Punjab Vigilance Bureau ने भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए काउंटर इंटेलिजेंस कार्यालय, जिला पटियाला में तैनात सहायक सब-इंस्पेक्टर (ASI) हरपाल सिंह को ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया है। यह गिरफ्तारी बुधवार 25 मार्च को चंडीगढ़ में Punjab Vigilance Bureau के प्रवक्ता द्वारा सार्वजनिक की गई। आरोपी ASI पर खालिस्तानी गतिविधियों की जांच के नाम पर एक व्यक्ति से रिश्वत वसूलने का गंभीर आरोप है।
खालिस्तानी जांच के नाम पर मांगी ₹20,000 की रिश्वत
Punjab Vigilance Bureau के प्रवक्ता ने बताया कि यह पूरा मामला तहसील नाभा, जिला पटियाला के एक निवासी की शिकायत पर सामने आया। शिकायतकर्ता के एक रिश्तेदार की वर्ष 2023 में खालिस्तानी गतिविधियों में कथित संलिप्तता को लेकर जांच की गई थी। इसी जांच की आड़ में आरोपी ASI हरपाल सिंह ने शिकायतकर्ता को काउंटर इंटेलिजेंस कार्यालय में बुलाया।
कार्यालय में बुलाने के बाद आरोपी ASI ने शिकायतकर्ता पर यह दबाव बनाया कि वह खुद भी अपने रिश्तेदार के साथ इन खालिस्तानी गतिविधियों में शामिल था। इस डर का फायदा उठाते हुए ASI ने शिकायतकर्ता के पक्ष में रिपोर्ट देने के बदले ₹20,000 रिश्वत की मांग रख दी। शिकायतकर्ता के लिए यह रिपोर्ट इसलिए जरूरी थी क्योंकि वह विदेश जाने की तैयारी कर रहा था और क्लीन रिपोर्ट के बिना उसका विदेश जाना मुश्किल हो जाता।
शिकायतकर्ता ने दिखाई हिम्मत, विजिलेंस से की शिकायत
Punjab Vigilance Bureau की कार्रवाई इसलिए संभव हो पाई क्योंकि शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से साफ इनकार कर दिया। गैर-कानूनी मांग के आगे झुकने की बजाय उसने हिम्मत दिखाते हुए सीधे विजिलेंस ब्यूरो रेंज पटियाला से संपर्क किया और पूरे मामले की शिकायत दर्ज करवाई।
यह कदम बेहद अहम था क्योंकि अक्सर आम नागरिक पुलिस या सरकारी अधिकारियों की रिश्वत की मांग के सामने मजबूर होकर पैसे दे देते हैं और चुप रह जाते हैं। लेकिन इस बार शिकायतकर्ता ने सिस्टम पर भरोसा जताते हुए सही रास्ता अपनाया, जिसका नतीजा भ्रष्ट ASI की गिरफ्तारी के रूप में सामने आया।
विजिलेंस टीम ने बिछाया जाल, दो गवाहों के सामने पकड़ा
Punjab Vigilance Bureau ने शिकायत की प्रारंभिक जांच पूरी करने के बाद एक पूरी योजना तैयार की। विजिलेंस टीम ने जाल बिछाकर ट्रैप लगाया और आरोपी ASI हरपाल सिंह को ठीक उसी वक्त दबोच लिया जब वह शिकायतकर्ता से ₹20,000 की रिश्वत ले रहा था।
सबसे अहम बात यह रही कि यह पूरी कार्रवाई दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में अंजाम दी गई, जिससे आरोपी के लिए बचने की कोई गुंजाइश नहीं बची। रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद आरोपी ASI के पास कोई सफाई देने का मौका ही नहीं रहा।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला
Punjab Vigilance Bureau ने आरोपी ASI हरपाल सिंह के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो थाना पटियाला में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत औपचारिक मामला दर्ज कर लिया है। मामले की आगे की जांच फिलहाल जारी है और विजिलेंस ब्यूरो यह भी पता लगा रही है कि क्या आरोपी ASI ने पहले भी इसी तरह किसी और से रिश्वत वसूली है या नहीं।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी पाए जाने पर आरोपी को कम से कम तीन साल और अधिकतम सात साल तक की सजा हो सकती है। साथ ही जुर्माने का भी प्रावधान है।
आम नागरिकों के लिए क्या है संदेश
Punjab Vigilance Bureau की यह कार्रवाई आम नागरिकों के लिए एक बड़ा संदेश है। सरकारी विभागों में बैठे ऐसे भ्रष्ट अधिकारी जो अपने पद का दुरुपयोग करके लोगों से पैसे ऐंठते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है, बशर्ते पीड़ित हिम्मत दिखाकर शिकायत करे।
खासतौर पर यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि यहां एक इंटेलिजेंस अधिकारी ने खालिस्तानी जांच जैसे संवेदनशील मुद्दे का इस्तेमाल किसी निर्दोष व्यक्ति से पैसे वसूलने के लिए किया। जब सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी ही भ्रष्ट हों तो आम नागरिक का भरोसा पूरे सिस्टम से उठने लगता है। ऐसे में विजिलेंस ब्यूरो की यह कार्रवाई सिस्टम की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिहाज से बेहद जरूरी थी।
क्या है पूरे मामले की पृष्ठभूमि
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार अभियान चला रहा है। पिछले कुछ समय में विजिलेंस ब्यूरो ने कई सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। इस ताजा मामले में पटियाला के काउंटर इंटेलिजेंस ऑफिस में तैनात ASI हरपाल सिंह ने वर्ष 2023 की एक खालिस्तानी गतिविधि जांच का हवाला देकर नाभा निवासी शिकायतकर्ता को डराया और उसकी विदेश यात्रा के लिए जरूरी क्लीन रिपोर्ट देने के बदले ₹20,000 की रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए विजिलेंस से शिकायत की, जिसके बाद ट्रैप लगाकर ASI को दो गवाहों की मौजूदगी में पकड़ा गया और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
मुख्य बातें (Key Points)
- Punjab Vigilance Bureau ने पटियाला के काउंटर इंटेलिजेंस ऑफिस में तैनात ASI हरपाल सिंह को ₹20,000 रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा।
- आरोपी ASI ने खालिस्तानी गतिविधि जांच के नाम पर नाभा निवासी शिकायतकर्ता से रिश्वत मांगी थी, जो विदेश जाने के लिए क्लीन रिपोर्ट चाहता था।
- शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार कर विजिलेंस ब्यूरो रेंज पटियाला से शिकायत की, जिसके बाद दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में ट्रैप लगाकर गिरफ्तारी हुई।
- आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज, जांच जारी।








