World News Today में 14 मार्च 2026 को दुनिया एक साथ कई मोर्चों पर धधकती दिखाई दी। मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जंग का 15वां दिन और भी भयानक साबित हुआ। अमेरिका ने ईरान के सबसे अहम तेल टर्मिनल खार्ग द्वीप पर बमबारी करके रेडलाइन पार कर दी, तो ईरान ने बगदाद में अमेरिकी दूतावास, यूएई के तेल ठिकानों और सऊदी अरब में अमेरिकी एयरबेस पर जबरदस्त पलटवार किया। पूर्वी एशिया में चीन ने समुद्र में 2000 नावें उतारीं और उत्तर कोरिया ने 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच भी जंग खतरनाक स्तर पर पहुंच गई और वैज्ञानिकों ने 6000 साल से विलुप्त मानी जाने वाली दो प्रजातियों को जिंदा खोज निकाला।
अमेरिका ने खार्ग द्वीप पर बमबारी कर तेल संकट और गहराया
World News Today की सबसे बड़ी खबर यह रही कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद सोशल मीडिया पर पोस्ट करके ईरान के खार्ग द्वीप पर हमले की जानकारी दी। ट्रंप ने पहले दावा किया था कि वे खार्ग पर हमला नहीं करेंगे, लेकिन ईरान के तीखे पलटवार ने अमेरिका को बैकफुट पर धकेल दिया और अमेरिका ने जंग के सभी नियम तोड़ दिए।
खार्ग द्वीप ईरान का सबसे प्रमुख तेल निर्यात टर्मिनल है। इस द्वीप से ईरान अपने कुल तेल का 90 प्रतिशत निर्यात करता है। यहां हर दिन 950 मिलियन बैरल तेल संभाला जाता है। इसके गहरे तट की वजह से एक साथ 8 से 9 सुपर टैंकर डॉक होकर तेल लोड कर सकते हैं। खार्ग न केवल ईरान का सबसे बड़ा बल्कि कच्चे तेल के निर्यात के लिए एकमात्र अहम टर्मिनल है। इस पर हमला करके ट्रंप ने पूरी दुनिया को तेल संकट में फंसा दिया है। विशेषज्ञों की आशंका है कि अब क्रूड ऑयल की कीमत 200 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच सकती है।
ईरान का भीषण पलटवार: 5 अमेरिकी विमान तबाह, दूतावास पर मिसाइल
ईरान ने भी अमेरिका को ज़बरदस्त जवाब दिया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) की नौसेना प्रमुख एडमिरल अली रेज़ा तंगसरी ने पलटवार का दावा करते हुए बताया कि ईरानी नेवी ने अबू धाबी के अल-धफरा एयरबेस और बहरीन के शेख ईसा एयरबेस को निशाना बनाया।
सबसे बड़ी चोट ईरान ने सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर दी, जहां ईरानी मिसाइल ने जमीन पर खड़े अमेरिकी वायुसेना के 5 रिफ्यूलिंग विमानों को तबाह कर दिया। इससे पहले पश्चिमी इराक में अमेरिकी सेना के KC-135 रिफ्यूलिंग विमान के क्रैश होने की खबर आई थी, जिसमें 6 अमेरिकी सैनिकों की जान चली गई। अमेरिका ने इसे तकनीकी खराबी बताया, लेकिन ईरान समर्थित इराक रेजिस्टेंस फ्रंट ने दावा किया कि उसने हदीद-110 ड्रोन से इस विमान को मार गिराया।
बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर मिसाइल हमला, रडार सिस्टम तबाह
World News Today में सबसे चौंकाने वाली खबर बगदाद से आई। ईरान ने बगदाद में बने अमेरिकी दूतावास पर सीधा हमला किया। दो इराकी सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि दूतावास परिसर के भीतर एक हेलीपैड पर मिसाइल गिरी, जिसके बाद परिसर से जबरदस्त धुआं उठता देखा गया। इस बात की पुष्टि हो गई है कि हमले का निशाना यह राजनयिक मिशन ही था। दूतावास में लगे रडार सिस्टम को भी पूरी तरह तबाह कर दिया गया। राजनयिकों को नुकसान पहुंचा या नहीं, इसकी अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं आई है।
इसके अलावा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर भी टकराव जारी है। ईरान ने अमेरिकी तेल टैंकर पर हमला कर उसे डुबो दिया, जिससे ट्रंप के “हॉर्मुज पर अमेरिकी दबदबे” के दावे सवालों में आ गए। यूएई पर भी ड्रोन हमला हुआ, जिससे फुजैराह बंदरगाह के तेल टर्मिनल पर भीषण आग लगी। आग की लपटें कई किलोमीटर दूर से दिखाई दीं।
अमेरिका ने जापान से हटाया सातवां बेड़ा, ट्रंप बोले: एक हफ्ते बाद भीषण हमला
