AAP MLA Pathanmajra Arrested मामले में पटियाला पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। बलात्कार, धोखाधड़ी और अपराधिक धमकी जैसे गंभीर आरोपों में करीब 7 महीने से फरार चल रहे आम आदमी पार्टी (AAP) के सनौर हलके से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को पंजाब पुलिस ने मध्य प्रदेश के शिवपुरी-ग्वालियर से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें पटियाला लाया गया, जहां अदालत ने उन्हें 4 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
कोर्ट में पेशी के बाद मिला 4 दिन का पुलिस रिमांड
AAP MLA Pathanmajra Arrested होने के बाद उन्हें पटियाला कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने पुलिस की दलीलें सुनने के बाद हरमीत सिंह पठानमाजरा को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस रिमांड का मतलब यह है कि अब पुलिस को चार दिनों तक विधायक से गहन पूछताछ करने का मौका मिलेगा।
पुलिस इस दौरान यह जानने की कोशिश करेगी कि 7 महीने की फरारी के दौरान पठानमाजरा कहां-कहां रहे, किसने उन्हें पनाह दी और फरारी में किन लोगों ने मदद की। इसके साथ ही मूल मामले यानी बलात्कार, धोखाधड़ी और अपराधिक धमकी के आरोपों से जुड़े सबूत भी जुटाए जाएंगे।
5-6 टीमों ने की थी तलाश, मध्य प्रदेश से हुई गिरफ्तारी
AAP MLA Pathanmajra Arrested करने के लिए पंजाब पुलिस की 5 से 6 टीमें लगातार काम कर रही थीं। सूत्रों के मुताबिक पठानमाजरा को मध्य प्रदेश के शिवपुरी-ग्वालियर इलाके से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें पटियाला लाया गया और कोर्ट में पेश किया गया।
यह पटियाला पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि पठानमाजरा पिछले 7 महीनों से कानून की पकड़ से बाहर थे। एक विधायक का इस तरह फरार रहना और फिर दूसरे राज्य से गिरफ्तार होना, यह अपने आप में पंजाब की राजनीति में एक बेहद चौंकाने वाली घटना है।
क्या है पूरा मामला: कैसे शुरू हुई कहानी
AAP MLA Pathanmajra Arrested का पूरा मामला समझने के लिए कुछ महीने पीछे जाना होगा। पटियाला के सिविल लाइन थाने में हरमीत सिंह पठानमाजरा के खिलाफ बलात्कार, धोखाधड़ी और अपराधिक धमकी के गंभीर आरोपों में FIR दर्ज की गई थी।
इसके बाद 2 सितंबर को हरियाणा के करनाल में पठानमाजरा को एक बार गिरफ्तार भी किया गया था। लेकिन जो हुआ वह किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था। पुलिस के मुताबिक पठानमाजरा ने करनाल में फायरिंग और पथराव करते हुए पुलिस हिरासत से फरार हो गए। इस दौरान एक पुलिस कर्मचारी भी जख्मी हो गया था। यह घटना अपने आप में बेहद गंभीर थी क्योंकि एक जनप्रतिनिधि का पुलिस पर हमला करके भागना कानून-व्यवस्था पर सीधा सवाल खड़ा करता है।
अग्रिम जमानत खारिज, भगोड़ा घोषित और लुकआउट नोटिस
करनाल से फरार होने के बाद AAP MLA Pathanmajra ने कोर्ट में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) की अर्जी दायर की, लेकिन अदालत ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए इसे खारिज कर दिया। जब विधायक लगातार कोर्ट में पेश नहीं हुए, तो दिसंबर 2025 में पटियाला अदालत ने उन्हें भगोड़ा (Absconder) घोषित कर दिया।
इसके बाद खबरें आईं कि पठानमाजरा ऑस्ट्रेलिया भाग गए हैं और वहां से इंटरव्यू भी देते रहे। एक भगोड़े विधायक का विदेश से इंटरव्यू देना पंजाब की राजनीति में हलचल का कारण बना। इसके बाद अदालत ने उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस (Lookout Notice) जारी कर दिया, ताकि वे किसी भी एयरपोर्ट या बॉर्डर से भारत में दाखिल हों तो तुरंत पकड़े जा सकें।
