Punjab Shiksha Kranti 2.0 के तहत पंजाब सरकार ने सोमवार 17 मार्च 2026 को शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए विश्व बैंक (World Bank) के साथ 3,500 करोड़ रुपये का समझौता किया है। चंडीगढ़ से मिली जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस मौके पर कहा कि यह मिशन पंजाब के सरकारी स्कूलों की तस्वीर पूरी तरह बदल देगा और राज्य की शिक्षा प्रणाली को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ शिक्षा प्रणालियों की कतार में खड़ा करेगा।
3,500 करोड़ का निवेश: 2,500 करोड़ World Bank से, 1,000 करोड़ पंजाब सरकार से
Punjab Shiksha Kranti 2.0 पंजाब के इतिहास में शिक्षा क्षेत्र में किया गया सबसे बड़ा निवेश है। इस कार्यक्रम की कुल लागत 3,500 करोड़ रुपये है, जिसमें से 2,500 करोड़ रुपये World Bank ऋण सहायता के रूप में देगा और बाकी 1,000 करोड़ रुपये पंजाब सरकार अपने खजाने से लगाएगी। यह निवेश अगले छह वर्षों में चरणबद्ध तरीके से खर्च किया जाएगा।
इस साझेदारी की सबसे बड़ी बात यह है कि World Bank जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्था का पंजाब के शिक्षा सुधारों में भरोसा जताना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। यह दर्शाता है कि पंजाब ने पहले चरण में जो सुधार किए हैं, उन्हें वैश्विक स्तर पर मान्यता मिली है।
पहले चरण की कामयाबी ने रखी नींव: PARAKH सर्वेक्षण में पंजाब बना नंबर-1
Punjab Shiksha Kranti 2.0 की शुरुआत अचानक नहीं हुई है। इसकी नींव पहले चरण ‘शिक्षा क्रांति’ ने रखी, जिसके तहत राज्यभर के 20,000 से ज्यादा सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे का उन्नयन किया गया, कक्षा शिक्षण को मजबूत किया गया और स्कूल प्रशासन को बेहतर बनाया गया।
इन प्रयासों का नतीजा तब सामने आया जब भारत सरकार द्वारा आयोजित परख (PARAKH) राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 में पंजाब ने केरल को पीछे छोड़ते हुए कक्षा शिक्षण परिणामों में पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया। यह उपलब्धि बताती है कि पंजाब के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर अब देश में सबसे बेहतर है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान बोले: सरकारी स्कूल देश का नेतृत्व कर सकते हैं
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने Punjab Shiksha Kranti 2.0 की शुरुआत करते हुए कहा कि पंजाब ने साबित कर दिया है कि सरकारी स्कूल देश का नेतृत्व कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “PARAKH राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 में पहला स्थान इस बदलाव का प्रमाण है। शिक्षा क्रांति 2.0 के साथ हम अब अपनी शिक्षा प्रणाली को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बना रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि World Bank के साथ यह सहयोग पंजाब सरकार की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को दर्शाता है। उनका कहना था कि यह हर बच्चे के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का अगला कदम है।
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस: राष्ट्रीय नेतृत्व से अब वैश्विक उत्कृष्टता की ओर
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि शिक्षा क्रांति पहले ही मापनीय परिणाम दे चुकी है और अगला चरण सुधारों के दायरे और गहराई को और बढ़ाएगा। उन्होंने कहा, “पंजाब शिक्षा क्रांति ने सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदल दी है और राज्य को राष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचाया है। अब शिक्षा क्रांति 2.0 हमें वैश्विक उत्कृष्टता की ओर तेजी से आगे बढ़ाएगी।”
बैंस ने जोर देकर कहा कि पंजाब का हर बच्चा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अवसरों का हकदार है और यह मिशन उस लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगा।
