Gangsters Te Vaar अभियान के तहत पंजाब पुलिस ने सोमवार 17 मार्च 2026 को राज्यभर में गैंगस्टरों के सहयोगियों के चिन्हित 587 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। चंडीगढ़ से मिली जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के सीधे निर्देश पर चल रहे इस निर्णायक अभियान के 56वें दिन पुलिस टीमों ने 178 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान 99 व्यक्तियों के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई भी की गई, जबकि 59 को पूछताछ के बाद रिहा कर दिया गया।
अब तक 15,072 गिरफ्तारियां: पंजाब में गैंगस्टरों के खिलाफ सबसे बड़ा अभियान
यह अभियान पंजाब के इतिहास में संगठित अपराध के खिलाफ चलाए गए सबसे बड़े और सबसे व्यापक अभियानों में से एक है। “गैंगस्टरों ते वार” की शुरुआत 20 जनवरी 2026 को पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव द्वारा की गई थी। इस अभियान का मकसद पंजाब को एक गैंगस्टर-मुक्त राज्य बनाना है और इसके लिए एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) के समन्वय से सभी जिलों की पुलिस टीमें लगातार राज्यभर में विशेष अभियान चला रही हैं।
56वें दिन की कार्रवाई के बाद इस अभियान की शुरुआत से अब तक कुल गिरफ्तारियों की संख्या 15,072 के पार पहुंच गई है। यह आंकड़ा अपने आप में बताता है कि पंजाब पुलिस ने किस पैमाने पर गैंगस्टर नेटवर्क को तोड़ने का काम शुरू किया है। रोजाना सैकड़ों ठिकानों पर छापे मारे जा रहे हैं और गैंगस्टरों के पूरे ईकोसिस्टम: हथियारों की सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स, सेफ हाउस और कम्युनिकेशन नेटवर्क को ध्वस्त करने की कोशिश की जा रही है।
587 ठिकानों पर रेड: 3 हथियार बरामद, 5 भगोड़े भी पकड़े गए
आज की कार्रवाई में पुलिस टीमों ने गैंगस्टरों से जुड़े पहले से चिन्हित और मैप किए गए 587 ठिकानों पर एक साथ रेड की। इस दौरान गिरफ्तार किए गए 178 व्यक्तियों के कब्जे से 3 नुकीले हथियार बरामद किए गए। इसके अलावा 99 व्यक्तियों के खिलाफ एहतियाती कदम उठाए गए, जिससे भविष्य में उनकी आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाई जा सके।
एक अहम बात यह भी रही कि पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 5 भगोड़े अपराधियों को भी गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। ये वो अपराधी थे जो लंबे समय से कानून की पकड़ से बाहर चल रहे थे। 59 व्यक्तियों को जांच और पूछताछ पूरी होने के बाद रिहा कर दिया गया, जो यह दर्शाता है कि पुलिस निर्दोष लोगों को बिना वजह परेशान नहीं कर रही, बल्कि सिर्फ असली अपराधियों पर शिकंजा कस रही है।
आम नागरिक कैसे दे सकते हैं गैंगस्टरों की जानकारी?