AAP के लिए क्यों है यह मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील
AAP MLA Pathanmajra Arrested होने से आम आदमी पार्टी के लिए यह एक बड़ी राजनीतिक शर्मिंदगी का विषय बन गया है। पंजाब में AAP सत्ता में है और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में उनकी ही पार्टी के एक विधायक पर इतने गंभीर आरोप लगना और फिर 7 महीने तक फरार रहना, यह विपक्ष को सरकार पर हमला करने का बड़ा मौका देता है।
विपक्षी दल यह सवाल उठा सकते हैं कि एक फरार विधायक को पकड़ने में पुलिस को इतने महीने क्यों लगे और क्या उन्हें पार्टी या सत्ता का संरक्षण मिल रहा था। हालांकि अब गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन इस पूरे प्रकरण ने AAP की उस छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं जो पार्टी ईमानदारी और पारदर्शिता के नाम पर सत्ता में आई थी।
कौन हैं हरमीत सिंह पठानमाजरा: विवादों से भरा रहा राजनीतिक सफर
AAP MLA Pathanmajra Arrested मामले में यह जानना भी जरूरी है कि आखिर हरमीत सिंह पठानमाजरा हैं कौन। वे पटियाला के सनौर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। 2022 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार हरिंदर पाल सिंह चंदूमाजरा को 49,122 वोटों के भारी अंतर से हराया था।
पठानमाजरा का पटियाला और इसके आसपास के इलाकों में काफी प्रभाव माना जाता है। सनौर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत मानी जाती है। लेकिन उनका राजनीतिक सफर शुरू से ही विवादों से भरा रहा है।
1994 में उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत अकाली दल से की। इसके बाद वे मनप्रीत बादल की पार्टी, फिर कांग्रेस और उसके बाद पंजाब एकता पार्टी में रहे। 2020 में वे आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। यानी उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कई पार्टियां बदलीं, जो उनके अवसरवादी राजनीतिक चरित्र को दर्शाता है।
आगे क्या होगा: कानूनी प्रक्रिया और संभावित असर
अब 4 दिन के पुलिस रिमांड के दौरान पटियाला पुलिस पठानमाजरा से गहन पूछताछ करेगी। रिमांड खत्म होने के बाद उन्हें फिर से कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां या तो रिमांड बढ़ाया जा सकता है या फिर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जा सकता है।
बलात्कार, धोखाधड़ी और अपराधिक धमकी जैसे आरोप बेहद गंभीर हैं। इसके अलावा करनाल में पुलिस पर फायरिंग और पथराव करके फरार होने का मामला अलग से उनकी मुश्किलें और बढ़ाता है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इतने गंभीर आरोपों में जमानत मिलना आसान नहीं होगा। अब सबकी नजरें इस बात पर होंगी कि AAP इस मामले में कैसा रुख अपनाती है और क्या पार्टी पठानमाजरा के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई करती है।
मुख्य बातें (Key Points)
- AAP विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को 7 महीने बादमध्य प्रदेश के शिवपुरी-ग्वालियर से गिरफ्तार किया गया, पटियाला कोर्ट ने 4 दिन का पुलिस रिमांड दिया।
- पठानमाजरा पर बलात्कार, धोखाधड़ी और अपराधिक धमकी के आरोप हैं, पहले 2 सितंबर को करनाल में फायरिंग और पथराव करके पुलिस हिरासत से फरार हो गए थे।
- दिसंबर 2025 में पटियाला अदालत ने उन्हें भगोड़ा घोषित किया था, ऑस्ट्रेलिया भागने की खबरें आने पर लुकआउट नोटिस जारी किया गया था।
- पठानमाजरा ने 2022 चुनाव में सनौर से अकाली दल के चंदूमाजरा को 49,122 वोटों से हराया था, उनका राजनीतिक सफर अकाली दल, कांग्रेस, पंजाब एकता पार्टी से होते हुए 2020 में AAP तक पहुंचा।








