Gangsteron Te Vaar अभियान के 64वें दिन पंजाब पुलिस (Punjab Police) ने 25 मार्च 2026 को पूरे राज्य में गैंगस्टरों के सहयोगियों के चिन्हित और मैप किए गए 540 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की और 206 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। चंडीगढ़ से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के सीधे निर्देशों के तहत चलाए जा रहे इस निर्णायक अभियान में अब तक कुल 16,884 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इसके साथ ही “युद्ध नशों विरुद्ध” अभियान के 389वें दिन 8.4 किलो हेरोइन समेत भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद करते हुए 103 नशा तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया।
पंजाब को गैंगस्टर मुक्त और नशा मुक्त बनाने की दिशा में यह दोहरा अभियान राज्य सरकार का सबसे बड़ा और सबसे लंबा ऑपरेशन बन चुका है। जिस रफ्तार से पुलिस टीमें रोजाना सैकड़ों ठिकानों पर छापे मार रही हैं और गिरफ्तारियां कर रही हैं, उससे पंजाब के अपराध जगत में भूचाल आ गया है।
Gangsteron Te Vaar: 20 जनवरी से शुरू हुआ था यह निर्णायक अभियान
Gangsteron Te Vaar अभियान को 20 जनवरी 2026 को पुलिस महानिदेशक (DGP) पंजाब गौरव यादव ने शुरू किया था। इस अभियान का मकसद पंजाब को पूरी तरह गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाना है। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) पंजाब के समन्वय से सभी जिलों की पुलिस टीमें राज्य भर में विशेष अभियान चला रही हैं।
DGP गौरव यादव के नेतृत्व में यह अभियान इतना व्यापक और सुनियोजित है कि गैंगस्टरों के नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के लिए उनके सहयोगियों, हथियार सप्लायरों, शरण देने वालों और फंडिंग चेन को एक साथ निशाना बनाया जा रहा है। 64 दिनों में 16,884 गिरफ्तारियों का आंकड़ा बताता है कि पंजाब पुलिस इस अभियान को किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं पड़ने दे रही।
64वें दिन की कार्रवाई: 3 हथियार बरामद, 5 भगोड़े पकड़े गए
Gangsteron Te Vaar के 64वें दिन की कार्रवाई में पंजाब पुलिस ने 206 व्यक्तियों को गिरफ्तार करने के साथ उनके कब्जे से 3 हथियार भी बरामद किए। इसके अलावा 59 व्यक्तियों के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई की गई, जिसमें उन्हें चेतावनी दी गई या निगरानी में रखा गया ताकि वे किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल न हो सकें।
वहीं 122 व्यक्तियों को जांच और पूछताछ के बाद रिहा कर दिया गया। इससे साफ है कि पुलिस बेवजह किसी को परेशान नहीं कर रही, बल्कि सबूतों और जानकारी के आधार पर कार्रवाई कर रही है। पुलिस टीमों ने इस दौरान 5 भगोड़े अपराधियों को भी गिरफ्तार किया, जो लंबे समय से कानून की पकड़ से दूर भाग रहे थे।
एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन: गोपनीय रूप से दें सूचना, पहचान पूरी तरह गुप्त
पंजाब पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 के माध्यम से वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों के बारे में गोपनीय रूप से जानकारी दे सकते हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।
यह हेल्पलाइन Gangsteron Te Vaar अभियान की रीढ़ बन चुकी है। आम नागरिकों की मदद से पुलिस को कई ऐसे ठिकानों की जानकारी मिली है जो पहले उनकी नजर में नहीं थे। अगर आपके आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि हो रही है, कोई गैंगस्टर छिपा हुआ है या हथियारों का जखीरा रखा गया है, तो बेझिझक इस नंबर पर कॉल करें।
युद्ध नशों विरुद्ध Day 389: 8.4 किलो हेरोइन बरामद, 103 तस्कर गिरफ्तार
Gangsteron Te Vaar के साथ-साथ पंजाब पुलिस का दूसरा बड़ा अभियान “युद्ध नशों विरुद्ध” भी पूरी ताकत से जारी है। इस अभियान के 389वें दिन पुलिस ने 25 मार्च को 103 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए।
बरामदगी में 8.4 किलो हेरोइन, 37 किलो भुक्की (पोस्त), 270 नशीली गोलियां/कैप्सूल और 1,450 रुपये की ड्रग मनी शामिल है। 8.4 किलो हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जाती है। अगर यह हेरोइन बाजार में पहुंच जाती तो हजारों नौजवानों की जिंदगी बर्बाद हो सकती थी।
389 दिनों में 55,440 नशा तस्कर गिरफ्तार: चौंकाने वाला आंकड़ा
युद्ध नशों विरुद्ध अभियान का सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा यह है कि केवल 389 दिनों में पंजाब पुलिस ने कुल 55,440 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह आंकड़ा बताता है कि पंजाब में नशे का जाल कितना गहरा और व्यापक था। हर दिन औसतन 142 से ज्यादा नशा तस्करों की गिरफ्तारी यह साबित करती है कि भगवंत सिंह मान सरकार ने नशे के खिलाफ जो जंग छेड़ी है वह कागजी नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर लड़ी जा रही है।
इसी अभियान के तहत नशा मुक्ति कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है। आज पंजाब पुलिस ने 34 व्यक्तियों को नशा छुड़ाने और पुनर्वास उपचार के लिए प्रेरित किया। पुलिस सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे के शिकार लोगों को वापस सामान्य जिंदगी में लाने का भी काम कर रही है।
पंजाब में अपराध और नशे के खिलाफ दोहरी जंग का असर
Gangsteron Te Vaar और युद्ध नशों विरुद्ध, ये दोनों अभियान एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। अक्सर गैंगस्टर नेटवर्क और ड्रग तस्करी की चेन एक ही होती है। गैंगस्टर अपने हथियारों और गतिविधियों का खर्च नशे की तस्करी से कमाए गए पैसों से उठाते हैं। इसलिए जब पुलिस ने दोनों मोर्चों पर एक साथ हमला बोला तो अपराधियों का पूरा इकोसिस्टम हिल गया।
पंजाब जो कभी गैंगवार, फिरौती, एक्सटॉर्शन और ड्रग तस्करी की खबरों से चर्चा में रहता था, वहां अब स्थिति तेजी से बदल रही है। 64 दिनों में 16,884 गैंगस्टर सहयोगियों की गिरफ्तारी और 389 दिनों में 55,440 नशा तस्करों की धरपकड़ के आंकड़े बताते हैं कि पंजाब पुलिस ने इन दोनों अभियानों को मिशन मोड में चला रखा है। आम नागरिकों की भागीदारी और हेल्पलाइन से मिल रही सूचनाओं ने इस मुहिम को और मजबूत बनाया है।
मुख्य बातें (Key Points)
- Gangsteron Te Vaar Day 64: पंजाब पुलिस ने 540 ठिकानों पर छापेमारी करके 206 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया, 3 हथियार बरामद किए और 5 भगोड़े अपराधी पकड़े गए।
- अभियान शुरू होने से अब तक कुल 16,884 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, 59 के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई और 122 को पूछताछ के बाद रिहा किया गया।
- युद्ध नशों विरुद्ध Day 389: 103 नशा तस्कर गिरफ्तार, 8.4 किलो हेरोइन, 37 किलो भुक्की और 270 नशीली गोलियां बरामद; अब तक कुल 55,440 ड्रग तस्कर काबू।
- एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन 93946-93946 पर गोपनीय रूप से सूचना दी जा सकती है, 34 व्यक्तियों को नशा मुक्ति और पुनर्वास के लिए प्रेरित किया गया।








