Punjab Vigilance Bureau Bribery Arrest: चंडीगढ़, 19 मार्च। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अपनी मुहिम के तहत एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए जिला फरीदकोट की जैतो मंडी स्थित वेयरहाउस में तैनात इंस्पेक्टर नरेश कुमार गोयल को 18,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। गाँव घणिया के एक आढ़तिया की शिकायत पर विजिलेंस ब्यूरो रेंज फिरोजपुर की टीम ने जाल बिछाया और दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में इस आरोपी को धर दबोचा।
फसल रोकने की धमकी और रिश्वत की माँग
विजिलेंस ब्यूरो के आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता गाँव घणिया, जिला फरीदकोट का निवासी है और आढ़तिया के रूप में काम करता है। आरोपी वेयरहाउस इंस्पेक्टर नरेश कुमार गोयल इसी इलाके के आढ़तियों से फसल की खरीद करता है। उसने शिकायतकर्ता से 18,500 रुपये की रिश्वत माँगी और सीधी धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए तो आने वाली गेहूं की फसल को मंडी से नहीं उठने दिया जाएगा।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि यह इंस्पेक्टर कोई नया खिलाड़ी नहीं था। किसानों से खरीदी गई फसलों में जानबूझकर दोष निकालना और फिर रिश्वत लेकर उन्हें पास कर देना, यह उसका पुराना और आजमाया हुआ तरीका था। हर बार फसल में मीनमेख निकालो और किसान या आढ़तिया मजबूरी में पैसे दे दे, यही उसका रोजाना का कारोबार बन गया था।
विजिलेंस ब्यूरो का जाल और रंगे हाथों धरपकड़
शिकायतकर्ता रिश्वत देने को तैयार नहीं था। उसने हिम्मत दिखाई और सीधे विजिलेंस ब्यूरो रेंज फिरोजपुर से संपर्क किया। शिकायत मिलते ही विजिलेंस टीम ने पहले इसकी प्रारंभिक जाँच की और फिर एक सोचा-समझा जाल तैयार किया। ऑपरेशन के दौरान दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में आरोपी इंस्पेक्टर नरेश कुमार गोयल को शिकायतकर्ता से 18,000 रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
इस मामले में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विजिलेंस ब्यूरो के थाना फिरोजपुर में केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की आगे की जाँच जारी है।
मंडी का रखवाला बना शोषण का औजार
यह मामला किसी एक इंस्पेक्टर की रिश्वतखोरी से कहीं बड़ा सवाल उठाता है। जिस व्यक्ति को फसल की गुणवत्ता जाँचने और सरकारी वेयरहाउस की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई थी, वही किसानों और आढ़तियों की मेहनत की कमाई पर डाका डालने में लगा था। गेहूं की फसल को मंडी से न उठने देने की धमकी किसी भी किसान या आढ़तिया को तोड़ने के लिए काफी है। फसल का मौसम उनके लिए पूरे साल की उम्मीद होती है, और ऐसे में इस तरह की जबरन वसूली उनकी रोजी-रोटी पर सीधा हमला है।
विजिलेंस ब्यूरो की यह त्वरित कार्रवाई उन हर किसान और आढ़तिया के लिए एक जरूरी संदेश है जो रोज ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के सामने झुकने को मजबूर होते हैं। शिकायत करने पर सुनवाई होती है, यह भरोसा इस गिरफ्तारी से मजबूत हुआ है।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने जिला फरीदकोट की जैतो मंडी के वेयरहाउस इंस्पेक्टर नरेश कुमार गोयल को 18,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
- आरोपी ने गाँव घणिया के एक आढ़तिया से 18,500 रुपये माँगे थे और गेहूं की फसल मंडी से नहीं उठने देने की धमकी दी थी। शिकायत मिलने पर विजिलेंस रेंज फिरोजपुर की टीम ने जाल बिछाकर दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में आरोपी को दबोचा।
- आरोपी पर आरोप है कि वह अक्सर किसानों की फसलों में जानबूझकर दोष निकालकर रिश्वत वसूल करता था।
- आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत थाना फिरोजपुर में मामला दर्ज, जाँच जारी है।








