Heat Wave Alert: देश के उत्तर-पश्चिमी और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में अगले पूरे हफ्ते भीषण गर्मी और लू का कहर जारी रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 मई 2026 को जारी अपनी विशेष बुलेटिन में कई राज्यों के लिए Orange और Red Alert जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार 17 मई को उत्तर प्रदेश के बांदा में अधिकतम तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे ऊंचा तापमान है।
देखा जाए तो यह मई महीने का दूसरा पखवाड़ा गर्मी के मामले में अब तक का सबसे खतरनाक साबित हो रहा है। IMD की ओर से जारी चेतावनी के मुताबिक 18 से 24 मई के बीच उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में 2-3 डिग्री और छत्तीसगढ़ में 3-4 डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना है। समझने वाली बात यह है कि पश्चिम और पूर्वी उत्तर प्रदेश में ‘Heat Wave to Severe Heat Wave’ यानी भीषण लू की स्थिति बन सकती है, जो स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद खतरनाक मानी जाती है।

पिछले 24 घंटों में कैसी रही गर्मी की स्थिति
18 मई 2026 को सुबह 8:30 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार विदर्भ के कई इलाकों और पश्चिम मध्य प्रदेश के कुछ स्थानों पर लू की स्थिति बनी रही। दिलचस्प बात यह है कि मध्य भारत और उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश हिस्सों में दिन का तापमान 40-45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।
गुजरात, राजस्थान और हरियाणा के कई इलाकों में भी पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया। हालांकि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पूर्वोत्तर राज्यों, दक्षिण केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में तापमान 32-40 डिग्री के बीच रहा।
रात का तापमान भी सामान्य से काफी ऊपर रहा। दक्षिण राजस्थान और दक्षिण विदर्भ में रात का तापमान 29-32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जबकि देश के अधिकांश हिस्सों में यह 22-28 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। 18 मई को असम के हाफलोंग में सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.0 डिग्री रहा।
राज्यवार तापमान विश्लेषण: कहां कितनी रही गर्मी
मध्य प्रदेश और गुजरात के कुछ स्थानों पर दिन का तापमान सामान्य से 5.1 से 6 डिग्री अधिक रहा। बिहार, पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पूर्वी राजस्थान के अलग-अलग स्थानों पर भी तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया गया।
रात के तापमान की बात करें तो राजस्थान के कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री से अधिक रहा। राजस्थान, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, विदर्भ, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में रात का तापमान भी सामान्य से 3.1 से 5.0 डिग्री ज्यादा रहा।
| क्षेत्र | अधिकतम तापमान रेंज | सामान्य से विचलन |
|---|---|---|
| मध्य भारत और उत्तरी प्रायद्वीप | 40-45°C | +5 से +6°C |
| गुजरात, राजस्थान, हरियाणा | 40-45°C | +3 से +5°C |
| उत्तर प्रदेश (बांदा) | 46.4°C (सर्वाधिक) | +5.1 से +6°C |
| असम (हाफलोंग) | 17.0°C (न्यूनतम) | सामान्य के आसपास |
18 से 24 मई के बीच राज्यवार Heat Wave Alert
IMD ने अपनी चेतावनी में स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में किन राज्यों में कैसी स्थिति रहेगी। अगर गौर करें तो उत्तर प्रदेश की स्थिति सबसे गंभीर बताई गई है।
उत्तर-पश्चिम भारत:
पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 18 से 24 मई तक कुछ स्थानों पर लू की स्थिति बनी रहेगी। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी गर्मी का कहर जारी रहेगा और लोगों को बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जा रही है।
पश्चिम राजस्थान में 18 से 24 मई तक अलग-अलग जगहों पर लू चलेगी और 18 से 21 मई तक गर्म रातों की स्थिति भी रहेगी। यानी रात में भी राहत नहीं मिलने वाली।
पूर्वी राजस्थान में 18 से 24 मई तक लू की स्थिति और 18 से 20 मई तक गर्म रातें रहेंगी।
जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 18 और 19 मई को अलग-अलग जगहों पर लू की स्थिति बन सकती है।