क्या बदलेगा शिक्षा क्रांति 2.0 से: डिजिटल पोर्टल से लेकर करियर काउंसलिंग तक
Punjab Shiksha Kranti 2.0 सिर्फ स्कूलों की इमारतें सुधारने तक सीमित नहीं है। इसके तहत कई बड़े और दूरगामी बदलाव होंगे जो सीधे तौर पर बच्चों के भविष्य को प्रभावित करेंगे। बुनियादी शिक्षा यानी पढ़ने-लिखने और गणित के कौशल को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जाएगी ताकि हर बच्चा आवश्यक बुनियादी कौशल हासिल कर सके।
विज्ञान और वाणिज्य संकाय तक पहुंच बढ़ाई जाएगी, जिससे ग्रामीण और छोटे शहरों के बच्चों को भी वही अवसर मिलें जो बड़े शहरों के निजी स्कूलों में मिलते हैं। व्यावसायिक शिक्षा को उन्नत किया जाएगा और एक व्यापक डिजिटल करियर गाइडेंस पोर्टल लॉन्च किया जाएगा, जिससे छात्रों को परामर्श, योग्यता मूल्यांकन और बेहतर करियर विकल्प चुनने में मदद मिलेगी।
शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों को बनाया जाएगा और बेहतर
कोई भी शिक्षा प्रणाली उतनी ही मजबूत होती है जितने उसके शिक्षक। इसी सोच के साथ Punjab Shiksha Kranti 2.0 में शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों को मजबूत करने, पेशेवर विकास कार्यक्रमों को आधुनिक बनाने और एक व्यापक स्कूल नेतृत्व ढांचा लागू करने पर खास जोर दिया गया है। शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों को सशक्त बनाना इस मिशन की रीढ़ होगी।
इसके अलावा डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली और स्कूल प्रबंधन समितियों को मजबूत करके पारदर्शी एवं जवाबदेह स्कूल प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा। इसमें समुदाय की भागीदारी भी बढ़ाई जाएगी ताकि स्कूल सिर्फ सरकार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व बनें।
आम परिवारों के लिए क्या मायने रखता है यह मिशन?
पंजाब में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चे आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों से आते हैं। उनके लिए महंगे प्राइवेट स्कूल एक सपना होता है। Punjab Shiksha Kranti 2.0 का सबसे बड़ा असर यही होगा कि अब इन परिवारों के बच्चों को भी वही स्तरीय शिक्षा, करियर मार्गदर्शन और डिजिटल संसाधन मिलेंगे जो अब तक सिर्फ बड़े शहरों के महंगे स्कूलों तक सीमित थे।
अगर यह मिशन अपने तय लक्ष्यों को हासिल करता है तो पंजाब न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर सरकारी शिक्षा प्रणाली का एक मॉडल बन सकता है। दूसरे राज्यों के लिए भी यह एक मिसाल होगा कि अगर राजनीतिक इच्छाशक्ति हो तो सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदली जा सकती है।
जानें पूरा मामला
‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ की शुरुआत अप्रैल 2025 में हुई थी, जिसके तहत 25,000 से ज्यादा बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया और लगभग 20,000 सरकारी स्कूलों में व्यापक सुधार किए गए। इन सुधारों के नतीजे PARAKH राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 में सामने आए, जहां पंजाब ने केरल को पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल किया। इसी सफलता को आगे बढ़ाते हुए अब ‘शिक्षा क्रांति 2.0’ लॉन्च की गई है, जिसमें World Bank की 2,500 करोड़ की ऋण सहायता और पंजाब सरकार के 1,000 करोड़ के निवेश से अगले छह साल में शिक्षा प्रणाली को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब सरकार ने World Bank के साथ मिलकर 3,500 करोड़ रुपये के निवेश से ‘Punjab Shiksha Kranti 2.0’ लॉन्च की है।
- 2,500 करोड़ रुपये World Bank ऋण सहायता और 1,000 करोड़ पंजाब सरकार से आएंगे।
- PARAKH राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 में पंजाब ने केरल को पीछे छोड़ कक्षा शिक्षण में देश में पहला स्थान हासिल किया।
- डिजिटल करियर गाइडेंस पोर्टल, शिक्षक प्रशिक्षण और व्यावसायिक शिक्षा पर विशेष जोर दिया जाएगा।








