Punjab Wheat Procurement 2026 को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने किसानों को बड़ा भरोसा दिया है। पंजाब की मंडियों में गेहूं की फसल की सरकारी खरीद आधिकारिक तौर पर 1 अप्रैल से शुरू हो चुकी है और पार्टी ने साफ कहा है कि इस बार किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। गुरुवार को चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए AAP किसान विंग के चेयरमैन महिंद्र सिंह सिद्धू, महासचिव सतबीर सिंह बख्शीवाला और प्रदेश मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में किए गए क्रांतिकारी सुधारों और खरीद सीजन की तैयारियों का विस्तार से ब्यौरा दिया।
1896 मंडियों और खरीद केंद्रों की जिम्मेदारी किसान विंग को सौंपी गई
Punjab Wheat Procurement 2026 को सुचारू बनाने के लिए AAP ने इस बार बड़ा कदम उठाया है। किसान विंग के चेयरमैन महिंद्र सिंह सिद्धू ने बताया कि पंजाब की 1896 अनाज मंडियों और खरीद केंद्रों की खास जिम्मेदारी किसान विंग को सौंपी गई है। किसान विंग के पदाधिकारी सरकारी अधिकारियों से सीधे मिलेंगे ताकि यह पक्का किया जा सके कि किसी भी किसान को अपनी फसल बेचने में कोई दिक्कत न हो।
सिद्धू ने कहा कि मंडियों में किसानों के लिए पानी, बिजली और साफ-सफाई का पूरा इंतजाम होगा। उन्होंने आढ़तियों से भी अपील की कि वे फसल का सही तौल करें और समय पर ‘जे-फॉर्म’ जमा करें ताकि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा पैसा बिना देरी के मिल सके। सिद्धू ने जोर देकर कहा कि मान सरकार ने किसानों के लिए जो किया है वह ऐतिहासिक है और इस खरीद सीजन में भी किसानों को हर मुमकिन सुविधा दी जाएगी।
पिछली सरकारों में कई रातें मंडी में बिताता था किसान, अब एक रात भी नहीं रुकना पड़ता
किसान विंग के महासचिव सतबीर सिंह बख्शीवाला ने Punjab Wheat Procurement 2026 के मौके पर पिछली सरकारों की कार्यशैली से तुलना करते हुए बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के समय किसानों को मंडियों में तीन-चार रातें बितानी पड़ती थीं। फसल लेकर जाओ तो न समय पर तुलाई होती थी, न उठान होता था और न ही समय पर पेमेंट मिलता था। किसान परेशान होकर मंडियों में दिन-रात पड़े रहते थे।
लेकिन बख्शीवाला ने दावा किया कि मान सरकार में हालात पूरी तरह बदल गए हैं। अब फसल का उठान इतनी तेजी से हो रहा है कि किसान को मुश्किल से एक रात भी मंडी में रुकना नहीं पड़ता। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों की हर समस्या का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है और उठान प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय पर लिफ्टिंग और समय पर पेमेंट, यही मान सरकार की प्राथमिकता है।
600 यूनिट मुफ्त बिजली और दिन में खेती के लिए बिना रुकावट बिजली
किसान विंग चेयरमैन महिंद्र सिंह सिद्धू ने AAP सरकार की किसान हितैषी योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि मान सरकार बिना किसी जाति या धर्म के भेदभाव के 600 यूनिट मुफ्त बिजली दे रही है, जिसका फायदा किसान परिवारों को भी मिल रहा है।
सबसे अहम बात यह है कि पहली बार किसानों को कृषि के लिए दिन में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिना रुकावट बिजली मिल रही है। पहले किसानों को रात के अंधेरे में खेतों में जाकर मोटर चलानी पड़ती थी, जिससे न सिर्फ उन्हें भारी परेशानी होती थी बल्कि सांप काटने और दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता था। अब दिन में बिजली मिलने से किसानों की जिंदगी आसान हो गई है और वे रात को आराम से अपने घरों में रह सकते हैं। Punjab Wheat Procurement 2026 सीजन में भी यह सुविधा किसानों के लिए बड़ी राहत बनकर आ रही है।
नहरी पानी की पहुंच 22% से बढ़ाकर 88% तक: मान सरकार का बड़ा दावा
प्रदेश मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कृषि के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब मान सरकार ने शपथ ली थी तब नहर का पानी सिर्फ 22% खेतों तक पहुंचता था। आज इसे बढ़ाकर 88% कर दिया गया है और सरकार का लक्ष्य इसे 90% से भी आगे ले जाना है।