पश्चिम उत्तर प्रदेश में 18 मई को कुछ स्थानों पर लू चलेगी, लेकिन 19 से 24 मई के बीच ‘Heat Wave to Severe Heat Wave’ यानी भीषण लू की स्थिति रहेगी। 18 और 19 मई को गर्म रातें भी रहेंगी।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 मई को लू और 19 से 24 मई तक भीषण लू की चेतावनी जारी की गई है।
मध्य भारत:
मध्य प्रदेश में 18 से 24 मई तक अलग-अलग स्थानों पर लू की स्थिति बनी रहेगी।
छत्तीसगढ़ में 20 से 24 मई के बीच लू चल सकती है।
विदर्भ में 18 से 23 मई तक लू और 18-19 मई को गर्म रातों की स्थिति रहेगी।
मराठवाड़ा में 18 और 19 मई को लू चल सकती है।
मध्य महाराष्ट्र में 18 मई को कुछ जगहों पर लू की स्थिति रहेगी।
पूर्वी भारत:
बिहार में 18 और 19 मई को अलग-अलग स्थानों पर लू चलेगी।
ओडिशा में 18 से 22 मई तक गर्म और नमी भरे मौसम की स्थिति रहेगी।
दक्षिण भारत:
तेलंगाना में 19 से 21 मई के बीच लू की स्थिति बन सकती है।
तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 19 मई को गर्म और नमी भरा मौसम रहेगा, जबकि 20 से 24 मई तक लू की चेतावनी है।
| राज्य/क्षेत्र | लू की अवधि | गंभीरता | गर्म रातें |
|---|---|---|---|
| पश्चिम उत्तर प्रदेश | 18-24 मई | भीषण लू (19-24) | 18-19 मई |
| पूर्वी उत्तर प्रदेश | 18-24 मई | भीषण लू (19-24) | – |
| राजस्थान (पश्चिम) | 18-24 मई | सामान्य लू | 18-21 मई |
| राजस्थान (पूर्वी) | 18-24 मई | सामान्य लू | 18-20 मई |
| मध्य प्रदेश | 18-24 मई | सामान्य लू | – |
| दिल्ली-हरियाणा | 18-24 मई | सामान्य लू | – |
| छत्तीसगढ़ | 20-24 मई | सामान्य लू | – |
| बिहार | 18-19 मई | सामान्य लू | – |
Orange और Yellow Alert: क्या करें, क्या न करें
मौसम विभाग ने Orange Alert वाले क्षेत्रों के लिए विशेष सावधानी जारी की है। इन इलाकों में उच्च तापमान के कारण धूप में लंबे समय तक रहने वाले या भारी काम करने वालों में हीट स्ट्रोक और गर्मी से जुड़ी बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है।
शिशुओं, बुजुर्गों और पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए स्वास्थ्य चिंता अधिक है। ऐसे में धूप से बचना और शरीर को ठंडा रखना जरूरी है। डिहाइड्रेशन से बचने के लिए पर्याप्त पानी पीना अनिवार्य है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि प्यास न भी लगे तो भी पानी पीते रहना चाहिए। ORS, घर पर बनी लस्सी, तोरानी (चावल का पानी), नींबू पानी, छाछ जैसे पेय पदार्थों का सेवन करें।
Yellow Alert वाले इलाकों में मध्यम तापमान है और सामान्य लोगों के लिए सहनीय है, लेकिन कमजोर वर्ग के लिए स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं हो सकती हैं। हल्के रंग के, हल्के वजन वाले और ढीले सूती कपड़े पहनें। सिर को ढकें, कपड़े, टोपी या छतरी का इस्तेमाल करें।
किसानों के लिए विशेष सलाह: फसलों को बचाने के उपाय
IMD ने सामान्य से अधिक तापमान और लू के प्रभाव से फसलों को बचाने के लिए राज्यवार कृषि सलाह भी जारी की है।
पंजाब के किसानों को सब्जियों, मूंग, फलों के बगीचों और प्याज की नर्सरी में हल्की और बार-बार सिंचाई करने की सलाह दी गई है।
हरियाणा में गन्ने, कपास और गर्मी के चारे की फसलों में पर्याप्त सिंचाई बनाए रखें। धान की नर्सरी की तैयारी सुनिश्चित सिंचाई सुविधाओं के साथ पूरी करें और नई बोई गई फसलों में पानी के तनाव को कम करने के लिए मल्चिंग/नमी संरक्षण विधियां अपनाएं।
राजस्थान में हरे चने और गर्मी की कद्दूवर्गीय फसलों जैसे लौकी, कद्दू, तोरई, खीरा, करेला और गर्मी की भिंडी में आवश्यकतानुसार सिंचाई करें। आम, आंवला, अनार, बेल और बेर जैसे युवा फलों के पौधों में भी सिंचाई करें। वाष्पीकरण से पानी की हानि कम करने के लिए मिट्टी में मल्चिंग/पुआल/पॉलीथीन से मल्चिंग करें।
मध्य प्रदेश में मक्का, मूंग, उड़द, मूंगफली और सब्जी की फसलों में आवश्यकतानुसार हल्की सिंचाई करें।
मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ में सुबह या शाम के समय सब्जियों और बगीचों में हल्की और बार-बार सिंचाई करें। गंभीर विकास चरणों के दौरान सिंचाई की आवृत्ति बढ़ाएं। गन्ने, गर्मी की मूंगफली, सब्जियों और बगीचों में आवश्यकतानुसार सिंचाई करें। केले के गुच्छों को पत्तियों से ढकें और नए लगाए गए केले के बागानों में छाया जाल का उपयोग करें।
उत्तर प्रदेश में मक्का, हरे चने, काले चने, गन्ना, सूरजमुखी, सब्जियां और आम, केला, पपीता जैसे फलों के पौधों के लिए बार-बार सिंचाई और मल्चिंग प्रदान करें।
बिहार में खड़ी फसलों में हल्की और बार-बार सिंचाई करें। मिट्टी की नमी के नुकसान को कम करने के लिए फसल अवशेष, पुआल या पॉलीथीन से मल्चिंग करें। उच्च तापमान से फलों के पौधों की रक्षा के लिए अस्थायी छाया जाल का उपयोग करें।
