Punjab SC Scholarship के मामले में पंजाब ने पूरे देश में दूसरा स्थान हासिल करके एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। पंजाब की सामाजिक न्याय, सशक्तिकरण और अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने 25 मार्च को एस.ए.एस. नगर (मोहाली) में यह जानकारी देते हुए बताया कि भगवंत मान सरकार के कार्यकाल में लगभग 10 लाख विद्यार्थियों ने Punjab SC Scholarship योजना का लाभ उठाया है और अपने मनचाहे क्षेत्रों में शिक्षा हासिल की है।
मोहाली के कालकट भवन में हुआ टूल किट वितरण कार्यक्रम
मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने मोहाली के कालकट भवन में आयोजित टूल किट वितरण एवं जागरूकता कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए यह बातें कहीं। यह कार्यक्रम छह जिलों के आईटीआई विद्यार्थियों को कवर करने के लिए खासतौर पर आयोजित किया गया था। उन्होंने बताया कि पंजाब ने अनुसूचित जाति और अन्य विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से Punjab SC Scholarship वितरण में राष्ट्रीय स्तर पर यह मुकाम हासिल किया है।
डॉ. बलजीत कौर ने जोर देकर कहा कि भगवंत मान सरकार शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार मानती है और यही वजह है कि सरकार ने हर जिले और हर लाभार्थी तक कल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि लगभग 10 लाख विद्यार्थियों को Punjab SC Scholarship का लाभ मिलना अपने आप में एक बड़ी कामयाबी है।
1506 ITI छात्रों को मिलेगी मुफ्त टूल किट और पाठ्यपुस्तकें
Punjab SC Scholarship और कौशल विकास की दिशा में एक और अहम कदम उठाते हुए भगवंत मान सरकार ने आईटीआई विद्यार्थियों के लिए मुफ्त पाठ्यपुस्तक और टूल किट योजना शुरू की है। यह योजना पूरी तरह पंजाब सरकार द्वारा वित्तपोषित है और इसका मकसद युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और कौशल आधारित रोजगार के जरिए उन्हें बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित करना है।
इस पहल के पहले चरण में एस.ए.एस. नगर, रूपनगर, शहीद भगत सिंह नगर, पटियाला, फतेहगढ़ साहिब और लुधियाना जिलों के 630 विद्यार्थियों को कवर किया गया है। वहीं, राज्य की 32 सरकारी आईटीआई के कुल 1506 विद्यार्थी इस योजना से लाभान्वित होंगे। इसका सीधा असर उन परिवारों पर पड़ेगा जो आर्थिक तंगी की वजह से अपने बच्चों को टूल किट और किताबें नहीं खरीद पाते थे। अब सरकार खुद यह बोझ उठा रही है, जिससे विद्यार्थी पढ़ाई और कौशल सीखने पर पूरा ध्यान लगा सकेंगे।
अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति कार्यक्रम का हुआ सभी जिलों में विस्तार
Punjab SC Scholarship के अलावा अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों के लिए भी भगवंत मान सरकार ने एक बड़ा बदलाव किया है। डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पहले पंजाब के केवल दो जिले भारत सरकार के अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति कार्यक्रम के दायरे में आते थे, लेकिन राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों से अब इस योजना का विस्तार पंजाब के सभी जिलों तक कर दिया गया है।
यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अब राज्य के दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को भी छात्रवृत्ति का लाभ मिल सकेगा। सीमित कवरेज से राज्यव्यापी पहुंच तक का यह सफर भगवंत मान सरकार की शिक्षा के प्रति गंभीरता को दिखाता है।
बाबा साहिब अंबेडकर के आदर्शों पर चल रही सरकार: डॉ. बलजीत कौर
इन सभी प्रयासों के पीछे की सामाजिक सोच को रेखांकित करते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि बाबा साहिब अंबेडकर जैसे महान समाज सुधारकों और सिख धर्म की शिक्षाओं ने जाति आधारित भेदभाव को समाप्त करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार बाबा साहिब के आदर्शों पर चलते हुए शिक्षा और सशक्तिकरण के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को ऊपर उठाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। Punjab SC Scholarship जैसी योजनाएं इसी विजन का हिस्सा हैं।
विधायकों ने सराहा भगवंत मान सरकार का यह कदम
इस कार्यक्रम में विधायक कुलवंत सिंह और विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने भी भाग लिया और इस पहल की जमकर सराहना की। दोनों विधायकों ने कहा कि टूल किट आईटीआई विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने और सम्मानजनक जीवन जीने में बड़ी मदद करेंगी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार सभी नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए लगातार काम कर रही है।
अधिकारियों ने दी कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम के दौरान प्रधान सचिव वी.के. मीना ने विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। निदेशक विम्मी भुल्लर ने उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया और Punjab SC Scholarship सहित अन्य योजनाओं के मुख्य पहलुओं पर प्रकाश डाला। वहीं, एडीसी (ग्रामीण विकास) सोनम चौधरी ने धन्यवाद प्रस्ताव रखते हुए कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई।
शिक्षा से बदलेगी तस्वीर: पंजाब का मॉडल बन सकता है मिसाल
पंजाब सरकार का यह कदम इसलिए भी अहम है क्योंकि अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों को शिक्षा और कौशल से जोड़ना सामाजिक बराबरी की दिशा में एक मजबूत कदम है। जब सरकारें Punjab SC Scholarship और टूल किट जैसी योजनाओं के जरिए सीधे विद्यार्थियों तक पहुंचती हैं, तो इसका असर सिर्फ एक परिवार पर नहीं बल्कि पूरे समुदाय पर पड़ता है।
पंजाब का यह मॉडल अगर इसी रफ्तार से आगे बढ़ता रहा, तो यह दूसरे राज्यों के लिए एक मिसाल बन सकता है। खासतौर पर आईटीआई छात्रों को टूल किट देकर उन्हें रोजगार के लिए तैयार करने की पहल युवाओं के बीच उद्यमिता और आत्मनिर्भरता का भाव पैदा करेगी, जो लंबे समय में समाज की तस्वीर बदल सकती है।
क्या है पूरी पृष्ठभूमि
पंजाब में भगवंत मान सरकार ने सत्ता संभालने के बाद से शिक्षा और कल्याणकारी योजनाओं पर खास जोर दिया है। अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजनाओं का व्यापक विस्तार किया गया। पहले जहां अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति कार्यक्रम केवल दो जिलों तक सीमित था, वहीं अब इसे पूरे राज्य में लागू किया गया है। इसी तरह, सरकारी आईटीआई में पढ़ने वाले SC विद्यार्थियों के लिए मुफ्त पाठ्यपुस्तक और टूल किट योजना शुरू की गई है, जिसका पूरा खर्च राज्य सरकार उठा रही है। यह सभी पहल बाबा साहिब अंबेडकर के ‘शिक्षा ही मुक्ति का मार्ग है’ के विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में उठाए गए कदम हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- Punjab SC Scholarship वितरण में पंजाब ने राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया, लगभग 10 लाख विद्यार्थियों को मिला लाभ।
- 32 सरकारी आईटीआई के 1506 SC विद्यार्थियों को मुफ्त पाठ्यपुस्तक और टूल किट दी जाएगी, पहले चरण में 6 जिलों के 630 छात्र कवर।
- अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति कार्यक्रम का दायरा 2 जिलों से बढ़ाकर पंजाब के सभी जिलों तक किया गया।
- भगवंत मान सरकार बाबा साहिब अंबेडकर के आदर्शों पर चलते हुए कमजोर वर्गों के शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध।