पन्नू ने पिछली सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि वे सिर्फ ‘पानी के रखवाले’ होने का दिखावा करती थीं, जबकि असलियत में नहर का पानी खेतों की टेल (आखिरी छोर) तक पहुंचता ही नहीं था। मान सरकार ने असल में नहर का पानी टेल तक पहुंचाया है। इसका दोहरा फायदा होगा। एक तरफ फसल की पैदावार बढ़ेगी क्योंकि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा, और दूसरी तरफ आने वाली पीढ़ियों के लिए ग्राउंडवाटर (भूजल) भी बचेगा। पंजाब में गिरते भूजल स्तर की समस्या लंबे समय से गंभीर बनी हुई है और नहरी पानी की पहुंच बढ़ाना इस संकट से निपटने का सबसे कारगर उपाय है।
खेतों में बिजली के खंभों की समस्या का समाधान: CM के गांव सतोज से शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट
Punjab Wheat Procurement 2026 की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बलतेज पन्नू ने एक और बड़ी खबर दी। उन्होंने बताया कि पंजाब के किसानों की एक पुरानी और बड़ी समस्या है कि खेतों के बीच में बिजली के खंभे लगे हुए हैं, जिसकी वजह से खेती करने, ट्रैक्टर चलाने और फसल काटने में भारी दिक्कत आती है।
इस समस्या को हल करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक नया पायलट प्रोजेक्ट घोषित किया है। यह प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री के पैतृक गांव सतोज से शुरू किया जाएगा और इसकी सफलता के बाद इसे पूरे पंजाब में लागू किया जाएगा। यह खबर उन लाखों किसानों के लिए बड़ी राहत है जो बरसों से खेतों में खंभों की समस्या से परेशान हैं। अगर यह प्रोजेक्ट सफल रहा तो पंजाब के कृषि क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव आ सकता है।
खराब मौसम से हुई थोड़ी देरी, आने वाले दिनों में खरीद में आएगी तेजी
बलतेज पन्नू ने बताया कि Punjab Wheat Procurement 2026 की सरकारी खरीद आधिकारिक तौर पर 1 अप्रैल से शुरू हो चुकी है। हालांकि खराब मौसम के कारण शुरुआती दिनों में थोड़ी देरी हुई है, लेकिन आने वाले कुछ दिनों में खरीद और आवक में तेजी आने की पूरी उम्मीद है। जैसे-जैसे मौसम साफ होगा और किसान अपनी फसल काटकर मंडियों में लाएंगे, खरीद की रफ्तार और बढ़ेगी।
सरकारी स्कूलों के बदले रूप से किसानों के बच्चों को हो रहा फायदा
महिंद्र सिंह सिद्धू ने खरीद सीजन के अलावा एक और अहम मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि मान सरकार ने गांवों के सरकारी स्कूलों का रूप बदल दिया है। इसका सबसे बड़ा फायदा किसानों और मजदूरों के बच्चों को हो रहा है, जो अब इन बेहतर स्कूलों में ऊंची शिक्षा हासिल कर बड़े अधिकारी बन रहे हैं। पहले गांवों के सरकारी स्कूलों की हालत इतनी खराब थी कि किसान अपने बच्चों को वहां भेजने से कतराते थे, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं।
आम किसान पर क्या पड़ेगा इस सीजन का असर?
Punjab Wheat Procurement 2026 सीजन पंजाब के लाखों किसान परिवारों के लिए बेहद अहम है। गेहूं रबी सीजन की सबसे बड़ी फसल है और इसकी सरकारी खरीद पर किसानों की पूरी साल की आमदनी निर्भर करती है। अगर सरकार का दावा सच साबित होता है और मंडियों में समय पर तुलाई, उठान और पेमेंट होता है तो किसानों को इस बार राहत मिलेगी। 1896 मंडियों में किसान विंग की निगरानी और सरकारी मशीनरी की तैनाती से यह उम्मीद की जा रही है कि किसानों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। हालांकि असली परीक्षा तब होगी जब आने वाले दिनों में मंडियों में आवक अपने चरम पर पहुंचेगी।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब की 1896 मंडियों और खरीद केंद्रों में गेहूं की सरकारी खरीद 1 अप्रैल से शुरू, AAP किसान विंग को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई।
- मान सरकार ने नहरी पानी की पहुंच 22% से बढ़ाकर 88% की, किसानों को दिन में सुबह 9 से शाम 5 बजे तक बिना रुकावट बिजली मिल रही है।
- खेतों में बिजली के खंभों की समस्या हल करने के लिए CM के पैतृक गांव सतोज से पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा।
- पिछली सरकारों में किसानों को मंडियों में 3-4 रातें बितानी पड़ती थीं, अब एक रात भी नहीं रुकना पड़ता: AAP का दावा।













