Sangrur Termite Remark: पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा (Pratap Singh Bajwa) के एक विवादित बयान पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने बाजवा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि शहीदों की धरती संगरूर को ‘दीमक पैदा करने वाली जगह’ कहना बेहद शर्मनाक है।
बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए धालीवाल ने कहा कि प्रताप सिंह बाजवा (Pratap Singh Bajwa) को ऐसा बयान देने से पहले संगरूर का इतिहास पढ़ना चाहिए था। जिस धरती ने शहीद उधम सिंह (Shaheed Udham Singh) और सेवा सिंह थिकड़ीवाला (Sewa Singh Thikriwala) जैसे महान देशभक्तों को जन्म दिया, उसे ‘दीमक से भरा’ कहना अत्यंत निंदनीय है।
संगरूर: क्रांतिकारी आंदोलनों की धरती
कुलदीप धालीवाल ने कहा कि संगरूर एक ऐसा जिला है जिसने हमेशा क्रांतिकारी आंदोलनों का नेतृत्व किया है। चाहे वह स्वतंत्रता संग्राम हो या हाल का किसान आंदोलन (Farmers Movement), संगरूर हमेशा आगे रहा है।
उन्होंने कहा कि जिस धरती से शहीद उधम सिंह जैसे वीर निकले, जिन्होंने जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला लेने के लिए लंदन में जनरल डायर को गोली मारी, उस धरती का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
कांग्रेसी नेता भी ‘दीमक’ थे?
धालीवाल ने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस नेता संत राम सिंगला (Sant Ram Singla), जिनकी पुण्यतिथि पर बाजवा बोल रहे थे, भी ‘दीमक’ थे?
उन्होंने आगे कहा कि वहां मौजूद पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला (Vijay Inder Singla) की अंतरात्मा ने कैसे बाजवा को संगरूर के बारे में ऐसी टिप्पणी करने से नहीं रोका?
धालीवाल ने पूछा कि बाजवा के अनुसार, क्या पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्टल (Rajinder Kaur Bhattal) और उनके स्वतंत्रता सेनानी पिता हीरा सिंह भट्टल (Hira Singh Bhattal) भी ‘दीमक’ थे?
तत्काल माफी की मांग
AAP प्रवक्ता ने कहा कि बाजवा को तुरंत पंजाब की जनता और संगरूर के निवासियों से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।
यह बयान न केवल संगरूर का अपमान है, बल्कि पूरे पंजाब के शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत का अपमान है। कांग्रेस नेता की यह मानसिकता उनकी पिछड़ी सोच को दर्शाती है।
असली ‘दीमक’ तो कांग्रेस है
कांग्रेस पर पलटवार करते हुए धालीवाल ने कहा कि असली ‘दीमक’ तो कांग्रेस है, जिसने 75 सालों तक देश और पंजाब को लूटा है।
उन्होंने कहा, “मिस्टर बाजवा, आप उस पार्टी से हैं जिसने पंजाब में इमरजेंसी लगाई, ऑपरेशन ब्लू स्टार (Operation Blue Star) किया, सिखों का नरसंहार कराया और हजारों युवाओं को फर्जी पुलिस मुठभेड़ों में मरवाया।”
कांग्रेस के भ्रष्टाचार का खुलासा
धालीवाल ने कांग्रेस के भ्रष्टाचार के कई उदाहरण गिनाए। उन्होंने कहा कि कोयला घोटाले (Coal Scam) से लेकर कैप्टन सरकार (Captain Government) में साधु सिंह धरमसोत (Sadhu Singh Dharamsot) और अशु (Ashu) जैसे मंत्रियों के भ्रष्टाचार तक, कांग्रेस ने केवल पंजाब को बर्बाद किया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पंजाब का विकास नहीं किया, बल्कि केवल लूट और शोषण की राजनीति की है। पंजाब का पानी, जमीन, संसाधन सब कुछ कांग्रेस ने बर्बाद किया।
संगरूर से उठी क्रांति की लहर
कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी कोई साधारण पार्टी नहीं है, बल्कि एक आंदोलन है जो संगरूर की उसी क्रांतिकारी मिट्टी से उठा है।
इस आंदोलन ने कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh), बादल परिवार (Badal Family) और भट्टल (Bhattal) जैसे बड़े राजनीतिक गढ़ों की नींव हिला दी है।
2027 में कादियान में सफाया
धालीवाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि संगरूर से शुरू हुई जो लहर है, वह 2027 में बाजवा के गढ़ कादियान (Qadian) तक पहुंचेगी और कांग्रेस का पूरी तरह से सफाया कर देगी।
उन्होंने कहा, “पिछली बार हमने 92 सीटें जीतीं, अगली बार हम 100 सीटें पार करेंगे। क्योंकि पंजाब की जनता अब कांग्रेस की लूट और शोषण की राजनीति बर्दाश्त नहीं करेगी।”
किसान आंदोलन में संगरूर की भूमिका
AAP नेता ने याद दिलाया कि हाल के किसान आंदोलन में भी संगरूर ने अग्रणी भूमिका निभाई थी। यहां के किसान और युवा दिल्ली की सीमाओं पर सबसे आगे खड़े थे।
जिस जिले ने देश के लिए इतना त्याग किया हो, उसे ‘दीमक’ कहना कांग्रेस नेता की संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है। यह पंजाब के गौरवशाली इतिहास की अनदेखी है।
AAP आंदोलन की ताकत
धालीवाल ने कहा कि AAP कोई पारंपरिक राजनीतिक पार्टी नहीं है। यह जनता का आंदोलन है जो ईमानदारी, पारदर्शिता और जन-कल्याण के सिद्धांतों पर चलता है।
संगरूर में भगवंत मान (Bhagwant Mann) की जीत ने साबित कर दिया कि पंजाब की जनता बदलाव चाहती है। 2022 के चुनावों में AAP की ऐतिहासिक जीत संगरूर की क्रांतिकारी भावना का ही परिणाम थी।
जानें पूरा मामला
यह विवाद तब शुरू हुआ जब विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कांग्रेस नेता संत राम सिंगला की पुण्यतिथि पर एक कार्यक्रम में संगरूर को ‘दीमक पैदा करने वाली जगह’ कहा।
उनका यह बयान AAP के खिलाफ राजनीतिक हमले के तौर पर किया गया था, क्योंकि मुख्यमंत्री भगवंत मान संगरूर से ही विधायक हैं। लेकिन यह बयान उल्टा पड़ गया और कांग्रेस को ही आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
संगरूर का गौरवशाली इतिहास पंजाब की पहचान है। यहां से शहीद उधम सिंह, सेवा सिंह थिकड़ीवाला जैसे महान क्रांतिकारी निकले हैं। स्वतंत्रता आंदोलन में इस जिले का योगदान अविस्मरणीय है।
मुख्य बातें (Key Points):
- प्रताप सिंह बाजवा ने संगरूर को ‘दीमक पैदा करने वाली जगह’ कहा
- कुलदीप धालीवाल ने इसे शहीदों की धरती का अपमान बताया
- शहीद उधम सिंह और सेवा सिंह थिकड़ीवाला की जन्मभूमि है संगरूर
- AAP ने बाजवा से बिना शर्त माफी की मांग की
- धालीवाल ने कांग्रेस को असली ‘दीमक’ बताया जिसने 75 साल पंजाब लूटा
- 2027 में कादियान में कांग्रेस का सफाया करने की चेतावनी