जम्मू-कश्मीर में खड़ी फसलों में हल्की और बार-बार सिंचाई करें। उच्च तापमान से फलों के पौधों की रक्षा के लिए अस्थायी छाया जाल का उपयोग करें। खड़ी फसलों में मिट्टी की नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग करें।
पशुपालन और मुर्गीपालन के लिए दिशानिर्देश
पशुओं को स्वच्छ, साफ और भरपूर पीने का पानी उपलब्ध कराएं। लू/उच्च तापमान के प्रभाव को कम करने के लिए मुर्गी पालन शेड की छत को घास से ढकें। यह तापमान नियंत्रण में काफी मददगार साबित होता है।
क्यों पड़ती है इतनी भीषण गर्मी
मौसम विज्ञानियों के अनुसार मई-जून का महीना उत्तर भारत में पारंपरिक रूप से सबसे गर्म माना जाता है। इस दौरान सूर्य उत्तरायण में होता है और सीधी किरणें पड़ती हैं। इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ की कमी और मानसून के आने में अभी समय होने के कारण गर्म हवाएं बिना किसी रुकावट के चलती रहती हैं।
इस बार विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में लू की तीव्रता ज्यादा देखी जा रही है। वायुमंडलीय परिस्थितियां ऐसी बनी हुई हैं कि गर्म हवाओं को ठंडी होने का मौका नहीं मिल पा रहा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी
डॉक्टरों के मुताबिक लू लगने से हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, हीट एग्जॉशन जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। अगर जरूरी हो तो पूरी सावधानी के साथ निकलें।
लक्षणों में चक्कर आना, तेज सिरदर्द, जी मिचलाना, शरीर का तापमान बढ़ना, त्वचा का लाल और शुष्क होना शामिल है। ऐसे में तुरंत व्यक्ति को ठंडी जगह पर ले जाएं, ठंडे पानी के छींटे मारें और तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
सरकारी तैयारियां और आपदा प्रबंधन
राज्य सरकारों को मौसम विभाग की चेतावनी के आधार पर आपदा प्रबंधन योजनाएं सक्रिय करने की सलाह दी गई है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था, सार्वजनिक स्थानों पर पानी की व्यवस्था और लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं।
निर्माण स्थलों, ईंट भट्टों और खुले में काम करने वाले मजदूरों के लिए विशेष व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। दोपहर के समय काम बंद रखने और छायादार जगह की व्यवस्था करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
आगामी सप्ताह का मौसम पूर्वानुमान
18 से 24 मई के बीच उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री की धीरे-धीरे वृद्धि होने की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 21 मई तक 3-4 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है।
महाराष्ट्र और गुजरात में 18 मई तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन 19 से 24 मई के बीच धीरे-धीरे 2-3 डिग्री की कमी आ सकती है। देश के बाकी हिस्सों में 24 मई तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होने की संभावना है।
मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी के लिए संपर्क
विस्तृत राष्ट्रीय मौसम बुलेटिन के लिए: https://mausam.imd.gov.in/responsive/all_india_forcast_bulletin.php
जिलेवार चेतावनी के लिए: https://mausam.imd.gov.in/responsive/districtWiseWarningGIS.php
विस्तृत दैनिक प्रेस विज्ञप्ति के लिए: https://internal.imd.gov.in/press_release/20260307_pr_4789.pdf पर देखें।
मुख्य बातें (Key Points)
- भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 18 मई 2026 को Heat Wave के लिए विशेष बुलेटिन जारी की
- उत्तर प्रदेश के बांदा में 17 मई को 46.4°C तापमान रिकॉर्ड किया गया
- पश्चिम और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 19-24 मई तक Severe Heat Wave की चेतावनी
- 18 से 24 मई तक उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में 2-3°C की वृद्धि संभावित
- Orange Alert जारी, शिशुओं और बुजुर्गों के लिए उच्च स्वास्थ्य चिंता
- राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, तेलंगाना सहित 10+ राज्य प्रभावित
- किसानों को सलाह: बार-बार सिंचाई, मल्चिंग और छाया जाल का उपयोग करें
- पशुओं को स्वच्छ पानी दें और मुर्गी शेड की छत घास से ढकें
- दोपहर 12-4 बजे बाहर न निकलें, हल्के सूती कपड़े पहनें
- छत्तीसगढ़ में 20-24 मई, बिहार में 18-19 मई को लू की चेतावनी












