Gold Silver Price Today: अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजारों में कीमती धातुओं की कीमतों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिल रही है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष के पांचवें सप्ताह में पहुंचने के बावजूद, सोने और चांदी की कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे आ गई हैं। भारतीय बाजार में सोना अपने ऑल टाइम हाई से ₹50,000 और चांदी ₹2 लाख से नीचे कारोबार कर रही है।
हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में Gold Silver Rate में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। सोने की कीमतों में 2.2 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि चांदी 3.8 प्रतिशत तक लुढ़क गई। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब भू-राजनीतिक तनाव के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश की तलाश में थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत अमेरिकी डॉलर, बढ़ती कच्चे तेल की कीमतें और ब्याज दरों को लेकर बढ़ती चिंताएं इस गिरावट के प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के बयान के बाद संघर्ष के जल्द खत्म होने की उम्मीद कमजोर पड़ने से भी बाजार का रुख बदल गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतों का हाल
अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार Comex पर गोल्ड में भारी गिरावट देखी गई। सोना 2.29 प्रतिशत गिरकर 4702 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गया। वहीं सिल्वर में और भी तेज गिरावट आई और यह 3.82 प्रतिशत टूटकर 73.17 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी 1.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 4675.67 डॉलर के स्तर पर आ गया। चांदी के वायदा में 2.91 प्रतिशत की गिरावट के साथ यह 72.99 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।
यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब पूरी दुनिया की नजरें मध्य पूर्व में जारी तनाव पर टिकी हुई हैं। सामान्य तौर पर ऐसे हालात में सोने और चांदी जैसी सुरक्षित निवेश धातुओं की मांग बढ़ती है, लेकिन इस बार बाजार ने उलट रुख अपनाया।
भारतीय बाजार में Gold Silver Price में जबरदस्त गिरावट
घरेलू वायदा बाजार MCX पर भी कीमती धातुओं में गिरावट का दौर जारी रहा। जून डिलीवरी वाला सोना हफ्ते के अंतिम कारोबारी दिन 0.02 प्रतिशत गिरकर ₹1,49,650 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। यह अपने ऑल टाइम हाई ₹2,00,984 प्रति 10 ग्राम से करीब ₹51,334 कम है।
चांदी की स्थिति और भी खराब रही। एमसीएक्स पर मई डिलीवरी वाली चांदी अंतिम कारोबारी दिन 4.48 प्रतिशत यानी ₹1,901 की भारी गिरावट के साथ ₹32,600 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। यह अपने ऑल टाइम हाई ₹4,39,337 प्रति किलोग्राम से ₹2,06,737 कम है।
यह गिरावट उन निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई है जिन्होंने हाल के दिनों में ऊंचे स्तर पर सोना-चांदी खरीदा था। हालांकि, नए निवेशकों के लिए यह खरीदारी का एक अच्छा अवसर हो सकता है।
क्यों गिर रहे हैं सोना-चांदी के दाम?
विशेषज्ञों के अनुसार शुरुआत में भू-राजनीतिक तनाव के कारण सोने की मांग एक सुरक्षित निवेश के रूप में बढ़ी थी। लेकिन बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के बयान के बाद संघर्ष के जल्द खत्म होने की उम्मीद कमजोर पड़ गई, जिससे बाजार का रुख बदल गया।
हाल के दिनों में सोने में हल्की तेजी जरूर देखने को मिली थी, लेकिन कुल मिलाकर बाजार में दबाव साफ नजर आ रहा है। इसके पीछे कई बड़े कारण माने जा रहे हैं जो Gold Silver Price Today को प्रभावित कर रहे हैं।
मजबूत डॉलर का असर
विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से सोना और चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ा है। जब डॉलर मजबूत होता है तो अन्य देशों के निवेशकों के लिए इन धातुओं को खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे मांग घटती है और कीमतें नीचे आती हैं।
यह एक सीधा आर्थिक सिद्धांत है जो अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार को नियंत्रित करता है। जब अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत होती है और डॉलर का मूल्य बढ़ता है, तो सोना-चांदी जैसी धातुओं की कीमतों में गिरावट आना स्वाभाविक है।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और महंगाई की चिंता
इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने महंगाई की चिंता बढ़ा दी है। महंगाई बढ़ने पर केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती टाल सकते हैं या उन्हें लंबे समय तक ऊंचा बनाए रख सकते हैं।
ऊंची ब्याज दरों का सीधा असर सोना-चांदी जैसे निवेश पर पड़ता है क्योंकि ये कोई ब्याज नहीं देते। ऐसे में निवेशक बेहतर रिटर्न वाले विकल्पों की ओर रुख कर लेते हैं। बैंक एफडी, बॉन्ड और अन्य ब्याज देने वाले निवेश विकल्प अधिक आकर्षक हो जाते हैं।
चांदी में ज्यादा गिरावट क्यों?
