Delhi Meerut Expressway Toll Tax में 1 अप्रैल 2026 से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। दिल्ली से मेरठ के बीच रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों की जेब पर अब अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की ओर से टोल दरों में औसतन 5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी प्रस्तावित की गई है। यह बदलाव हर साल होने वाली सामान्य संशोधन प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन आम यात्रियों और कमर्शियल वाहन चालकों के लिए इसका सीधा मतलब है बढ़ा हुआ मासिक खर्च।
कार, ट्रक, बस: किसका कितना बढ़ेगा Delhi Meerut Expressway Toll Tax
Delhi Meerut Expressway Toll Tax की नई दरों पर नजर डालें तो हर वर्ग के वाहनों पर इसका असर साफ दिखाई देगा। फिलहाल दिल्ली से मेरठ तक निजी कार से सफर करने पर करीब ₹170 टोल देना पड़ता है, जिसे बढ़ाकर लगभग ₹175 किया जा सकता है। देखने में यह रकम छोटी लगती है, लेकिन जो लोग रोजाना आना-जाना करते हैं, उनके लिए महीने भर में यह बढ़ोतरी काफी बड़ी हो जाती है।
अगर व्यावसायिक वाहनों की बात करें तो उन पर असर और ज्यादा दिखाई देगा। हल्के कमर्शियल वाहनों (LCV) के लिए मौजूदा टोल ₹275 है, जो बढ़कर करीब ₹280 हो सकता है। वहीं बस और ट्रक जैसे भारी वाहनों के लिए ₹580 की मौजूदा दर बढ़कर करीब ₹590 तक पहुंच सकती है। यानी छोटे से लेकर बड़े हर वाहन वर्ग को इस बढ़ोतरी का असर महसूस होगा।
उत्तर भारत के सबसे व्यस्त एक्सप्रेसवे पर पड़ेगा व्यापक असर
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर इंदिरापुरम, विजयनगर, डासना, रसूलपुर, सिकरोड और भोजपुर जैसे अहम पॉइंट से होकर गुजरता है। रोजाना हजारों वाहन इस एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करते हैं, जिससे यह उत्तर भारत के सबसे व्यस्त एक्सप्रेसवे में से एक बन चुका है।
ऐसे में Delhi Meerut Expressway Toll Tax में किसी भी तरह की बढ़ोतरी का असर बड़ी संख्या में लोगों पर पड़ना तय है। खासकर वो लोग जो रोजाना नौकरी या कारोबार के लिए इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं, उनके मासिक खर्च में साफ बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
1 अप्रैल से टोल प्लाजा होंगे पूरी तरह कैशलेस
Delhi Meerut Expressway Toll Tax बढ़ोतरी के साथ-साथ एक और बड़ा बदलाव यह होगा कि 1 अप्रैल से टोल प्लाजा पूरी तरह कैशलेस कर दिए जाएंगे। इसका मतलब यह है कि अब नगद भुगतान की सुविधा पूरी तरह खत्म हो जाएगी। यात्रियों को FASTag के जरिए ही भुगतान करना होगा।
अगर किसी कारण से FASTag काम नहीं करता, तो UPI के जरिए भुगतान का विकल्प रहेगा, लेकिन कैश से भुगतान बिल्कुल नहीं किया जा सकेगा। यह कदम डिजिटल इंडिया अभियान की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, हालांकि जो यात्री अभी तक कैश पर निर्भर रहते थे, उन्हें अब जल्द से जल्द FASTag लगवाना होगा वरना टोल प्लाजा पर परेशानी हो सकती है।
ANPR कैमरे लगेंगे: रुकना नहीं पड़ेगा, टोल अपने आप कटेगा
नई व्यवस्था के तहत Delhi Meerut Expressway पर हाईटेक सिस्टम भी लागू किए जा रहे हैं। एक्सप्रेसवे पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए जा रहे हैं। ये कैमरे वाहन की नंबर प्लेट को स्कैन करके टोल अपने आप काट लेंगे। इससे टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत काफी कम हो जाएगी और सफर ज्यादा तेज और आसान बनेगा।
यह तकनीक पहले से कई विकसित देशों में इस्तेमाल हो रही है और अब भारत के इस व्यस्त एक्सप्रेसवे पर भी इसे लागू किया जा रहा है। इससे टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी लाइनों की समस्या से भी काफी हद तक राहत मिलेगी।
हर 500 मीटर पर CCTV, कंट्रोल रूम और सोलर LED लाइट्स
सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए Delhi Meerut Expressway पर हर 500 मीटर पर CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं। इससे पूरे एक्सप्रेसवे पर नजर रखी जा सकेगी और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। काशी टोल प्लाजा पर एक आधुनिक कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है, जहां से पूरे ट्रैफिक सिस्टम की निगरानी होगी।
रात के समय सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेसवे पर सोलर पैनल से चलने वाली LED लाइट्स लगाई जा रही हैं। इससे पूरा रास्ता रोशन रहेगा और दुर्घटनाओं की संभावना काफी कम होगी। साथ ही ट्रैफिक पोस्ट पर पुलिस के साथ-साथ मेडिकल स्टाफ भी तैनात रहेगा, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद मिल सके।
सुविधाएं बढ़ रही हैं, लेकिन आम आदमी की जेब पर बोझ भी
सरकार का कहना है कि इन सभी बदलावों का मकसद सफर को सुरक्षित, तेज और व्यवस्थित बनाना है। ANPR कैमरे, CCTV निगरानी, कैशलेस व्यवस्था और सोलर लाइटिंग जैसे कदम निश्चित रूप से एक्सप्रेसवे के अनुभव को बेहतर बनाएंगे। लेकिन दूसरी तरफ Delhi Meerut Expressway Toll Tax में लगातार होने वाली सालाना बढ़ोतरी आम लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
खासतौर पर वो लोग जो गाजियाबाद, मोदीनगर या मेरठ से दिल्ली रोजाना काम पर आते-जाते हैं, उनके लिए यह बढ़ोतरी सालाना हजारों रुपये का अतिरिक्त बोझ बन जाती है। एक तरफ जहां सरकार सुविधाओं के विस्तार का दावा करती है, वहीं आम आदमी यह सवाल जरूर पूछता है कि बढ़ती महंगाई के दौर में टोल की यह बढ़ोतरी कहां तक जायज है।
मुख्य बातें (Key Points)
- 1 अप्रैल 2026 से Delhi Meerut Expressway Toll Tax में औसतन 5% की बढ़ोतरी होगी, कार का टोल ₹170 से बढ़कर ₹175 और भारी वाहनों का ₹580 से बढ़कर ₹590 हो सकता है।
- टोल प्लाजा पूरी तरह कैशलेस हो जाएंगे, अब सिर्फ FASTag या UPI से ही भुगतान होगा, कैश स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- एक्सप्रेसवे पर ANPR कैमरे लगाए जा रहे हैं जो नंबर प्लेट स्कैन करके ऑटोमैटिक टोल काटेंगे, जिससे रुकने की जरूरत नहीं होगी।
- हर 500 मीटर पर CCTV, काशी टोल प्लाजा पर कंट्रोल रूम, सोलर LED लाइट्स और ट्रैफिक पोस्ट पर मेडिकल स्टाफ की तैनाती जैसी सुविधाएं भी शुरू हो रही हैं।