ईरान के लगातार हमलों से अमेरिका के मिडिल ईस्ट में तैनात अधिकांश डिफेंस सिस्टम पहले ही तबाह हो चुके हैं। ऐसे में ट्रंप ने और अधिक जंगी जहाज और कमांडो भेजने के आदेश दिए। पेंटागन ने जापान में तैनात अपनी सबसे घातक 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट (MEU) को तुरंत खाड़ी क्षेत्र में भेजने का आदेश दिया है। इसमें 2200 मरीन कमांडो और तीन जंगी जहाज शामिल हैं, जिन पर F-35 स्टेल्थ फाइटर जेट्स और MV-22 ऑस्प्रे विमान तैनात हैं। यह अमेरिका का सातवां जंगी बेड़ा है जो एक सप्ताह में मिडिल ईस्ट पहुंच जाएगा।
ट्रंप ने दावा किया है कि एक सप्ताह बाद ईरान पर भीषण हमला किया जाएगा। लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह दावा ही बता रहा है कि ईरान के हमलों ने अमेरिका को कितना कमजोर कर दिया है कि उसे दोबारा हमले के लिए एक सप्ताह का समय चाहिए।
चीन ने पूर्वी चीन सागर में उतारीं 2000 नावें, ताइवान पर खतरा बढ़ा
World News Today में दूसरा बड़ा मोर्चा पूर्वी एशिया में खुल गया। अमेरिका ईरान में फंसा हुआ है और उसने दक्षिण कोरिया और जापान की सुरक्षा में तैनात अपने हथियार और जंगी बेड़े मिडिल ईस्ट भेज दिए हैं। इसी मौके का फायदा उठाते हुए चीन ने पूर्वी चीन सागर में करीब 2000 नावें उतार दीं। ये नावें दो समानांतर लाइनों में लगभग 400 किलोमीटर के हिस्से को ब्लॉक करके 30 घंटे तक अपनी जगह पर डटी रहीं। तेज हवाओं के बीच भी इन नावों ने अपनी पोजीशन नहीं बदली और फिर अचानक अलग-अलग दिशाओं में बिखर गईं।
यह घटना ताइवान से लगभग 300 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में देखी गई। चीन की तरफ से इसे लेकर कोई सफाई नहीं दी गई। इससे पहले जनवरी में भी करीब 1000 चीनी नावों ने इसी इलाके में 400 किलोमीटर का क्षेत्र ब्लॉक किया था। चीन के पास दुनिया का सबसे बड़ा मछली पकड़ने वाला बेड़ा है और दावे किए जा रहे हैं कि चीन इसका इस्तेमाल ताइवान के साथ जंग में कर सकता है। अमेरिकी रक्षा विभाग की 2025 की रिपोर्ट में कहा गया था कि चीन 2027 तक ताइवान पर हमला कर सकता है और अब अमेरिका के इस क्षेत्र से हटने के बाद यह खतरा और भी वास्तविक हो गया है।
उत्तर कोरिया ने दागीं 10 बैलिस्टिक मिसाइलें, जापान के तट पर गिरीं
उत्तर कोरिया ने भी मौके का फायदा उठाते हुए एक के बाद एक 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जो जापान के तट पर जाकर गिरीं। दक्षिण कोरिया और जापान ने इसे “उकसाने वाली कारवाई” बताया है। अमेरिका ने इस क्षेत्र से अपनी सेना हटाकर मिडिल ईस्ट भेजी है, जिसके बाद किम जोंग उन ने यह आक्रामक कदम उठाया। एशिया में एक नया मोर्चा खुलने का खतरा मंडरा रहा है।
यूरोपीय संघ का बड़ा आरोप: ट्रंप चाहते हैं यूरोप का विभाजन
World News Today में यूरोप और अमेरिका के बीच बढ़ती दरारें भी सुर्खियों में रहीं। यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा: “अमेरिका किसी भी कीमत पर यूरोप को विभाजित करना चाहता है। वो यूरोपीय संघ को पसंद नहीं करते। ट्रंप चाहते हैं कि यूरोप हमेशा अमेरिका पर आश्रित बना रहे।”
कल्लास ने यूरोपीय देशों से अपील की कि कोई भी देश अमेरिका से सीधे द्विपक्षीय डील न करे, बल्कि सब कुछ यूरोपीय संघ के स्तर पर ही हो। उनका कहना था कि यूरोपीय संघ एक साथ रहेगा तभी अमेरिका के बराबर रहेगा, वरना अमेरिका की शर्तों पर डील करने को मजबूर होना पड़ेगा। यह बयान नाटो के बीच बढ़ते बिखराव के बीच आया है। ईरान जंग में नाटो ने शामिल होने से इनकार कर दिया, जिसके बाद ट्रंप जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन से नाराज़ हैं। ट्रंप ने ब्रिटेन पर तीखा तंज कसते हुए कहा: “अब ब्रिटेन जंग में शामिल होना चाहता है तो हमें उसकी जरूरत नहीं, अमेरिका यह जंग जीत चुका है।”
पाकिस्तान-अफगानिस्तान जंग: इस्लामाबाद के सैन्य केंद्र पर अफगान ड्रोन हमला
