Punjab GST Collection 2025-26 को लेकर राज्य सरकार ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पंजाब के वित्त, आबकारी एवं कराधान मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने गुरुवार को चंडीगढ़ में ऐलान किया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में पंजाब के नेट GST कलेक्शन में 12.52% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह आंकड़ा ₹23,642.08 करोड़ से बढ़कर ₹26,601.12 करोड़ पर पहुंच गया है, जो करीब ₹2,959.04 करोड़ की भारी वृद्धि को दर्शाता है। खास बात यह है कि पंजाब ने राष्ट्रीय औसत को पीछे छोड़ दिया है, जहां पूरे देश में नेट GST रेवेन्यू में करीब 6% की ग्रोथ हुई, वहीं पंजाब ने 12.52% की दर हासिल कर देश के टॉप परफॉर्मिंग राज्यों में अपनी जगह बनाई है।

मार्च 2026 में 16.6% की शानदार ग्रोथ, SGST कैश कलेक्शन में 18% की उछाल
Punjab GST Collection 2025-26 के आंकड़ों में मार्च 2026 का प्रदर्शन सबसे चौंकाने वाला रहा। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि मार्च 2025 में नेट GST कलेक्शन ₹1,913.82 करोड़ था, जो मार्च 2026 में बढ़कर ₹2,231.93 करोड़ हो गया। इसका मतलब है कि सिर्फ एक महीने में ₹318.11 करोड़ की अतिरिक्त कमाई हुई और ग्रोथ रेट 16.6% रही।
इससे भी बड़ी बात यह है कि मार्च 2026 में SGST (State GST) कैश कलेक्शन में 18% की मजबूत ग्रोथ दर्ज हुई। जहां राष्ट्रीय स्तर पर यह ग्रोथ रेट करीब 7% थी, वहीं पंजाब ने 18% के साथ देश के बड़े राज्यों में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में अपनी जगह पक्की कर ली। यह आंकड़ा साबित करता है कि पंजाब की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है।
तीन चरणों में रहा पंजाब का GST कलेक्शन का सफर
वित्त मंत्री चीमा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में Punjab GST Collection 2025-26 का सफर तीन स्पष्ट चरणों में दिखता है। पहले चरण में जबरदस्त शुरुआत हुई, दूसरे चरण में नीतिगत बदलावों की वजह से गिरावट आई और तीसरे चरण में शानदार रिकवरी हुई। आइए इन तीनों चरणों को विस्तार से समझते हैं।
पहला चरण: अप्रैल से सितंबर 2025 में धमाकेदार शुरुआत
साल के पहले छह महीनों यानी अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच पंजाब ने नेट GST कलेक्शन में ₹2,478.19 करोड़ की भारी वृद्धि दर्ज की, जो 23% की ग्रोथ को दर्शाती है। वित्त मंत्री ने बताया कि यह शानदार प्रदर्शन राज्य स्तर पर प्रभावी एन्फोर्समेंट और कंप्लायंस उपायों की वजह से संभव हुआ। पंजाब सरकार ने टैक्स चोरी पर सख्ती बरती और ईमानदार करदाताओं को प्रोत्साहित किया, जिसका सीधा असर कलेक्शन पर दिखा।
GST 2.0 पॉलिसी की वजह से आई गिरावट, ₹400 करोड़ का पड़ा असर
दूसरा चरण: अक्टूबर से दिसंबर 2025 में नीतिगत चुनौतियां
साल के पहले छह महीनों की धमाकेदार शुरुआत के बाद अक्टूबर से दिसंबर 2025 की तिमाही में गिरावट आई। इस दौरान नेट कलेक्शन में ₹193.04 करोड़ (-3%) की कमी दर्ज की गई। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने स्पष्ट किया कि यह गिरावट केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई GST 2.0 पॉलिसी में हुए बदलावों की वजह से आई। इन नीतिगत बदलावों ने पूरी व्यवस्था में अस्थायी व्यवधान पैदा किया और इसका कुल मिलाकर करीब ₹400 करोड़ का राजस्व प्रभाव पड़ा।
यह चरण पूरे देश के लिए चुनौतीपूर्ण था, लेकिन पंजाब सरकार ने इसे एक अस्थायी दौर मानते हुए तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए।
जनवरी-मार्च 2026 में शानदार रिकवरी, पटरी पर लौटी ग्रोथ
तीसरा चरण: जनवरी से मार्च 2026 में निर्णायक रिकवरी
