LPG Rule Change को लेकर केंद्र की मोदी सरकार ने एक ऐसा बड़ा फैसला लिया है जो देश के करोड़ों ग्रामीण उपभोक्ताओं की रसोई पर सीधा असर डालेगा। एलपीजी संकट के बीच सरकार ने गैस सिलेंडर की बुकिंग को लेकर नया नियम लागू कर दिया है। अब ग्रामीण इलाकों में गैस सिलेंडर की अगली बुकिंग के लिए 45 दिनों का इंतजार करना अनिवार्य होगा, जबकि शहरी इलाकों में पहले की तरह 25 दिन का नियम ही लागू रहेगा। इससे पहले गांव और शहर दोनों जगहों पर गैस बुकिंग के लिए 25 दिनों का ही नियम लागू था।
पहले क्या था नियम, अब क्या बदला
LPG Rule Change को समझने के लिए पहले पुराने नियम को जानना जरूरी है। अभी तक देश के ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में एक ही नियम लागू था कि सिलेंडर की डिलीवरी के 25 दिन बाद उपभोक्ता अगली बुकिंग कर सकता था। यानी गांव हो या शहर, हर जगह एक समान व्यवस्था थी।
लेकिन अब सरकार ने इसमें बड़ा बदलाव कर दिया है। नए नियम के मुताबिक शहरी इलाकों में तो पहले जैसे ही 25 दिन बाद दूसरा सिलेंडर मिल सकता है, लेकिन गांव में रहने वाले उपभोक्ताओं को अब 45 दिन का लंबा इंतजार करना होगा। सिलेंडर मिलने के बाद पूरे 45 दिन बीतने पर ही नई बुकिंग हो पाएगी। इस नए नियम से जुड़ा संदेश सभी गैस कंपनियों के वितरकों को पहुंच भी चुका है।
ईरान युद्ध से भारत में पैदा हुआ गैस संकट, इसलिए लिया फैसला
LPG Rule Change का यह फैसला कोई अचानक नहीं लिया गया। इसकी पृष्ठभूमि ईरान और इजराइल के बीच जारी युद्ध से जुड़ी है। इस युद्ध के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य में भारत के कई जहाज फंस गए थे, जिसके बाद देश में गैस और तेल की आपूर्ति में गंभीर बाधा आई।
आपूर्ति में रुकावट की खबर फैलते ही देशभर में गैस सिलेंडर को लेकर लंबी-लंबी कतारें लग गईं। बड़ी संख्या में लोग स्टॉक में रखने के लिए एक साथ कई सिलेंडर बुक करने लगे, जिससे वितरण व्यवस्था पर और ज्यादा दबाव बढ़ गया। कई इलाकों में अधिक बुकिंग और अनियमित वितरण की शिकायतें सामने आईं। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए सरकार ने ग्रामीण इलाकों में बुकिंग अंतराल बढ़ाने का फैसला किया।
बिहार-झारखंड के 3 करोड़ उपभोक्ताओं पर पड़ेगा सीधा असर
LPG Rule Change का सबसे बड़ा असर बिहार और झारखंड जैसे राज्यों पर पड़ने वाला है, जहां ग्रामीण आबादी बहुत बड़ी है। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार बिहार में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) तीनों कंपनियों के कुल 2 करोड़ 30 लाख से अधिक उपभोक्ता हैं।
वहीं झारखंड में गैस उपभोक्ताओं की संख्या 67 लाख से अधिक है। इस तरह बिहार और झारखंड मिलाकर करीब 3 करोड़ उपभोक्ता इस नए नियम से प्रभावित होंगे। बिहार में तीनों पेट्रोलियम कंपनियों के कुल 2,032 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर हैं, जबकि झारखंड में एलपीजी वितरकों की संख्या 592 है।
IOCL अधिकारी बोले: गैस वितरण को संतुलित और पारदर्शी बनाना है मकसद
IOCL बिहार-झारखंड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस नए नियम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य गैस वितरण प्रणाली को अधिक संतुलित और पारदर्शी बनाना है। उनका कहना है कि इस बदलाव से जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक समय पर सिलेंडर उपलब्ध हो सकेगा।
