रैल को मध्य प्रदेश में और 8-9 अप्रैल के दौरान छत्तीसगढ़ में छिटपुट से मध्यम बारिश, गरज, बिजली और तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार) की संभावना है। दोनों राज्यों में ओलावृष्टि का खतरा भी बना हुआ है।
गुजरात राज्य में गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ छिटपुट हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में छिटपुट हल्की से मध्यम बारिश की आशंका है।
तापमान में उतार-चढ़ाव का पूर्वानुमान
अगले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन 9 से 14 अप्रैल के दौरान 6-8°C की क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी इसी तरह का पैटर्न देखने को मिलेगा।
कुल मिलाकर, अगले 3-4 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के अधिकांश हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से कम या सामान्य के आसपास रहने की संभावना है। इसके बाद धीरे-धीरे तापमान सामान्य से ऊपर हो जाएगा।
पिछले 24 घंटों में भारत के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 12.2°C बठिंडा (पंजाब) में दर्ज किया गया। वहीं, सबसे अधिक अधिकतम तापमान 42.2°C वेल्लोर (तमिलनाडु) में दर्ज हुआ।
दिल्ली-NCR में मौसम का हाल
दिल्ली और NCR में भी मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान दिल्ली में न्यूनतम तापमान में 2-4°C और अधिकतम तापमान में 4-6°C की गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली में कई स्थानों पर हल्की से बहुत हल्की बारिश हुई है।
8 अप्रैल को आम तौर पर आसमान में बादल छाए रहेंगे। दोपहर से शाम के दौरान गरज/बिजली कड़कने के साथ बहुत हल्की/हल्की बारिश का दौर आ सकता है, जिसके साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की गति वाली सतही हवाएं चलेंगी।
9 अप्रैल को आसमान ज्यादातर साफ रहेगा। दिल्ली में अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 30°C से 32°C और 14°C से 16°C के बीच रहने की संभावना है।
मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी
मौसम विभाग ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे 8 अप्रैल से 13 अप्रैल 2026 के दौरान कुछ खास क्षेत्रों में न जाएं। बंगाल की खाड़ी में 8 अप्रैल को गंगा के पश्चिमी बंगाल के उत्तरी तट से सटे क्षेत्रों में जाना खतरनाक हो सकता है।
अरब सागर में 8 अप्रैल को खंभात की खाड़ी क्षेत्रों में भी मछुआरों को नहीं जाना चाहिए। समुद्र में तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण जान-माल को खतरा हो सकता है।
गर्म और आर्द्र मौसम की चेतावनी
तमिलनाडु, पुदुचेरी, कराईकल, केरल और माहे में 8 और 9 अप्रैल को गर्म और आर्द्र मौसम रहने की प्रबल संभावना है। कोंकण और गोवा में 10 और 11 अप्रैल को, गुजरात राज्य के तटीय क्षेत्रों में 11 से 14 अप्रैल तक, ओडिशा में 12 से 14 अप्रैल तक और कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में 9 से 11 अप्रैल तक गर्म और आर्द्र मौसम रहेगा।
लोगों को सलाह दी जाती है कि वे दोपहर में बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें।
किसानों के लिए कृषि-मौसम सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को विशेष सलाह जारी की है। पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, झारखंड, बिहार, जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में फलों के बगीचों और सब्जियों के पौधों को क्षति से बचाने के लिए हेल नेट या हेल कैप का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
परिपक्व फसलों, सब्जियों और फलों की तुरंत कटाई करें और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखें। खड़ी फसलों, सब्जियों और फलों के बागों से अतिरिक्त वर्षा जल को निकाल दें।
अरुणाचल प्रदेश में धान, मक्का आदि खड़ी फसलों, सब्जियों और बागानों के खेतों में उचित जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखें। पत्ता गोभी, मटर, सरसों, देर से पकने वाली धान की किस्मों और आलू की कटाई/खुदाई करें।
पशुपालन और मछली पालन के लिए सुझाव
भारी वर्षा या ओलावृष्टि के दौरान पशुओं को शेड के अंदर रखें और उन्हें संतुलित आहार दें। चारे और पशु आहार को खराब होने से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर रखें।
तालाबों के चारों ओर जाली सहित उचित निकास की व्यवस्था करें ताकि अधिक जल भराव की स्थिति में मछलियां बाहर न निकलें।
आम जनता के लिए सुरक्षा सलाह
मौसम विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति पर नजर रखें और आवश्यकतानुसार सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें। घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें और संभव हो तो यात्रा करने से बचें।
पेड़ों के नीचे शरण न लें। कंक्रीट के फर्श पर न लेटें और न ही कंक्रीट की दीवारों से टेक लगाकर खड़े हों। बिजली और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्लग निकाल दें। तुरंत पानी से बाहर निकल जाएं।
तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण पेड़ों की शाखाएं टूटना, सड़क किनारे लगे बड़े पेड़ उखड़ना, खड़ी फसलों को नुकसान, बिजली और संचार लाइनों को क्षति पहुंचना, कमजोर ढांचों को आंशिक नुकसान और कच्चे मकानों/दीवारों को नुकसान हो सकता है।
मौसम की लगातार निगरानी जरूरी
भारत मौसम विज्ञान विभाग लगातार मौसम की निगरानी कर रहा है और समय-समय पर अपडेट जारी कर रहा है। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे राष्ट्रीय मौसम बुलेटिन और जिला-वार चेतावनियों पर नजर रखें।
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले कुछ दिन मौसम अस्थिर रहेगा। विशेषकर पहाड़ी इलाकों और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सतर्कता बरतना जरूरी है।
मुख्य बातें (Key Points)
• पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत में अगले 3-4 दिनों तक भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना
• ओडिशा के चिटका में पिछले 24 घंटे में 20 सेमी तक बारिश, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 80 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं
• दिल्ली-NCR में तापमान में 4-6°C की गिरावट, गरज-बिजली के साथ हल्की बारिश की संभावना
• मछुआरों को बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के कुछ क्षेत्रों में न जाने की सलाह, किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए विशेष उपाय करने की हिदायत