पंजाब पुलिस ने इस अभियान में आम नागरिकों की भागीदारी को बेहद अहम माना है। इसके लिए एक एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 शुरू की गई है, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति गुप्त रूप से वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों के बारे में जानकारी दे सकता है। इस हेल्पलाइन के जरिए अपराध और आपराधिक गतिविधियों से संबंधित सूचनाएं भी साझा की जा सकती हैं। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है, जिससे लोग बिना किसी डर के जानकारी साझा कर सकें।
यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि गैंगस्टर नेटवर्क अक्सर स्थानीय स्तर पर अपने सहयोगियों और शरणदाताओं के जरिए काम करते हैं। जब आम लोग इनकी जानकारी पुलिस तक पहुंचाते हैं, तो पूरे नेटवर्क को तोड़ना आसान हो जाता है।
नशों के खिलाफ युद्ध का 381वां दिन: 69 तस्कर गिरफ्तार, भारी मात्रा में नशा बरामद
Gangsters Te Vaar अभियान के साथ-साथ पंजाब पुलिस “युद्ध नशों विरुद्ध” मुहिम को भी पूरी ताकत से जारी रखे हुए है। इस मुहिम के 381वें दिन पुलिस ने 69 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए गए, जिनमें 547 ग्राम हेरोइन, 550 ग्राम अफीम, 918 किलोग्राम भूक्की, 544 नशीली गोलियां/कैप्सूल और 1300 रुपये की ड्रग मनी शामिल है।
यह रिकवरी बताती है कि पंजाब में नशे का कारोबार अभी भी कई स्तरों पर सक्रिय है, लेकिन पुलिस की लगातार कार्रवाई से तस्करों के लिए काम करना मुश्किल होता जा रहा है। 381 दिनों में गिरफ्तार किए गए नशा तस्करों की कुल संख्या अब 53,965 हो गई है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।
नशा पीड़ितों को पुनर्वास की राह: 58 लोगों को मिली नई शुरुआत
पंजाब पुलिस सिर्फ तस्करों को पकड़ने तक सीमित नहीं रह रही, बल्कि नशे की गिरफ्त में फंसे लोगों को वापस सामान्य जीवन में लाने का भी प्रयास कर रही है। आज ही 58 व्यक्तियों को नशा छुड़ाने और पुनर्वास उपचार के लिए प्रेरित किया गया। यह कदम बेहद अहम है क्योंकि नशे की समस्या सिर्फ कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और पारिवारिक ताने-बाने को भी तोड़ती है। जब तक नशे के शिकार लोगों को इलाज और पुनर्वास नहीं मिलता, तब तक इस समस्या से पूरी तरह निजात पाना मुश्किल है।
पंजाब मॉडल: क्या बन रहा है देश के लिए मिसाल?
अगर बड़ी तस्वीर देखें तो पंजाब पुलिस ने पिछले कुछ महीनों में जिस पैमाने पर संगठित अपराध और नशे के खिलाफ कार्रवाई की है, वह देश के किसी भी राज्य के लिए एक उदाहरण बन सकती है। 56 दिनों में 15,000 से ज्यादा गिरफ्तारियां, हजारों ठिकानों पर छापे, और AGTF जैसी विशेष टास्क फोर्स का गठन: यह सब दर्शाता है कि सरकार और पुलिस प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहे हैं।
हालांकि सवाल यह भी उठता है कि इतनी बड़ी संख्या में गिरफ्तारियों के बाद क्या अदालतों में इन मामलों की पैरवी उतनी ही मजबूती से होगी? क्या सजा दर भी उतनी ही ऊंची रहेगी? असली सफलता तभी मानी जाएगी जब गिरफ्तार अपराधियों को सजा मिले और वे दोबारा इस नेटवर्क का हिस्सा न बन सकें।
जानें पूरा मामला
“गैंगस्टरों ते वार” पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस का एक निर्णायक अभियान है जो 20 जनवरी 2026 को DGP गौरव यादव की अगुआई में शुरू किया गया। इसका मकसद उन गैंगस्टरों और उनके पूरे नेटवर्क को खत्म करना है जो विदेशों से बैठकर पंजाब में अपराध, फिरौती और हिंसा को अंजाम दे रहे थे। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और जिला पुलिस की संयुक्त टीमें रोजाना सैकड़ों ठिकानों पर रेड कर रही हैं। इसके साथ ही “युद्ध नशों विरुद्ध” मुहिम भी समानांतर रूप से जारी है, जिसके तहत 381 दिनों में 53,965 से ज्यादा नशा तस्कर गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- Gangsters Te Vaar के 56वें दिन पंजाब पुलिस ने 587 ठिकानों पर छापेमारी कर 178 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया।
- अभियान शुरू होने से अब तक कुल 15,072 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
- “युद्ध नशों विरुद्ध” के 381वें दिन 69 नशा तस्कर पकड़े गए और हेरोइन, अफीम, भूक्की सहित भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद हुए।
- एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन 93946-93946 पर कोई भी नागरिक गुप्त रूप से गैंगस्टरों की जानकारी दे सकता है।