अधिकारी ने बताया कि कई स्थानों पर अधिक बुकिंग और अनियमित वितरण की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। कुछ लोग जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक कर रहे थे, जिसकी वजह से वाकई जरूरतमंद लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा था। इन शिकायतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ग्रामीण इलाकों में बुकिंग अंतराल बढ़ाने का फैसला लिया।
ग्रामीण उपभोक्ताओं के सामने खड़ी होगी बड़ी चुनौती
LPG Rule Change का सबसे बड़ा बोझ ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। एक आम ग्रामीण परिवार जहां खाना पकाने के लिए पूरी तरह गैस सिलेंडर पर निर्भर है, उसके लिए 45 दिनों तक एक ही सिलेंडर से काम चलाना मुश्किल हो सकता है। खासकर बड़े परिवारों में जहां सदस्यों की संख्या अधिक होती है, वहां एक सिलेंडर 25-30 दिनों में ही खत्म हो जाता है।
ऐसे में बचे हुए 15-20 दिनों में खाना कैसे बनेगा, यह एक बड़ा सवाल है। कई ग्रामीण परिवारों को मजबूरी में फिर से लकड़ी या उपलों पर खाना बनाना पड़ सकता है, जो सरकार की उज्ज्वला योजना के उद्देश्य के बिल्कुल विपरीत है।
पेट्रोलियम मंत्री बोले: एलपीजी का कोई संकट नहीं
इससे पहले गुरुवार को संसद में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि देश में एलपीजी का कोई संकट नहीं है और सरकार लगातार आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है। हालांकि जमीनी हकीकत यह है कि कई राज्यों में सिलेंडर के लिए लोग अभी भी लंबी कतारों में लगे हुए हैं।
मध्य प्रदेश सरकार ने दिया 24 घंटे में डिलीवरी का भरोसा
वहीं मध्य प्रदेश सरकार ने एलपीजी को लेकर कहा है कि प्रदेश में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है। सरकार का दावा है कि बुकिंग के 24 घंटे के भीतर उपभोक्ताओं को सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। इतना ही नहीं, मध्य प्रदेश सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है कि अगर किसी को गैस सिलेंडर से संबंधित कोई शिकायत है, तो वह सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज होगी और उसका समाधान 24 घंटे के भीतर किया जाएगा। इसके लिए अलग से एक विशेष सेल बनाकर शिकायतों की निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
गांव और शहर में अलग नियम, क्या है सही
LPG Rule Change में सबसे बड़ा सवाल यही है कि गांव और शहर के उपभोक्ताओं के बीच इतना बड़ा अंतर क्यों। शहरी उपभोक्ता को 25 दिन में दूसरा सिलेंडर मिल जाएगा, लेकिन ग्रामीण उपभोक्ता को 45 दिन इंतजार करना होगा। सरकार का तर्क है कि यह वितरण व्यवस्था को संतुलित करने और जमाखोरी रोकने के लिए किया गया है। लेकिन आम ग्रामीण उपभोक्ता के लिए यह फैसला जीवन को मुश्किल बना सकता है। अब देखना यह है कि सरकार इस नए नियम के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में गैस की सप्लाई कैसे सुनिश्चित करती है और क्या यह व्यवस्था लंबे समय तक लागू रहती है या फिर हालात सुधरने पर इसमें बदलाव किया जाता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- केंद्र सरकार ने LPG Rule Change किया: ग्रामीण इलाकों में अगली बुकिंग के लिए अब 45 दिन का इंतजार, शहरों में 25 दिन का नियम यथावत।
- बिहार-झारखंड के करीब 3 करोड़ उपभोक्ता इस नए नियम से सीधे प्रभावित होंगे।
- ईरान-इजराइल युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज फंसने से गैस आपूर्ति में बाधा आई, जिसके बाद यह फैसला लिया गया।
- पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में कहा कि एलपीजी का कोई संकट नहीं है, मध्य प्रदेश सरकार ने 24 घंटे में डिलीवरी का वादा किया।