चांदी की कीमतों में ज्यादा गिरावट की एक बड़ी वजह यह भी है कि यह केवल निवेश धातु ही नहीं बल्कि औद्योगिक धातु भी है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल, मेडिकल उपकरण और कई अन्य उद्योगों में चांदी का व्यापक उपयोग होता है।
जब वैश्विक आर्थिक विकास को लेकर अनिश्चितता बढ़ती है तो उद्योगों में इसकी मांग घटने का डर बढ़ जाता है, जिससे कीमतों पर ज्यादा दबाव आता है। यही कारण है कि Gold Silver Rate में चांदी अधिक प्रभावित होती है।
सोना मुख्य रूप से एक सुरक्षित निवेश के रूप में देखा जाता है, जबकि चांदी का मूल्य औद्योगिक मांग और निवेश दोनों पर निर्भर करता है। इसलिए आर्थिक अनिश्चितता के समय में चांदी में अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।
आगे क्या होगा बाजार का रुख?
विश्लेषकों का कहना है कि फिलहाल बाजार पूरी तरह से मैक्रोइकोनॉमिक संकेतों जैसे महंगाई, डॉलर की चाल और केंद्रीय बैंक की नीतियों पर निर्भर है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व और अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति Gold Silver Price Today की दिशा तय करेगी।
आने वाले समय में इन कारकों के आधार पर सोने-चांदी की दिशा तय होगी और बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी रहने की संभावना है और सोने की कीमतों में आगे भी घटनाओं के आधार पर तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
यदि आप सोना-चांदी में निवेश करने की सोच रहे हैं तो विशेषज्ञों की सलाह है कि जल्दबाजी न करें। बाजार में अभी काफी अस्थिरता है और कीमतें किसी भी दिशा में जा सकती हैं।
लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट खरीदारी का अच्छा मौका हो सकती है, लेकिन थोड़ा-थोड़ा करके निवेश करना बेहतर होगा। एक साथ बड़ी खरीदारी से बचें और बाजार की स्थिति पर नजर रखें।
जानें पूरा मामला
पिछले कुछ महीनों में सोना और चांदी दोनों ने ही अपने रिकॉर्ड स्तर छुए थे। भू-राजनीतिक तनाव, महामारी के बाद की आर्थिक अनिश्चितता और मुद्रास्फीति की चिंताओं ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर धकेला था। लेकिन अब स्थिति बदल रही है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत, केंद्रीय बैंकों की सख्त मौद्रिक नीति और डॉलर की मजबूती ने कीमती धातुओं पर दबाव बनाया है। मिडिल ईस्ट में तनाव के बावजूद बाजार का रुख बदलना इस बात का संकेत है कि निवेशक अब अन्य कारकों को अधिक महत्व दे रहे हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
• अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 2.2% और चांदी 3.8% गिरी, Comex पर गोल्ड 4702 डॉलर/औंस और सिल्वर 73.17 डॉलर/औंस पर
• MCX पर जून सोना ₹1,49,650/10 ग्राम पर बंद, ऑल टाइम हाई से ₹51,334 कम; मई चांदी ₹32,600/किलो पर, हाई से ₹2,06,737 कम
• मजबूत डॉलर, बढ़ते तेल की कीमतें, ब्याज दरों की चिंता और Trump के बयान से संघर्ष जल्द खत्म होने की उम्मीद कमजोर होना प्रमुख कारण
• चांदी औद्योगिक धातु भी है इसलिए आर्थिक अनिश्चितता में इसमें ज्यादा गिरावट, निवेशकों को सावधानी से निवेश की सलाह