Punjab GST Collection 2025-26 की सबसे बड़ी सफलता की कहानी जनवरी से मार्च 2026 की आखिरी तिमाही में लिखी गई। वित्त मंत्री चीमा ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के सक्रिय हस्तक्षेप की वजह से इस तिमाही में तीखी रिकवरी देखने को मिली।
इस दौरान ग्रॉस कलेक्शन में ₹564.97 करोड़ (9%) और नेट कलेक्शन में ₹669.09 करोड़ (11%) की वृद्धि हुई। इस रिकवरी ने न सिर्फ पिछली तिमाही की गिरावट की पूरी तरह भरपाई की, बल्कि ग्रोथ को फिर से पटरी पर ला दिया। यह दर्शाता है कि पंजाब सरकार ने चुनौतियों के बावजूद अपनी राजस्व नीति पर मजबूती से अमल किया।
कई बड़े राज्यों का प्रदर्शन रहा निराशाजनक, पंजाब ने मारी बाजी
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने यह भी बताया कि जहां पंजाब ने GST कलेक्शन में शानदार ग्रोथ दर्ज की, वहीं देश के कई बड़े राज्यों का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा। उन्होंने कहा कि झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में मार्च 2026 और वार्षिक दोनों आंकड़ों में नकारात्मक ग्रोथ (Negative Growth) दर्ज की गई। यह इन राज्यों में GST कलेक्शन पर व्यापक दबाव को दर्शाता है।
इसकी तुलना में Punjab GST Collection 2025-26 का प्रदर्शन और भी प्रभावशाली नजर आता है। पंजाब ने न सिर्फ राष्ट्रीय औसत को पछाड़ा बल्कि कई बड़े और संसाधन संपन्न राज्यों से भी बेहतर प्रदर्शन किया, जो आम आदमी पार्टी सरकार की वित्तीय प्रबंधन क्षमता को दर्शाता है।
आम पंजाबी पर क्या असर पड़ेगा?
GST कलेक्शन में बढ़ोतरी का सीधा मतलब है कि राज्य सरकार के खजाने में ज्यादा पैसा आ रहा है। इसका फायदा आम नागरिकों को बेहतर सड़कों, अस्पतालों, स्कूलों और अन्य सरकारी सेवाओं के रूप में मिलेगा। जब सरकार के पास ज्यादा राजस्व होता है तो वह विकास योजनाओं पर अधिक खर्च कर सकती है, जिससे रोजगार बढ़ता है और अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। साथ ही बेहतर कंप्लायंस से ईमानदार व्यापारियों पर बोझ कम होता है और टैक्स चोरी करने वालों पर शिकंजा कसता है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सरकार का रोडमैप
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आने वाले वित्तीय वर्ष 2026-27 को लेकर भी भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि Punjab GST Collection 2025-26 में लगातार ग्रोथ, खासतौर पर आखिरी तिमाही में शानदार रिकवरी, राज्य सरकार की मजबूत वित्तीय प्रबंधन और प्रभावी टैक्स प्रशासन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
चीमा ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर ट्रांजिशनल चुनौतियों के बावजूद पंजाब ने लचीलापन और चुस्ती दिखाई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार कंप्लायंस फ्रेमवर्क को और मजबूत करेगी, टेक्नोलॉजी का बेहतर इस्तेमाल करेगी और ईमानदार करदाताओं को सहयोग देगी ताकि राजस्व संग्रह को और ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य की फलती-फूलती अर्थव्यवस्था, बेहतर कंप्लायंस और सख्त एन्फोर्समेंट की बदौलत वित्तीय वर्ष 2026-27 में GST कलेक्शन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का पूरा भरोसा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- वित्तीय वर्ष 2025-26 में पंजाब का नेट GST कलेक्शन ₹26,601.12 करोड़ पहुंचा, 12.52% की ग्रोथ दर्ज हुई जो राष्ट्रीय औसत 6% से दोगुनी से अधिक है।
- मार्च 2026 में नेट GST कलेक्शन में 16.6% और SGST कैश कलेक्शन में 18% की शानदार बढ़ोतरी हुई।
- GST 2.0 पॉलिसी से ₹400 करोड़ का राजस्व प्रभाव पड़ा, लेकिन जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में निर्णायक रिकवरी हुई।
- झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में नकारात्मक ग्रोथ रही, जबकि पंजाब ने टॉप परफॉर्मर के रूप में अपनी पहचान बनाई।