World News Today में एक और मोर्चा दक्षिण एशिया में तेज हुआ। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तीन हफ्तों से ड्रोन हमलों का सिलसिला जारी है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में बड़ा हवाई हमला किया, जिसमें कई घर तबाह हुए और महिलाओं-बच्चों की जान जाने की खबर आई।
जवाब में अफगानिस्तान ने सबसे बड़ा पलटवार करते हुए इस्लामाबाद के फैजाबाद इलाके में मौजूद रणनीतिक सैन्य केंद्र हमजा पर ड्रोन से बमबारी की। अफगान रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि हमले में सैन्य केंद्र के नेतृत्व, कमांड सेंटर, डिपो और सैनिकों के क्षेत्रों को पूरी तरह खत्म कर दिया गया। यह हमला डूरंड रेखा पर जारी खुले युद्ध में अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी मानी जा रही है।
हमले के बाद इस्लामाबाद में सुरक्षा कड़ी कर दी गई। आंतरिक मंत्री मोहसीन नकवी ने बताया कि राजधानी के प्रवेश द्वारों की संख्या 109 से घटाकर 25 कर दी गई है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने दोनों पक्षों से शांति की अपील की है।
6000 साल बाद जिंदा मिलीं विलुप्त मानी जाने वाली दो प्रजातियां
World News Today में विज्ञान की दुनिया से एक अद्भुत खबर आई। इंडोनेशिया के पापुआ क्षेत्र के घने जंगलों से शोधकर्ताओं ने दो ऐसी मारसुपियल प्रजातियों को जिंदा खोज निकाला जिन्हें पिछले 6000 सालों से विलुप्त माना जा रहा था। वैज्ञानिक भाषा में इन्हें “लार्जर टैक्सा” कहा जाता है, यानी ऐसे जीव जो मरकर फिर से जी उठे।
खोज में दो जीव शामिल हैं: पहला पिग्मी लॉन्ग-फिंगर पॉसम और दूसरा रिंग-टेल्ड ग्लाइडर। मशहूर वैज्ञानिक टिम फ्लैनरी और क्रिस्टोफर हेल्गन के नेतृत्व में हुई इस रिसर्च की रिपोर्ट रिकॉर्ड्स ऑफ द ऑस्ट्रेलियन म्यूजियम में प्रकाशित हुई है। वैज्ञानिकों को पहले इन जीवों के केवल जीवाश्म (फॉसिल्स) मिलते थे, जिनकी उम्र के आधार पर मान लिया गया था कि ये प्रजातियां 6000 साल पहले खत्म हो चुकी हैं। लेकिन हालिया शोध में पापुआ के जंगलों में इनके जिंदा नमूने मिले, जिससे साबित हुआ कि ये जीव इंसानों की नजरों से दूर हजारों सालों से चुपचाप अपनी नस्ल बढ़ा रहे थे। 1992 में भी एक नमूना मिला था लेकिन उस समय पहचाना नहीं जा सका।
दुनिया भर की अन्य अहम खबरें
नीदरलैंड: एम्स्टर्डम के एक यहूदी स्कूल में धमाका हुआ। मेयर हालसेमा ने इसे सोची-समझी साजिश बताया। इससे एक दिन पहले रॉटरडैम के सिनेगॉग में भी धमाका और आगजनी हुई थी।
अमेरिका: ट्रंप ईरान जंग के बीच SAVE Act ला रहे हैं, जिसके तहत वोट करने के लिए नागरिकता का सबूत देना अनिवार्य होगा।
ब्राजील: पूर्व राष्ट्रपति बोलसोनारो की तबीयत बिगड़ी। निमोनिया से हालत गंभीर होने पर जेल से अस्पताल ले जाया गया। वे 27 साल की सजा काट रहे हैं।
रूस-यूक्रेन: रूस ने यूक्रेन के हमले में क्रूज मिसाइलों के इस्तेमाल को लेकर ब्रिटेन और फ्रांस के राजदूतों को तलब किया। रूस का कहना है कि ब्रायंस्क पर हमले में कई नागरिक मारे गए।
मुख्य बातें (Key Points)
- अमेरिका ने ईरान के खार्ग द्वीप (90% तेल निर्यात) पर बमबारी की; ईरान ने बगदाद में अमेरिकी दूतावास, सऊदी अरब में 5 अमेरिकी विमान, UAE के तेल ठिकाने और हॉर्मुज में अमेरिकी टैंकर तबाह किए।
- चीन ने पूर्वी चीन सागर में 2000 नावें उतारकर 400 किमी क्षेत्र ब्लॉक किया, ताइवान पर खतरा बढ़ा; उत्तर कोरिया ने 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।
- EU विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने कहा कि ट्रंप यूरोप का विभाजन चाहते हैं; नाटो में बिखराव गहराया।
- अफगानिस्तान ने पलटवार में इस्लामाबाद के सैन्य केंद्र पर ड्रोन हमला किया; इंडोनेशिया के पापुआ में 6000 साल से विलुप्त दो मारसुपियल प्रजातियां जिंदा मिलीं।








